HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesफिल्म थियेटर में जगी हवस होटल के रूम में शांत हुई हिंदी सेक्स स्टोरी

फिल्म थियेटर में जगी हवस होटल के रूम में शांत हुई हिंदी सेक्स स्टोरी

फिल्म थियेटर में जगी हवस होटल के रूम में शांत हुई हिंदी सेक्स स्टोरी : हेल्लो दोस्तों मेरी इस नई इंडियन हिंदी सेक्स स्टोरी में आप सभी का बहुत बहुत स्वागत है. आप सभी लोंगो से मेरा लंड पकड़ कर निवेदन है की इस हिंदी सेक्स स्टोरी को पड़ने के बाद अपने दोस्तों को ट्विटर या व्हाटसअप्प पर भेजना ना भूले आप ने तो मजे ले लिये अब आप के दोस्तों को भी मजे लेने का मौका दे. यहाँ भी देंखे >> क्लासमेट ने होटल में मेरी चूत का भोसड़ा बना डाला MP3 Audio Sex Story

पहले मै आप लोगो को मेरे बारे में बता देता हूँ. दोस्तों मेरा नाम शुभम  है, मैं जयपुर(राजस्थान) का रहने वाला हूँ. ये हिंदी सेक्स स्टोरी उस समय की है जब मेरी उम्र 19 साल की थी. मेरी जवानी चल रही थी और मुझे सेक्स के बारे में सब कुछ पता चल चूका था पर मुझे कभी करने का मौका नहीं मिला था. मेरे दोस्तों की गर्लफ्रेंड थी और वो उनके साथ सेक्स करा करते थे पर मेरे पास कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी इसी लिये मुझे मेरे दोस्तों से जलन होती थी. उनकी गर्लफ्रेंड को देख कर मेरे अंदर उनके साथ सेक्स करने की हवस जग जाती थी फिर मै उनके नाम की मुठ मार लिया करता था.

एक दिन मुझे कंही से पता चला की आज कल सोशल मीडिया पर लड़कियां बड़ी आसानी से मिल जाती है तो फिर मैंने भी पांच सो रूपये का जिओ का रिचार्ज करवाया और अपनी लड़की को चोदने की हवस को शांत करने के लिये सोशल नेटवर्क पर अपने लिये गर्लफ्रेंड की तलाशना करने लगे. फिर फेसबुक सोसिल नेटवर्क पर मेरी बात एक लड़की से हुई. उस लड़की का नाम याशिका था. मैंने उसके बारे में पूछा तो उस लड़की ने बताया कि वो अजमेर की रहने वाली है. अब हमारी बात रोज होने लगी. अब उस लड़की ने मेरे साथ डबल मीनिंग की बातें करना शुरू कर दीं. इसी तरह कुछ सेक्स चैट करते हुए दिन बीत गए.

फिर उस लड़की ने मुझे अपने पास मिलने को बुलाया. ये हमारी साधारण मुलाकात भर थी, मैंने अजमेर जाने का अपना रिजर्वेशन कराया. मैं बहुत उत्सुक था कि आगे क्या होगा. अजमेर पहुँचने के बाद मैंने एक होटल में डबल बेड का एक रूम बुक किया क्यों की आज मेरा उसके साथ सेक्स करने का पूरा मन था, फिर उसे मिलने के लिए एक कॉफ़ी शॉप में बुलाया. जब हम दोनों की मुलाकात हुई तो किसी के पास कोई शब्द ही नहीं थे. वो दिखने में बहुत हॉट और सेक्सी थी उसका फिगर बहुत कमाल था.  

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उस सेक्सी लड़की को देख कर मैं सब कुछ भूल गया कि मुझे क्या बात करनी है. वो दिखने में बहुत ही सुंदर और सेक्सी लग रही थी, आज उस लड़की ने मेकअप भी बहुत अच्छा सा किया था, तो मैं उस सेक्सी लड़की को देखता ही रह गया. फिर उस लड़की ने मुझे आवाज़ लगाई- शुभम .. तब मैं थोड़ा होश में आया और उसे बुके और गिफ्ट दिया. वो उस टाइम बहुत खुश दिखाई दे रही थी. मैंने उसके हाथों को हल्का सा टच किया. मैं अलग ही दुनिया में खोता जा रहा था. हमने थोड़ी देर तक बातें की, फिर मैंने उसे मूवी चलने का ऑफर किया. पहले तो उस लड़की ने मना किया, फिर वो मान गयी. पास के फिल्म थियेटर में हम गए वहां पर ‘लिपस्टिक ऑन माई बुर्क़ा..’ एडल्ट फिल्म लगी थी.

