HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesसेक्स थेरेपी के बहाने मरीज़ के लंड पर सवार हो गयी डॉक्टर

सेक्स थेरेपी के बहाने मरीज़ के लंड पर सवार हो गयी डॉक्टर

मुफ्त में पढ़ें प्राइवेट क्लिनिक में मेडिकल चेकअप करने के बाद सेक्स थेरेपी के बहाने मरीज़ के लंड पर सवार हो गयी डॉक्टर साहिबा और उसकी पत्नी के सामने ही खूब मजे ले लेकर रंडी के जैसे चुदवाया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी – Muft mein padhein Private clinic mein medical checkup karne ke baad sex therapy ke bahaane mareez ke lund par sawar ho gayi doctor sahiba aur uski patni ke saamne hi khoob maze le lekar randi ke jaise chudwaya antarvasna Hindi sex kahani – Read for free After doing a medical checkup in a private clinic, using sex therapy as an excuse, the doctor madam mounted the patient’s dick and, right in front of his wife, enjoyed getting fucked like a whore. Erotic Hindi sex story full of inner lust …

मैं 34 साल की डॉ. आरुषी मेहरा हूं, दिल्ली के पॉश इलाके में मेरी सेक्स थेरेपी की प्राइवेट क्लिनिक है और आज सुबह जब मैंने अपना चैम्बर खोला तो मुझे हल्की सी एंटीसेप्टिक की गंध और ठंडी एसी की हवा से एक अनजानी गर्माहट का अहसास हुआ। मैंने अपनी सफेद डॉक्टर की कोट पहनी, जिसके नीचे मेरे 36D के चुचे गहरे लाल रंग की ब्रा में कसकर बंधे हुए थे और मेरे मन में एक चुभन थी कि आज कुछ रिस्की जरूर होगा। अभी मैं अपनी कुर्सी पर बैठी ही थी कि दरवाजे पर एक कपल ने दस्तक दी, जिनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर मैं भांप गई कि बेडरूम की आग पूरी तरह बुझ चुकी है। पति की आंखों में शर्म और बीवी के चेहरे पर हफ्तों की सेक्सुअल फ्रस्ट्रेशन साफ झलक रही थी।

रोहित, जो उम्र में 32 साल का एक हैंडसम सा मर्द था, कुर्सी पर सिमटकर बैठ गया और उसकी घबराहट से उसकी पतलून के ऊपर की सिलवटें भी कांप रही थीं। उसकी बीवी मीरा, जो 29 साल की सुडौल औरत थी, बगल वाली कुर्सी पर बैठते ही एकदम से बोली, “डॉक्टर साहिबा, इसे 6 महीने से खड़ा लंड नहीं हो रहा, मेरी तो चूत पूरी तरह सूख चुकी है और मैं अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती।” मीरा की आवाज़ में गुस्सा और एक भूखी रंडी वाली बेचैनी साथ-साथ घुली हुई थी, जिसे सुनकर मेरे अपने अंदर की शरारत जाग उठी। मैंने अपने चेहरे पर एक प्रोफेशनल मुस्कान लाई और रोहित से आंखें मिलाकर कहा कि घबराओ नहीं, यह बहुत कॉमन प्रॉब्लम है और मैं पूरी तरह मदद करूंगी।

अन्तर्वासना हिंदी चुदाई कहानी – सेक्स थेरेपी के बहाने मरीज़ के लंड पर सवार हो गयी डॉक्टर उसकी पत्नी के सामने ही चुदवाया

सेक्स थेरेपी के बहाने मरीज़ के लंड पर सवार हो गयी डॉक्टर उसकी पत्नी के सामने ही चुदवाया Private clinic mein medical checkup karne ke baad sex therapy ke bahaane mareez ke lund par sawar ho gayi doctor sahiba aur uski patni ke saamne hi khoob maze le lekar randi ke jaise chudwaya antarvasna Hindi sex kahani
Private clinic mein medical checkup karne ke baad sex therapy ke bahaane mareez ke lund par sawar ho gayi doctor sahiba aur uski patni ke saamne hi khoob maze le lekar randi ke jaise chudwaya antarvasna Hindi sex kahani.

