HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesसुहागरात पर खूंखार चुदाई करके वर्जिन दुल्हन की चूत को फाड़ा

सुहागरात पर खूंखार चुदाई करके वर्जिन दुल्हन की चूत को फाड़ा

सुहागरात पर खूंखार चुदाई करके वर्जिन दुल्हन की चूत को फाड़ा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मैं, राजवीर, हमारे गाँव के सबसे ताकतवर जमींदार का इकलौता बेटा हूँ। मेरी शादी गाँव की सबसे सुंदर और भारी-भरकम बदन वाली लड़की राधिका से हुई थी। सुहागरात के नाम पर जो कुछ हुआ, वह सिर्फ़ पहली रात नहीं थी, बल्कि एक महीने तक चलने वाली ऐसी खूंखार चुदाई थी जिसमें मैंने अपनी नवेली दुल्हन की चूत को रोज़ाना फाड़ा, उसके बड़े-बड़े दूधों को चूस-चूस कर लाल कर दिया और आख़िरकार उसे इतना भर दिया कि उसकी कोख में मेरा बीज पनपने लगा।

यह दूल्हा दुल्हन अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी उसी सुहागरात से शुरू होती है जब मैंने पहली बार उस लाल जोड़े वाली दुल्हन को चोदने के लिए बिलकुल नंगा किया, उसके मोटे-मोटे स्तन मुंह में भरे और फिर अपनी जमींदारों वाली ताकत से उसकी तंग चूत में अपना मोटा लंड पेल कर उसे चीखने पर मजबूर कर दिया। एक महीने बाद जब उसकी चूत से खून और वीर्य की नदी बह निकली और उसका पेट फूलने लगा, तब गाँव में हंगामा मच गया। यह पूरी तरह सच्ची-सी लगने वाली कामुक कहानी है जिसमें सुहागरात की चुदाई, दूध चूसाई, मोटी दुल्हन की चीखें, गर्भावस्था और गाँव के स्कैंडल का पूरा वर्णन है।


उस रात जब मैं सुहागरात मनाने कमरे में घुसा तो मेरी दुल्हन राधिका लाल जोड़े में बिस्तर पर चुदने के लिए लेटी हुई थी, उसके मोटे-मोटे बदन से घुंघरू की आवाज़ आ रही थी। मैंने मेरी दुल्हन को चोदने के लिए कमरे का दरवाज़ा बंद किया और धीरे-धीरे मेरी सेक्सी दुल्हन के पास जाकर बिस्तर में बैठ गया। उसकी सांसें तेज़ थीं, आँखें शर्म से झुकी हुई थीं। मैंने उसका घूंघट उठाया तो उसके गाल लाल हो रहे थे। मैंने मुस्कुरा कर कहा, “आज से तू मेरी रंडी है राधिका, जमींदार की बहू बन कर भी मेरे लंड की गुलाम बनेगी।” वह सहम गई, पर उसकी चूत में गुदगुदी होने लगी। मैंने उसका ब्लाउज़ खोला तो उसके बड़े-बड़े दूध ऐसे उछले जैसे दो बड़े-बड़े आम। बड़े भारी बूब्स के निप्पल बिलकुल काले और सख्त। मैंने एक को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया, इतनी ज़ोर से कि वह चीख पड़ी, “आह्ह्ह… राजवीर जी… दर्द हो रहा है थोडा प्यार से दूध चुसो…” पर मैंने और ज़ोर से काटा और दूसरे दूध को हाथ से मसलने लगा।

मुफ्त में पढ़ें सुहागरात पर खूंखार चुदाई करके वर्जिन दुल्हन की चूत को फाड़ा अन्तर्वासना हिंदी XXX सेक्स स्टोरी

मुफ्त में पढ़ें सुहागरात पर खूंखार चुदाई करके वर्जिन दुल्हन की चूत को फाड़ा अन्तर्वासना हिंदी XXX सेक्स स्टोरी Suhagrat par khoonkhar chudai kar ke virgin dulhan ki choot ko faada Virgin bride's pussy torn apart by fierce sex on the wedding night
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मेरी वर्जिन दुल्हन भी मेरे लंड से चुदाई करवाकर अपनी सील पैक चूत की सील तुड़वाने के लिए तड़प रही थी। उस नयी नवेली दुल्हन की चूत से चिपचिपा पानी टपकने लगा था। मैंने उसकी साड़ी ऊपर उठाई तो उसकी मोटी-मोटी जाँघें दिखीं। पैंटी पूरी गीली। मैंने उंगली डाली तो वह सिहर उठी। मैंने हंस कर कहा, “तेरी चूत तो पहले से ही भोसड़ा बनने को तैयार है छिनाल।” मैंने घंटों उसके दूध चूसे, काटे, थप्पड़ मारे। उसके निप्पल सूज गए थे। फिर मैं नीचे आया और उसकी पैंटी फाड़ दी। उसकी गुलाबी चूत पर हल्के बाल थे, पूरी चमक रही थी। मैंने जीभ डाली तो वह पागल हो गई, कमर उछाल-उछाल कर चिल्लाने लगी, “चूसो… और चूसो… मुझे मार डालो आज!” मैंने उसकी चूत को ऐसे चाटा जैसे भूखा शेर हिरणी को चाटता है। दो उंगलियाँ अंदर-बाहर करने लगा तो उसका पहला झड़ना आ गया, उसका रस मेरे मुंह में भर गया।

