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सासुर और पति ने मिलकर चोदा: अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

सासुर और पति ने मिलकर चोदा अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी का सारांश :- प्रिया अपने सासुर मिस्टर शर्मा के साथ सोफे पर चुदाई के बाद भी संतुष्ट नहीं हुई। उसकी साड़ी कमर में लिपटी हुई थी और चूत से वीर्य टपक रहा था। तभी उसका पति राज जल्दी घर आ गया और दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। लेकिन गुस्से की जगह उत्तेजना जागी। सासुर के आमंत्रण पर राज भी शामिल हो गया और पिता-पुत्र ने मिलकर प्रिया की चूत और गांड में लंड घुसाकर उसे भरपूर चोदा। यह तेज़ मसालेदार थ्रीसम चुदाई स्टोरी परिवार की नई कामुक बंधन की शुरुआत है।


Saasur aur pati ne milkar choda antarvaasana Hindi threesome sex story :- मैं प्रिया हूं, 28 साल की जवान बहू। मेरी शादी को दो साल हो गए हैं, लेकिन मेरी कामुकता कभी कम नहीं हुई। मेरे पति राज अच्छे हैं, पर मेरे सासुर मिस्टर शर्मा—वो 55 साल के मजबूत पुरुष—उनकी मर्दानगी ने मुझे दीवाना बना दिया। उनकी मोटी, लंबी लंड की याद से ही मेरी चूत गीली हो जाती है। मैं सुंदर हूं, भरे हुए मम्मे, चौड़ी कमर और रसीली गांड वाली। राज का लंड लंबा और पतला है, पर सासुर का मोटा और सख्त, जो चूत को फाड़ देता है। इस कहानी में मैं आपको बताऊंगी कि कैसे एक चुदाई पकड़ी गई और फिर तीनों ने मिलकर खूब मजे किए।

दोस्तों शादी के बाद से ही मेरे और मेरे ससुर जी के बीच अवैध सेक्स संबन्ध हैं। मेरे पति राज के ऑफिस चले जाने के बाद हम ससुर और बहू मिलकर पूरा पूरा दिन चुदाई करा कटे हैं हर दिन की तरह ही उस दिन दोपहर में भी सासुर जी और मैं सोफे पर बिलकुल नंगे लिपटे हुए थे। अभी-अभी उन्होंने मुझे जोरदार चोदा था। मेरी साड़ी कमर तक लिपटी हुई थी, चूत से उनका गाढ़ा वीर्य टपक रहा था। मैं उनकी गोद में बैठी थी, उनका लंड अभी भी मेरी चूत के अंदर था। धीरे-धीरे मैं कमर हिलाने लगी क्योंकि वो फिर से सख्त हो रहा था। मेरे भारी मम्मे उनके सीने से दबे हुए थे। मैंने उनके होंठों पर किस किया, जीभ अंदर डालकर चूसी। वो फुसफुसाए, “प्रिया, तू तो रंडी जैसी है।” मैं हंसकर बोली, “जी, आपका लंड ही ऐसा है जो मुझे पागल बनाता है।”

सासुर और पति ने मिलकर चोदा अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी

सासुर और पति ने मिलकर चोदा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी Saasur aur pati ne milkar choda antarvaasana Hindi threesome sex story
Saasur aur pati ne milkar choda antarvaasana Hindi threesome sex story

फिर मेरे सासुर के हाथ मेरी सेक्सी गांड पर गए। दोनों हथेलियों से रसीली गांड दबाकर मुझे और जोर से खींचा। मैं उल्टी होकर बैठ गई, पीठ उनकी तरफ। कमर मोड़कर मैं उनके लंड पर उछलने लगी। मेरे मम्मे जोर-जोर से हिल रहे थे। हर झटके में उनका लंड मेरी चूत की दीवारों से रगड़ खा रहा था। मैं आगे झुकी, उनके घुटनों पर हाथ टेककर और गहराई ली। तभी उनका लंड मेरे जी-स्पॉट पर टकराने लगा। मैं चीखने लगी, “आह… सासुर जी… और जोर से… चोदो मुझे!” क्योंकि उत्तेजना बढ़ रही थी, इसलिए मैं तेजी से उछल रही थी।

