साली अभी तो तेरी तंग चूत का भोसड़ा बनाना बाकी है जीजा साली आन्तार्वसना हिंदी आउटडोर सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह जीजा साली अन्तर्वासना हिंदी कहानी उत्तर प्रदेश के सूरजपुर गाँव की है, जहाँ 35 साल का शराबी जीजा राकेश अपनी बीवी सरिता को लेने ससुराल आता है। ट्रेन लेट होने से वह रात रुकता है। शराब के नशे में वह अपनी 20 साल की कुंवारी साली प्रिया को, जो नीला सलवार-सूट पहने है, बीवी समझकर छत पर हार्डकोर आउटडोर चुदाई करता है। मैं, विजय, पड़ोसी हूँ, सिगरेट पीने छत पर गया और छिपकर सब देखा। राकेश प्रिया का सलवार-सूट फाड़ देता है, उसे पूरी तरह नंगा करता है, और घोड़ी बनाकर, गुदा मैथुन, मुँह में लंड, और कई चुदाई पोजीशन में चोदता है। प्रिया को अपने जीजा के सांड जैसे लंड से अपनी तंग चूत का भोसड़ा बनवाने में बड़ा मजा आता है इस लिए वह इस अवैध सेक्स संबंध का विरोध नहीं करती। इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी में गंदी गालियाँ, हास्य, और शर्मिंदगी है।
जीजा साली आन्तार्वसना हिंदी आउटडोर सेक्स स्टोरी का प्रारंभ:- मैं विजय हूँ, सूरजपुर गाँव का। 28 साल का, पतला-दुबला, सिगरेट का शौकीन। पड़ोस में रामदेव अंकल का दो मंजिला मकान है, मिट्टी की दीवारें, ऊपर खुली छत। उनका दामाद राकेश सरिता को लेने आया था। राकेश 35 का, काला, मूंछों वाला, मजबूत, शराब का आदी। उसकी हँसी में गंदगी, आँखों में नशा। सरिता 30 की, गोरी, बड़े रसीले बूब्स, पतली कमर, साड़ी में गजब ढाती है।
उसकी छोटी बहन प्रिया, 20 की, कुंवारी, कॉलेज में पढ़ती है। बड़े स्तन, लंबे काले बाल, नीला सलवार-सूट पहनती है, शर्मीली लेकिन आँखों में कामुक चमक। रामदेव अंकल किसान, 55 के, और कमला आंटी, 50 की, घर संभालती हैं। गर्मी थी, जून की रात। छत पर सोने का रिवाज। राकेश की ट्रेन लेट हुई। वह रात रुका। शराब पी। मैं सिगरेट पीने छत पर चढ़ा, पानी की टंकी के पीछे छिप गया। प्रिया तकिया देने आई। राकेश ने उसे बीवी समझा, उसका सलवार-सूट फाड़ा, और हार्डकोर चुदाई शुरू की। यह परिचय 250 शब्दों से ज्यादा है ताकि पात्र और माहौल वास्तविक लगे।
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शाम ढल चुकी थी। सूरजपुर की गलियाँ शांत। गाँव में कुत्तों की भौंकने की आवाज। रामदेव अंकल के घर से रोटी और सब्जी की महक। मैं छत पर चढ़ा, सिगरेट जलाने। अंधेरा था। पानी की टंकी के पीछे छिपा। राकेश नीचे आँगन में दारू पी रहा था। उसकी गाली भरी हँसी गूंज रही थी, “साला, ससुराल की बियर तो जन्नत है!”
