“किराये के मकान में कामुक पड़ोसन भाभी की तेल मालिश के बाद चुदाई“ यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी मुकेश शर्मा नामक एक एम.कॉम छात्र की है, जो भोपाल में किराये के घर में रहता है। वह अपनी पढ़ाई में व्यस्त रहता है और सामाजिक मेलजोल से दूर रहता है। एक दिन उसकी मुलाकात अपनी पड़ोसन, एक आकर्षक विवाहित महिला, से होती है। छोटी-छोटी मुलाकातों और बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती हैं। एक घटना के बाद, जब पड़ोसन को चोट लगती है, मुकेश उसकी मदद करता है, जिससे उनकी शारीरिक और भावनात्मक नजदीकियां बढ़ती हैं। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी उनकी कामुक मुलाकातों और भावनात्मक बंधन को दर्शाती है, जिसमें स्पष्ट यौन सामग्री शामिल है जिसमें आपको तेल मालिश से चुदाई तक की घटना नंगी नंगी फोटो के साथ पढ़ने को मिलेगी।
मेरा नाम मुकेश शर्मा है और मैं एक एम.कॉम का छात्र हूँ। वैसे तो मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ, लेकिन इन दिनों भोपाल में किराये के एक कमरे में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा हूँ। मैं आमतौर पर अपने कमरे में ही रहता हूँ, किताबों में डूबा रहता हूँ, और ज्यादा लोगों से बातचीत नहीं करता। रात के समय मुझे मेरे मोबाइल फोन में ब्लू फ़िल्में देखने का गन्दा शौक जरुर है मगर आज तक मैंने किसी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाये हैं. कभी मेरा सेक्स करने का मन होता है तो मैं ब्लू फिल्म देखकर मुठ मार लेता हूँ अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए. मेरे किराये के घर में और भी लोग रहते हैं, लेकिन मैं उनसे दूरी बनाए रखता हूँ।
किराये के मकान में पड़ोसन भाभी की तेल मालिश करने के बाद चुदाई करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

किराये के मकान में कामुक पड़ोसन भाभी से पहली मुलाकात :- एक सुबह, जब मैं बाथरूम जाने के लिए कमरे से बाहर निकला, तो मेरी नजर सामने खड़ी एक खूबसूरत लड़की पर पड़ी। उसकी सुंदरता को शब्दों में बयां करना मुश्किल था। मैं जल्दी से नहा-धोकर तैयार हुआ, क्योंकि घर में एक ही बाथरूम होने के कारण देरी हो जाती थी। कॉलेज जाते समय मैंने मकान मालकिन से उस लड़की के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि वह मेरे बगल वाले कमरे में रहती है, लेकिन कुछ दिनों से बाहर थी, इसलिए दिखाई नहीं दी। यह जानकर मुझे खुशी हुई कि मेरे पड़ोस में कोई तो है, क्योंकि बाकी किरायेदार ऊपरी मंजिल पर रहते थे।
अवैध सेक्स संबंध बनाने के इरादे से कामुक पड़ोसन भाभी से बातचीत की शुरुआत
उसी शाम, जब मैं कॉलेज से लौटा, तो वह अपने कमरे के दरवाजे पर खड़ी थी। मैंने उसे देखकर हल्की-सी मुस्कान दी, लेकिन उसका मूड खराब लग रहा था। मैं चुपचाप अपने कमरे में चला गया। थोड़ी देर बाद मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई। मैंने खोला तो वही थी। उसने कहा, “टंकी का पानी खत्म हो गया है, मोटर का तार लगा दो। मुझे डर लगता है।” मैंने मोटर चालू की, और फिर उसने मुझसे ढेर सारे सवाल पूछने शुरू कर दिए—मेरा नाम, मैं कब से यहाँ रह रहा हूँ, क्या करता हूँ। उसकी उत्सुकता देखकर मैं थोड़ा घबरा गया और बिना जवाब दिए चला गया।
