मेरे पति ने सुहागरात पर रंडी बनाकर दोस्तों से गैंगबैंग करवाया अन्तर्वासना हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी का सारांश :- मैं नेहा शर्मा, दिल्ली के एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार की इकलौती बेटी हूँ। पापा की नौकरी सरकारी थी, मम्मी घर संभालती थीं। 24 साल की उम्र में मेरी शादी राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले विक्रम सिंह राठौड़ से तय हो गई। देखने में विक्रम बेहद हैंडसम और अमीर लगते थे। शादी के बाद मुझे पता चला कि विक्रम पहले से शादीशुदा हैं और उनकी पहली पत्नी को भी वे अपने दोस्तों से चुदवाया करते थे।
सुहागरात पर ही मेरे शराबी पति विक्रम ने मेरी गैंगबैंग चुदाई करवाने के लिए अपने दो बचपन के दोस्त करण और अर्जुन को बुला लिया और मुझे शराब पिलाकर बेहोश कर दिया। नशे में मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैंने उन्हें अपना पति समझकर मेरे नंगे जिस्म के साथ सब कुछ करने दिया। मेरे शराबी पति और उनके दोस्तों ने मिलकर मेरे साथ गैंगबैंग सेक्स करा। सुहागरात पर उन सभी ने मिलकर मुझे बहुत खतरनाक तरीके से चोदा और मेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दी। उसके बाद ब्लैकमेल करके हर हफ्ते वे लोग मुझे रांड की तरह चोदते हैं। मैं मजबूरी में चुप हूँ क्योंकि मेरे नंगे फोटो और वीडियो उनके पास हैं। यह कहानी मेरी बेबसी, धोखे, और लगातार हो रही रफ सेक्स जैसी चुदाई की सच्चाई है।
Pati ne suhaag raat par randi bana kar doston se gangbang karwaya Antarvasna Hindi Group Sex Story :- मैं नेहा शर्मा, आज तुम सबको अपनी जिंदगी की वो काली सच्चाई बता रही हूँ जिसने मुझे अंदर से तोड़कर रख दिया। दिल्ली के रोहिणी में हमारा छोटा सा घर था, पापा बैंक में क्लर्क थे, मम्मी गृहिणी। मैंने एम.ए. किया था और नौकरी की तलाश में थी। तभी पापा को विक्रम सिंह राठौड़ का रिश्ता मिला। विक्रम बीकानेर में बड़ी फैक्ट्री के मालिक थे। फोटो में वे किसी फिल्मी हीरो जैसे लग रहे थे। जब वे लोग देखने आए तो उनके साथ उनके दो दोस्त करण और अर्जुन भी थे। दोनों की नजरें मेरे 36 के उभारों पर शुरू से अटकी थीं। मैंने लाइट पिंक साड़ी पहनी थी, दुपट्टा पतला था, मेरे बड़े बूब्स की शक्ल साफ दिख रही थी। करण और अर्जुन बार-बार जीभ से होंठ चाट रहे थे। मुझे कुछ गलत लगा, पर विक्रम इतने प्यार से बात कर रहे थे कि मैंने इग्नोर कर दिया। दो हफ्ते बाद शादी पक्की हो गई।
मुफ्त में पढ़ें मेरे पति ने सुहागरात पर रंडी बनाकर दोस्तों से गैंगबैंग करवाया अन्तर्वासना हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी

शादी धूमधाम से हुई। बीकानेर के बड़े हवेली जैसे घर में विदाई के बाद मैं ससुराल पहुंची। विक्रम ने मुझे अलग से 3 बीएचके फ्लैट में ले जाकर कहा कि सुहागरात यहीं मनाएंगे। शाम को वे काम से लौटे तो हाथ में फूलों का गुलदस्ता, मिठाइयाँ और एक लाल रंग की नेट की ट्रांसपेरेंट नाइटी थी। मैं शर्मा गई। हमने डिनर किया, फिर बेडरूम में आ गए। मैंने नाइटी पहन ली, अंदर कुछ नहीं पहना। मेरे गोरे बदन पर लाल रंग खून की तरह चमक रहा था। विक्रम ने मुझे गले लगाया, होंठ चूमे, मेरे बूब्स दबाए। मैं मदहोश हो रही थी। तभी बाहर बेल बजी। रात के 11 बज रहे थे। विक्रम गए और करण-अर्जुन को अंदर ले आए। मैं घबरा गई, लेकिन विक्रम ने कहा, “अरे जान, मेरे सबसे खास दोस्त हैं, आज सुहागरात में शामिल होंगे।”
