पति के दुबई जाने के बाद उनकी गैरमोजुदगी में मेरे सौतेले बेटे ने मुझे चोदकर गर्भवती किया और गर्भावस्था में भी चुदाई करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मेरा नाम राधिका है, मैं 30 वर्ष की हूँ और लखनऊ में रहती हूँ। मेरे पति राकेश एक व्यापारी हैं जो अक्सर देश से बाहर रहते हैं। मेरा सौतेला बेटा आरव 21 वर्ष का है, जो मेरे पति की पहली पत्नी की सन्तान है। मेरी शादी को दस वर्ष हो गए, परन्तु मुझे मेरे पति से शारीरिक सन्तुष्टि नहीं मिलती थी और अपनी कामवासना शांत करने के लिए मुझे अधिकतर ब्लू फिल्म देखकर केले या खीरे से अपनी चूत की चुदाई करनी पड़ती थी। मेरा सौतेला बेटा आरव कॉलेज में पढ़ता है और उसे जवानी की हवा लग चुकी है।
एक दिन मैंने मेरे सौतेले बेटे को माँ-बेटे की चुदाई की अश्लील ब्लू फिल्म देखते पकड़ लिया था। उस दिन के बाद से उसकी नज़रें मेरे स्तनों पर टिकने लगीं। पति के दुबई जाने के बाद उनकी गैरमोजुदगी में मेरे सौतेले बेटे आरव ने शराब पीकर मुझे अपनी बाहों में खींच लिया। हमने रात भर चुदाई की, हर पोजीशन आजमाई। पन्द्रह दिनों तक हम रोज़ सेक्स करते रहे। मैं गर्भवती हो गई और बच्चे को जन्म दिया। पति ने समझा उनका है, परन्तु आरव ही असली पिता है। अब हम माँ बेटे अपनी बेटी के साथ जर्मनी घूमने गए, वहाँ भी खुलकर चुदाई की। यह कहानी वासना, अपराधबोध, सुख और नई ज़िन्दगी की है।
Mere sautele bete ne mujhe chodkar garbhvati kiya aur garbhawastha mein bhi chudai kari Antarvasna Hindi sex story :- मैं राधिका हूँ, लखनऊ की एक साधारण गृहिणी। मेरे पति राकेश व्यापार के लिए अक्सर देश से बाहर रहते हैं। उनका पहला विवाह टूट चुका था, और उससे आरव पैदा हुआ। आरव अब 21 वर्ष का जवान लड़का है, कसरती बदन, चौड़ी छाती। मैं मेरे पति की दूसरी पत्नी हूँ और मेरी उम्र करीब 30 वर्ष है परन्तु मेरे स्तन अभी भी काफी ज्यादा मोटे और कसे हुए हैं। मेरी कमर पतली है और कुल्हे थोड़े बाहर की तरफ निकले हुए हैं।
पति से सन्तुष्टि नहीं मिलती, उनका लंड छोटा है, जल्दी झड़ जाता है। मैं रातों में अकेली तड़पती रहती हूँ। एक दिन आरव कॉलेज से लौटा और अपने कमरे में लैपटॉप खोलकर बैठ गया। मैं चाय लेकर गई तो दरवाजा थोड़ा खुला था। झाँका तो देखा वह माँ-बेटे की अश्लील ब्लू फिल्म देख रहा था। उसका लंड पैंट से बाहर था, वह मुठ मार रहा था। मैं सन्न रह गई, परन्तु मेरी चूत में सनसनी दौड़ गई। मैं चुपके से चली आई, कुछ नहीं बोली।
उसके बाद मेरे बेटे आरव की मेरे प्रति नज़रें बदल गईं। वह मेरे मोटे मोटे बूब्स को गंदी नजरों से घूरता, मेरी साड़ी के पल्लू को सरकाता हुआ देखता। मैं समझती थी, परन्तु चुप रहती। मेरे मन में भी कुछ उलझन थी। पति से सुख नहीं मिलता, आरव का जवान बदन देखकर मेरी चूत गीली हो जाती। एक रात पति घर आए। डिनर के बाद वह मुझे कमरे में ले गए। मैंने नाइटी पहनी थी, स्तन बाहर झाँक रहे थे। पति ने मुझे बाहों में खींचा, होंठ चूसे, स्तनों को मसला। मैंने भी साथ दिया, परन्तु उनका लंड जल्दी झड़ गया। मैं असन्तुष्ट सो गई। रात में मुझे आरव के कमरे से आहट सुनाई दी। मैं उठी, दीवार से सटकर सुना। वह मुठ मार रहा था, मेरे नाम की रट लगा रहा था। मेरी चूत में आग लग गई।