हमें इस एडल्ट फिल्म के बारे में कुछ पता नहीं था. हम फिल्म थियेटर में अपनी अपनी सीट पर जाकर बैठ गए और एडल्ट फिल्म देखना स्टार्ट किया, कुछ ही देर में फिल्म में सेक्सी सेक्सी और बहुत ही गंदे गंदे सीन दिखना शुरू हो गए जिन्हें देख मेरी अंदर याशिका की चुदाई करने की हवस जाग उठी. शायद सेक्स करने की हवस हम दोनों को अपने चंगुल में ले चुकी थी. हमने एक दूसरे की तरफ देखा, किसी ने कुछ नहीं बोला.. पर दोनों के अन्दर सेक्स करने के लिये एक आग सी जलनी शुरू हो गयी थी. फिल्म थियेटर में बहुत अंधेरा था तो मैंने धीरे से उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया और सहलाने लगा. उस सेक्सी लड़की को भी मज़ा आने लगा और मेरी हिम्मत बढ़ने लगी.

मैंने उसके हाथों पे किस कर दिया, वो थोड़ा सोच में पड़ गयी कि ये सब क्या हो रहा है. लेकिन फिल्म के गंदे गंदे सीन अपना कमाल दिखा रहे थे. वो अन्दर से गर्म हो रही थी और उसका भी अब मेरे साथ सेक्स करने का मन कर रहा था पर शर्म के कारण मुझसे कुछ नहीं बोल पा रही थी. फिल्म थियेटर में बहुत अँधेरा था जिसका सभी फायदा उठा रहे थे. वंहा पर सभी अपने अपने पार्टनर के साथ ऐसी ही गन्दी गन्दी हरकते कर रहे थे जिस कारण मेरी भी हिम्मत बडती जा रही थी. मेरी हिम्मत बढ़ने लगी और मेरा हाथ उसकी मोटी मोटी चुचियों तक पहुँच गया.

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अब वो भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी पर वो यह सब करने में शर्मा रही थी. लेकिन डरते डरते मज़े ले रही थी. उसकी तरफ से कोई विरोध ना पाकर मैं उसके छोटे छोटे बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा. इस हरकत ने उसके अन्दर की आग भड़का दी और हमें एक दूसरे के पास ला दिया. मैंने देर ना करते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. मेरी सेक्सी गर्लफ्रेंड याशिका ने अपनी दोनों आँखें बंद कर लीं और हम एक दूसरे में खोने लगे. उधर मैं उसके मम्मों को दबा रहा था, उस सेक्सी लड़की को कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था. बीच बीच में फिल्म के सेक्स सीन ने उसे बहुत उत्तेजित कर दिया.

थोड़ी देर बाद फिल्म में ब्रेक हो गया और जैसे ही फिल्म थियेटर की लाइट जली हम एक दूसरे से अलग हो गए. इस तरह से हमारे अन्दर एक दुसरे के साथ सेक्स करने की आग लग चुकी थी. फिल्म खत्म होने के बाद हम बाहर आए. हम दोनों ने डिनर का सोचा. मैंने उसे अपने होटल चलने का ऑफर किया तो उस लड़की ने मना कर दिया. लेकिन एक दो बार कहने के बाद वो मान गयी. फिर मैं उसे लेकर होटल आ गया. हम दोनों की आंखों में एक हवस सी थी, पर कोई जाहिर नहीं कर रहा था. मैंने आने के बाद कुछ स्टार्टर ऑर्डर किए और वॉशरूम चला गया.

मैं अन्दर ही अन्दर उत्तेजित हो रहा था मेरी याशिका को चोदने की हवस बडती ही जा रही थी. जब मैं बाहर निकला तो मेरा लंड उभरा हुआ दिखाई दे रहा था. तब तक स्टार्टर आ चुका था. हमने स्टार्टर खाया और फिल्म की बातें शुरू कर दीं. पहले तो हम नॉर्मल बातें ही कर रहे थे. फिर मैंने उसके सिर को पकड़ा और किस करने लगा. वो उसके लिए तैयार नहीं थी. लेकिन धीरे धीरे उसे मज़ा आने लगा और वो साथ देने लगी. उस लड़की ने जीन्स और टी-शर्ट पहन रखी थी. मेरा हाथ उसके मम्मों को सहलाने लगा और वो कोई विरोध नहीं कर रही थी. मैंने उसकी टी-शर्ट को निकाल दिया. मेरी सेक्सी गर्लफ्रेंड याशिका ने अन्दर अपने छोटे छोटे बूब्स पर काले रंग की ब्रा पहन रखी थी.

