नौकरानी ने मालकिन की चूत चाटी फिर ड्राइवर ने फाड़कर गर्भ ठहराया अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी का सारांश :- मालकिन प्रिया एक अमीर घर की अकेली औरत है जिसका पति हमेशा विदेशी टूर पर रहता है और उसकी जवानी की आग कभी बुझती नहीं। उसकी नई नौकरानी राधा काली-सलोनी, पतली-दुबली लेकिन कामुक बदन वाली लड़की है जो घर के नए ड्राइवर राजू के साथ पहले ही दिन से चुदाई कर रही है। एक दिन प्रिया जब अपनी चूत की जलन से परेशान होकर बाथरूम में मुठ मार रही होती है तो राधा उसे देख लेती है और मालकिन की बेबसी समझ जाती है।
अगली सुबह राधा मालकिन को तेल मालिश का ऑफर देती है और तेल मालिश के दौरान धीरे-धीरे दोनों के बीच लेस्बियन सेक्स का खेल शुरू हो जाता है। राधा प्रिया को राजू के मोटे लंबे लौड़े की कहानियाँ सुनाती है जिससे प्रिया की चूत फटने को बेकरार हो जाती है। आखिरकार मजबूरी और कामवासना के वशीभूत प्रिया खुद राजू से चुदने को तैयार हो जाती है और घर में ही तीनों मिलकर खूब गन्दी चुदाई करते हैं। कहानी में भरपूर मालिश, चूत चाटना, लंड चूसना, गांड मारना, गाली-गलौज और अंत में गर्भावस्था का डर भी शामिल है। पूरी कहानी पहली व्यक्ति में प्रिया खुद सुना रही है।
Naukrani ne maalkin ki choot chaati phir driver ne faad kar garbh thaharaaya Antarvasna Hindi Sex Story :- मैं प्रिया शर्मा, 32 साल की हूँ, गोरी-चिट्टी, भारी भरकम चुचियाँ, चौड़ी गांड और एक ऐसी चूत जो हर वक्त गर्म रहती है। मेरे पति रोहन हमेशा विदेश में रहते हैं, महीने में एक बार आते हैं तो दो मिनट में झड़ जाते हैं। मेरी चूत की आग कभी नहीं बुझती। घर में नई नौकरानी राधा आई थी, काली-सलोनी, पतली कमर, छोटी-छोटी चुचियाँ लेकिन आँखों में वो शैतानी जो मुझे पहली नजर में बेचैन कर गई।
मैं रोज रात को अकेले बेड पर लेटकर उँगलियाँ डालकर मुठ मारती, सोचती कि काश कोई मेरा भोसड़ा ठोक ठोक कर फाड़ दे। एक दिन मैं बाथरूम में नहाते वक्त अपनी चूत में तीन उँगलियाँ डालकर जोर-जोर से झाड़ रही थी, दरवाजा खुला रह गया था। नौकरानी राधा अचानक आ गई और मुझे चूत में ऊँगली करते देखकर मुस्कुरा दी। उसकी आँखों में वो चमक थी जैसे कह रही हो – मेमसाब, मैं आपकी सारी प्यास बुझा दूँगी बस एक बार मुझे मौका देकर तो देखो…
नौकरानी ने मालकिन की चूत चाटी फिर ड्राइवर ने फाड़कर गर्भ ठहराया अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी

अगली सुबह जब रोहन ऑफिस चले गए तो राधा मेरे कमरे में आई और बोली, “मेमसाब, आप बहुत तनाव में लग रही हैं। मैं आपकी बॉडी मसाज कर दूँ? मेरी पुरानी मेमसाब भी मुझसे रोज मालिश करवाती थीं, बहुत आराम मिलता था।” मैंने सोचा चलो ट्राई करती हूँ। मैंने नाइट गाउन पहना हुआ था, कुछ अंदर नहीं। राधा ने कहा, “मेमसाब, गाउन खराब हो जाएगा तेल से, आप इसे उतार दीजिए।” मैं शरमाई लेकिन बाथरूम जाकर सिर्फ ब्रा-पैंटी पहन ली। जब वापस आई तो साँस रुक गई – राधा भी सिर्फ लाल लेस वाली ब्रा-पैंटी में खड़ी थी। उसकी छोटी चुचियाँ ब्रा में कैद थीं और पतली जाँघें देखकर मेरी चूत में सनसनी दौड़ गई। उसने मुस्कुराकर कहा, “मेमसाब, आप तो परी लग रही हैं।” मैं बेड पर पेट के बल लेट गई, दिल तेजी से धड़क रहा था।
पति के ना होने पर मालकिन ने नौकरानी से करवाई लेस्बियन चुदाई
