मामा जी ने इज्जत लूट ली बेहोश करके चूत में माल छोड़ा रफ सेक्स करने के बाद अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मेरा नाम कमला है, 45 साल की विधवा औरत। मैं और मेरी 18 साल की बेटी राधा दिल्ली के एक छोटे से किराये के मकान में रहते हैं। मैं गंभीर रूप से बीमार पड़ गई और इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। मेरी बेटी ने अपने मामा, बलवंत (50 साल), से मदद मांगने गई जो एक अमीर कारोबारी है। बलवंत ने मौका पाकर नादान राधा की इज्जत लूट ली बेहोश करके । बेहोश करके रफ सेक्स करने की यह काल्पनिक अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी एक मासूम लड़की की पहली चुदाई के दर्द, मजबूरी, और बेबसी को बयान करती है।
मैं कमला, 45 साल की विधवा। मेरे पति की मौत को 5 साल हो चुके हैं। हम दोनों माँ-बेटी, राधा के साथ दिल्ली के एक छोटे से किराये के कमरे में रहते हैं। मैं सिलाई-कढ़ाई करके घर चलाती थी, और राधा 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। पिछले महीने मैं बुरी तरह बीमार पड़ गई। डॉक्टर ने कहा, “आपको टीबी है। इलाज के लिए कम से कम 2 लाख रुपये चाहिए।” मेरे पास तो 20 हजार भी नहीं थे। राधा रोज मेरे लिए दवा लाती, पर हालत बिगड़ती जा रही थी। एक रात राधा ने कहा, “माँ, मैं कल मामा जी के पास जाऊँगी। वो अमीर हैं, शायद हमारी मदद कर दें।” मैंने मना किया, “बेटी, वो अच्छे इंसान नहीं हैं।” पर मजबूरी में हाँ कर दी।
राधा ने अपनी सबसे अच्छी सलवार कमीज पहनी। 18 साल की हो चुकी थी, शरीर पूरा भरा हुआ। 34C के बूब्स, गोल गांड, और टाइट चूत। चेहरे पर मासूमियत, पर शरीर में जवानी का जोश। बलवंत मामा का बड़ा बंगला था। उसकी पत्नी और बच्चे उस दिन कहीं गए हुए थे। राधा ने घंटी बजाई। बलवंत ने दरवाजा खोला और राधा को देखकर उसकी आँखों में चमक आ गई।
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“अरे राधा बेटी! इतने दिन बाद दिखाई दीं। अंदर आओ,” बलवंत ने मीठी आवाज में अपनी भांजी से कहा। राधा ने अपने मामा जी को सारी बात बताई। बलवंत ने दिखावे के लिए चिंता जताई, “अच्छा, तुम्हारी माँ इतनी बीमार हैं? डरो मत, मैं तुम्हारी मदद करूँगा आखिर तुम्हारी माँ मेरी बहन है।” राधा ने राहत की सांस ली, “शुक्रिया मामा जी। आपकी मेहरबानी हम माँ बेटी कभी नहीं भूलेंगी।”
बलवंत ने अपनी भांजी के लिए जूस मँगवाया। राधा ने जब जूस पिया तो उसे चक्कर आने लगा और उसकी आखों में बेहोशी सी छाने लगी। बलवंत ने जूस में कुछ मिला दिया था। कुछ ही समय बाद बह बेहोश हो गयी और फिर बही हुआ जिस बात का डर था। बलवंत ने अपनी बेहोश भांजी को चोदने के लिए बिलकुल नंगा कर लिया और फिर उसका बेहोशी की हालत में रैप करा।
बेहोश बेटी को होश आया तब पता चला उसके मामा जी ने उसकी इज्जत लूट ली है
Uncle took away my honor made me unconscious and left cum in my pussy after raping me :- राधा को दो घंटे बाद होश आया तो वह नंगी अपने बलवंत मामा जी के बिस्तर पर पड़ी थी। उसकी सलवार कमीज फटी हुई एक तरफ पड़ी थी। उस कुंवारी लड़की की चूत में बहुत तेज दर्द था और बिस्तर पर खून के धब्बे थे। बलवंत नंगा खड़ा था, उसका 7 इंच का लंड अभी भी खड़ा था। वो बोला, “भांजी, तेरी वर्जिन चूत तो कमाल की थी तेरी सील पैक वर्जिन चूत की सील तोड़ने में आनंद आ गया! वर्जिन चूत का मजा ही कुछ और है, क्यों मैं सही बोल रहा हूँ ना भांजी ??? ” राधा रोने लगी, “मामा जी, आपने ये क्या किया? मैं तो आपको अपना मामा मानती थी और आपने ही मेरी इज्जत लूट ली बेहोश करके और मेरी चूत में ही अपना माल भी छोड़ा दिया, आपने मुझे कंही मुंह दिखने लायक नहीं छोड़ा!”
