अपनी 18 साल की वर्जिन बेटी को गर्भवती करने के लिए बिना कॉन्डोम के सेक्स करा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मैं सूरज प्रताप सिंह, राजस्थान के बीकानेर जिले के गाँव खारीपुर का जमींदार हूँ, मेरे पास सैकड़ों बीघा खेत हैं जहाँ गेहूँ, ज्वार और सरसों की फसलें लहराती हैं, और उनमें काम करने वाली गरीब मजदूर औरतें मेरी वासना की शिकार बनती हैं। मैं रसूखदार हूँ, गाँव का सरपंच भी मेरे सामने सिर झुकाता है, इसलिए कोई औरत मेरी अश्लील हरकतों का बिलकुल भी विरोध नहीं कर सकती। मैं उन्हें पैसे देकर या उनके पतियों को शराब पिलाकर उनकी इज्जत लूटता हूँ और अपनी अन्तर्वासना शांत करता हूँ।
एक दिन मैं खेत की कोठरी में एक गरीब मजदूरनी राधा को नंगी करके उसकी चूत और गांड को अपने फौलादी लंड से चोद चोदकर फाड़ रहा था, तभी मेरी 18 साल की वर्जिन बेटी रानी ने मुझे गरीब विधवा मजदूरनी की चुदाई करते देख लिया। उसने मेरे मोटे लंड को देखकर अपनी चूत में खुजली महसूस की और मेरे साथ चुदाई की जिद ठान ली। मजबूरन मैंने अपनी बेटी को कॉन्डोम लगाकर चोदा, उसकी सील तोड़ी, और उसे लड़की से औरत बनाया। चुदाई के बाद रानी इतनी खुश हुई कि अब जब भी मौका मिलता है, हम बाप-बेटी कोठरी में चुदाई करते हैं। यह कहानी पिता-पुत्री की निषिद्ध वासना, गंदी गालियों, फटी चूत-गांड, गर्भावस्था के डर और गाँव में फैले स्कैंडल से भरी है।
मैं सूरज प्रताप सिंह, खारीपुर गाँव का रसूखदार जमींदार, अपने खेतों की कोठरी में बैठा था, जहाँ धूप की किरणें खिड़की से झाँकती थीं और हवा में गेहूँ की खुशबू घुली रहती थी। मेरे सामने राधा नाम की गरीब मजदूरनी नंगी खड़ी थी, उसके 34 साइज़ के भारी स्तन लटक रहे थे, और उसकी काली चूत से महावरी का खून टपक रहा था। मैंने मेरे साथ सेक्स करने के लिए उस बेचारी को 500 रुपये का नोट थमाया था, और उसका पति शराब के नशे में घर सो रहा था।
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मैंने उस गरीब मजदूरनी की साड़ी खींचकर फेंकी, उसकी ब्रा फाड़ी, और उसके निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा। उसकी सिसकारियाँ कोठरी में गूँज रही थीं और कोठरी के अंदर बिलकुल ऐसा नजारा था जैसे मानो मैं उसका रफ सेक्स कर रहा हूँ, “मालिक… आह… धीरे…” लेकिन मैंने उस गरीब मजदूरनी की चूत में दो उँगलियाँ घुसेड़ दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा। उसकी चूत से चिपचिपा रस बह रहा था, और मैंने अपना 11 इंच का मोटा लंड पेंट से बाहर निकाला, जो घोड़े के लंड जैसा खड़ा था। मैंने उस गरीब मजदूरनी को दीवार से सटा दिया और उसकी गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा, “रंडी, आज तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दूँगा।” वो गरीब मजदूरनी बोली की मालिक पहले कॉन्डोम तो लगा लो अपने लंड पर नहीं तो मैं गर्भवती हो जाउंगी. मैंने उस गरीब मजदूरनी को बोला की मैं तो बिना कॉन्डोम के ही तेरी चुदाई करूँगा ऐसा क्र तू 500 रूपये और ले लेना और चुदाई ख़त्म होने के बाद मेडिकल की दूकान से गर्भनिरोधक दवा खरीद क्र खा लेना उससे तू गर्भवती नहीं होएगी साली रंडी…