उनका लंड मेरी चूत को फाड़ रहा था। हर धक्के में मेरी गांड की चपेटें बज रही थीं। मैं पसीने से तर थी, बाल बिखरे हुए। सासुर जी नीचे से जोर-जोर से धक्के मार रहे थे। मेरी चूत से आवाजें आ रही थीं—चपचप चपचप। मैं सोच रही थी कि आज फिर कितना मजा आएगा। लेकिन अचानक दरवाजा खुलने की आवाज आई। मैं रुक गई, पर लंड बाहर नहीं निकाला। क्योंकि डर के साथ-साथ एक विचित्र रोमांच भी था। मैंने मुड़कर देखा—वहां राज खड़ा था, मेरे पति, जल्दी घर आ गया।

राज की आंखें चौड़ी हो गईं। वो हमें देख रहा था—मैं पूरी रंडी बनकर उनके पिता के लंड पर चढ़ी हुई, चूत के होंठ उनके मोटे आधार से फैले हुए, रस उनके अंडकोष पर लगा हुआ। राज चिल्लाया, “ये क्या रंडीखाना बना रखा है घर को तुम दोनों ने… ?!” लेकिन उसकी आवाज में गुस्सा कम और कामुकता ज्यादा झलक रही थी। उसकी पैंट में उभार दिख रहा था। मैं स्थिर रही, पर सासुर जी मुस्कुराए और जोर से धक्का मारा। मैं सिसकारी, “आह!” क्योंकि वो जानबूझकर कर रहे थे। सासुर जी बोले, “बेटा, आ जा। तेरी बीवी देवी है, एक मर्द से संतुष्ट नहीं होती।”

चुदाई के खेल में पति के शामिल होने से थ्रीसम सेक्स की शुरुआत

राज हिचकिचाया, पर उसका लंड दर्द कर रहा था। वो करीब आया, जिप खोलकर अपना लंबा, नसदार लंड बाहर निकाला। पहले से ही प्री-कम टपक रहा था। मैं मुड़ी और होंठ चाटकर बोली, “बेबी, माफ करना। पर अब… दोनों मिलकर चोदो मुझे।” क्योंकि मेरी कामुकता चरम पर थी, इसलिए मैं बेसब्री से इंतजार कर रही थी। राज आगे आया, मैं आगे झुकी और उसका लंड मुंह में लिया। पीछे से सासुर जी मेरी चूत मार रहे थे। कमरे में सिर्फ सिसकारियां और चपड़-चपड़ की आवाजें गूंज रही थीं।

राज ने मेरे बाल पकड़े और मुंह चोदने लगा। उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था। मैं दम घुटते हुए भी मजा ले रही थी। सासुर जी नीचे से धक्के मार रहे थे, मेरी चूत को भर रहे थे। मैं एक के लंड पर सवार थी और दूसरे का मुंह में चूस रही थी। जल्दी ही मैं झड़ने लगी। मेरी चूत सिकुड़कर सासुर जी के लंड को निचोड़ रही थी। क्योंकि लगातार उत्तेजना थी, इसलिए मैं बार-बार ऑर्गेज्म पा रही थी। राज बोला, “साली रंडी, पापा के साथ चुद रही थी?” पर वो गुस्से में नहीं, उत्तेजना में कह रहा था।

फिर हमने सेक्स पोजीशन बदली। राज पीछे आया, डॉगी स्टाइल में मेरी चूत में मेरे पति राज का कड़क लंड खंजर के जैसे घुसा। उसका लंबा लंड सीधा जी-स्पॉट पर टकरा रहा था। यदि आप के बारे में अधिक जानकारी नहीं है तो मैं आप को बता दूँ की जी-स्पॉट योनि में एक संवेदनशील क्षेत्र है जो कुछ महिलाओं के लिए अनोखे यौन सुख और कामोत्तेजना का स्रोत है, और यह भगशेफ नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। चुदते चुदते मैं जोर से चीखी, “हां राज… चोदो जोर जोर से और आज चीथड़े उड़ा डालो मेरी चूत के!” आगे सासुर जी मेरा मुंह चोदने के लिए खड़े हो गए, उनका वीर्य से सना लंड मैं मुंह में लेकर चूसने लगी।