फिर मैंने अपना कुर्ता फेंका। मेरा लंड पूरी तरह तना हुआ था, 9 इंच का मोटा जमींदार लंड। मैंने उसका सिर पकड़ कर लंड मुंह में ठूंस दिया। वह घबरा गई, “इतना बड़ा… नहीं जाएगा…” मैंने गाल पर थप्पड़ मारा और कहा, “चूस रंडी, आज से रोज़ चूसेगी!” उसने डरते-डरते चूसना शुरू किया। मैंने उसके बाल पकड़ कर मुंह चोदा, गले तक लंड उतारा। उसकी आँखों से आंसू आ गए पर उसकी चूत फिर गीली हो गई। मैंने उसे लिटाया, उसकी टांगें कंधों पर रखीं और लंड चूत पर रगड़ने लगा। वह बिलबिलाने लगी, “डाल दो… अब नहीं सहा जाता… फाड़ दो मेरी चूत!” मैंने धीरे से सुपारा अंदर किया तो वह चीखी, “माँ… फट गई…!” खून निकल आया, पर मैंने एक जोर का धक्का मारा और पूरा लंड अंदर।

उसके बाद मैंने उसे ऐसी चुदाई दी कि बिस्तर टूटने की आवाज़ आने लगी। हर धक्के में उसके मोटे-मोटे दूध उछल रहे थे। मैं एक दूध चूसता और दूसरा मसलता। वह चीख रही थी, “बहनचोद… और ज़ोर से… मार डालो मुझे!” मैंने मेरी नयी नवेली दुल्हन को डॉगी सेक्स पोजीशन में चोदने के लिए घोड़ी बनाया, उसकी मोटी गांड पर थप्पड़ मार-मार कर लाल कर दिया और पीछे से लंड पेलता रहा। मेरी दुल्हन की फटी हुई चूत से टपकता खून और रस मिल कर चादर गीली कर रहे थे। रात भर मैंने उसे 5 बार चोदा, हर बार उसकी चूत में वीर्य की पिचकारी मारी। सुबह जब वह उठी तो चल नहीं पा रही थी, उसकी चूत सूज कर दोगुनी हो गई थी। मैंने उसे गोद में उठाया और फिर बाथरूम में ले जा कर नहलाते हुए फिर चोदा।

सुहागरात के बाद एक महीने तक रोज़ाना की खूंखार चुदाई शुरू

अगले तीस दिन हमने घर में कोई कपड़ा नहीं पहना, पूरा दिन हमारी चुदाई चला करती थी। सुबह उठते ही मैं उसका मुंह चोदता, फिर दूध चूसता और चूत में लंड डालकर नाश्ता करता। दोपहर में खेत पर ले जा कर पेड़ के नीचे उसे नंगा कर के आउटडोर चुदाई करा करता। शाम को छत पर घोड़ी बनाकर उसकी गांड मारता था सरसों का तेल लगाकर। वह नयी नवेली दुल्हन अब पूरी रंडी बन चुकी थी, खुद चुदाई के लिए लंड मांगती, “राजवीर जी, आज गांड फाड़ दो प्लीज!” मैंने गांड मार मारकर उसकी गांड भी फाड़ी, पहले उंगली से खोला, फिर पूरा लंड उतारा। वह रोती और चीखती पर फिर खुद कमर हिलाने लगती। उसके दूध और बढ़ गए थे, हर समय रस छलकता था। मैं उसे रोज़ 7-8 बार चोदता, कभी मुंह में, कभी चूत में, कभी गांड में। उसकी चूत ढीली पड़ने लगी थी, पर फिर भी लंड निगल जाती थी।

धीरे-धीरे उसका पेट फूलने लगा। पहले तो उसे लगा गैस है, पर जब उल्टी होने लगी और पीरियड्स नहीं आए तो डॉक्टर ने बताया कि वह गर्भवती है। गाँव में खबर फैल गई कि जमींदार की बहू सुहागरात से ही पेट से है। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। मेरे पिता को गुस्सा आया कि इतनी जल्दी स्कैंडल हो गया। राधिका डर गई थी कि कहीं गर्भपात न करवा दें। पर मैंने सब संभाला। मैंने उसे और ताकत से चोदा, अब उसके बढ़े हुए दूधों से दूध की बूंदें टपकती थीं। मैं चूस-चूस कर पी जाता। उसकी चूत अब और रसीली हो गई थी। गर्भावस्था में भी मैं उसे रोज़ चोदता रहा, बस अब पीछे से ज्यादा मारता ताकि बच्चे को नुकसान न हो।