राधा की आँखें डर और वासना से चमक रही थीं, उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और सहलाने लगी, उसकी हथेली गर्म थी और मेरी नसें फूल रही थीं। मैंने उसे घोड़ी बनाया, उसकी गांड ऊपर उठी, और मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा। उसकी चूत इतनी गीली थी कि लंड फिसल रहा था। मैंने एक झटके में आधा लंड अंदर ठूँस दिया, वो चीख पड़ी, “मालिक… आह… फट गई मेरी चूत…” लेकिन मैंने उसके बाल पकड़े और पूरा लंड अंदर घुसेड़ दिया। हर धक्के के साथ उसकी चूत से खून और रस मिलकर बह रहा था, और कोठरी में पच-पच की आवाजें गूँज रही थीं। मैंने उसकी गांड में उँगली डाली और उसे भी चोदने की तैयारी की। वो रो रही थी, “नहीं मालिक… गांड नहीं…” लेकिन मैंने थूक लगाकर अपना लंड उसकी गांड में घुसेड़ दिया, उसकी गांड फट गई और खून बहने लगा। मैंने उसे बहनचोद कहकर गालियाँ दीं और तेजी से चोदा।
अचानक कोठरी का दरवाजा खुला और मेरी बेटी रानी अंदर आ गई, उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं। वो १८ साल की थी, गोरी, ३२ साइज़ के उभरे स्तन, और उसकी सलवार में उसकी चूत की उभार साफ दिख रही थी। वो मुझे और गरीब विधवा मजदूरनी राधा को नंगे होकर सेक्स करते देखकर स्तब्ध थी, लेकिन उसकी आँखें मेरे मोटे लंड पर टिक गईं। मैंने जल्दी से लंड बाहर निकाला, लेकिन रानी ने दरवाजा बंद कर लिया और बोली, “पापा… ये क्या कर रहे हो?” मैंने शर्म से सिर झुका लिया, लेकिन रानी की साँसें तेज थीं, उसकी नजर मेरे लंड पर थी जो अभी भी खड़ा था। राधा ने जल्दी से कपड़े पहने और भाग गई, लेकिन रानी मेरे पास आई और बोली, “पापा… मुझे भी वैसा ही मज़ा चाहिए…” मैंने मना किया, लेकिन वो जिद करने लगी, “पापा… अगर नहीं करोगे तो मैं मम्मी को बता दूँगी।” मेरी मजबूरी थी, मैंने उसे गले लगाया और उसकी कमर सहलाने लगा।
रानी की आँखें वासना से लाल थीं, उसने अपनी कुर्ती उतार दी और उसकी गुलाबी ब्रा में उसके निप्पल खड़े थे। मैंने उसकी ब्रा खोली और उसके गोरे स्तन मुँह में लिए, उसकी त्वचा दूध जैसी मुलायम थी। वो सिसकारियाँ ले रही थी, “पापा… आह… चूसो…” मैंने उसकी सलवार खोली, उसकी पैंटी गीली थी, और उसकी चूत पर हल्के बाल थे। मैंने उसकी चूत को सूँघा, उसकी खुशबू ने मुझे पागल कर दिया। मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और उसकी चूत चाटने लगा, उसकी चूत का रस मीठा था। वो चिल्ला रही थी, “पापा… और चाटो… मेरी चूत में आग लगी है…” मैंने अपनी उँगलियाँ उसकी चूत में डालीं, वो वर्जिन थी, उसकी चूत टाइट थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे दिखाया, वो डर गई, “पापा… ये तो बहुत बड़ा है…” लेकिन उसकी आँखों में उत्साह था।
कुंवारी बेटी की वर्जिन चूत में लंड घुसाकर सील तोड़ने की तैयारी और पहला धक्का
