HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesसरसों के खेत में चूत का भोसड़ा बनाया सरपंच व उसके बेटे ने

सरसों के खेत में चूत का भोसड़ा बनाया सरपंच व उसके बेटे ने

सरसों के खेत में चूत का भोसड़ा बनाया सरपंच व उसके बेटे ने मिलकर अन्तर्वासना हिंदी आउटडोर थ्रीसम सेक्स स्टोरी का सारांश :- मेरा नाम काजल है, और मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव, मिर्जापुर के पास बस्ती में रहती हूँ। हमारे खेतों में सरसों की फसल लहलहाती है, और गाँव में खेतों में अवैध सेक्स का खेल आम है। मैं 20 साल की हूँ, मेरे 36 साइज़ के बूब्स और भारी नितंब गाँव के मर्दों की नजरों का केंद्र हैं। मेरी चूत गुलाबी और चिकनी है, जो हमेशा लंड की तलाश में रहती है।

यह आउटडोर हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी वेलेंटाइन डे वाले दिन की है जब मैंने सरसों के खेत में हमरे ही गाँव के एक प्रेमी जोड़े को बिलकुल नंगे होकर चुदाई करते देखा, जिसने मेरी वासना को भड़का दिया। मेरे पास कोई बॉयफ्रेंड नहीं था तो मैं वेलेंटाइन डे किसके लंड के साथ बनाती, लेकिन मेरी नजर सरपंच के शादीशुदा बेटे, विक्रम, पर पड़ी। मैंने खेत में नंगी होकर उसे ललचाया, और फिर उसने मुझे जमकर चोदा। उसने कहा कि मेरी चुदाई का मज़ा उसकी बीवी से भी ज्यादा था। अगले दिन वो अपने बाप, सरपंच रामलाल, के साथ आया, और दोनों ने मिलकर मेरे साथ थ्रीसम किया। यह कहानी गंदी गालियों, नंगी वासना, और उत्तेजक चुदाई से भरी है, जिसमें हंसी, शर्म, और बेकाबू जुनून का मिश्रण है।


मैं काजल, मिर्जापुर के पास एक छोटे से गाँव में रहती हूँ। हमारा गाँव सरसों के खेतों से घिरा है, जहाँ हवा में सरसों की खुशबू और चुदाई की गर्मी दोनों तैरती रहती हैं। मेरे बूब्स 36 साइज़ के हैं, और मेरी गांड इतनी गोल और भारी है कि गाँव के मर्द मुझे देखकर लंड सहलाने लगते हैं। मेरी चूत गुलाबी और बिना बालों वाली है, जो हमेशा लंड की तलाश में गीली रहती है। मैं 20 साल की हूँ, और मेरी जवानी गाँव के हर मर्द के सपनों में बसती है।

हमारे गाँव में खेतों में चुदाई का खेल आम है। लोग दिन-रात सरसों के खेतों में अपनी वासना शांत करते हैं सेक्स करके। कल वेलेंटाइन डे की बात है, मैं खेत में पानी देने गई थी। सरसों की फसल इतनी घनी थी कि उसमें छुपकर कुछ भी किया जा सकता था। तभी मेरी नजर एक प्रेमी जोड़े पर पड़ी। वो दोनों पूरी तरह नंगे होकर वेलेंटाइन डे बना रहे थे। लड़की की चूत में लड़के का मोटा जल्दी जल्दी लंड अंदर-बाहर हो रहा था, और वो नंगी लड़की चुदाई करवाते करवाते “आह… चोद… मेरी चूत फाड़ दे…” चिल्ला रही थी। मैं छुपकर उन्हें सेक्स करके अपनी अन्तर्वासना शांत करते हुए देखने लगी। मेरी चूत गीली हो गई, और मेरे मन में चुदवाने की आग भड़क उठी।

मुफ्त में पढ़ें सरसों के खेत में चूत का भोसड़ा बनाया सरपंच व उसके बेटे ने मिलकर अन्तर्वासना हिंदी आउटडोर थ्रीसम सेक्स स्टोरी

सरसों के खेत में चूत का भोसड़ा बनाया सरपंच व उसके बेटे ने मिलकर हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी Free read Sarpanch and his son together made a pussy into a hole in the mustard field Hindi threesome sex story
Free read Sarpanch and his son together made a pussy into a hole in the mustard field Hindi threesome sex story