राधा ने गरम तेल लिया और मेरे कंधों पर डालकर तेल मालिश शुरू की। उसके नरम हाथ मेरी पीठ पर फिसल रहे थे। उसने ब्रा का हुक खोल दिया और मेरी नंगी पीठ पर तेल मलने लगी। उसकी उँगलियाँ मेरी कमर की गहराई में जा रही थीं, मैं सिसकियाँ लेने लगी। वो बोली, “मेमसाब, आपकी स्किन तो दूध जैसी गोरी है, छूने में कितना मजा आ रहा है।” मैंने आँखें बंद कर लीं, उसकी साँसें मेरी गर्दन पर महसूस हो रही थीं। उसने मेरी जाँघों पर हाथ फेरना शुरू किया, जानबूझकर मेरी चूत के किनारे छू रही थी। मेरी पैंटी गीली हो चुकी थी। वो बोली, “मेमसाब, नया ड्राइवर राजू बहुत हरामी है, उसका लंड तो घोड़े जितना मोटा है।” मेरी चूत में आग लग गई, मैंने करवट बदल ली। मेरी बड़ी-बड़ी चुचियाँ ब्रा से बाहर झूल रही थीं, निप्पल पत्थर जैसे सख्त।
राधा मेरी चुचियों को देखकर पागल हो गई। उसने तेल डाला और दोनों हाथों से मेरी चुचियों को मसलने लगी। मेरे मुँह से सिसकारी निकल पड़ी – आह्ह्ह… राधा… क्या कर रही हो… उफ्फ्फ…। वो बोली, “मेमसाब, आपकी चुचियाँ तो आम जैसे रसीली दिख रही हैं, मुझे तो इनको चूसने का मन कर रहा है।” मैंने कुछ नहीं कहा, बस आँखें बंद कर ली। उसने मेरी पैंटी नीचे खींच दी, मेरी फूली हुई चूत देखकर उसकी आँखें चमक उठीं। उसने अपना मुँह मेरी चूत पर रख दिया और जीभ अंदर घुसेड़ दी। मैं चीख पड़ी – आह्ह्ह… राधा… चाट री अपनी मेमसाब की चूत… कितना स्वादिष्ट रस है ना… उफ्फ्फ…। उसकी जीभ मेरी क्लिट पर नाच रही थी, मैं कमर उठा-उठाकर उसका मुँह चोदने लगी। कुछ ही मिनट में मेरी चूत फट पड़ी, रस का फव्वारा छूट पड़ा।
राधा की जीभ से मेमसाब की पहली चूत फटी और ड्राइवर राजू का लंड याद आया
मैं अभी झड़ी ही थी कि राधा ने अपनी ब्रा-पैंटी उतार फेंकी। उसका काला बदन चमक रहा था, छोटी चुचियाँ और साफ चूत। वो मेरे मुँह पर बैठ गई और बोली, “अब मेरी बारी मेमसाब, मेरी चूत चाटो।” मैंने उसकी गांड पकड़कर जीभ अंदर घुसा दी। उसका रस मेरे मुँह में भर गया। हम दोनों मुखमैथुन करने के लिए 69 की पोजीशन में आ गए और काफी देर तक एक दूसरे की चूत चाटते रहे। उसने राजू की बात फिर छेड़ी, “मेमसाब, राजू ने मुझे पिछवाड़े से भी चोदा है, गांड चुदाई करते करते मेरी गांड फाड़ दी थी उस हरामी ने।” मैं और जोर से चाटने लगी। हम दोनों एक साथ झड़ीं, कमरे में चूत के रस की खुशबू फैल गई। उसके बाद हम बाथटब में गईं। गर्म पानी में बैठकर हमने एक दूसरे को साबुन लगाया। राधा मेरी चुचियों को मसलते हुए राजू की पूरी कहानी सुना रही थी।
बाथटब में राधा मेरी क्लिट को उँगली से सहलाते हुए बोली, “मेमसाब, जिस दिन राजू आया था, रात में मैं उसके कमरे में चादर देने गई। वो नंगा लेटा मुठ मार रहा था। उसका लंड देखकर मेरी चूत से पानी निकल आया। 9 इंच लंबा, डंडे जितना मोटा। उसने मुझे खींचकर बिस्तरे पर पटक दिया और मेरी साड़ी ऊपर उठाकर लंड मेरी चूत में घुसेड़ दिया।” मैंने आँखें बंद कर उस लंड को अपनी चूत में महसूस किया। मेरी साँसें तेज हो गईं। राधा मेरे निप्पल चबा रही थी, “उसने मुझे कुत्ते की तरह चोदा, मेरी चूत फाड़ दी, मैं तीन बार झड़ी।” मैंने उसकी उँगली अपनी चूत में डाल दी और खुद को चोदने लगी। पानी में मेरी चूत फिर फट पड़ी।