पति के दुबई जाने के बाद उनकी गैरमोजुदगी में मेरे सौतेले बेटे ने मुझे चोदकर गर्भवती किया और गर्भावस्था में भी चुदाई करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

अगले दिन पति दुबई चले गए, पन्द्रह दिन के लिए। आरव कॉलेज से लौटा तो बोला, “माँ, दोस्त की पार्टी है।” मैंने कहा, “पार्टी में तो चले जाओ मगर रात को घर समय पर आ जाना बेटा घर में मैं अकेली हूँ और मुझे डर लगता है।” फिर रात में वह शराब पीकर देर से घर लौटा, सर्दी का मौसम था और बिजली गुल थी। मैंने मोमबत्ती जलाई। मेरे सौतेले बेटे आरव ने कहा, “माँ, बहुत ज्यादा ठंड लग रही है।” मैंने उससे बोला की मैं अभी स्टोररूम में से कम्बल लाकर देती हु, फिर जैसे ही मैं स्टोर रूम से कम्बल लेकर उसके कमरे में गई तो उसने मुझे अपने बिस्तर में खींच लिया और मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया।
उसके होंठ मेरे गालों पर थे। मैंने कहा, “आरव बेटा, ये क्या कर रहे हो तुम मेरे साथ, मैं तुम्हारी माँ हूँ!” उसने कहा, “तुम मेरे पापा की दूसरी बीवी हो और मेरी सौतेली माँ।” फिर उसका हाथ मेरे मोटे मोटे स्तनों पर गया। मैंने मेरे सौतेले बेटे की इस गंदी हरकत का जरा भी विरोध नहीं किया क्योंकि मेरी चूत भी चुदाई करवाने के लिए बहुत ज्यादा गीली हो चुकी थी। उसने मेरी नाइटी ऊपर की फिर मेरी पैंटी उतारी उसके बाद वो मेरी गीली चूत पर जीभ फेरने लगा। मैं मेरे सौतेले बेटे से चूत चटवाते चटवाते मादक सिसकारियाँ लेने लगी।
मेरे सौतेले बेटे ने मुझे ज़मीन पर लिटाया इसके बाद उसने मेरी दोनों टाँगें फैलाईं और फिर अपना मोटा लौड़ा मेरी चूत पर रगड़ने लगा। करीब पांच मिनट तक वो मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने के बाद चूत के अंदर डालने लगा। मैंने शरमाते हुए कहा, “आरव बेटा, तुम्हारा लंड काफी ज्यादा बड़ा है और मोट भी इस लिए इसे मेरी चूत के अंदर धीरे धीरे डालना नहीं तो मेरी चूत फट जायगी।” मगर उसने मेरी बातों को अनसुना कर दिया और अपना गधे के लंड के जैसा तगड़ा लंड एक ही झटके में मेरी चूत के अंदर कर दिया। बहुत जोर का दर्द हुआ, परन्तु चुदाई का सुख भी मिला। अब वह जोर-जोर से मेरी चूत के अंदर धक्के मारने लगा।
चुदाई के दौरान मेरे बड़े भारी स्तन जोर जोर से उछल रहे थे। मैंने मेरे सौतेले बेटे के कूल्हों को पकड़ा और जोर जोर से चिल्लाने लगी की , “जोर जोर से चोद मुझे, बहनचोद आज अपनी रंडी बनाकर तेरा बाप तो मुझे चोदता नहीं तू ही मेरी गांड और चूत के मजे ले ले बेटा!” वह हँसा, “माँ, तेरी चूत कितनी टाइट है ऐसा लगता है मेरे पापा तुम्हे सही से चोदते नहीं हैं।” हम माँ बेटे ने मिशनरी, फिर डॉगी, फिर मैं ऊपर चढ़ी। उसका लौड़ा मेरी चूत की गहराई छू रहा था। रात भर हमने तीन बार चुदाई की। सुबह मैं थकी हुई उठी, परन्तु सन्तुष्ट थी। आरव ने मुझे चाय दी, मुस्कुराया।