उसके छोटे छोटे बूब्स बहुत सुंदर लग रहे थे. मेरी गर्लफ्रेंड याशिका के बूब्स छोटे जरुर थे पर आगे से बहुत नुकीले थे. मैं उनको देखने के बाद अपने ऊपर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. मैंने ब्रा के ऊपर से ही मेरी सेक्सी गर्लफ्रेंड की चूचियों को किस करना शुरू कर दिया. वो भी अब मज़े ले रही थी. उस लड़की ने मेरी शर्ट और पैंट निकालने को कहा. मैंने अपने कपड़े एक ही झटके में उतार दिए, याशिका अभी भी जीन्स में थी. उस लड़की ने मेरी गर्दन और छाती पर किस करना शुरू किया, मैं और भी उत्तेजित होने लगा. मैंने उसके मम्मों को तेज़ी से दबाने शुरू कर दिए तो उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं.

मैंने याशिका की जीन्स भी उतार दी और उसे बेड पे लिटा दिया. वो बहुत ही सेक्सी नज़र आ रही थी. अब याशिका सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी और मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था. काले रंग की ब्रा पेंटी में वोमेरी 18 साल की गर्लफ्रेंड बहुत ही आकर्षक लग रही थी. मैंने उत्तेजना में उसकी ब्रा को निकाल फेंका और उसके मम्मों को चूसना शुरू किया. उसके हिलते चूचे देख कर मुझे लग रहा था कि मैं किसी जन्नत में हूँ. उसके मम्मों को चूसने के साथ मैं उसकी पेंटी पे हाथ फेर रहा था. अब उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था. उस लड़की ने मेरे पीठ पे नाख़ून गाड़ना शुरू कर दिया. इससे मैं और भी उत्तेजित होने लगा.

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मैंने उसके पेंटी और अपनी अंडरवियर निकाल फेंकी. अब हम दोनों पूरे नंगे थे. मेरा लंड पूरा खड़ा था और उसकी चिकनी चूत देख कर झटके लगा रहा था. मैंने याशिका का हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख दिया. वो थोड़ा घबराई, शायद वो पहली बार किसी का लंड छू रही थी. मैंने उसके मम्मों को दबाना जारी रखा. उसकी चूत से पानी निकल रहा था. मैं अब धीरे धीरे नीच बढ़ने लगा. उसकी नाभि पे किस करने लगा. वो बहुत ही उत्तेजित हो रही थी, उसके मुँह से चुदास से भरी सिसकारियां निकल रही थीं.

अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था. वो मेरे लंड को पकड़ कर सहला रही थी. मैं उसकी चूत के पास पहुँचा और उस पर किस कर दिया. उसका पूरा शरीर कांप उठा. मैंने धीरे धीरे उसकी चूत को सहलाना शुरू किया.. चुत बहुत टाइट थी. मैंने अपने अंगूठे से चुत की चारों तरफ सहलाना शुरू किया. उस लड़की ने अपनी आँखें बंद कर लीं. उसे मज़ा आ रहा था. उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी. अब मैंने एक उंगली धीरे से उसकी चूत में घुसाना चाहा, वो बहुत कसी हुई बुर थी. वो मेरी उंगली के घुसने के कारण एकदम से चिहुंक गयी.

मैंने फिर से उसके चुचे दबाने शुरू कर दिए और थोड़ी देर के बाद फिर से उंगली डालने की कोशिश की. अबकी बार चूत गीली होने की वजह से और उसके मानसिक रूप से तैयार होने की वजह से मेरी उंगली थोड़ी सी अन्दर चली गयी. मैं उंगली को अन्दर हल्के हल्के अन्दर बाहर और चारों तरफ घुमाने लगा. उसे भी अच्छा लग रहा था. उसकी चूत पावरोटी की तरह फूल गयी थी. अब मैंने उसे चित लिटा कर उसकी टांगें फैला दीं और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा. हम दोनों काफ़ी उत्तेजित हो गए थे.