मैंने मना किया, पर विक्रम ने जबरदस्ती वाइन का ग्लास थमा दिया। दो-तीन घूँट में ही मेरा सिर घूमने लगा। मैं बेड पर लड़खड़ा गई। आँखें धुंधली थीं, पर मुझे लगा विक्रम ही मेरे पास है। करण और अर्जुन ने मेरी नाइटी ऊपर उठाई। मेरी गुलाबी चूत पर उनकी नजरें पड़ीं तो दोनों चिल्लाए, “वाह भाई, तेरी दुल्हन की बुर तो बिलकुल जवान है!” मैंने सुना पर समझ नहीं पाई। करण ने मेरे शरबती होंठ अपने मुंह में लेकर चूसने शुरू कर दिए, अर्जुन मेरे बूब्स को मुँह में लेकर छोटे बच्चे की तरह से चूसने लगा। मुझे सेक्स चढ़ने लगा और मेरे निप्पल कड़क हो गए। मैंने आह भरी और समझी विक्रम ही है। करण ने मेरी चूत में उँगलियाँ डालीं, पानी से भीग गई थी। अर्जुन ने मेरी गांड में उंगली घुसाई। मैं तड़प उठी, पर विरोध नहीं कर पाई।
सुहागरात पर पति के दोस्तों ने मिलकर चूत और गांड दोनों फाड़ी
फिर करण ने अपना 9 इंच का मोटा लंड मेरे मुँह में ठूँस दिया। मैं नशे में उसको चूसने लगी। अर्जुन ने मेरी टाँगें चौड़ी कीं और अपना लौड़ा मेरी चूत पर रगड़ने लगा। एक जोर का धक्का मारा और पूरा लंड अंदर घुस गया। मेरी चीख निकल गई, “आह्ह्ह भोसड़ी के मार डाला!” पर वे नहीं रुके। करण मेरे मुँह को चोद रहा था, अर्जुन अपने गधे के लंड के जैसे लंड से मेरी चूत मार रहा था। जब सुहागरात पर मेरे पति के दोस्तों मेरे साथ थ्रीसम सेक्स कर रहे थे उस दौरान मेरा पति विक्रम सामने सोफे पर बैठा अपने मोबाइल फोन में हमारा इंडियन देसी पोर्न वीडियो बना रहा था और जोर जोर से हँस भी रहा था विडियो रिकॉर्डिंग करते हुए। 15 मिनट बाद अर्जुन ने मेरी चूत में झड़ दिया। गर्म वीर्य का एहसास हुआ। फिर करण ने मुझे घोड़ा बनाया और पीछे से गांड में लंड घुसेड़ दिया। मैंने कभी गांड नहीं मरवाई थी। दर्द से मेरी आँखों से आँसू निकल आए। “रंडी चुपचाप ले, आज तेरी गांड फाड़ देंगे!” करण चिल्लाया।
दोनों ने बारी-बारी से मेरी चूत और गांड दोनों को 4-4 बार चोदा। मेरी चूत सूजकर लाल हो गई थी, गांड से खून तक निकल आया था। सुबह जब नशा उतरा तो मैंने खुद को नंगा पाया, बिस्तर पर वीर्य और खून के धब्बे। मेरे पति विक्रम ने मुस्कुराकर कहा, “जान, तुमने सुहागरात पर बहुत मजा दिया। अब हर रविवार को मेरे बचपन के दोस्त, करण-अर्जुन आएंगे तुम्हारे साथ गैंगबैंग सेक्स करने के लिए, तुम चुदने के लिए तैयार रहना।” मैं रोने लगी। मेरे पति ने अपने मोबाइल फोन में मेरे साथ हुए गैंगबैंग सेक्स की सारी पोर्न वीडियो दिखाई। मेरे मुँह में लंड, चूत में लंड, गांड में लंड… सब कैद था। मैं चीखी, “तुम धोखेबाज हो” उसने हँसकर कहा, “मैं पहले से शादी शुदा हूँ, मेरी पहली बीवी भी ऐसे ही चुदवाकर भाग गई थी। अब तुम मेरी और मेरे दोस्तों की रंडी हो।”