मैं दोनों तरफ से भरी हुई थी। राज मेरी गांड पर थप्पड़ मार रहा था, सासुर जी मेरे मम्मे मसल रहे थे। क्योंकि दोनों मर्द मुझे अपनी रखैल बना रहे थे, इसलिए मुझे स्वर्ग जैसा लग रहा था। मेरी चूत से रस बह रहा था, फर्श गीला हो रहा था। मैं उनके लंड को बारी-बारी से चूस रही थी, गंदी बातें कर रही थी। “पापा जी, आपका लंड कितना मोटा है… राज, तेरा कितना लंबा…” दोनों हंस रहे थे और मुझे चोद रहे थे। जल्दी ही राज ने मुझे गोद में उठाया, सासुर जी आगे से मम्मे चूसने लगे। मैं राज के लंड पर उछल रही थी। क्योंकि थकान नहीं थी, इसलिए हम लगातार चल रहे थे। कमरे में पसीने और सेक्स की खुशबू फैली हुई थी। मैं मन ही मन सोच रही थी कि सासुर जी के साथ सेक्स करते पकड़े जाना ये सबसे अच्छी बात हुई अब मुझे इस वजह से ही थ्रीसम सेक्स करने को जो मिल रहा है।

डबल पेनिट्रेशन के दौरान दर्द से भरी चीखें

फिर हम फर्श पर आ गए। दोनों ने मुझे बीच में लिटाया। राज मेरी चूत में घुसा, सासुर जी मेरी तंग गांड में घुसने की कोशिश करने लगे। मैं डरी, पर उत्साहित भी थी। “धीरे पापा जी… गांड फट जाएगी।” उन्होंने थूक लगाया और धीरे-धीरे मोटा लंड गांड में उतारा। दर्द हुआ, पर जल्दी ही मजा आने लगा। दोनों तरफ से लंड घुसे हुए थे। मैं चीख रही थी, “आह… मार डाला… दोनों मिलकर चोदो और मुझे डबल पेनिट्रेशन का अनुभव करवाओ आज!” क्योंकि दर्द के साथ सुख था, इसलिए मैं पागल हो रही थी।

मेरे पति और सासुर दोनों ने तालमेल बिठाया। एक अंदर तो दूसरा बाहर। मेरी चूत और गांड दोनों लंड से भरी हुई थीं। मेरे मम्मे हवा में आजाद हिल रहे थे, चुदते चुदते मैं खुद उन्हें मसल रही थी। राज किस कर रहा था, सासुर जी गांड पर थप्पड़ मार रहे थे। चुदते चुदते मैं लगातार झड़ रही थी, मेरी चूत से फव्वारा छूट रहा था। क्योंकि ये डबल पेनिट्रेशन पहली बार था, इसलिए सेंसेशन अविश्वसनीय था। दोनों के लंड एक पतली दीवार से अलग रगड़ खा रहे थे। मैं गंदी बातें कर रही थी, “हां… मुझे अपनी रंडी बनाओ… दोनों के बीज से भर दो।”

वे जानवरों की तरह चोद रहे थे और मुझे डबल पेनिट्रेशन का आनंद दे रहे थे। राज बोला, “पापा, आपकी बहू कितनी टाइट है।” सासुर जी हंसे, “बेटा, अब हमारी साझा रखैल है।” मैं सुनकर और उत्तेजित हुई। मेरी बॉडी कांप रही थी, लगातार ऑर्गेज्म आ रहे थे। क्योंकि दोनों अनुभवी थे, इसलिए वे मुझे चरम तक ले जा रहे थे। कमरे में सिर्फ चर्पचर्प, थप्पड़ और सिसकारियां थीं। मैं पसीने और रस से लथपथ थी। दोनों के अंडकोष मेरी त्वचा से टकरा रहे थे।

फिर दोनों ने स्पीड बढ़ाई। राज पहले झड़ा, मेरी चूत में गर्म वीर्य की बौछार की। मैं फिर झड़ी। सासुर जी ने भी गांड में डाल दिया। दोनों छेदों से वीर्य बह रहा था। हम तीनों थककर ढेर हो गए। मैं बीच में थी, दोनों तरफ मर्द लिपटे हुए। क्योंकि ये अनपेक्षित था, पर अद्भुत, इसलिए मैं मुस्कुरा रही थी। मेरी बॉडी में मीठा दर्द था, संतुष्टि थी।