बलवंत जोर जोर से टहांके मरते हुए किसी शैतान की तारा से हँसा और बोला की , “भांजी, रिश्ते तो बस नाम के होते हैं। तू मेरी रंडी बनकर मेरी अन्तर्वासना शांत करती रह, मैं तेरी माँ का पूरा इलाज फ्री में करवा दूँगा।” राधा ने कहा, “मामा जी मैं आपकी पुलिस में शिकायत करूँगी की आपने मेरी इज्जत लूट ली बेहोश करके!” बलवंत ने धमकी दी, “तो तेरी माँ की लाश देख लेना फिर, बिना पैसों के उसका इलाज कैसे होगा जरा ये भी सोच ले…!” राधा समझ गई। उसने अपने मामा जी से 50 हजार रुपये लिए और घर लौटी। मुझे देखकर वह जोर-जोर से रोने लगी। मैंने पूछा, “क्या हुआ बेटी?” उसने कहा, “कुछ नहीं माँ, मामा जी ने आपके इलाज के लिए पैसे दे दिए।” पर उसकी आँखों में आँसू थे।
मजबूरी के चलते भांजी बनी अपने मामा की रंडी
इलाज के पैसे कम पड़े तो राधा को फिर से अपने हवसी मामा बलवंत के पास जाना पड़ा। इस बार बलवंत ने सीधे कहा, “साली, आज तुझे ड्राइंग रूम में ही चोदूँगा!” राधा ने मना किया, पर बलवंत ने जबरदस्ती की। बलवंत मामा ने अपनी भांजी राधा की सलवार उतारी। राधा की गुलाबी पैंटी देखकर बलवंत मामा का लंड खड़ा हो गया। उसने पैंटी फाड़ दी और राधा की चूत चाटने लगा। राधा चिल्लाई, “छोड़ो मामा जी! ये गलत है भगवन के लिए मुझ पर रहम करो!”
