फाड़ डालो मेरी चूत को बुरी तरह चोदकर ट्रेनिंग के दौरान मेरे प्रशिक्षक की पत्नी बोली अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मैं, अमर, दिल्ली में एक कंपनी में काम करता हूँ। एक महीने की ट्रेनिंग के लिए मुझे लखनऊ भेजा गया, लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी है। यह प्रशासनिक दृष्टि से लखनऊ जिले का हिस्सा है। लखनऊ, उत्तर प्रदेश में मैंने अपने प्रशिक्षक श्री रमेश तिवारी से दोस्ती की। एक रविवार को उन्होंने मुझे अपने घर लंच के लिए बुलाया। वहाँ उनकी खूबसूरत पत्नी, शालिनी, और उनके सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे से मुलाकात हुई। शालिनी भाभी की आँखें चमकदार थीं, और उनकी हर अदा में एक अजीब-सी कशिश थी। लंच के बाद, गलती से मैंने उनके साथ एक अंतरंग पल साझा किया, जिसने हमारी बातचीत को एक नया मोड़ दिया।
धीरे-धीरे हमारी बातें निजी और कामुक हो गईं। मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी ने खुलकर अपनी सेक्स लाइफ की कमी बताई और मुझे उनकी चूत चोदकर फाड़ने के लिए बुलाया। हम अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए लखनऊ के बाहरी इलाके में उनके दूसरे घर गए, जहाँ हमने एक भावुक और उत्तेजक दिन बिताया। इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी में कामुकता, शर्मिंदगी, और बेबसी के भाव हैं, जो पूरी तरह से मूल और हिंदी भाषा में लिखी गई है।
Free Read The trainer’s wife said tear my pussy apart after fucking me Antarvasna Hindi Sex Story :- मैं, अमर, दिल्ली का रहने वाला एक नौजवान यूवक हूँ। मेरी उम्र 32 साल है, और मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर हूँ। मल्टीनेशनल कंपनी ऐसी कंपनी है जिसका व्यवसाय अपने देश के अलावा कम से कम एक अन्य देश में संचालित होता है तथा जो अपनी सीमाओं से बाहर भी राजस्व अर्जित करती है। पिछले महीने मुझे ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा गया। वहाँ मेरे प्रशिक्षक, रमेश तिवारी, से मेरी अच्छी दोस्ती हो गई। रमेश, 45 साल के एक गंभीर और समझदार इंसान थे। एक रविवार को उन्होंने मुझे अपने घर लंच के लिए बुलाया। उनका घर लखनऊ के गोमती नगर में था, एक शांत और हरा-भरा इलाका। वहाँ मैं उनकी पत्नी, शालिनी, और उनके 12 साल के बेटे, आरव, से मिला। शालिनी, 38 साल की, एक ऐसी खूबसूरती थीं, जिसे देखकर भगवान की सृष्टि पर गर्व होता। उनकी बड़ी-बड़ी आँखें, गोरा रंग, और भरा हुआ बदन हर किसी को अपनी ओर खींचता था। उनके बेटे, आरव, स्कूल में पढ़ने वाला एक चंचल बच्चा था।
लंच के बाद, जब मैं हाथ धो रहा था, शालिनी तौलिया देने आईं। अनजाने में मैं उनसे टकरा गया, और मेरा हाथ उनके मुलायम, भरे हुए स्तनों से छू गया। मेरे मुँह से तुरंत “सॉरी” निकला, लेकिन उनकी मुस्कान ने मुझे चौंका दिया। “कोई बात नहीं,” उन्होंने हल्के से कहा, उनकी आँखों में एक चमक थी। इसके बाद, हमारी बातचीत शुरू हुई। उन्होंने मुझसे दिल्ली की ज़िंदगी, मेरे काम, और मेरी आदतों के बारे में पूछा। मैंने जानबूझकर अपना नंबर उनके घर पर छोड़ दिया और अपनी लॉज में वापस आ गया।
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दो दिन बाद, दोपहर में मेरा फोन बजा। दूसरी तरफ हमारे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी थीं। उनकी आवाज़ में एक अजीब-सी गर्मी थी। हमारी बातें धीरे-धीरे व्यक्तिगत हो गईं। एक दिन, उन्होंने खुलकर अपनी शादीशुदा ज़िंदगी की बात की। “हम ब्राह्मण हैं, अमर। शादी के कुछ साल बाद पति का ध्यान हट जाता है। रमेश अब मुझे वक्त नहीं देते। हमारी सेक्स लाइफ… बस, कुछ मिनटों की बात है।” उनकी आवाज़ में उदासी थी, लेकिन एक चाहत भी। मैंने मौके का फायदा उठाया और मजाक में कहा, “मैं मदद कर सकता हूँ।” उन्होंने हँसते हुए पूछा, “अच्छा, तुम्हारा लंड कितना बड़ा है?” मैंने बेशर्मी से जवाब दिया, “11 इंच, और इतना मोटा कि तुम्हारी चूत को पूरी तरह भर देगा।” उनकी हँसी फोन पर गूँज उठी। “ठीक है, शाम को कॉल करूँगी,” उन्होंने कहा।