परिवार का नया मसालेदार बंधन

थ्रीसम सेक्स करने के बाद हम तीनों नंगे ही पड़े रहे। राज ने मेरे मम्मे चूसे, सासुर जी मेरी चूत में उंगली डालकर खेल रहे थे। मैं बोली, “मुझे डबल पेनिट्रेशन करवाने में बड़ा आनंद आया इस लिए अब से हम तीनों ऐसे ही थ्रीसम चुदाई करेंगे?” दोनों हंसे और हां कहा। क्योंकि अब रहस्य खुल गया था, इसलिए थ्रीसम सेक्स करने की पूरी स्वतंत्रता थी। मैंने दोनों के लंड फिर से चूसे, उन्हें सख्त किया। लेकिन थकान के कारण हम सो गए। शाम को उठे तो फिर मेरा डबल पेनिट्रेशन शुरू हो गया।

डबल पेनिट्रेशन के बाद राज ने मुझे किचन में झुकाकर चोदा, सासुर जी हम पति-पत्नी की चुदाई देखते रहे और मुठ मारकर अपनी आन्तार्वसना शांत करते रहे। रात को डिनर के बाद बेड पर हम तीनों फिर लिपटे। इस बार मैंने सासुर जी को मुंह में लिया, राज गांड में। फिर स्विच किया। मैं रानी की तरह थी, दोनों मुझे पूज रहे थे। क्योंकि प्यार और वासना मिल गई थी, इसलिए सब कुछ परफेक्ट लग रहा था। मेरी चूत और गांड दोनों दर्द कर रही थीं, पर मजा इतना कि मैं भूल गई।

थ्रीसम चुदाई के दौरान हमने कई पोजीशन ट्राई की—69, सैंडविच, सब। वीर्य मेरे पूरे शरीर पर था—मम्मों पर, चेहरे पर, चूत में। अगले दिन से हमारा रूटीन बदल गया। सुबह राज चोदकर जाता, शाम को सासुर जी, रात को दोनों। कभी-कभी दिन में भी। मैं घर में बिना कपड़ों के घूमती, दोनों जब मन किया चोद लेते। क्योंकि ये मसालेदार जीवन था, इसलिए मैं कभी बोर नहीं हुई। मेरे मम्मे हमेशा चूसे हुए, चूत हमेशा भरी हुई। मैं उनकी साझा रंडी बन गई, और मुझे इससे खुशी मिली। परिवार का बंधन पहले से कहीं मजबूत हो गया।

कभी राज ऑफिस से जल्दी आता तो मुझे सासुर जी के साथ पकड़ लेता और शामिल हो जाता। हम हंसते, चोदते। कोई जलन नहीं, सिर्फ वासना। मैं सोचती कि ये पकड़े जाना वरदान था। अब मेरी जिंदगी मसालेदार हो गई—हर दिन नया थ्रीसम, नई पोजीशन। मेरी चूत कभी खाली नहीं रहती। दोनों के लंड मेरे लिए बने हैं।


सासुर और पति ने मिलकर चोदा अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Saasur aur pati ne milkar choda antarvaasana Hindi threesome sex story :- इस मसालेदार थ्रीसम चुदाई की घटना के बाद परिवार पहले से कहीं ज्यादा खुश और जुड़ा हुआ हो गया। प्रिया को अपनी कामुकता जीने की आजादी मिली, राज और सासुर जी को एक सेक्सी बहू-बीवी साझा करने का मजा। कोई पछतावा नहीं, सिर्फ संतुष्टि और प्यार। लेकिन ये सिर्फ शुरुआत है—आगे और भी मजे आने वाले हैं। आपको ये सासुर बहू अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम चुदाई कहानी कैसी लगी? कमेंट में बताएं कि अगला भाग क्या हो, या आपकी फीडबैक दें ताकि और बेहतर स्टोरी लिख सकूं। धन्यवाद!

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