HomeUncategorizedमुठ मारने के बाद बड़े मम्मों वाली औरत की खेत में चुदाई

मुठ मारने के बाद बड़े मम्मों वाली औरत की खेत में चुदाई

दोस्तों आज की इस नयी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में आप पढ़ेंगे की कैसे एक वर्जिन लड़के ने भीषण गर्मी में मुठ मारने के बाद बड़े व मोटे आकर के मम्मों वाली कामुक औरत की खेत में चुदाई करी :- दोस्तो, मेरा नाम सुरेश गुजर है और मैं राजस्थान के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 23 वर्ष है और मैं जयादा पढ़ा लिखा नहीं हूँ. मेरा काम बकरियों को जंगल और खेत में चराना है. मैं हर रोज बकरियों को चराने के लिए खेत और जंगल में ले जाता हूं. आज इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी के माध्यम से जो घटना मैं आप लोगों के साथ शेयर करने जा रहा हूँ वह घटना इसी साल के मई महीने की है. उन दिनों भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते बकरियों को चारा चराने हेतु जंगलों में काफी दूर-दूर तक ले जाना पड़ रहा था.

मैं अपने गांव से कुछ दूरी पर दूसरे गांव गया था और बकरियां चरा रहा था. वहीं कुछ दूरी पर खेतों में कुछ औरतें काम कर रही थीं. तभी मुझको बहुत गर्मी लगने लगी, तो मैंने देखा कि जहां खेत में औरतें काम कर रही हैं … वहीं पर एक बड़ा सा छायादार पेड़ है. मैं वहीं जाकर बैठ गया और आराम करने लगा. बकरियां अपने आप से चारा चरने लगी. मैं अभी कुछ ही देर बैठा था कि अचानक से मेरी नजर एक औरत के जिस्म पर जा पड़ी. वे सब औरतें खेतों में काम कर रही थीं, और पानी से भीगी हुई थीं … जिससे उनके बदन कमोवेश पूरे भीगे हुए दिख रहे थे. सभी औरतें खेत में झुक कर काम कर रही थीं, जिस वजह से उनके बड़े और मोटे स्तन मुझे बिलकुल साफ साफ झूलते हुए दिखाई दे रहे थे. उन सभी महिलाओं में से एक कामुक महिला के मम्मों का साइज बाकि सभी महिलाओं के मम्मों से काफी ज्यादा बड़ा था. उस महिला के स्तन काफी ज्यादा आकर्षक होने की वजह से बार बार मुझे आकर्षित कर रहे थे.

भीषण गर्मी में मुठ मारने के बाद बड़े मम्मों वाली औरत की खेत में चुदाई करी अन्तर्वासना नयी हिंदी सेक्स स्टोरी

मुठ मारने के बाद बड़े मम्मों वाली औरत की खेत में चुदाई करी अन्तर्वासना नयी हिंदी सेक्स स्टोरी
वर्जिन लड़के ने भीषण गर्मी में मुठ मारने के बाद बड़े मोटे मम्मों वाली औरत की खेत में चुदाई करी अन्तर्वासना नयी हिंदी सेक्स स्टोरी

इतनी भीषण गर्मी में उस बड़े व मोटे मम्मों वाली औरत के मम्मों का दीदार मुझे ठंडक प्रदान कर रहा था. मैं बैठे-बैठे उस बड़े मम्मों वाली औरत के स्तनों को देख रहा था और उसके बड़े भारी स्तनों से मेरी नजर भी नहीं हट रही थी, मैं एकटक देखे जा रहा था. चूंकि मैंने अब बिलकुल वर्जिन था और आज तक कभी भी सेक्स नहीं किया था और मेरी जवानी मुझे भड़कने पर मजबूर कर रही थी. इस कारण से मेरी नजर हट नहीं रही थी. फिर कुछ देर बाद उस भाभी ने मुझको उसे इस तरह से देखते हुए देख लिया. उसने झट से अपनी साड़ी संवार कर अपने दूध ढक लिए. अब मेरी नजर उस बड़े मम्मों वाली औरत की नजरों से मिली तो मैंने अपनी नजर वहां से हटा ली.