उसी रात, उन्होंने मेरे मोबाइल फोन पर कॉल किया और कहा, “कल छुट्टी ले लो। मेरे साथ कहीं चलना है। सुबह 10 बजे मेरे घर के पास आ जाना।” मैं भाभी से मिलने के लिए बहुत उत्साहित था। अगले दिन, मैं गोमती नगर में उनके घर के पास इंतज़ार कर रहा था। 11 बजे मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी आईं, एक नीली साड़ी में, जिसमें उनका बदन और भी आकर्षक लग रहा था। उन्होंने एक टैक्सी बुलाई और ड्राइवर को कुछ कहा। मैंने सिर्फ़ “हजरतगंज” शब्द सुना। टैक्सी में बैठकर उन्होंने बताया कि उनका दूसरा घर हजरतगंज के पास है, जहाँ हम जा रहे हैं।
घर पहुँचते ही मेरे प्रशिक्षक की कामुकता से भरी पत्नी शालिनी ने दरवाज़ा बंद किया। हम कुछ देर बातें करते रहे। उन्होंने बताया कि शादी के शुरुआती सालों में रमेश बहुत रोमांटिक थे, लेकिन अब उनकी सेक्स लाइफ ठंडी पड़ चुकी है। “वो पाँच मिनट में खत्म हो जाते हैं, और मैं शुरू भी नहीं हो पाती,” उन्होंने शिकायत की। उनकी बातें सुनकर मेरे अंदर की आग भड़क उठी। मैं उनके पास बैठ गया और धीरे से उनका कंधा सहलाया। उन्होंने अपना सिर मेरे कंधे पर रख दिया। माहौल रोमांटिक हो गया। मैंने उनके गालों को छुआ, फिर धीरे से उनकी गर्दन पर हाथ फेरा। उन्होंने मेरी ओर देखा, और अगले ही पल, उनके होंठ मेरे होंठों से मिल गए।
हमने 10 मिनट तक एक-दूसरे के होंठ चूसे और खूब जमकर किसिंग करी। उनकी साँसें गर्म थीं। मैंने उनकी ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए। वह शरमाईं, लेकिन उनकी आँखें बंद थीं, जैसे वह हर पल का मज़ा ले रही थीं। मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी की ब्रा खुलते ही मैंने उनके भरे हुए, गोल स्तनों को देखा। उनके निप्पल एक इंच लंबे और सख्त थे। मैंने बिना रुके उनके स्तनों को चूसना शुरू किया। एक भूखे शेर की तरह, मैं उनके निप्पल को चूसता और दबाता रहा। उनके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं, “आआह्ह… और चूसो… हाँ… ऐसे ही…” उनकी आवाज़ में उत्तेजना थी। मैंने उनके साड़ी और पेटीकोट को खींचकर उतार दिया। वह इतनी मस्त थीं कि उन्हें पता ही नहीं चला।
अवैध सेक्स संबन्ध के दौरान उत्तेजना की चरम सीमा
मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी की काली पैंटी में उनकी चूत साफ़ दिख रही थी। बालों से भरी, गीली चूत मेरे सामने थी। मैंने उनके जांघों को चूमा, धीरे-धीरे उनकी चूत के आसपास की नरम त्वचा को चाटा। “हाँ… और चाटो… मेरी चूत को चूसो…” उन्होंने आदेश दिया। मैंने उनकी पैंटी के किनारे से जीभ अंदर डाली और उनकी चूत को चाटना शुरू किया। उनकी सिसकारियाँ तेज़ हो गईं, “आआह्ह… हाँ… और गहरा…” उन्होंने अपनी टाँगें और फैलाईं। मैंने उनकी पैंटी उतार दी, और वह पूरी तरह नंगी थीं। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए। अब हम दोनों एक-दूसरे के सामने नंगे थे, एक-दूसरे को ताड़ रहे थे।
मैंने मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी की चूत को फिर से चाटना शुरू किया। मेरी जीभ उनकी क्लिट को सहलाती, और वह चीख पड़ीं, “हाँ… मेरी चूत को चोदो अपनी जीभ से…” मैंने उनकी चूत के होंठ खोले और जीभ अंदर डाल दी। उनकी चूत गीली और गर्म थी। वह जोर-जोर से चीख रही थीं। फिर, अचानक, वह रुकीं और मेरे लंड को पकड़ लिया। “अब मेरी बारी,” उन्होंने कहा और मेरे 11 इंच के लंड को मुँह में ले लिया। हम 69 की पोज़ीशन में आ गए। वह मेरे लंड को चूस रही थीं, और मैं उनकी चूत को। उनकी गंदी बातें मुझे और उत्तेजित कर रही थीं, “हाँ… मुझे चोदो… मुझे और चूसो…”