बलवंत बोला, “पैसा चाहिये तो चुप रह कुतिया और मुझे मेरी अन्तर्वासना शांत कर लेने दे! तेरी चूत का पानी तो देख, कितना निकल रहा है!” बलवंत मामा ने अपनी भांजी राधा को चोदने के लिए सोफे पर लिटाया और अपना लंड उसकी टाइट चूत में एक बार में ही पूरा अंदर तक घुसा दिया। राधा चीखी, “हाय! दर्द हो रहा है मामा जी!” बलवंत जोर-जोर से धक्के मारने लगा, “ले, रंडी! मेरा लंड संभाल! तेरी चूत तो पहले से ढीली हो गई है!” 20 मिनट तक चुदाई के बाद उसने राधा की चूत में माल छोड़ा। राधा को 40 हजार रुपये दिए।
मामा अपनी भांजी की हर हफ्ते नए तरीके से चुदाई करता
हर हफ्ते राधा को बलवंत के पास जाना पड़ता। कभी वो उसे किचन में चोदता, कभी बाथरूम में। एक बार तो उसने राधा को अपने ऑफिस ले जाकर वहाँ चोदा। एक दिन बलवंत ने चुदाई करने का नया तरीका आजमाया। उसने राधा को रस्सियों से बाँधा और बोला, “आज तुझे BDSM Sex का मजा देता हूँ बेटी तुझे बड़ा आनंद आयगा।” उसने राधा के बूब्स पर चाबुक मारा। राधा दर्द के मारे जोर से चिल्लाई, पर उसकी चूत गीली हो गई थी लंड का स्वागत करने के लिए।
बलवंत हँसा, “देखा साली, तुझे दर्द में मजा आता है!” उसने राधा की चूत में वाइब्रेटर डाला और उसका मुँह चोदा। राधा की चीखें निकल रही थीं, “हाय! मर गई!” बलवंत ने राधा की गांड में भी लंड डाला घोड़ी बनाकर । राधा चिल्लाई, “हाय! फट गई!” बलवंत बोला, “चुप रह रंडी! तेरी गांड तो स्वर्ग है!” उसने राधा के मुँह में माल छोड़ा और 60 हजार दिए।
6 महीने बाद मैं ठीक होने लगी। डॉक्टर ने कहा, “अब आपको इलाज करवाने के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी।” राधा ने सोचा कि अब उसे बलवंत मामा के पास नहीं जाना पड़ेगा अपने जिस्म का सौदा करने के लिए। पर बलवंत ने अपनी भांजी के मोबाइल फोन और कॉल किया, “साली, आज रात आना। नहीं तो तेरी माँ का रफ सेक्स कर दूँगा!” राधा मजबूरी में फिर से अपने मामा की हवस शांत करने के लिए गई। बलवंत ने कहा, “ये आखिरी बार है बेटी आज की चुदाई के बाद तू बिलकुल आजत है।” उसने राधा को प्यार से चोदा। चूत चाटी, बूब्स चूसे, और धीरे-धीरे लंड डाला। राधा को भी मजा आया। बलवंत बोला, “राधा, तू सच्ची रानी है।” उसने 1 लाख रुपये दिए और कहा, “अब तू आजाद है।”
मामा जी ने इज्जत लूट ली बेहोश करके चूत में माल छोड़ा रफ सेक्स करने के बाद अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का का निष्कर्ष
मैं अब ठीक हो चुकी हूँ। मेरी बेटी राधा ने मुझे सच नहीं बताया की उसने अपना जिस्म उसके मामा को बेचकर मेरे इलाज के लिए पैसों का जुगाड़ क्या था। पर मैं समझ गई थी मगर मैंने मेरी बेटी को इस बात की भनक नहीं लगने दी क्योंकि यदि उसे पता चल जाता की मुझे सब कुछ सच सच पता चल चूका है तो वो शर्मिंदा हो जाती मेरे सामने और मई ऐसा बिलकुल भी नहीं चाहती थी। मगर एक दिन मुजशे रहा नहीं गया और मैंने राधा से कहा, “बेटी, मैं सब जानती हूँ। तूने मेरे इलाज के लिए अपनी इज्जत दांव पर लगा दी और तेरे मामा ने तेरा रफ सेक्स करा पैसे देने के बदले।” राधा रो पड़ी। हम माँ बेटी दोनों ने मिलकर यह फैसला किया कि हम दिल्ली छोड़कर कहीं और चले जाएँगे। राधा ने एक सरकारी कॉलेज ज्वाइन किया है और अब वो अपनी आगे की पढाई पूरी कर रही है।
पर उस बेचारी के सेक्सी जिस्म पर बलवंत मामा के थप्पड़ों के निशान हैं। उस बेचारी की इज्जत उसके सगे मामा ने लुटी जिस वजह से उसकी मासूमियत चली गई है। आपको यह कहानी कैसी लगी? राधा की मजबूरी और बलिदान ने आपको कैसा महसूस कराया? क्या आपको लगता है कि उसने सही फैसला लिया? अपनी राय जरूर दें!