मैंने मीरा से पूरी मेडिकल हिस्ट्री पूछी और रोहित को एग्जामिनेशन बेड पर बिना पैंट के लेटने का निर्देश दिया, उसकी झांट के बाल हल्के पसीने से चिपके हुए थे और मेरी उंगलियां उसके सॉफ्ट लौड़े को छूने के लिए पहले ही जल रही थीं। मैंने पलटकर मीरा से कहा, “आप यहीं बैठिए, सपोर्ट के लिए आपका रूम में होना बहुत ज़रूरी है, ताकि आप दोनों का कनेक्शन फिर से बने।” मीरा सकपका गई लेकिन कुर्सी पर जमी रही, जबकि मैंने रोहित का अंडरवियर उतारते हुए उसके अंडकोष की थैली को धीरे से सहलाना शुरू किया और एक गहरी सांस छोड़ी।

रोहित का लंड अभी पूरी तरह ढीला था, मगर मुझे उसकी गर्म त्वचा और हल्की सी नमकीन गंध ने एकदम से उत्तेजित कर दिया। मैंने पहले उसके लंड के गोटे को अपनी हथेली में रखकर हल्की मालिश की और रोहित की सांसें तेज़ होने लगीं, जबकि मीरा की तीखी निगाहें मेरे हर मूवमेंट को जैसे अपनी चूत से महसूस कर रही थीं। मैंने अपने दिमाग में चल रही रंडीबाज सोच को दबाया नहीं और धीरे-धीरे उसकी पूरी अंड की थैली पर अपनी उंगलियां फेरते हुए पूछा, “रोहित, क्या तुम्हें कभी हैंड जॉब से इरेक्शन हुआ है?” उसने शर्म से गर्दन हिलाई तो मैंने अपने मुंह में जमा गाढ़ा लार उसके लौड़े के सुपारी पर टपकाया और चिपचिपा लुब्रिकेंट बनाते हुए स्ट्रोक करने लगी।

मेरे हाथों का हस्तमैथुन देख मीरा की आंखें चौड़ी हो गईं लेकिन मैंने इग्नोर करते हुए रोहित को बड़बड़ाने पर मजबूर कर दिया। जैसे ही मैंने उसके लंड को मुट्ठी में कसकर ऊपर-नीचे किया, वो धीरे-धीरे खून से भरकर एक तना हुआ लंड बनने लगा, जो देखने में कम से कम 7 इंच का मोटा लौड़ा लग रहा था। रोहित ने अपने कूल्हे ऊपर उठाए और मीरा ने अनजाने में अपने होठ चबाते हुए बुदबुदाया, “ये तो मेरे साथ कभी इतना बड़ा नहीं हुआ।” मेरे लिए यह बयान एक जीत की तरह था और मेरी फुद्दी में अजीब सी सिहरन दौड़ गई, जिससे मेरी चूत का रस पैंटी पर एक गीला धब्बा छोड़ चुका था।

मैंने प्रोफेशनल लहज़े में कहा, “मीरा जी, यह ब्लड सर्कुलेशन की प्रक्रिया है, अब मुझे थोड़ा और इंटेंस स्टिमुलेशन करना पड़ेगा।” और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मैंने झुककर अपने होंठों को रोहित के तने हुए लंड के सुपारी पर रख दिया और उसके नमकीन स्वाद को अपनी जीभ पर महसूस किया। मेरे मुंह के गीलेपन ने उसकी पूरी लंड की नसों में बिजली दौड़ा दी और मैंने अपना मुंह खोलकर उसका पूरा मोटा लौड़ा अपने गले तक उतार लिया, इस ब्लोजॉब की आवाज़ चूसने की चुभन के साथ पूरे चैम्बर में गूंजी। मीरा का चेहरा देखने लायक था, एक तरफ गुस्सा और दूसरी तरफ वो उभरती हुई हवस जो किसी भी कामुक औरत को कुक्कल्ड बनते देख जगती है।