राधा बोली, “मेमसाब, ड्राइवर राजू आपकी गांड देखकर पागल है, कहता है मेमसाब को घोड़ी बनाकर उनकी चौड़ी गांड मारूँगा तो मजा आ जाएगा।” ये सुनकर मेरी चूत में फिर हलचल हुई। मैंने कहा, “राधा, मुझे राजू के लंड से चुदवाना है, मेरी चूत और गांड उसके लंड से चुदने के लिए बहुत बुरी तरह से जल रही है।” राधा हँस पड़ी, “ठीक है मेमसाब, आज रात को मैं उसे आपके कमरे में भेज दूँगी।” शाम को रोहन का फोन आया कि वो दो महीने और विदेश रहेंगे। मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। रात को 11 बजे दरवाजा खटखटाया। राजू अंदर आया, सिर्फ लुंगी पहने। उसकी छाती चौड़ी, बाजू मसल्स फूले हुए। राधा भी उसके पीछे थी। मैं सिर्फ नाइट गाउन में थी, अंदर कुछ नहीं। राजू ने मुझे देखकर लुंगी खोल दी, उसका लंड खड़ा था जैसे लोहे का रॉड।
ड्राइवर राजू ने मुझे बाहों में उठाया और बेड पर पटक दिया। उसने मेरा गाउन फाड़ दिया, मेरी नंगी चुचियाँ बाहर आ गईं। वो मेरे निप्पल चूसने लगा, “मेमसाब, आज आपकी चूत फाड़ दूँगा।” मैंने उसका लंड पकड़ा, मेरी उँगलियाँ भी पूरा घेरा नहीं कर पा रही थीं। मैंने उसे मुँह में लिया, गले तक घुसा दिया। राजू मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह चोदने लगा, “सााली रंडी मेमसाब, आज तक पति ने नहीं चोदा क्या?” मैं हाँ में सिर हिला रही थी। राधा मेरी चूत चाट रही थी। फिर राजू ने मुझे घोड़ी बनाया और अपना मोटा लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा। मैं चीखी, “डाल दे हरामी… फाड़ दे मेरी चूत… कितने दिन से तरस रही हूँ।”
ड्राइवर का मोटा लंड मेमसाब की चूत में पहली बार में ही धंसता हुआ चला गया और खून निकला
ड्राइवर राजू ने एक जोर का धक्का मारा, उसका आधा लंड मेरी चूत में घुस गया। मुझे लगा मेरी चूत फट गई, दर्द से चीख निकल गई। मैं सालों से ठीक से नहीं चुदी थी, मेरी चूत टाइट हो गई थी। राजू रुका नहीं, दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड अंदर। मेरी चूत से खून निकलने लगा। मैं रोने लगी पर मजा भी इतना था कि मैंने उसकी कमर कसकर पकड़ ली। वो धीरे-धीरे चोदने लगा, फिर रफ्तार बढ़ाई। कमरे में चप-चप की आवाजें गूँजने लगीं। राधा मेरी चुचियाँ मसल रही थी और राजू से कह रही थी, “चोद इसे हरामी, ये रंडी मेमसाब तेरे लंड की गुलाम बन जाएगी।” मैं चीख रही थी, “हाँ बहनचोद… चोद मुझे… फाड़ दे मेरी चूत… आह्ह्ह… मर गई… उफ्फ्फ़…।”
राजू ने मुझे पलटा और मेरी गांड ऊपर की। उसने अपना थूक मेरी गांड में डाला और लंड गांड पर रखा। मैं डर गई, “नहीं राजू… गांड नहीं… गांड फट जाएगी तो हंगने में काफी ज्यादा तकलीफ होगी।” पर उसने सुना नहीं, एक जोर का धक्का मारा और उसका गधे के लंड का जैसा लंबा मोटा लंड मेरी गांड को चीरते हुए अंदर घुस गया। मेरी गांड फट गई, दर्द से मेरी आँखों में आँसू आ गए। पर कुछ देर बाद मजा आने लगा। वो मेरी गांड मारते हुए बोला, “मेमसाब, आपकी गांड तो और टाइट है, आज तक किसी ने नहीं मारी क्या?” मैंने सिसकते हुए कहा, “नहीं… तू पहला है… आह्ह्ह… चोद रे बहनचोद… फाड़ दे मेरी गांड भी…।” राधा मेरे मुँह में अपनी चूत घुसेड़कर बैठ गई। मैं उसकी चूत चाट रही थी और राजू मेरी गांड मार रहा था। हम तीनों पागल हो चुके थे।