मैंने अपनी जेब से कॉन्डोम निकाला और लंड पर चढ़ाया, ताकि रानी गर्भवती न हो जाए। वो कॉन्डोम देखकर हँस पड़ी, “पापा… सावधानी बरत रहे हो?” मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया, उसकी टाँगें कंधों पर रखीं, और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा। उसकी चूत से पानी बह रहा था, और वो तड़प रही थी, “पापा… जल्दी डालो…” मैंने धीरे से लंड का सुपारा अंदर किया, वो चीख पड़ी, “आह… पापा… दर्द हो रहा है…” उसकी चूत से खून बहने लगा, उसकी सील टूट गई। मैंने उसे सहलाया, “बेटी… धीरे-धीरे मज़ा आएगा…” और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। उसकी चूत टाइट थी, मेरा लंबा मोटा लंड मुश्किल से अंदर जा रहा था, लेकिन हर धक्के के साथ वो सिसकारियाँ ले रही थी, “पापा… आह… अब मज़ा आ रहा है…” मैंने उसके स्तन मसलते हुए तेजी से चोदना शुरू किया, कोठरी में पच-पच की आवाजें गूँज रही थीं।
चुदाई के दौरान रानी की आँखें बंद थीं, वो अपने होंठ चबा रही थी, और उसकी गांड उठ-उठकर मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी। मैंने मेरी बेटी से कहा की “रानी… तू तो रंडी बन गई…” वो हँस पड़ी, “पापा… आज अपनी इस कुंवारी बेटी को चोदकर रंडी बनाने का सारा श्रय आपको ही जाता है…” मैंने मेरी नंगी बेटी के निप्पल काटे और उसकी टाइट चूत में पूरा लंड घुसेड़ दिया। सेक्स करने के दौरान वो जोर जोर से चिल्ला रही थी, “पापा… मेरी वर्जिन चूत फट गई आपके गधे के लंड के जैसे लंबे और मोटे लंड से… आह… उई माँ… आह… आह…” चुदाई करने के दौरान मेरी बेटी की टाइट चूत से लाल लाल खून बहने के साथ साथ कामरस भी बह रहा था। मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से चोदने लगा, उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए, “रानी… तेरी गांड भी मारूँगा…” वो डर गई, लेकिन मैंने उसकी गांड में उँगली डाली और उसे तैयार किया। मैंने कॉन्डोम वाला लंड उसकी गांड में घुसेड़ दिया, वो रो पड़ी, “पापा… गांड फट गई…” लेकिन मैंने उसे चोदा, उसकी गांड से खून बहने लगा। वो दर्द और मज़े में चिल्ला रही थी।
अचानक कोठरी का दरवाजा खुला और राधा वापस आ गई, उसने हमें देखा और मुस्कुरा दी, “मालिक… बेटी को भी चोद रहे हो?” मैंने उसे अंदर बुलाया और कहा, “राधा… आज थ्रीसम करेंगे…” रानी शर्मा गई, लेकिन राधा ने उसकी चूत चाटनी शुरू की, और मैंने राधा की टाइट गांड में मेरा गधे के लंड के जैसा लंड डाला। मेरी बेटी रानी ललचाई नजरों से हम दोनों को सेक्स करते हुए देखती रही, फिर वो भी शामिल हो गई। हम तीनों नंगे होकर लिपट गए, मैंने रानी की चूत और राधा की गांड एक साथ चोदी। रानी चिल्ला रही थी, “पापा… राधा चाची… आह…” राधा मेरे लंड को चूस रही थी, और मैंने दोनों की चूत में उँगलियाँ डालीं। कोठरी में गंदी गालियों की बौछार थी, “बहनचोद… रंडी… छिनाल…” हम तीनों पसीने से लथपथ थे, और हवा में सेक्स की खुशबू थी।
रानी अब पूरी तरह मेरी रंडी बन चुकी थी, वो किसी प्रोफेसिनल रंडी की तरह मेरे लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी, और गरीब विधवा मजदूरनी राधा उसके स्तन मसल रही थी। मैंने रानी को ऊपर बिठाया और उसकी चूत में लंड डाला, वो उछल-उछलकर चुदवाने लगी। उसकी चूत से खून और रस मिलकर बह रहा था, और वो चरम पर पहुँच गई, “पापा… मैं झड़ रही हूँ…” उसकी चूत ने मेरा लंड निचोड़ लिया, और मैंने कॉन्डोम में अपना वीर्य छोड़ दिया। राधा ने कॉन्डोम उतारा और वीर्य चाट लिया। रानी थककर लेट गई, उसकी चूत और गांड सूज गई थीं, लेकिन उसकी आँखों में संतुष्टि थी। मैंने उसे गले लगाया और कहा, “बेटी… अब तू औरत बन गई…” वो मुस्कुराई, “पापा… मुझे रोज चोदना…” लेकिन मुझे डर था कि गाँव में बात फैल जाएगी।