रोहित ने मेरे बालों को मुट्ठी में भींच लिया और बुरी तरह कराहते हुए मेरे मुंह को अपना चिपचिपा माल देने को बेताब हो गया, लेकिन मैंने ठीक उसी पल अपना मुंह हटा लिया। मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “अभी नहीं रोहित, तुम्हारा सारा वीर्य तो मेरी टाइट चूत को चाहिए,” और मीरा को सीधे देखते हुए बोली, “आपको कोई दिक्कत तो नहीं, क्योंकि यह मेडिकल जरूरत है।” मीरा ने अपने सूखे होंठ चाटते हुए बस धीमी सी हां कर दी, जैसे वो अब मेरी इस छिनाल हरकत का हिस्सा बनकर अपनी ही भूख मिटाना चाहती हो। मैंने जल्दी से अपनी पैंटी साइड में खिसकाई, अपनी बालों वाली चूत को रोहित के तने हुए लंड के ऊपर रखा और एक झटके में अपने पूरे कुल्हों के बल बैठ गई।

जैसे ही उसके मोटे लौड़े ने मेरी रसदार चूत को फाड़ा, मेरे मुंह से एक गहरी चीख निकली जो पूरे क्लिनिक में गूंजी और मेरी चूत की मांसपेशियों ने उसे पूरी तरह जकड़ लिया। मीरा को मैंने अब अपनी ओर इशारा करके बुलाया और कहा, “आओ पास आकर देखो कैसे तुम्हारे पति का बड़ा लंड मेरी चूत को चीर रहा है,” और उसने सचमुच उठकर मेरे और रोहित के बीच आकर अपनी आंखें गड़ा दीं। मैंने रोहित की छाती पर हाथ रखकर जोर से ऊपर-नीचे उछलना शुरू किया, हर धक्के के साथ मेरे 36D के स्तन ब्रा से बाहर उछलने लगे और मेरे निप्पल सख्त होकर ब्रा के कपड़े को चीरने को आतुर हो गए। रोहित की उंगलियां मेरे कुल्हों को भींच रही थीं और मेरे अंदर चूत का रस इतना बह रहा था कि पूरा बेड गीला हो चुका था।

मैंने मीरा की तरफ देखा और चिल्लाई, “अपने शौहर को देख, कितनी ज़ोरदार चुदाई कर रहा है मेरे साथ, यही चाहिए न तुझे, अपनी चूत को सहला जब तक मैं इस लौड़े का सारा माल निकाल लूं।” मीरा ने पहले तो हिचकिचाया, फिर उसने अपनी सलवार के नीचे हाथ डाला और अपनी बुर पर उंगलियां फेरने लगी, मैं उसकी आंखों में वो रांड वाली चमक देख सकती थी। मैंने खुद अपनी ब्रा नीचे खींचकर अपने बोबे पूरी तरह आज़ाद कर दिए और रोहित के मुंह के सामने झुलाते हुए बोली, “चूस मेरी चूचियों का दूध, आज तुझे पूरी कामुक औरत का मज़ा चखाती हूं।” उसने जैसे ही मेरे निप्पल को अपने दांतों से दबोचा, मेरी चूत में एक और तेज़ कंपकंपी दौड़ी और मैं उसके चेहरे पर झुककर पूरे जोश से चीखने लगी।

अब मीरा पूरी तरह बदल चुकी थी और अपने पति को मेरे साथ चुदता देख अपनी गांड के छेद में उंगली करने लगी थी, उसके मुंह से अनजाने में “और ज़ोर से चोदो” जैसे शब्द निकल रहे थे। मैंने मौका देखकर रोहित की सेक्स पोजीशन बदली और अब मैं बेड पर हाथ टिकाकर अपनी गांड ऊपर उठाए खड़ी थी और उसने पीछे से मेरी चूत में अपना लम्बा लंड घुसेड़ दिया, जिससे मेरे चूतड़ एक लय में ताली बजाने लगे। रोहित की झांट के बाल मेरी गांड पर रगड़ खा रहे थे और उसके अंडकोष मेरी जांघों से टकराकर एक गीली थपथपाहट पैदा कर रहे थे जो बेहद अश्लील और उत्तेजक थी। मैंने मीरा को आदेश दिया, “आ और अपने पति के लंड के गोटे सहलाती रह, उसे पूरा छिनालपन दिखा,” और उसने तुरंत नीचे बैठकर रोहित के लटकते हुए अंडकोष की थैली पर अपनी जीभ फेरनी शुरू कर दी।