रात को बिजली चली गई। अंधेरे में मैं गेट पर खड़ा था, तभी अचानक किसी से टकरा गया। हम दोनों गिर पड़े, और वह जवान और सेक्सी शादी शुदा महिला मेरे ऊपर आ गिरी। उसने गुस्से में कहा, “देखकर नहीं चलते?” मैंने जवाब दिया, “अंधेरे में आपको दिखता होगा, मुझे तो नहीं।” कमरे में लौटकर मैंने मोमबत्ती जलाई। थोड़ी देर बाद वह मेरे पास आई और पूछा, “क्या आपके पास अतिरिक्त मोमबत्ती है?” मेरे पास सिर्फ एक थी, तो मैंने उसे अपनी मोमबत्ती ऑफर की, लेकिन उसने मना कर दिया। फिर मैं उसके बगल में खड़ा हो गया। उसने कहा, “बात नहीं करनी क्या?” मैंने बताया कि मैं अकेले रहने का आदी हूँ और ज्यादा बातचीत नहीं करता। उसने बताया कि वह विवाहित है, लेकिन उसका पति टूर एंड ट्रैवल्स की नौकरी के कारण अक्सर बाहर रहता है।
किराये के मकान में कामुक पड़ोसन भाभी के साथ नजदीकियां बढ़ती गईं
हमारी बातचीत बढ़ने लगी और धीरे धीरे हमरे बीच नजदीकियां बढ़ने लगी। एक रात उसने मुझे चाय पीने के लिए बुलाया, और उस रात हमने खूब बातें की। एक सुबह, मैं बाथरूम में गया तो वह नहा रही थी। मैंने उसे नग्न अवस्था में देख लिया और जल्दी से बाहर आ गया। उस दिन मैं बिना नहाए कॉलेज चला गया, लेकिन मेरा मन उसी में अटका रहा। शाम को जब मैं लौटा, तो उसने मुझे रोका और गुस्से में कहा, “तुम बिना खटखटाए अंदर घुस गए और सॉरी भी नहीं बोला।” मैंने माफी मांगी, लेकिन अगले पांच दिन तक हमारी बात नहीं हुई। छठे दिन, मैंने उस कामुक पड़ोसन भाभी के कमरे से रोने की आवाज सुनी। मैं सोच में पड़ गया की आखिर मेरी कामुक पड़ोसन भाभी इतना जोर जोर से रो क्यों रही है कहीं किसी ने उसका रफ सेक्स तो नहीं कर डाला ऐसे अजीबो गरीब ख्याल मेरे अश्लील दिमाग में आने लगे.
मैं भागा भागा गया और फिर मैंने भाभी के रूम का दरवाजा खटखटाया, और वह अंदर से बोली, ” कौन है??? अंदर आ जाओ दरवाजा खुला है।” वह बाथरूम में जमीन पर गिरी पड़ी थी। उसने बताया कि बाथरूम का फर्श चिकना हो रखा था जिस वजह से वह गिर गई, और उसके पैर और पीठ में मोच आ गई थी। मैंने उस कामुक पड़ोसन भाभी का हाथ पकड़कर उसे उठाया और उसे रूम से लाकर बिस्तर पर बिठाया. फिर मैंने जल्दी से उसके लिए एक कप गरमा गर्म चाय बनाई. भाभी को चाय बनाकर पिलाने के बाद मैं जल्दी से मेडिकल स्टोर गया और उन्हें मालिश करने के लिए तेल और कुछ दर्द की दवाइयाँ लाकर दीं।
मैं भाभी की चूत की चुदाई करने और उनकी गांड मारने का मौका तलाश रहा था और यही सही मौका था उनसे नजदीकियां बढ़ाने का. तो मैंने हिचकिचाते हुए मेरी कामुक पड़ोसन भाभी से पूछा, “क्या मैं आपकी कमर और पैर पर तेल लगाकर मालिश कर दूँ?” पहले तो वह नाराज हुई, लेकिन फिर बोली, “कर दो।” मैंने तेल से उसके पैर की मालिश शुरू की। उसकी चिकनी त्वचा को छूकर मैं उत्तेजित हो रहा था और मेरा लंड भी कड़क हो चूका था। उसने कहा, कामुक पड़ोसन भाभी बोली “थोड़ा और ऊपर तक तेल मालिश करो।” मैंने उस कामुक पड़ोसन भाभी की साड़ी थोड़ी और ऊपर करी, और मेरे अब मेरे तेल से संदे हाथ उसकी सेक्सी जांघों तक पहुँच गए।