पति की गैरमोजुदगी में सौतेले बेटे के साथ पन्द्रह दिनों की चुदाई की रातें
पपति की गैरमोजुदगी में हम सौतेले माँ बेटे ने हर रात जंगली चुदाई करके अपनी अन्तर्वासना शांत करी। कभी किचन में, कभी सोफे पर। एक दिन मैं नहा रही थी, आरव अंदर घुस आया। उसने मुझे दीवार से सटाया, मेरी गांड पर थप्पड़ मारा। मैंने कहा, “रंडी बना दे मुझे।” उसने मेरी गांड में उँगलियाँ डालीं, फिर अपना लौड़ा घुसाया। दर्द से मैं चीखी, परन्तु जल्दी सुख मिला। वह मेरे बाल पकड़कर धक्के मारता, “ले मादरचोद, अपनी गांड मारवा।” मैंने उसके लौड़े को चूसा, गले तक लिया। हमने ६९ की पोजीशन में भी मज़ा लिया। मेरी चूत का रस उसके मुँह में, उसका वीर्य मेरे गले में। हम हँसते, गाली देते, चुदाई करते।
एक रात हम माँ बेटे दोनों ने मिलकर खूब जमकर शराब पी। मैं शराब के नशे में नंगी नाच रही थी मेरे सौतेले बेटे के सामने किसी रंडी की तरह, आरव ने मुझे गोद में उठाया और अपने बैडरूम में लेकर चला गया, फिर उसे बैडरूम में मुझे अपने बेड पर पटका। उसने मेरे स्तनों को अपने नुकीले दांतों से काटा फिर मेरे निप्पल अपने मुँह में भरकर चूसे। लंड की सवारी करने के लिए मैंने उसके लौड़े पर बैठकर उछलना शुरू किया। कमरे में फच-फच की आवाज़ गूँज रही थी। मैं चिल्लाई, “आरव, मैं तेरी रंडी हूँ!” उसने मुझे घोड़ी बनाया, पीछे से लौड़ा डाला। मेरे कुल्हे लाल हो गए। हम दोनों पसीने से तर थे। सुबह तक हमने चार बार चुदाई की। मेरी चूत सूज गई, परन्तु मैं खुश थी। आरव मेरे बालों में उँगलियाँ फेरता, “माँ, अब तुम मेरी हो।”
हम माँ बेटे ने छत पर भी आउटडोर चुदाई करी। चाँदनी रात, ठंडी हवा ने चुदाई के आनंद को दो गुना कर दिया। मैंने साड़ी ऊपर की, आरव ने पीछे से लौड़ा डाला। मैंने दीवार पकड़ी, वह मेरे कूल्हों को थपथपाता। नीचे गली में लोग थे, हमें डर था कोई देख लेगा। परन्तु वासना ने हमें पागल बना दिया। मैंने उसके लौड़े को मुँह में लिया, चूसा। वह मेरी चूत चाटता। हमने मौखिक सेक्स का मज़ा लिया। उसके बाद उसने मुझे उठाया, दीवार से सटाकर चोदा। मेरे पैर उसके कमर पर लिपटे थे। हम दोनों चरम पर पहुँचे। उस रात हमने छत पर ही सो गए, नंगे।
एक दिन आरव ने कहा, “माँ, मैं तुम्हें गर्भवती करना चाहता हूँ।” मैंने हँसकर कहा, “कर दे, बहनचोद।” हमने कंडोम नहीं लगाया। हर बार वह मेरी चूत में झड़ता। पन्द्रह दिन बाद पति लौटे। मैंने उनके साथ सोने का नाटक किया, परन्तु रात में आरव के कमरे में चली गई। हम चुपके से चुदाई करते। पति को शक नहीं हुआ। कुछ दिनों बाद मुझे उल्टी हुई। डॉक्टर ने कहा, “आप गर्भवती हैं।” मैंने पति को फोन किया। वह खुश हुए, बोले, “मेरा बच्चा है।” मैं मुस्कुराई, आरव ने मेरे पेट पर हाथ फेरा।