राजू ने मुझे फिर चित्त किया और मेरी टाँगें कंधों पर रखकर मिशनरी में चोदने लगा। उसकी स्पीड इतनी तेज थी कि बेड हिल रहा था। मेरी चुचियाँ उछल रही थीं। मैंने 4-5 बार झड़ चुकी थी, मेरी चूत से सफेद झाग निकल रहा था। राजू बोला, “मेमसाब, अब मेरे माल का इंतजार कीजिए।” मैंने कहा, “अंदर डाल दे हरामी… मुझे अपना रंडी बना ले…।” उसने जोर-जोर से धक्के मारे और मेरी चूत की गहराई में अपना गर्म वीर्य उड़ेल दिया। इतना माल था कि मेरी चूत के अंदर भर जाने के बाद भी चूत से बाहर छलक कर बहने लगा। चुदाई करवाने के बाद मैं सुन्न होकर पड़ी थी, मेरी चूत और गांड दोनों फटी हुई थीं, दर्द हो रहा था पर कामवासना शांत होने का सुकून भी था। राधा को वीर्य चाटने का बड़ा शौक था तो वो मेरी चूत चाटकर सारा माल पी गई।
उस रात राजू ने मुझे अपनी रंडी बनाकर करीब 4 बार और चोदा। सुबह तक मेरी चूत सूज गई थी, चल नहीं पा रही थी। राधा मुझे नहलाने ले गई। उसके बाद ये सिलसिला रोज चलने लगा। कभी राधा और मैं लेस्बियन करतीं, कभी राजू आता और हमें दोनों को चोदता। एक दिन राजू ने मुझे किचन में झुकाकर चोदा, दूसरे दिन गार्डन में। मैं पूरी तरह उसकी रंडी बन चुकी थी। पर एक दिन मेरी पीरियड्स मिस हो गए। मैं घबरा गई। प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया। मैं रोने लगी। राजू बोला, “मेमसाब, अब क्या करें?” मैंने कहा, “अबॉर्शन करवाना पड़ेगा, अगर रोहन को पता चला तो स्कैंडल हो जाएगा।” राधा ने मुझे सपोर्ट किया।
गर्भावस्था का डर और अबॉर्शन के बाद फिर बेबसी में लंड की तलब
मैंने क्लिनिक में गर्भपात करवाया। बहुत दर्द हुआ, पर बच गई। रोहन जब आए तो मुझे कमजोर देखकर शक हुआ पर मैंने बीमारी का बहाना बना दिया। राजू और राधा अभी भी मेरे साथ हैं। अब मैं और सावधान हूँ, राजू कंडोम यूज करता है। पर मेरी चूत की प्यास कभी नहीं बुझती। कभी-कभी मैं सोचती हूँ कि अगर मैंने राधा को मालिश के लिए मना कर दिया होता तो शायद ये सब न होता। पर अब पछतावा नहीं, मैं अपनी कामवासना को खुलकर जी रही हूँ। राजू का मोटा लंड और राधा की जीभ मेरे जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। मैं अब पहले वाली असंतुष्ट औरत नहीं रही।
नौकरानी ने मालकिन की चूत चाटी फिर ड्राइवर ने फाड़कर गर्भ ठहराया अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
दोस्तों, ये थी मेरी पूरी हिंदी थ्रीसम चुदाई कहानी – एक अमीर मालकिन की बेबसी से शुरू होकर राजू के मोटे लंड और राधा की जीभ तक का सफर। मैंने आपको हर पल का एहसास कराने की कोशिश की – वो पहली मालिश का स्पर्श, चूत चाटने की गंध, लंड घुसते वक्त का दर्द और सुकून, गांड फटने की चीखें, और अंत में गर्भावस्था का डर। ये सब मेरे साथ सचमुच हुआ और मैं आज भी उन पलों को याद करके चुदाई करने लगती हूँ। मुझे लगता है हर औरत के अंदर ऐसी ही आग सुलगती है, बस हिम्मत चाहिए उसे बाहर निकालने की। मैंने अपनी मजबूरी का फायदा उठाया और अपनी कामवासना को जीने लगी। अब मैं खुश हूँ, संतुष्ट हूँ।
दोस्तों आपको ये हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी कैसी लगी? क्या चुदाई के सीन काफी गंदे और विस्तृत थे? क्या आपको लेस्बियन पार्ट ज्यादा पसंद आया या राजू की चुदाई? क्या गर्भपात वाला ट्विस्ट आपको चौंकाने वाला लगा? कृपया कमेंट करके बताइए कि आपको सबसे ज्यादा उत्तेजना किन सीनों से मिली और क्या आप चाहते हैं कि मैं इसका दूसरा भाग लिखूँ जिसमें मैं रोहन के सामने भी राजू से चुदवाऊँ? आपकी राय मेरे लिए बहुत कीमती है, मुझे और बेहतर लिखने की प्रेरणा मिलती है। धन्यवाद कि आपने मेरी इस कामुक यादों को पढ़ा। जय हिंद, जय चुदाई!