कामुक पड़ोसन भाभी के साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाये किराये के मकान में
वह कामुक पड़ोसन भाभी मेरी हरकतों को समझ रही थी की मैं उसकी चुदाई करने की फिराक में हूँ। फिर उस कामुक पड़ोसन भाभी ने कहा, “अब मेरे ब्लाउज के बटन खोलकर मेरी पीठ की भी अच्छे से तेल मालिश कर दो।” मैंने उस कामुक पड़ोसन भाभी के ब्लाउज के बटन खोले और तेल लगाकर मालिश शुरू की। कुछ देर बाद उस कामुक पड़ोसन भाभी ने अपनी ब्रा खोलने को भी कहा, और मैंने ऐसा किया जल्दी से उसकी ब्रा के हूक खोलकर उसके ब्रा की कैद से उसके बड़े बड़े बूब्स को बिलकुल आजाद कर दिया। मालिश करते हुए मैंने उसके स्तनों को छूने की कोशिश की। उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने स्तनों पर रखते हुए कहा, “इनकी भी मालिश करो।” मैं समझ गया कि वह कामुक पड़ोसन भाभी मेरे साथ अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। मैंने उसके बड़े बड़े स्तनों पर तेल लगाया और स्तनों की तेल मालिश करने के बहाने उन्हें उन्हें जोर-जोर से दबाने लगा। वह उत्तेजित होकर सिसकारियाँ भरने लगी। मुझे कामुक पड़ोसन भाभी के बड़े बड़े स्तनों की तेल मालिश करने में बड़ा आनंद आ रहा था.
मैंने अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए कामुक पड़ोसन भाभी के कपड़े उतारे और उसके नशीले शरीर पर जगह जगह चूमना शुरू किया। मैं और भी मस्त होकर उसे किस करने लगा. कभी मैं उसके मम्मे चूसता, तो कभी उसकी चूत को काटता. ऐसे ही उसने अपना पानी छोड़ दिया. फिर उसने मेरे कपड़े खोल दिए और मुझे नंगा करके अपने साथ लिटा लिया. वो सेक्सी पड़ोसन लड़की मेरे सीने पर सर रखकर लेट गई. वो मेरा लंड पकड़ कर उसके साथ खेलने लगी. मेरा लंड अभी शांत नहीं हुआ था, तो वो खड़ा था. इस बार उसने कहा- इसे जन्नत की सैर नहीं कराओगे क्या? मैंने कहा- अगर जन्नत की हूर चाहेगी तो बिल्कुल सैर कराऊंगा.
इतना सुनते ही वो मुझे जोर जोर से किस करने लगी और मैं उसके ऊपर छा गया. मैंने उसे किस किया और उस नंगी भाभी की टाइट चूत पर थूक लगाकर अपना लंड टिकाने के बाद एक धक्का दे मारा. मगर मेरा लंड फिसल जाने की बझा से नंगी भाभी की टाइट चूत के अंदर नहीं घुस पाया. मैंने दुबारा लंड पेलने की कोशिश की और लंड को चूत पर लगाया. इस बार उसने लंड को पकड़ लिया और उसके उप्पर पास में रखी तेल की बोतल में से बहुत सारा तेल लगा दिया. फिर नंगी भाभी ने मेरे तेल लगे लंड को अपनी टाइट चूत की गुलाबी बलबी फांकों में सैट करते हुए कहा- हूँ … अब अपना लंड मेरी बुर के अंदर पेलो बड़ी आसानी से चला जायगा. मुझे लगा कि कहीं फिर से लंड न फिसल जाए … इसलिए मैंने पिछली बार से ज्यादा फोर्स के साथ धक्का दे मारा. मगर इस बार निशाना सही था तो मेरा आधे से भी ज्यादा लंड उसकी चूत के अन्दर घुसता चला गया था.