गर्भावस्था और नया बच्चा
गर्भावस्था में भी हम माँ बेटे की अवैध चुदाई नहीं रोकी। आरव मेरे स्तनों को चूसता, मेरी चूत सहलाता। मैंने उसे हाथ से सन्तुष्ट किया। बच्चा पैदा हुआ जो की एक लड़की थी। मेरे पति ने बेटी का नाम बड़े प्यार से कामवती रखा। मेरे पति हमारी बेटी कामवती को हमारे प्यार की निशानी समझ रहे थे परन्तु मेरा सौतेला बेटा आरव सच जानता था की यह उसकी ही सन्तान है। कुछ दिनों बाद मेरे पति फिर विदेश चले गए। अब घर में हम तीनों थे – मैं, मेरा सौतेला बेटा आरव, और हमारी प्यारी बेटी कामवती। मैंने जब भी हमारी बेटी को मेरे बूब्स से दूध पिलाया करती तो मेरा सौतेला बेटा आरव भी मेरे स्तनों को चूसता। हमने फिर चुदाई शुरू की। एक दिन हम जर्मनी घूमने गए। होटल में हमने सूट बुक किया। मैंने मेरे गोरे जिस्म पर सेक्सी बिकनी पहनी, मुझे सेक्सी बिकनी में देख मेरे सौतेले बेटे आरव की आँखें चमक उठीं। फिर हम बीच पर घुमने गए जहाँ पर मैंने हमारी बेटी के सामने ही अपने सौतेले बेटे के लौड़े को पानी में सहलाया।
होटल में आकर रात में हम माँ बेटे ने हमारी बेटी कामवती के सामने ही शराब पी। मैं नंगी नाच रही थी, आरव ने मुझे बेड पर पटका। उसने मेरी चूत में जीभ डाली, मैं सिसकारियाँ लेने लगी। मैंने उसका लौड़ा चूसा, गले तक लिया। हमने ६९ किया, फिर उसने मुझे चोदा। मैं ऊपर चढ़ी, उसके लौड़े पर उछली। कमरे में हमारी चीखें गूँज रही थीं। हमारी बेटी कामवती के सामने ही हम माँ बेटे ने मिलकर करीब तीन बार चुदाई की। अगले दिन सुबह फिर से सेक्स करना शुरू किया। जर्मनी में चौदह दिन हम माँ बेटे ने खुलकर मज़ा लिया। होटल की बालकनी में, स्विमिंग पूल में, हर जगह चुदाई की।
वापस लखनऊ आए तो हमारी ज़िन्दगी बदल चुकी थी। पति को कुछ पता नहीं। हम चुपके से चुदाई करते। आरव ने नौकरी शुरू की, मैं घर संभालती। रात में वह मेरे कमरे में आता, मुझे अपनी रंडी बनाकर पुरे जोश के साथ चोदता। हमने नई सेक्स पोजीशन सीखीं, सेक्स खिलौने भी इस्तेमाल किए चुदाई के दौरान कुछ नया करने के इरादे से। मुझे मेरे पति के लंड से ज्यादा मेरे सौतेले बेटे का लंड भाता था इस वजह से मेरी चूत हमेशा उसके लौड़े की भूखी रहती। हम हँसते, गाली देते, एक-दूसरे को रंडी-बहनचोद कहते। हमारी बेटी बड़ी हो रही थी, परन्तु हमारा रिश्ता गहरा होता गया। मैंने कभी अपराधबोध नहीं किया, क्योंकि मेरे पति ने मुझे शादी के बाद कभी भी शारीरिक सुख प्रदान नहीं क्या था सही ढंग से वह तो सिर्फ पैसे कमाने में लगे रहते थे।
एक दिन मेरे पति को हम पर शक हो गया। उन्होंने आरव को डाँटा, परन्तु मैंने सफाई दी की आप जैसा समझ रहे हो वैसा कुछ नहीं है आपका बेटा तो मुझे अपनी सगी माँ से भी ज्यादा प्यार करता है, यह बात सुनकर मेरे पति नार्मल हो गए। कुछ दिनों बाद मेरे पति फिर से विदेश चले गए। अब हम माँ बेटे खुलकर रहते हैं और हर दिन अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी कामवासना शांत करते हैं। मेरे पति की गैरमोजुदगी में मेरा सौतेला बेटा आरव अब मेरे साथ ही सोता है, मुझे अपनी रंडी बनाकर नयी नयी सेक्स पोजीशन में चोदता है।