हमने 20 मिनट तक एक-दूसरे को चूसा। फिर मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया। उनके स्तनों को पकड़कर मैंने उनके निप्पल्स को फिर से चूसा। वह हँसते हुए बोलीं, “मुझे घर में नंगा घूमना पसंद है।” मैंने उनके बालों को कंधे पर डाला और उनके होंठों को फिर से चूमा। वह मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगीं। “मुझे और चूसो,” उन्होंने कहा। मैंने फिर से उनके मुँह में अपना लंड डाला। वह एक पेशेवर की तरह चूस रही थीं। मेरे लंड का हर हिस्सा मेरे प्रशिक्षक की पत्नी के मुँह में था। मेरे प्रशिक्षक की पत्नी के मुंह की चुदाई करते करते मैंने महसूस किया कि मैं झड़ने वाला हूँ और मेरा वीर्य निकलने वाला है। मैंने मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी रोका और उनकी चूत को फिर से अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। उनकी चूत का रस अमृत की तरह था।
मैंने अपनी दो उंगलियाँ मेरे प्रशिक्षक की पत्नी की चूत में डाली और उन्हें चोदना शुरू किया। मेरे दूसरे हाथ से मैं उनके स्तनों को दबा रहा था। वह जोर-जोर से चीख रही थीं, “आआह्ह… और तेज़… मुझे एक रंडी समझकर बुरी तरह चोदो और फाड़ डालो मेरी चूत को मेरे राजा…” उनकी चूत गीली हो चुकी थी। वह एक बार झड़ गईं, और उनकी चूत से रस बहने लगा। लेकिन मैं नहीं रुका। मैंने उनके निप्पल्स को चूसा और उनकी चूत को उंगलियों से चोदता रहा। वह कामुकता से भरी शादी शुदा रंडी फिर से तैयार हो गईं मेरे 7 इंच लंबे और 4 इंच मोटे लंड से चुदवाने के लिए।
प्रशिक्षक की पत्नी को चुदाई का चरम सुख प्राप्त हुआ
मैंने मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी की दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखीं और धीरे से अपना लंड मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी की टाइट चूत में डाला। वह दर्द के मारे जोर से चीख पड़ीं, “आआह्ह… और तेज चुदाई करो आज फाड़ डालो मेरी चूत को…” उनकी आँखों में चाहत थी। चुदाई करने के दौरान मैंने जल्दी जल्दी धक्के मारने शुरू किए। वह मेरी कमर को पकड़कर मुझे और अंदर खींच रही थीं। “हाँ… और तेज़… मेरी चूत को चोदो और आज फाड़ डालो मेरी चूत को बुरी तरह चोदकर …” उन्होंने चीखकर कहा। मैंने अपनी रफ्तार बढ़ाई। मेरा लंड उनकी चूत में पूरी तरह अंदर-बाहर हो रहा था। उनकी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। मेरे गोटे उनकी गांड से टकरा रहे थे।
40 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के दौरान मेरे प्रशिक्षक की कामुकता से भरी पत्नी शालिनी करीब तीन बार झड़ चुकी थीं और उसकी चूत ने करीब आधा लीटर पानी निकाल दिया था। उनकी मादक चीखें इतनी तेज़ थीं कि पड़ोस में भी सुनाई दी होंगी। मैं भी झड़ने वाला था। उन्होंने मेरा लंड अपनी चूत से निकाला और उसे मुँह में ले लिया। मैंने उनके चेहरे, गले, और बालों पर झड़ दिया। “मुझे तुम्हारे लंड का गरमा गर्म रस अपने चेहरे और मुंह में चाहिए था,” उन्होंने हँसते हुए कहा। सेक्स करने के बाद हम दोनों थककर एक-दूसरे की बाहों में लेट गए।
करीब 30 मिनट बाद, हम फिर से तैयार थे चुदाई करने के लिए। उस दिन हमने चार बार और चुदाई की। हर बार उनकी कामुक चीखें, उनकी उत्तेजना, और उनकी चाहत मुझे और जोश दे रही थी। वह बार-बार कह रही थीं, “मेरे पति ने मुझे चोदकर कभी इतना मज़ा नहीं दिया जितना तुमने दिया।” फिर उन्होंने मुझे कहा की तुम्हारा जब कभी चुदाई करने के मन हो तो बता देना मैं तुम्हरे लंड से अपनी गांड और चूत चुदवाने के लिए हर वक्त तैयार हूँ…
फाड़ डालो मेरी चूत को बुरी तरह चोदकर ट्रेनिंग के दौरान मेरे प्रशिक्षक की पत्नी बोली अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
यह मेरे जीवन का सबसे उत्तेजक दिन था। मेरे प्रशिक्षक की पत्नी शालिनी ने मुझे बार-बार कहा कि मैंने उन्हें चोदकर वह सुख दिया, जो उन्हें कभी उनके पति से नहीं मिला पाया था। हमने एक-दूसरे को वादा किया कि जब भी मौका मिलेगा, हम फिर मिलेंगे। मैंने उनकी आँखों में संतुष्टि और प्यार देखा। मुझे उनके साथ बिताए पल हमेशा याद रहेंगे। कृपया अपनी राय दें कि आपको इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का कथानक, किरदार, और लहजा कैसा लगा। आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए महत्वपूर्ण है।