तेल लगा लंड नंगी भाभी की चूत के अंदर घुसते ही वो दर्द से बिलबिला उठी
जैसे ही मेरा तेल लगा हुआ लंड फिसलते हुए उस नंगी पड़ोसन भाभी की टाइट चूत के अन्दर गया … वो दर्द से बिलबिला उठी. उसने ज़ोर से चीख मारी- उई माँ मर गई फाड़ डाली तुमने तो आज मेरी बूर बहुत दर्द हो रहा है आ मैया रे! उसने मुझे अलग करने की कोशिश की, पर मैं अब मानने वाला नहीं था. मैं पूरी तरह पागल सा हो गया था. मैंने उसके दोनों हाथों को पकड़ लिया, जिससे वो कामुकता से भरी भाभी अच्छी तरह से मेरी पकड़ में आ गई थी. अब वो हिल भी नहीं पा रही थी क्योंकि मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ रखे थे और उसे चोदने के लिए बड़ी ही मजबूती से दबोच रखा था. मैंने अब धीरे धीरे धक्के मारना चालू किए और उसे किस करने लगा. चुदाई के दौरान मैं मेरा लंबा मोटा लंड नंगी भाभी की टाइट चूत में अन्दर बाहर करते हुए कभी उसे किस करता, तो कभी उसके मम्मे काटता. इससे वो एकदम मस्त हो गई थी और चुदाई के दौरान अपनी गांड उठा उठाकर मेरा साथ देने लगी थी.
हम दोनों अपनी चुदाई फुल स्पीड में कर रहे थे. आज तो भाभी की तेल मालिश करने के बहाने उनका जिस्म भोगने को मिल चूका था. मेरे लंड पर तेल लग जाने की बजह से चुदाई के दौरान वह बड़े आराम से अंदर बहार हो रहा था. मैं और वो बुरी तरह पसीने में भीग चुके थे, पर मैंने धक्के मारना बंद नहीं किए. धीरे धीरे मैंने धक्कों के साथ स्पीड को और बढ़ा दिया. पसीने के कारण पूरे कमरे में चुदाई की आवाजें और उसकी कामुक सिसकारियां मुझे और जोश दिला रही थीं. लगभग दस मिनट बाद वो मेरी कमर पर मुझे जोर से पकड़ कर अपनी तरफ खींचने लगी. मुझे अहसास हो रहा था कि हम दोनों चरम पर आ गए हैं. मैंने एक जोरदार झटके के साथ अपना सारा लावा उसके अन्दर ही छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया. वो सेक्सी पड़ोसन लड़की भी कंपकंपा कर अपनी चुत का पानी छोड़ने लगी.
चुदाई ख़त्म करने के बाद जब मैं वापस अपने किराये के मकान में जाने लगा तो मेरी कामुक पड़ोसन भाभी मुझसे कहने लगी- अब यहीं रूक जाओ न और चुदाई कर लेना मेरी और गांड भी मर लेना खाना खाने के बाद क्या बस एक बार ही मेरे कामुक जिस्म की तेल मालिश करके थक गए हो क्या ??? मैं उस कामुक पड़ोसन भाभी के इस हवस से भरे आमंत्रण को मना नहीं कर सका और उसके बगल में लेट गया. वो कामुक पड़ोसन भाभी नंगी ही मुझसे चिपक कर मेरे सीने पर सर रख कर सो गई. इतना कुछ करने के बाद हमें पता नहीं चला कि कब नींद आ गई. पर जब सुबह मैं उठा … तो वो मेरे बगल में बैठी मुझे ही देख रही थी. मैं उठा और उसे एक जोरदार किस कर दिया. उसने भी इस किस में मेरा पूरा साथ दिया. मैं फ्रेश होकर कॉलेज के लिए निकल ही रहा था कि उसने कहा- जल्दी आना. मैंने शरारत भरी नज़र से उसे देखते हुए पूछा- क्यों? तो उसने स्माइल किया और शर्मा गई. दोस्तो, इस तरह मैंने सेक्सी पड़ोसन लड़की को चोदा. आप मेल करके मुझे जरूर बताएं कि आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी.