उसके बाद हर रविवार मेरे शराबी पति के दोस्त हमारे घर मेरी गैंगबैंग चुदाई करने आते। ग्रुप सेक्स के दौरान कभी मुझे डॉगी स्टाइल में चोदते, कभी मेरे मुँह में दोनों लंड एक साथ ठूँसते। कभी मेरी गांड में डबल पेनिट्रेशन करते। मैं मना करती तो विक्रम धमकाता, “वीडियो वायरल कर दूंगा, तेरे पापा की नौकरी चली जाएगी।” मैं मजबूरी में सहती रही। कभी-कभी नशा देकर बेहोश कर देते और फिर चुदाई करते। 3 महीने बाद मुझे उल्टी होने लगी। जब मैंने प्रेगनेंसी टेस्ट किट में मेरा पेशाब डालकर प्रेगनेंसी टेस्ट करा तो मेरा प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया। मैं घबरा गई। मुझे नहीं पता था किसका पाप मेरे पेट में पल रहा है क्योंकि मेरे पति व उनके दोस्त अधिकतर मुझे बिना कॉन्डोम के ही चोदा करते थे – मेरे पति विक्रम का, करण का या अर्जुन का। विक्रम ने कहा, “अबॉर्शन करवा लो, नहीं तो गाँव में सबको बता दूंगा कि तुम एक संस्कारी बहू नहीं बल्कि एक रंडी हो और तीन लंडों से आये दिन चुदवाती हो।”
मैं किसी और का बच्चा पैदा नहीं करना चाहती थी इस लिए मैंने अबॉर्शन करवाया। मेरा अबॉर्शन होने के बाद भी मेरी चुदाई नहीं रुकी। हर रोज कई कई घंटो तक चुदने की वजह से मेरी चूत और गांड ढीली पड़ने लगी, पर मेरे पति और उनके दोस्तों का मजा और ज्यादा बढ़ गया। गैंगबैंग चुदाई के दौरान वे सभी लोग मुझे रंडी, छिनाल, वेश्या आदि अपमानित शब्द कहकर बुलाने लगे। कभी मुझे घुटनों पर बिठाकर तीनों लंड एक साथ चटवाते। कभी मुठ मारने के बाद मेरे बूब्स पर वीर्य गिराकर चटवाते। मैं रोते-रोते सब करती। एक दिन मैंने भागने की कोशिश की, पर विक्रम ने मेरे मम्मी-पापा को वीडियो भेजने की धमकी दी। मैं रुक गई। अब मैं दिन-रात बस चुदाई की गुलाम बनकर रह गई हूँ। मेरी जिंदगी नरक बन चुकी है।
पति ने सुहागरात पर रंडी बनाकर दोस्तों से गैंगबैंग करवाया अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX ग्रुप सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
Pati ne suhaag raat par randi bana kar doston se gangbang karwaya Antarvasna Hindi Group Sex Story :- आज जब मैं सुहागरात पर हुए मेरे गैंग रफ सेक्स की हिंदी ग्रुप सेक्स कहानी लिख रही हूँ तो मेरी आँखों में आँसू हैं और दिल में बहुत दर्द हैं। मेरी फटी हुई चूत में आज सुबह फिर करण का लंड घुसा हुआ था और उसने पुरे दो घंटे तक मुझे अपनी रंडी बनाकर रखा। शादी के बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, मैं शादी के बाद ससुराल में एक संस्कारी बहू बनकर रहना चाहती थी मगर मेरे पति ने मुझे एक रंडी छिनाल बना दिया है। जिस पति को मैं अपना पति परमेश्वर समझी थी, उसने मुझे तीन लंडों की सस्ती रंडी बना दिया। अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा। न पुलिस के पास जा सकती हूँ, न घर वापस। मेरे बदन पर हर जगह उनके काटने के निशान हैं, मेरी चूत और गांड अब पहले जैसी कसी नहीं रहीं। मैं बस जी रही हूँ क्योंकि आत्महत्या करना भी गुनाह होगा।
दोस्तों, मेरे गैंग बैंग रफ सेक्स की ये हिंदी ग्रुप चुदाई कहानी मैंने इसलिए लिखी ताकि कोई लड़की जल्दबाजी में शादी न करे, शादी करने से पहले रिश्ते की पूरी जाँच कर ले। प्यार अंधा होता है, पर इतना अंधा नहीं होना चाहिए कि अपनी जिंदगी बर्बाद कर लें। अगर आपको मेरी कहानी में और ज्यादा कड़वाहट, और गंदी-गंदी चुदाई की बातें पसंद आईं तो कमेंट करके बताएं। क्या आपको लगता है कि नेहा को और भी बुरा अंत मिलना चाहिए था? या और रफ सेक्स सीन डालने चाहिए थे? आपकी राय का इंतजार रहेगा। धन्यवाद।