कुछ देर तक तो मुझे मन ही मन यह लगता रहा कि वह बड़े मम्मों वाली औरत अभी मेरे पास आकर मेरे ऊपर चिल्लाएगी या उधर से ही मुझे कुछ गालियां देगी. पर उसने गुस्से भरी नजरों से मुझको देखा तो सही, पर वह बड़े मम्मों वाली औरत मेरे ऊपर जरा भी नहीं चिल्लाई और ना ही उसने मुझ पर घुस्सा करा. फिर कुछ देर बाद मैं वहां से चला गया क्योंकि मुझको डर था कि यदि मैं कुछ देर इधर और रुका तो वह अपनी साथ वाली औरतों से कुछ कह कर मेरे ऊपर चिल्लाएगी … या चिल्लाने से आगे भी कुछ और हो सकता है. इसलिए मैं वहां से उठ कर आगे निकल गया और उन सबसे दूर जाकर अपनी बकरियों को चराने लगा. बकरी चराने का काम खत्म होने के बाद मैं वहां से वापस चल दिया और उस औरत के बारे में ही सोचता रहा.

मुझे उस बड़े मम्मों वाली औरत के तरबूज के आकर के बड़े व भारी स्तन फिर से नजर आने लगे और मेरे लंड ने आंदोलन करना शुरू कर दिया. उस वक्त चारों तरफ सुनसान था तो मैंने एक खेत में जाकर अपने लौड़े को हाथ में ले लिया और सहलाने लगा. उस वक्त मेरी आंखें मुंद गई थीं और अंतर्मन में उस औरत के बड़े बड़े दूध ही हिल रहे थे. उस बड़े मम्मों वाली औरत के मम्मों की कल्पना से लंड कड़क होता गया और मैंने सुनसान का फायदा उठाकर मुठ मारना चालू कर दिया. कुछ ही समय में लंड ने धार मार दी और मैं अपने लंड को कुछ देर मसलता रहा. फिर जब मुठ मरने के बाद मेरा लंड ढीला हुआ तो पेशाब करके अपने लौड़े को अन्दर कर लिया.

दोस्तों अब मैं आपको उस बड़े व भारी मम्मों वाली औरत के बारे में कुछ बता दूँ जिसके स्तनों को देखने के बाद मुझे मुठ मरकर अपनी हवस शांत करनी पड़ी थी. उसके काफी बड़े दूध थे और वह दिखने में करीब 35 से 38 साल के बीच की उम्र की रही होगी. उसका रंग सांवला था, पर फिगर कमाल का था. उस बड़े मम्मों वाली औरतके बारे अभी सोच सोच कर फिर से मुठ मारने का मन करने लगा था. मैंने वापस से मुठ मारी और पानी निकल गया तो शांत हो गया. फिर शाम हो गई और मैं अपनी बकरियां लेकर अपने घर की ओर चला गया. रात में भी मैं उसी के बारे में सोचता रहा कि उस औरत को मैं कैसे पेलूँ. अगले दिन मैं फिर से सुबह जल्दी अपनी बकरियों को लेकर उन्हें खेत में चराने के लिए ले गया.

पुरुष का मन बड़ा हरामी होता है. तो मैं आज फिर से उसी जगह आ गया और उसी पेड़ के नीचे अपनी गांड टेक कर बैठ गया. पर आज वहां कोई नहीं था, कोई भी औरत खेतों में काम नहीं कर रही थी. कुछ देर तक मैं ऐसे ही बैठा रहा. तभी अचानक से वही बड़े मम्मों वाली औरत खेतों में काम करने आई. मैंने सोचा कि इसकी साथ वाली भी आ रही होंगी. पर आज वह अकेली ही आई थी. उस बड़े मम्मों वाली औरत के पीछे दूर दूर तक कोई दिख नहीं था वह बेचारी आज खेत में बिलकुल अकेली काम कर रही थी. मैं बार बार यही सोच रहा था कि आज जोर से आवाज देकर उस बड़े मम्मों वाली औरत से बात करूंगा, पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी.

उधर उस बड़े मम्मों वाली औरत ने घोड़ी बनकर अपना काम चालू कर दिया था. वह कल के जैसे फिर से खेत में झुक कर काम करने लगी थी. मन तो कर रहा था की उस घोड़ी बनी हुई बड़े मम्मों वाली औरत को पीछे से जाकर चोद लूँ मगर हिम्मत नहीं हो रही थी. मेरी नजर भी फिर से उस बड़े मम्मों वाली औरत के तरबूज जैसे स्तनों पर गई और मैं ललचाई नजरों से उन्हें निहारने लगा. खेत में काम कर रही वह बड़े मम्मों वाली औरत मुझको पेड़ के नीचे बैठे हुए देख चुकी थी और शायद समझ गई थी कि मैं उसकी ओर गन्दी नजरों से देख रहा हूँ और उसके रसीले आम जैसे मम्मों को घूर रहा हूँ। मैंने ध्यान दिया कि इस बार उसने मुझे गुस्से वाली नजरों से नहीं देखा और वह बेखबर होकर अपना काम कर रही थी.