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थोड़ी देर लंड चुत पर रगड़ने के बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत में घुसेड़ना शुरू किया. उसकी चुत बहुत टाइट थी इसलिए मेरा लंड फिसल गया. दोबारा मैंने कोशिश की तो याशिका ने साथ दिया उस लड़की ने अपनी टाँगों को थोड़ा उठाते हुए फैलाया. मेरा लंड एक इंच अन्दर घुस गया और उसके मुँह से एक तेज चीख निकल गई. मैंने तुरंत ही उसका मुँह अपने हाथों से बंद कर दिया. वो बिल्कुल कुँवारी थी. ये मेरा भी पहली बार था, मुझे भी दर्द महसूस हुआ. लेकिन अन्दर चूत की गर्मी से ये कम होने लगा.

हम दोनों दो मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे. मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया. अब वो दोबारा उत्तेजित होने लगी. मैंने उसकी कमर के नीचे अपना एक हाथ लगाया और लंड को धीरे धीरे हिलाने लगा. उसे अब ज़्यादा तकलीफ़ नहीं हो रही थी. थोड़ी ही देर में वो मेरा साथ देने लगी. अब मेरा सारा शरीर मस्ती से चुदाई कर रहा था. मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से चूस रहा था और एक हाथ से उसके मम्मों को दबा रहा था और मेरी कमर अपना काम कर रही थी. मेरी स्पीड बढ़ने लगी और याशिका अपने चूतड़ को नीचे से उछालने लगी.

सेक्स करते करते हम दोनों एक अलग ही दुनिया में पहुच चुके थे जंहा हम दोनों के नंगे जिस्म को एक अलग ही सुख की प्राप्ति हो रही थी. मुझे तो ऐसा लग रहा था कि मनो भगवान ने सेक्स इस दुनिया में सबसे आनन्दित क्रिया बनाई है. उस सेक्सी लड़ी की चूत की अन्दर की गर्मी मेरे लंड के ऊपर हावी होने लगी. धीरे धीरे उस लड़की को चोदने की मेरी स्पीड बढ़ती जा रही थी. सेक्सी याशिका भी सेक्स करने में मेरा पूरा साथ दे रही थी.

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हमें सेक्स करते करते करीब एक घंटा हो चूका था और अब हम दोनों सेक्स करते करते अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुके थे. उसका तो कब का हो चूका था और उसकी चूत ने कब का पानी छोड़ दिया था और अब मेरा भी होने वाला था और मैं अपनी चरम सीमा पर था और तभी मेरे अन्दर का लावा फूट पड़ा और मैंने मेरा पूरा का पूरा वीर्य याशिका की चूत के अंदर उंढेल दिया. मेरे वीर्य की गर्मी पाकर याशिका बहुत खुश हो गयी और उसने मुझे अपनी बांहों में कस कर जकड लिया. फिर करीब आधे घंटे तक हम ऐसे ही नंगे एक दुसरे से लिपट कर लेटे रहे और फिर उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर को निकल गए. दोस्तों आज हम दोनों को बहुत आनंद आया था.

फिल्म थियेटर में गन्दी फिल्म देखने के दौरान हम दोनों के अंदर जो हवस जगी थी वो आब होटल के रूम में शांत हो चुकी थी. दोस्तों आगे भी हमारे बिच शारीरिक रिश्ते बने रहे जब तक उसकी शादी नहीं हो गयी अब उसकी शादी हो चुकी है और मै अकेला मुठ मार मार कर काम चला रहा हूँ. अब मै फेसबुक पर एक नया शिकार तलाश रहा हूँ जो मेरी सेक्स करने की हवस को शांत कर सके.

यदि आप में से कोई लड़की मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी पड़ रही है और उसके अंदर भी सेक्स करने की हवस है तो वो मुझसे इस वेबसाइट के Contact Us पेज के माध्यम से संपर्क कर सकती है मै उसकी चुदाई की हवस शांत करने की पूरी कोशिश करूँगा. दोस्तों यदि आप लोगो को मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “फिल्म थियेटर में जगी हवस होटल के रूम में शांत हुई हिंदी सेक्स स्टोरी” पसंद आई हो तो निचे लाइक बटन पर जरुर क्लिक करना और इस स्टोरी को अपने दोस्तों और गर्लफ्रेंड के साथ जरुर जरुर शेयर करना.

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