आउटडोर चुदाई करने के इरादे से एक रात मैंने उसे छत पर ले जा कर चाँदनी में नंगा किया। उसके बढ़े हुए पेट पर हाथ फेरते हुए मैंने कहा, “यह मेरा वारिस है जो तेरी कोख में पल रहा है, मेरे लंड के वीर्य से बना।” वह रोने लगी और मुझे बांहों में भर लिया। मैंने उसे धीरे-धीरे चोदा, उसके दूध चूसे, उसकी चूत में उंगली से सहलाया। वह बार-बार झड़ती रही। उस रात उसने मुझे कसम दी कि अब कभी उसे छोड़ूंगा नहीं। मैंने वादा किया कि वह मेरी स्थायी रंडी रहेगी, चाहे गाँव वाले कुछ भी कहें। हमने फिर पूरी रात चुदाई की, उसके गर्भवती बदन को एसी लगाया जैसे कोई देवी हो।

गर्भावस्था के बाद भी हम पति-पत्नी की खूंखार चुदाई का सिलसिला कभी नहीं रुका

गाँव में हंगामा बढ़ता गया। कुछ लोग कहने लगे कि मैंने सुहागरात को ही अपनी नयी नवेली दुल्हन का रफ सेक्स किया, पर राधिका ने सबके सामने कहा कि वह खुद तैयार थी। फिर भी पंचायत हुई। मेरे पिता ने सबको पैसे देकर चुप कराया। राधिका अब पूरी तरह मेरी हो चुकी थी, उसकी आँखों में सिर्फ मेरा लंड दिखता था। वह दिन-रात नंगा घूमती, मेरे लंड की पूजा करती। बच्चा जब पैदा हुआ तो लड़का था, बिल्कुल मेरी शक्ल का। गाँव वाले चुप हो गए। राधिका की चूत अब और चौड़ी हो गई थी, पर मेरे लंड के लिए हमेशा तंग रहती थी।

बच्चे के जन्म के बाद राधिका और खूबसूरत हो गई। उसके दूध और बड़े हो गए, उनमें से असली दूध आता था। मैं उसे दूध पिलाता और फिर चोदता। वह अब खुद मुझे जगाती, लंड मुंह में लेकर चूसती और कहती, “मालिक, अपनी रंडी को फिर से गर्भवती कर दो।” मैंने उसे फिर से चोदा, इस बार और बेरहमी से। उसकी चीखें पूरे हवेली में गूंजतीं। हमने नई-नई हार्डकोर चुदाई पोजिशन ट्राई कीं, कभी झरने के नीचे, कभी घोड़े पर, कभी खेत में सेक्स करा करते। मेरी पत्नी की चूत से कभी खून नहीं रुका, पर वह खुश थी मेरे साथ सेक्स करके। गाँव में हमारी जोड़ी मशहूर हो गई – जमींदार का बेटा और उसकी हमेशा गर्भवती रहने वाली रंडी बहू। आज जब भी मैं उसकी चूत में लंड डालता हूँ, मुझे वह पहली सुहागरात याद आती है जब उसकी तंग चूत फटी थी। अब वह मेरी जिंदगी है, मेरी कामुक देवी है। हमारा प्यार और हमारी चुदाई कभी खत्म नहीं होगी।


सुहागरात पर खूंखार चुदाई करके वर्जिन दुल्हन की चूत को फाड़ा अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

दोस्तों, यह थी मेरी और राधिका की जंगली सी लगने वाली सुहागरात से गर्भावस्था तक की पूरी कामुक यात्रा। जिस सुहागरात मैंने मेरी वर्जिन दुल्हन की सील पैक वर्जिन चूत को पहली बार चोदकर फाड़ा था, उसकी चीखें, उसकी तड़प, उसके बड़े-बड़े दूधों का रस, उसकी फटी हुई चूत से बहता खून और वीर्य – सब कुछ आज भी मेरे जिस्म में दौड़ता है। एक मासूम गाँव की लड़की को मैंने अपनी रंडी बनाया, उसे गर्भवती किया, गाँव के स्कैंडल का सामना किया और आखिर में उसे अपनी जिंदगी की रानी बना लिया। यह कहानी सिर्फ़ चुदाई की नहीं है, यह प्रेम, वासना, ताकत और समाज की जंजीरों के खिलाफ एक जंग की कहानी है।

मुझे बताओ कि आपको इस दूल्हा दुल्हन अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी के कौनसे हिस्से ने सबसे ज्यादा उत्तेजित किया – सुहागरात की दूध चूसाई और चूत फाड़ना, या गर्भावस्था में भी जारी चुदाई? क्या आपको इसमें और रफ सेक्स जैसे तत्व चाहिए थे या यूं ही परफेक्ट है? क्या आपको मोटी दुल्हन और जमींदार बेटे का यह रिश्ता पसंद आया? कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको अगली कहानी में क्या चाहिए – सास-बहू, देवर-भाभी, या कुछ और? आपकी राय से ही मैं और गंदी, और लंबी, और सच्ची सी कहानियाँ लिखता हूँ। धन्यवाद कि आपने मेरी इस मोटी दुल्हन की सुहागरात से गर्भ तक की चुदाई की कहानी को पूरा पढ़ा। जय हिंद, जय लंड-चूत!

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