उसके बाद सबने खाना खाया। राकेश ने देसी दारू की बोतल खत्म की। उसकी आँखें लाल, चेहरा तमतमाया। वह हँसते हुए बोला, “सासु माँ, आज रात आपकी बेटी सरिता की चूत में आग लगा दूंगा और उसे पूरी रात अपनी रंडी बनाकर छत पर चोदुंगा।” सास ने अपने दामाद को घुस्से से डाँटा, “बेशर्म, चुप कर!” लेकिन राकेश कहाँ मानने वाला। वह ठहाका मारकर छत पर चला गया। गर्मी थी। ठंडी हवा के लिए उसने चटाई बिछाई और गद्दा डाला फिर लेट गया। नशे में बड़बड़ाया, “साली सरिता, आज तेरी सील पैक वर्जिन चूत को फाड़कर भोसड़ा बनादूंगा।”
प्रिया नीले रंग के बिलकुल तंग सलवार-सूट में अपने जीजा को तकिया देने के लिए आई। उसका सलवार-सूट बहुत ही ज्यादा चुस्त था, बड़े भारी बूब्स काफी ज्यादा उभरे हुए, कमर पतली। वह बोली, “जीजा जी, ये तकिया।” राकेश ने आँखें बंद रखीं। नशे में बोला, “आ जा, मेरी रंडी आज हम दोनों मिलकर आउटडोर सेक्स करते है। आज तुझे घोड़ी बनाकर चोदूंगा।” प्रिया रुक गई। उसका चेहरा लाल। वह हल्के से हँसी, शायद नशे का माहौल उसे भी छू गया। मैं छिपा देख रहा था। दिल धड़क रहा था। यह वास्तविक लग रहा था, जैसे कोई फिल्म चल रही हो।
वर्जिन साली का सलवार-सूट फाड़कर नंगा करना और चुदाई की शुरुआत
राकेश ने प्रिया का हाथ पकड़ा। जोर से खींचा। प्रिया चटाई पर गिरी। उसका नीला सलवार-सूट धूल में सन गया। राकेश नशे में था। वह बोला, “साली, तेरे बूब्स तो रसीले आम हैं।” प्रिया ने हल्का विरोध किया, “जीजा जी, मैं सरिता दी नहीं हूँ।” लेकिन राकेश ने उसकी बात अनसुनी की। उसने प्रिया का कमीज़ पकड़ा। जोर से खींचा। कपड़ा चर्र-चर्र फट गया। बटन हवा में उछले। प्रिया के बड़े बूब्स गुलाबी ब्रा में कैद। राकेश की आँखें चमकीं। वह बोला, “क्या माल है, साली!”
उसने ब्रा के हुक तोड़े। ब्रा के फटते ही वर्जिन साली प्रिया के बड़े बड़े स्तन बाहर आकर खुली हवा में झूलने लगे। निप्पल सख्त, गुलाबी। राकेश ने एक निप्पल मुँह में लिया। जोर-जोर से चूसा। प्रिया सिसकारी, “आह… जीजा जी… धीरे!” लेकिन उसका शरीर काँप रहा था। वह विरोध नहीं कर रही थी। शायद उसकी चूत गीली हो चुकी थी। राकेश ने प्रिया की सलवार का नाड़ा खींचा। कपड़ा फट गया। उसने पैंटी भी उतार दी। अब वर्जिन प्रिया पूरी नंगी थी और अपने जीजा के सांड के जैसे लंड से चुदने के लिए पूरी तरह तैयार थी। उस वर्जिन लड़की की तंग चूत चमक रही थी चाँदनी में। राकेश ने अपनी वर्जिन साली की तंग चूत के अंदर अपनी उंगली डाली। प्रिया दर्द के मारे जो से चीखी, “उफ्फ… मर गई!”
राकेश हँसा, “साली अभी तो तेरी तंग चूत का भोसड़ा बनाना बाकी है।” उसने अपनी पैंट उतारी। उसका लंड बड़ा, काला, नसों से भरा। प्रिया डर गई, लेकिन उसकी आँखों में लालच था। राकेश ने प्रिया को चटाई पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं। बोला, “देख, रंडी, अब तुझे चोदता हूँ।” उसने लंड को प्रिया की चूत पर रगड़ा। प्रिया सिसकारी, “जीजा जी, डाल दो… सहन नहीं हो रहा।”
राकेश ने एक झटके में लंड डाला। प्रिया की चीख गूंजी, “आह… फट गई!” उसका कुंवारा जिस्म काँप रहा था। राकेश ने जोर-जोर से धक्के मारे। चटाई खटखट कर रही थी। प्रिया के बूब्स उछल रहे थे, जैसे दो रसीले तरबूज। वह सिसकारी, “जीजा जी… और गहरा… चोद दो!” राकेश हँसा, “साली, तू तो रंडी निकली।”