लेकिन मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था जिसके लंड से चुदवाकर मैं भी वेलेंटाइन डे बनाती। मैंने सोचा, आज खेत में किसी मर्द को फंसाकर अपनी चूत की आग बुझाऊँ। तभी मेरी नजर सरपंच के बेटे, विक्रम, पर पड़ी। विक्रम 28 साल का था, शादीशुदा, लेकिन उसका गठीला बदन और शरारती मुस्कान किसी को भी पागल कर सकती थी। मैंने सुना था कि वो गाँव की औरतों को पैसे देकर चोदता है। मैंने ठान लिया कि आज मैं उसे अपनी चूत का मज़ा मुफ्त में दूँगी।

वेलेंटाइन डे वाले दिन चुदने के लिए सरसों के खेत में नंगी होकर ललचाया सरपंच के बेटे को

मैंने अपनी लाल रंग की सलवार और कुरता उतार दिया। मेरी काली ब्रा और पैंटी भी खेत में एक तरफ फेंक दी। अब मैं पूरी तरह नंगी थी। मेरे बड़े बड़े नंगे बूब्स हवा में आजाद झूल रहे थे, और मेरी चूत सरसों के खेत की ठंडी हवा में गीली हो रही थी। मैं जानबूझकर विक्रम के सामने खेत में खड़ी हो गई। वो दूर से मुझे देख रहा था। मैंने अपने बूब्स को दबाया और अपनी चूत पर उंगली फेरी। विक्रम की आँखें फट गईं। वो दौड़ता हुआ मेरे पास आया और बोला, “काजल, ये क्या कर रही है, रंडी?” मैंने हंसते हुए कहा, “विक्रम भैया, मेरी चूत में आग लगी है। इसे बुझाओ ना!”

विक्रम ने मेरी कमर पकड़ ली और मुझे सरसों के पौधों के बीच खींच लिया। उसने मेरे बूब्स को जोर से दबाया और कहा, “साली, तेरे ये बूब्स तो रसभरी जैसे हैं!” मैंने हंसकर कहा, “तो चूसो ना, भैया! मेरी चूत भी इंतज़ार कर रही है!” विक्रम ने मेरी ब्रा फाड़ दी और मेरे निप्पल को मुंह में लिया। उसकी जीभ मेरे निप्पल पर गोल-गोल घूम रही थी। मैं सिसकारियां ले रही थी, “आह… विक्रम… और चूसो… मेरे बूब्स खा जाओ…!”

उसके बाद विक्रम ने मेरी टांगें खोलीं और मेरी चूत को देखा और बोला, तुम्हारी चूत तो बिलकुल सील पैक लग रही है ऐसा लगता है आप पहली बार चुदने वाली हो। मैंने बोला की हाँ आज पहली बार चुदवाने वाली हूँ। यह बात जानकर वहा बहुत ही ज्याद खुश हुआ और बोला की मतलब आज तुम्हारी इस सील पैक वर्जिन चूत का भोसड़ा बनेगा। मेरी चूत गीली और गुलाबी थी और लंड लेने के लिए काफी बैचेन हो रही थी।

उसने अपनी उंगली मेरी सील पैक वर्जिन चूत में डाली। मैं चिल्ला उठी, “आह… भोसड़ी के… धीरे…!” लेकिन विक्रम ने मेरी चूत में उंगली और तेजी से अंदर-बाहर की। मैं पागल हो रही थी चुदवाने के लिए। मेरी चूत से पानी टपक रहा था। विक्रम ने मेरी टांगें उठाईं और मेरी चूत को चाटना शुरू किया। उसकी जीभ मेरी चूत के दाने पर रगड़ रही थी। मैं चिल्ला रही थी, “विक्रम… चाटो… मेरी चूत का रस पी जाओ…!”