गाँव में सेक्स स्कैंडल की अफवाह फैल गई थी और बदनामी का डर बढ़ता जा रहा
अगले दिन गाँव में अफवाह फैल गई, किसी ने हमें कोठरी में अवैध शारीरिक संबंध बनाते देख लिया था। सरपंच मेरे पास आया और बोला, “सूरज भाई… अपनी ही बेटी को रंडी बनाकर चोद रहे हो?” मैंने पैसे देकर सरपंच को चुप कराया, लेकिन रानी की माँ अर्थात मेरी पत्नी को हम बाप बेटी पर शक हो गया। रानी की चूत अभी भी दर्द कर रही थी, लेकिन वो मुझसे चुदाई माँग रही थी। मैंने उसे फिर कोठरी में बुलाया, अलने लंड को खड़ा करके उस पर कॉन्डोम लगाया, और उसकी चूत चोदी करीब दो घंटे तक। इस बार मैंने उसे कामसूत्र की एक बिलकुल नयी सेक्स पोजीशन में चोदा, उसकी टाँगें आगे की, और लंड गहराई तक गया। वो चिल्ला रही थी, “पापा… मेरी चूत फाड़ दो…” लेकिन अचानक उसे उल्टी हुई, और उसे लगा कि वो गर्भवती है। मैं डर गया, लेकिन कॉन्डोम था, फिर भी डर बना रहा। गाँव में लोग मुझे बहनचोद कहने लगे, और मेरी इज्जत दाँव पर थी।
मेरी कुंवारी बेटी रानी ने मुझे बताया कि उसकी सहेली ने उसे मेरे साथ सेक्स करते देख लिया था, और अब स्कैंडल फैल गया है की हम बाप बेटी के अवैध शारीरिक संबंध हैं। मैंने रानी को घर में बंद कर दिया, लेकिन वो रात को खेत में आती और मुझे चोदने के लिए कहती। एक रात मैंने उसे सरसों के खेत में चोदा, उसकी चूत में लंड डाला, और वो चाँदनी रात में चिल्ला रही थी। लेकिन गाँव के लोग जाग गए, और हमें देख लिया। अगले दिन पंचायत हुई, मुझे गाँव से निकालने की बात हुई। रानी रो रही थी, “पापा… मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती…” मैंने फैसला किया कि हम शहर चले जाएँगे, लेकिन रानी की माँ ने हमें रोक लिया। उसने कहा, “तुम दोनों ने घर की इज्जत मिट्टी में मिला दी।” रानी की चूत से खून अभी भी बह रहा था, और उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा।
डॉक्टर ने बताया कि मेरी कुंवारी बेटी रानी की चूत फट गई है, और उसे आराम चाहिए, लेकिन गर्भवती नहीं है। मैं राहत महसूस कर रहा था, लेकिन गाँव में महामारी जैसा माहौल था, लोग मुझे बहनचोद कहकर थूक रहे थे। रानी ने मुझे कहा, “पापा… मैं तुम्हारी रंडी हूँ, मुझे कहीं ले चलो।” मैंने अपना सामान बाँधा और रानी को लेकर शहर भाग गया। वहाँ हमने नया जीवन शुरू किया, लेकिन रानी की वासना कम नहीं हुई। वो रोज मुझे चोदने के लिए कहती, और मैं कॉन्डोम लगाकर उसकी चूत और गांड मारता। शहर में हमने नया घर लिया, लेकिन पुरानी यादें हमें सताती रहीं। रानी अब औरत बन चुकी थी, उसकी चूत ढीली हो गई थी, लेकिन वो खुश थी।