मैं फिर से माँ बनना चाहती थी इस लिए मैंने मेरे सौतेले बेटे के साथ मिलकर अपना दूसरा बच्चा भी प्लान किया है। अपने सौतेले बेटे के साथ बिना गर्भनिरोधक के चुदाई करने की वजह से मैं करीब एक साल बाद फिर से गर्भवती हुई। मेरी गर्भावस्था के बारे में जानकर मेरे पति बहुत खुश हुए की वो एक बार फिर से पिता बनने वाले हैं मगर दोस्तों सच तो आपको पता ही है की ये जो बच्चा अभी मेरे पेट में पल रहा है वो मेरे पति का नहीं बल्कि मेरे सौतेले बेटे का बच्चा है। हमारी ज़िन्दगी वासना और प्रेम से भरी है। गर्भावस्था में भी हम माँ बेटे ने मिलकर खूब चुदाई करी। मुझे मेरे सौतेले बेटे ने चोदकर गर्भवती किया इस बात से मैं बहुत खुश हूँ, मेरी चूत और गांड अब पूरी तरह सेसन्तुष्ट है। मेरा सौतेला बेटा आरव अब मेरा पति, मेरा प्रेमी, मेरा सब कुछ है।
पति के दुबई जाने के बाद उनकी गैरमोजुदगी में मेरे सौतेले बेटे ने मुझे चोदकर गर्भवती किया और गर्भावस्था में भी चुदाई करी अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
Mere sautele bete ne mujhe chodkar garbhvati kiya aur garbhawastha mein bhi chudai kari Antarvasna Hindi sex story :- यह हम सौतेले माँ और बेटे की कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी एडल्ट सेक्स स्टोरी का अन्त है, परन्तु मेरी ज़िन्दगी की नई शुरुआत। मैं राधिका, जो कभी असन्तुष्ट पत्नी थी, अब आरव की प्रेमिका, उसकी रंडी, उसकी बच्चे की माँ हूँ। पति को धोखा दिया, परन्तु क्या गलत किया? उन्होंने मुझे कभी सुख नहीं दिया, आरव ने मेरी हर इच्छा पूरी की। गर्भावस्था में उसने मेरी देखभाल की, बच्चे को गोद में लिया। जर्मनी की यात्रा हमारी हनीमून थी, जहाँ हमने बिना डर के चुदाई की और वो भी बिना कॉन्डोम के। मेरे पति अभी भी अधिकतर देश से बाहर रहते हैं इस बजह से हमें कोई परवाह नहीं रहती और जब दिल करता है सेक्स करके अपनी कामवासना शांत कर लेते हैं।
अपने बेटे का सेक्स पार्टनर के रूप में साथ पाकर मैंने सीखा कि अपनी वासना को दबाना एक शादी शुदा महिला के लिए बहुत बड़ा पाप है। अगर चुदाई का सुख कहीं से भी मिलता है, तो उसे लेना चाहिए और अपनी कामवासना को शांत करना चाहिये। आरव ने मुझे नई ज़िन्दगी दी, मेरी चूत की आग बुझाई। हमारी चुदाई अब भी जारी है, हर रात नई पोजीशन, नई गालियाँ। मैं उसके लौड़े की गुलाम हूँ, वह मेरी चूत का मालिक। क्या आपको हमारी कहानी पसंद आई? क्या माँ-बेटे का रिश्ता उत्तेजक लगा? क्या चुदाई के वर्णन में और गन्दगी चाहिए थी? क्या निष्कर्ष सन्तोषजनक है? कृपया अपनी राय बताएँ, मैं अगली कहानी में सुधार करूँगी। आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए महत्वपूर्ण है। धन्यवाद।