आउटडोर सेक्स के दौरान पहली चुदाई का दर्द और आनंद

विक्रम ने अपनी पैंट उतारी। उसका लंड बाहर आया—मोटा, 9 इंच लंबा, और नसों से भरा। मैंने डरते हुए कहा, “विक्रम, ये तो मेरी चूत फाड़ देगा!” वो हंस पड़ा और बोला, “साली, आज तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊँगा!” उसने मेरा सिर पकड़ा और अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया। मैं घबरा गई। उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था। मैं “उम्म… उम्म…” की आवाजें निकाल रही थी। विक्रम ने मेरे बाल पकड़े और मेरा मुंह चोदने लगा। मुझे उल्टी जैसा लग रहा था, लेकिन मेरी चूत और गीली हो रही थी।

मैंने कहा, “विक्रम, अब मेरी चूत चोदो और मुझे इस वेलेंटाइन डे पर तुम्हारा लंड गिफ्ट करो…!” उसने मुझे खेत में लिटाया और मेरी टांगें फैलाईं। उसने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ा। मैं तड़प रही थी। उसने धीरे से लंड मेरी चूत में डाला। मैं चीख पड़ी, “आह… मादrचोd… दर्द हो रहा है…!” मेरी चूत में जलन हो रही थी। विक्रम ने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। अचानक मुझे लगा कि मेरी चूत में कुछ टूटा। मैंने देखा तो खून निकल रहा था। मेरी सील टूट चुकी थी।

मेरी आँखों में आंसू थे। विक्रम ने मुझे गले लगाया और कहा, “काजल, पहली बार ऐसा होता है। मज़ा आएगा अब।” उसने फिर से चोदना शुरू किया। अब दर्द कम हो रहा था, और मज़ा बढ़ रहा था। मैं अपनी गांड उठा-उठाकर उसके धक्कों का जवाब दे रही थी। विक्रम मेरे बूब्स को मसल रहा था और मेरे होंठ चूस रहा था। मैं चिल्ला रही थी, “विक्रम… चोदो… मेरी चूत फाड़ दो…!”

सरसों के खेत में सेक्स करके चरमसुख और घोड़ी बनकर गांड की चुदाई

चुदाई के दौरान अब विक्रम के धक्के अब तेज हो गए थे। उसका मोटा लंड मेरी चूत को चीर रहा था। हर धक्के के साथ मेरी चूत से “पच-पच” की आवाज आ रही थी। मैं चिल्ला रही थी, “विक्रम… मेरी चूत का भोसड़ा बना दो…!” वो हंस रहा था और बोला, “साली, तू तो मेरी बीवी से भी बड़ी रंडी है!” उसकी गालियां मेरी उत्तेजना को और बढ़ा रही थीं।

अचानक विक्रम ने एक जोरदार धक्का मारा, और उसका सारा माल मेरी चूत में गिर गया। सरपंच के बेटे का गरमा गर्म वीर्य मेरी चूत में भर गया। मैंने उसके लंड को चूत से निकाला और उस पर लगा वीर्य चाट लिया। उसका स्वाद नमकीन और उत्तेजक था। मैं अभी पूरी तरह झड़ी नहीं थी। विक्रम ने कहा, “काजल, तुझे चोदने का मज़ा मेरी बीवी से भी ज्यादा है। मैंने सैकड़ों रंडियों को चोदा, लेकिन तेरी चूत की बात ही अलग है!”

सरपंच के बेटे विक्रम ने मुझे हैप्पी वेलेंटाइन डे! बोला और चुदाई के बदले कुछ पैसे देने की कोशिश की। मैंने गुस्से में कहा, “विक्रम, मैं कोई रंडी नहीं हूँ जो पैसों के लिए अपने जिस्म का सौदा करती है। मैंने अपनी चूत की आग बुझाने के लिए तुझे चोदने दिया!” वो हंस पड़ा और बोला, “ठीक है, साली, अब घड़ी बनाकर तेरी गांड भी मारूँगा!” सरपंच के बेटे ने मेरी गांड चुदाई करने के लिए मुझे घोड़ी बनाया। मेरी सेक्सी गांड ऊपर थी वेलेंटाइन डे के गिफ्ट के रूप में लंड लेने के लिए। उसने मेरी गांड पर थूक लगाया और अपनी उंगली डाली। मैं चिल्ला उठी, “आह… मादrचोd… दर्द हो रहा है…!” लेकिन विक्रम ने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया। मैं दर्द से कराह रही थी, लेकिन मज़ा भी आ रहा था। वो जोर-जोर से मेरी गांड मार रहा था। मैं चिल्ला रही थी, “विक्रम… मेरी गांड फाड़ दो…!”