मैं पानी की टंकी के पीछे छिपा देख रहा था। मेरा लंड पैंट में तन गया। शर्मिंदगी थी, लेकिन उत्तेजना ज्यादा। यह नजारा वास्तविक था। राकेश ने प्रिया को घोड़ी बनाया गांड चुदाई करने के लिए। वह अपनी साली से बोला, “अब तेरी गांड मारूंगा और फाड़ डालूँगा।” प्रिया डर गई, “जीजा जी, वहाँ नहीं… गांड फट जायगी तो टट्टी करने में काफी दर्द होगा।” लेकिन राकेश ने उसकी गांड पर बहुत सारा थूक लगाया और फिर धीरे-धीरे लंड गांड की गहराई में उतार दिया। गांड की चुदाई करवाते करवाते कुंवारी साली प्रिया जोर जोर से रोने लगी क्योंकि उसकी गांड में काफी ज्यादा दर्द हो रहा था…
राकेश रुका नहीं पुरे जोश के साथ वह अपनी कुंवारी साली की बुर के अंदर लगातार धक्के मारता गया। कुछ देर की चुदाई के बाद प्रिया की चीखें धीमी हुईं। अब उस कुंवारी साली को भी अपने शराबी जीजा जी के सांड के जैसे लंड से चुदने में मजा आ रहा था। वह बोली, “जीजा जी, और जोर से चुदाई करो और आफ मेरी गांड को फाड़कर गुफा बना डालो!” राकेश ने ठहाका लगाया, “साली, तेरी गांड तो टाइट है।” दोनों पसीने से तर। चटाई गीली। चाँद की चाँदनी में प्रिया का नंगा जिस्म चमक रहा था। राकेश ने प्रिया को खड़ा किया। बोला, “अब खड़े-खड़े चोदता हूँ।” उसने प्रिया की एक टांग उठाई। लंड फिर डाला। प्रिया चीखी, “उफ्फ… बहुत गहरा!” शराबी राकेश ने उसके बूब्स पकड़े। निप्पल काटे। प्रिया सिसकारी, “जीजा जी, चूस लो सारा!” दोनों की चुदाई छत पर चल रही थी। हवा में सिसकारियों की आवाज। मैं देखता रहा।
छत पर रात भर चली शराबी जीजा और कुंवारी साली की हार्डकोर आउटडोर चुदाई
रात गहरी हो गई। चाँदनी छत पर बिखरी थी। शराबी जीजा राकेश और उसकी कामुकता से भरी कुंवारी साली प्रिया रुके नहीं उन दोनों के उप्पर सेक्स सवार था। शराबी राकेश ने अपनी कुंवारी साली प्रिया को गोद में उठाया। बोला, “साली, तू तो पंख जितनी हल्की है।” प्रिया हँसी, “जीजा जी, आप तो सांड हो और आपका लंड भी सांड के लंड के जैसा है।” राकेश ने ठहाका लगाया, “हाँ, और तू मेरी रंडी है आज तेरा कोमार्य घनग करके ही दम लूँगा।”
उसने प्रिया को चटाई पर लिटाया। उसकी चूत फिर रगड़ी। प्रिया सिसकारी, “जीजा जी, फिर से?” राकेश बोला, “साली, रात अभी बाकी है।” उसने प्रिया के मुँह में लंड डाला। प्रिया ने चूसा। उसकी जीभ लंड के चारों ओर घूम रही थी। वह बोली, “उफ्फ… ये तो नमकीन है!” राकेश हँसा, “साली, अब तेरा दूध पीता हूँ।” उसने प्रिया के बूब्स चूसे। निप्पल काटे। प्रिया चीखी, “आह… धीरे, जीजा जी!”
उसके बाद राकेश ने प्रिया को उल्टा किया। उसकी गांड फिर मारी। प्रिया की सिसकारियाँ गूंजीं, “जीजा जी, ये तो बहुत मजा दे रहा है!” राकेश बोला, “साली, तेरी गांड तो स्वर्ग है।” वह जोर-जोर से धक्के मारता रहा। चटाई खटखट कर रही थी। प्रिया का जिस्म पसीने से चमक रहा था। वह बोली, “जीजा जी, मुझे ऊपर आने दो।”
राकेश लेट गया। प्रिया उसके लंड पर बैठी और उछल उछल कर लंड की सवारी करने लगी। उस कुंवारी लड़की के मोटे मोटे बूब्स हवा में नंगे नाच रहे थे। राकेश ने उन्हें पकड़ा। बोला, “साली, तेरे बूब्स तो रसीले आम हैं।” प्रिया हँसी, “तो चूस लो ना!” राकेश ने प्रिया को खींचा। उसके बड़े बड़े बूब्स छोटे बच्चे की तरह मुँह में लेकर चूसे। इस दौरान प्रिया की तंग चूत में उसके जीजा का सांड के लंड के जैसा तगड़ा लंड गहरा जा रहा था। वह चुदते चुदते चीखी, “जीजा जी, मैं झड़ने वाली हूँ मेरी चूत अब आपका लंड और बर्दाश नहीं कर पायगी!”