मैं कुछ देर तक ऐसे ही देखता रहा और सोचता रहा कि उस गाँव वाली महिला को किस प्रकार के इशारे करू जिससे वह समझ जाए कि मैं उसके साथ अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी अन्तर्वासना शांत करना चाहता हूं. तभी मैंने अपने लोअर के ऊपर से ही अपने लंड को सहलाना शुरू कर दिया. जब मैं अपने लंड को सहला रहा था तभी उस गाँव वाली महिला की नजर मेरी तरफ पड़ी, तो मैं अपने लोवर के अन्दर हाथ डालकर मुठ मारने लगा. मैं सोच रहा था कि काश उसकी नजर मेरी तरफ पड़ जाए और वह देखे कि मैं हस्तमैथुन करके अपनी अन्तर्वासना शांत कर रहा हूँ. मैं मन ही मन मेरे भगवन से यह प्रार्थन कर रहा था की काश वह मोटे मोटे स्तनों वाली कामुक महिला मुझे मुठ मारते हुए देख ले और उसके मन में भी सेक्स करने का ख्याल आए. कुछ देर तक मैं ऐसे ही हस्तमैथुन करता रहा. उस बड़े व मोटे स्तनों वाली महिला की नजर मेरी तरफ बार बार पड़ रही थी, यह मैं देख चुका था.

इस बार वह बड़े मम्मों वाली औरत मुझे ध्यान से देखने लगी तो मुझको कुछ देर तो लगा कि वह अब मेरे ऊपर चिल्लाएगी पर मुझे डर जरा भी नहीं लग रहा था क्योंकि खेत में हम दोनों ही थे और इस कारण से मेरी हिम्मत और ज्यादा बढ़ गई. कुछ देर बाद वह मुझे देखकर मुस्कुराई और मुस्कुराते हुए ही उसने अपना मुँह मेरी तरफ कर दिया. यह सब देख कर मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैं सोचने लगा कि साली रंडी हंसी तो चुदवाने के लिए फंसी. अब मैं जानबूझ कर पेशाब करने के बहाने खड़ा हो गया. मैं उसी की ओर अपना लोअर नीचे करके खड़ा हुआ और अपना लंड बाहर निकाल कर पेशाब करने लगा. वह बड़े मम्मों वाली औरत मेरा लंड देखने लगी और उसने मुस्कुरा कर अपना सर नीचे कर दिया.

मैंने हिम्मत करके उसको इशारे से अपनी ओर बुलाया. वह बड़े मम्मों वाली औरत भी हंसती हुई मेरी ओर आने लगी. वह मेरे करीब आकर बोली- यह सब क्या कर रहे हो? मैंने भी बोला- कुछ नहीं, बस गर्मी थी तो निकाल रहा था! वह बड़े मम्मों वाली औरत भी बोलने लगी- अपनी गर्मी ऐसे ही क्यों निकाल रहे हो, निकालना है तो मेरे ऊपर निकालो. उस बड़े मम्मों वाली औरत के मुँह से यह सब सुनते ही मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया. मैंने आगे बढ़ कर तुरंत उसको गले से लगा लिया और किस करने लगा. उसने मुझको धक्का दिया और कहने लगी- यहां नहीं कर सकते! मैं भी बोला- तो चुदाई कहां करेंगे, अब मैं और नहीं रुक सकता! उस गाँव वाली औरत ने कहा- हमारे खेत में पंप हाउस है, वहां चलते हैं सेक्स करने के लिए उधर कोई आता जाता नहीं है वाहना हम बड़े आराम से अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी अन्तर्वासना शांत कर सकते हैं.