रानी ने मुझे बताया कि उसे एक लड़का पसंद है, लेकिन वो मेरे लंड की आदी थी। मैंने उसे समझाया कि अब हमारा रिश्ता बदल गया है, लेकिन वो मान नहीं रही थी। एक दिन उसने मुझे सरप्राइज दिया, उसने अपनी सहेली को बुलाया और कहा, “पापा… आज थ्रीसम करेंगे।” मैं हैरान था, लेकिन वासना ने मुझे रोक नहीं पाया। हम तीनों नंगे हो गए, और मैंने दोनों की चूत चोदी। रानी की सहेली ने मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसा, और रानी उसकी चूत चाट रही थी। शहर में हमारी जिंदगी नई थी, लेकिन वासना पुरानी। मैंने रानी को कॉलेज भेज दिया, लेकिन वो वीकेंड पर आती और चुदाई करती। उसकी चूत अब मेरे लंड की आदी थी, और मैं उसका बहनचोद पिता।
शहर में बेटी बोली की मुझे आपके बच्चे की माँ बनना है इस लिए बिना कॉन्डोम लगाये चोदा करो
शहर में हमने नया घर लिया और पत्नी पत्नी के जैसे रहने लगे। मेरी बेटी रानी ने कॉलेज जॉइन किया, लेकिन उसकी आँखों में वासना हमेशा रहती थी। वो मुझसे हर रात चुदाई माँगती, और मैं उसकी चूत में कॉन्डोम वाला लंड डालता और उसकी कामवासना शांत करता। एक दिन उसने कहा, “पापा… मुझे आपके बच्चे की माँ बनना है इस लिए आप अब मुझे बिना कॉन्डोम लगाये चोदा करो ताकि मैं गर्भवती हो जाऊं और आपके बच्चे की माँ बन सकूँ…” मैं डर गया और बेटी के मना करने के बावजूद अपने लंड पर कॉन्डोम लगाकर उसकी चुदाई करने लगा, लेकिन चुदाई के दौरान बेटी ने मेरे लंड पर से कॉन्डोम हटा दिया और मुझे बिना कॉन्डोम के ही उसकी तंग चूत को चोदने दिया।
अब हम बाप और बेटी बिना कॉन्डोम के सेक्स करा करते और फिर तिन महीने बाद वो गर्भवती हो गई, वो अब मेरे बच्चे की माँ बनने वाली थी, लेकिन उसकी वासना नहीं रुकी। गर्भावास्ता में भी मैंने उसे हर रोज अपनी रंडी बनाकर चोदा, उसकी चूत और गांड दोनों फाड़ी। फिर 9 महीने बाद मेरी गर्भवती बेटी के बच्चा पैदा हुआ, और हमने उसे पाला, लेकिन हमारा रिश्ता गुप्त रहा। रानी मेरे बच्चे की मा बनकर बहुत खुश थी, और मेरी बेटी की ख़ुशी में ही मेरी भी खुशी छुपी थी।
अपनी 18 साल की वर्जिन बेटी को गर्भवती करने के लिए बिना कॉन्डोम के सेक्स करा अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि खेत में बनी पुरानी सी कोठरी की चुदाई वाली घटना ने हम बाप और बेटी की जिंदगी पूरी तरह से बदल कर रख दी, मैं एक रसूखदार जमींदार से बेटीचोद बाप बन गया, और मेरी बेटी रानी एक कुंवारी लड़की से औरत और फिर मेरे बच्चे की माँ भी बन गई। गाँव में हुए सेक्स स्कैंडल की वजह से हम बाप और बेटी को गाँव से निकाल दिया गया, लेकिन शहर में हमने नया जीवन पाया, जहाँ वासना ने हमें बाँध रखा है। रानी की चूत और गांड की यादें मुझे आज भी उत्तेजित करती हैं, और हमारा बच्चा हमारी निषिद्ध प्रेम की निशानी है।
मैंने सीखा कि वासना इज्जत से बड़ी होती है, लेकिन उसके परिणाम भयानक भी हो सकते हैं। रानी अब खुश है, वो माँ है, लेकिन मेरे लंड की भूखी भी। क्या आपको यह बाप-बेटी की चुदाई की कहानी पसंद आई? क्या फटी चूत, गर्भावस्था और स्कैंडल का ड्रामा आपको रोमांचित किया? क्या गंदी गालियाँ और थ्रीसम ने आपको गर्म किया? कृपया कमेंट में बताएँ कि प्लॉट, एक्सप्लिसिटनेस और टोन कैसा लगा, और अगर चाहें तो अगली कहानी में क्या जोड़ूँ।