उस तिकड़ी में मेरा दिमाग पूरी तरह सुन्न होकर सिर्फ चुदाई की तीव्र सनसनी पर टिक गया था, रोहित का तना हुआ लंड मेरी चूत की अंदरूनी दीवारों को बार-बार घिस रहा था और मेरा वीर्य से भरा गर्भाशय हर धक्के पर एक लहर छोड़ रहा था। मैंने अपनी गांड में अपनी ही उंगली डाल ली ताकि गुदा सेक्स (Anal Sex) का अहसास उस चरम सुख को दुगुना कर दे और मैं बिना रुके “मेरी भोसड़ी में और गहरा डाल” चिल्लाने लगी। रोहित ने मेरी कमर पकड़कर आखिरी 2 मिनट तक एक अमानवीय रफ्तार से झटके दिए और फिर उसने एक ज़ोरदार चीख के साथ अपना गाढ़ा शुक्राणु मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दिया, जिसकी गर्मी ने मुझे भी झटके में ऑर्गैज्म की चरम सीमा पर पहुंचा दिया। मीरा नीचे से रोहित के लंड पर जमा हमारा मिला-जुला चिपचिपा माल अपनी उंगली से खुरचकर चाट रही थी और यह सीन इतना भद्दा और असली था कि मेरी सांसें थम गईं।

जब सब कुछ शांत हुआ, मैंने रोहित से अलग होते हुए अपनी कोट के बटन बंद किए और पसीने से तर मीरा की तरफ देखकर मुस्कुराई, उसकी आंखों में अब कोई शिकायत नहीं बस एक नई पहचानी हुई वेश्या वाली संतुष्टि थी। रोहित ने अपनी पैंट पहनते हुए सिर्फ इतना कहा, “डॉक्टर, मुझे लगता है मेरी प्रॉब्लम ठीक हो गई,” और मीरा ने मेरी तरफ देखकर धीरे से आंख मारी। मैंने उन्हें अगली अपॉइंटमेंट का कार्ड पकड़ाया, हालांकि हम तीनों जानते थे कि यह किसी मेडिकल फॉलोअप से कहीं ज़्यादा कुछ और होने वाला था और उनके जाने के बाद मैं अपनी गीली चूत को पोंछते हुए सोचने लगी कि आज का रिस्क लेना कितना सही था।

मेरी इस पूरी हरकत में कहीं न कहीं मेरा डॉक्टर वाला एथिक्स हिल गया था लेकिन उस कमरे में मेरे अंदर की रंडी पूरी तरह जाग चुकी थी और उसने किसी भी पतली सोच को परे फेंक दिया। अगली सुबह जब मैंने अपनी रिसेप्शनिस्ट से उनके लिए बुकिंग लिस्ट चेक की, तो पाया कि मीरा ने अकेले अपनी लिए भी अलग से एक घंटे की स्लॉट ली थी और मेरे पेट के निचले हिस्से में एक गुदगुदी फिर से लहरा उठी। अब मैं यह जान चुकी थी कि चरित्रहीन महिला होने का अपना ही एक अलग नशा है और इस प्राइवेट क्लिनिक की चारदीवारी मेरे लिए एक अनकही रंडीबाजी का स्टेज बन चुकी थी।

प्रिय पाठकों, मैंने अपनी यह सच्ची और बेशर्म दास्तां पूरी ईमानदारी से इस मरीज डॉक्टर अन्तर्वासना हिंदी चुदाई की कहानी के माध्यम से आपके सामने रख दी है, मुझे उम्मीद है कि आपको मेरा यह रिस्की अनुभव पढ़कर उतना ही रोमांच हुआ होगा जितना मुझे जीते हुए हुआ था। कृपया नीचे कमेंट में अपनी बेबाक राय और सुझाव ज़रूर दें, क्योंकि आपकी हर फीडबैक मेरे लिए बहुत मायने रखती है और शायद आगे की कहानियों के लिए मुझे और जोश दे जाए।

RELATED ARTICLES

You Must Watch