वेलेंटाइन डे के अगले दिन सरसों के खेत में थ्रीसम सेक्स करा 60 साल के सरपंच व उसके बेटे ने मिलकर

अगले दिन विक्रम फिर आया, लेकिन इस बार वो अपने बाप, सरपंच रामलाल, को साथ लाया। गाँव के सरपंच रामलाल 60 साल के थे, लेकिन उनका बदन अभी भी गठीला था। उसकी आँखों में वासना चमक रही थी। मैंने कहा, “ये क्या, विक्रम? अपने बाप को क्यों लाए?” वो हंस पड़ा और बोला, “काजल, डार्लिंग आज हम बाप-बेटे मिलकर तेरे साथ थ्रीसम सेक्स करेंगे और तेरी चूत का भोसड़ा बनाएंगे!”

रामलाल ने मेरे बूब्स पकड़े और कहा, “काजल, तू तो गाँव की सबसे बड़ी रंडी है!” मैंने हंसकर कहा, “चाचा, पहले मुझे चोदो, फिर बोलो!” दोनों ने मुझे चोदने के लिए खेत में लिटाया। विक्रम मेरी चूत चाट रहा था, और सरपंच रामलाल मेरे मुंह में अपना लंड डाल रहा था। मैं “उम्म… उम्म…” की आवाजें निकाल रही थी। गाँव के सरपंच रामलाल का लंड उसके बेटे विक्रम के लंड से थोडा छोटा था, लेकिन उसके बेटे के लंड से ज्यादा मोटा था।

उसके बाद बाप बेटे दोनों ने मिलकर मुझे कामसूत्र की डॉगी सेक्स पोजीशन में एक साथ चोदा। पहले सरपंच के बेटे ने घोड़ी बनाकर मेरी कुंवारी चूत को चोदा और सरपंच ने मेरा मुंह चोदा। फिर उन्होंने मुझे उल्टा लिटाया। रामलाल मेरी चूत में लंड डाल रहा था, और विक्रम मेरी गांड मार रहा था। आउटडोर थ्रीसम सेक्स करने के दौरान मैं दर्द और मज़े में चिल्ला रही थी, “आह… मादrचोd… मेरी चूत और गांड फाड़ दो…!” मेरी चूत और गांड दोनों में उन बाप बेटे के लम्बे मोटे लंड जल्दी जल्दी अंदर-बाहर हो रहे थे। थ्रीसम सेक्स के दौरान मैं दो बार झड़ चुकी थे चुदते चुदते, मेरी चूत से काफी पानी टपक रहा था मगर वो बाप बेटे तो रुकने का ही नाम नहीं ले रहे थे।

अंत में दोनों ने मेरे बूब्स पर अपना वीर्य छोड़ा। मैं थककर खेत में लेट गई। मेरी चूत और गांड सूज गई थीं। मैंने हंसते हुए कहा, “विक्रम, चाचा, तुम दोनों ने तो मेरी चूत और गांड का भोसड़ा बना दिया!” वो दोनों हंस पड़े।


सरसों के खेत में चूत का भोसड़ा बनाया सरपंच व उसके बेटे ने मिलकर अन्तर्वासना हिंदी आउटडोर थ्रीसम सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष (Conclusion)

उस दिन के बाद विक्रम और रामलाल कई बार मेरे खेत में मेरे साथ थ्रीसम सेक्स करने आए। हर बार चुदाई का नया खेल हुआ और हम तीनो को ही बड़ा आनंद आया। लेकिन उस पहली रात और थ्रीसम चुदाई की उत्तेजना आज भी मेरे मन में बसी है। मेरी चूत अब लंड की आदी हो चुकी है। आपको मेरी यह कामुकता भरी अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम चुदाई कहानी कैसी लगी? क्या काजल, विक्रम, और रामलाल की चुदाई ने आपको गर्म किया? क्या कहानी में हंसी और वासना का मिश्रण पसंद आया? कृपया अपनी राय और सुझाव कमेंट में बताएं। अगर आप चाहें, तो मैं अपनी अगली चुदाई की कहानी भी लिख सकती हूँ!

RELATED ARTICLES

You Must Watch