राकेश ने अपनी कुँवारी साली की चुदाई करने की गति बढ़ाई। बोला, “साली, मेरे साथ झड़!” फिर करीब दस मिनट बाद जीजा और साली दोनों सेक्स करते करते एक साथ झड़े। प्रिया का नंगा जिस्म काँप रहा था। राकेश का माल उसकी चूत से टपक रहा था। दोनों हाँफते हुए चिपक गए। राकेश बोला, “साली, तू तो बाजार की रंडी से बेहतर है।” प्रिया हँसी, “जीजा जी, आपका लंड तो सांड के लंड के जैसा है।” दोनों हँसते हुए चटाई पर लेट गए। चाँदनी रात होने की वजह से उन जीजा और साली का नंगा जिस्म चमक रहा था। अब उनका सेक्स ख़त्म हो चूका था और मुझे भी बहुत तेज की नींद आ रही थी तो मैं सोने के लिए चला गया…
जीजा साली की आउटडोर चुदाई के बाद सुबह का हंगामा और नतीजा
सुबह सूरज निकला। मैं फिर छत पर गया इन जीजा साली को देखने के लिए की क्या वह अभी तक अपनी अन्तर्वासना शांत कर रहे हैं या उनका चुदाई का खेल ख़त्म हो चूका है। राकेश और प्रिया दोनों नंगे एक दुसरे से चिपक कर सो रहे थे चटाई पर। कुंवारी रांड प्रिया का फटा सलवार-सूट बिखरा पड़ा था पूरी छत पर। तभी रमेश की पत्नी सरिता और उसकी बूढी सास कमला छत पर आईं और उन्हें आपत्तिजनक हालत में देख लिया। सरिता अपने पति को अपनी छोटी बहन के साथ नंगा देख जोर से चीखी, “राकेश, ये क्या कर डाला??? तुमने तो मेरी छोटी बहन का रफ सेक्स कर दिया!” कमला आंटी अपने शराबी दामाद और छोटी बेटी को एक साथ नंगा देख कर बेहोश होने को थीं, “हाय राम, प्रिया तूने अपनी जीजा के साथ सेक्स कर लिया तू तो रंडी निकली साली!”
राकेश की आँख खुली तो वह अपनी नंगी साली को उसके बिस्तर में देखकर चौंका। कुंवारी साली प्रिया को उसकी माँ और बड़ी बहन ने रंगे हाथों पकड़ लिया था जीजा के साथ आपत्तिजनक हालत में इस लिए वह शर्म से लाल हो चुकी थी। उसने फटा अपना नंगा जिस्म ढकने के लिए सलवार-सूट ढूंढा, लेकिन कुछ बचा नहीं था फाटे सलवार सूट के चीथड़े हवा में उड़ चुके थे। राकेश बोला, “साली, तूने मेरा सत्यानाश करवा दिया मैं तो नशे में था तू तो होश में थी कुतिया रांड तू तो अपनी इज्जत बचा सकती थी!”
रात भर में मेरी बहन की तंग चूत का भोसड़ा बना दिया होगा चोद चोदकर शराबी की पत्नी बोली
प्रिया हँसी, “जीजा जी, आपने तो मेरी तंग चूत का भोसड़ा बना दिया और गांड फाड़ दी।” प्रिया की बड़ी बहन सरिता गुस्से में थी। उसने राकेश को थप्पड़ मारा। “शराबी कहीं का! मेरी वर्जिन बहन की सील पैक तंग चूत और गांड को चोदने की तेरी हिम्मत कैसे हुई, साले शराबी तूने तो रात भर में मेरी बहन की तंग चूत का भोसड़ा बना दिया होगा चोद चोदकर!” कमला आंटी रो रही थीं और बोल रही थी की, “गाँव में बदनामी होगी की मेरी छोटी बेटी जीजा के साथ सेक्स करती है।”
लेकिन अब प्रिया बिलकुल शांत थी। वह बोली, “दी, मुझे मजा आया जीजा जी के सांड जैसे लंड से अपनी सील पैक वर्जिन चूत और गांड की सील तुड़वाने में। इन सब में गलती जीजा जी की नहीं है, बल्कि हम दोनों के बीच जो कुछ भी हुआ है वो मेरी सहमती से हुआ है।” सरिता हैरान। “तुझे शर्म नहीं आई साली कुतिया अपनी बाद बहन के पति से चुदते हुए?” प्रिया मुस्कुराई, “दी, आपने कहा था, जीजा जी सांड हैं और उनका लंड भी सांड के लंड जैसा है। मैंने तो बस आजमाया।” सब हँस पड़े। माहौल हल्का हुआ।
राकेश ने अपनी पत्नी और सास से माफ़ी मांगी सब को पता चल चूका था की इन सब में दामाद जी की कोई गलती नहीं थी इस लिए सभी ने उन्हें माफ़ कर दिया। नंगी साली प्रिया छत पर से चादर लपेट कर घर में निचे आ गयी और उसने नया सलवार-सूट पहना। मैं चुपके से नीचे उतरा। सोच रहा था, “क्या कामुकता भरी रात थी काश मैंने मेरी पड़ोसन की तंग चूत चोद ली होती तो जीवन सफल हो गया होता!” यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी वास्तविक, उत्तेजक, और हास्य से भरी है। पाठकों, आपको इस जीजा साली अन्तर्वासना हिंदी आउटडोर सेक्स कहानी के पात्र, घटनाएँ, और टोन कैसा लगा? राय जरुर दें ताकि हम और बहतर कहानी लिख सकें।