भीषण गर्मी में वह गाँव वाली कामुक महिला अपनी गांड मटकाते हुए चल दी तो मैं भी तुरंत उसके पीछे पीछे चला गया. पंप हाउस के अन्दर जाते ही मैंने सबसे पहले दरवाजा बंद किया और उसको देखने लगा. वह इठलाने लगी. मैंने उस बड़े मम्मों वाली औरत से उसका नाम पूछा. उसने अपना नाम सुनीता गुजर बताया और कहा- क्यों नाम से क्या करना है! अब मैं अपने आप को रोक ही नहीं पाया और उसको अपने गले से लगाकर किस करने लगा. वह बड़े मम्मों वाली औरत भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी. बस फिर क्या था … सबसे पहले मैं उसकी साड़ी को निकालने लगा. जल्दी ही वह ब्लाउज और पेटीकोट में थी और बड़ी गजब ढा रही थी. उस बड़े मम्मों वाली औरत के बड़े बड़े बूब्स तो मानो जैसे ब्लाउज फाड़ कर बाहर ही निकल आएंगे. वह अपने दूध उठा कर मुझे ललचाने लगी.

यह सब देख कर मैं अपने आप को रोक नहीं सका और ब्लाउज के ऊपर से ही उस गाँव वाली महिला के बड़े मोटे मम्मों को दबाने लगा. वह कामुक सिसकारियां लेने लगी- आह आह आह धीरे करो न … आह मर गई उई मां! वह यह बोलकर सिसयाने लगी तो मैं और अधिक उत्तेजित हो गया और अपने दोनों हाथों से उसके दोनों मम्मों को और जोर से दबाने लगा. फिर मैंने उस बड़े मम्मों वाली औरत के ब्लाउज को निकाल कर दूर फेंक दिया. वह ऊपर केवल काले रंग की ब्रा में रह गई थी. मैंने उस बड़े मम्मों वाली औरत के पेटीकोट के नाड़े को भी ढीला किया तो वह सरसराता हुआ टांगों में गिर गया. उस बड़े मम्मों वाली औरत ने अपने पेटीकोट को टांगों से निकाल कर दूर फेंक दिया. वह कामुकता से भरी महिला अब केवल ब्रा और पैंटी में आधी नंगी रह गई थी.

मैं अपने एक हाथ से उस बड़े मम्मों वाली औरत के मोटे मोटे बूब्स को खूब जोर जोर से दबाने लगा और दूसरे हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा. इस काम क्रीड़ा के दौरान वह बड़े मम्मों वाली औरत और ज्यादा मादक सिसकारियां भरने लगी- आह … मेरी चूत में कुछ हो रहा है! मैंने उससे पूछा- तेरे पति कुछ नहीं करते क्या? वह बोली- नहीं, वह एक शराबी है और वह कुछ नहीं करता है. मैं समझ गया कि इसी लिए यह औरत सेक्स की भूखी है. सच बोलूं तो वह ब्रा और पैंटी में गजब का सामान दिख रही थी. मैंने उस कामुकता से भरी महिला से बोला की मेरा लौड़ा मुंह में लेकर चूसेगी क्या तूम मैंने ब्लू फिल्म में लोगों को ऐसा करते हुए देखा है? सुनीता गुजर तुरंत बोली- हां बिलकुल चूसूंगी तुम्हारा लौड़ा और तुम्हारे साथ मुखमैथुन जरुर करुँगी. वह तुरंत ही नीचे बैठ गई और उसने झटके से मेरा लोअर नीचे करके लंड बाहर निकाल लिया और अगले ही पल किसी रांड की तरह उस बड़े रसीले स्तनों वाली महिला ने मेरा कड़क लंड अपने मुँह में भर लिया और मुझे ब्लोजॉब देने लगी. आह क्या बताऊं दोस्तो, उस टाइम तो मैं जन्नत की सैर कर रहा था.

मेरा लंड उस कामुक गाँव वाली महिला के मुँह में पूरा चला गया था और वह बड़े मजे से लौड़े को चूस रही थी और मुझे ब्लोजॉब दे रही थी. शायद ऐसा इसलिए था क्योंकि उसको बहुत दिनों बाद लंड मिला था. कुछ देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद वह मेरी उंगली की तरफ देखने लगी और अपनी कमर हिलाने लगी. मैं उसकी चूत में उंगली करके उसे मदहोश कर रहा था. चूत में उंगली करने से ही वह इतनी ज्यादा सिसकारियां लेने लगी थी कि मुझे और तेज तेज उंगली करना अच्छा लगने लगा. वह मस्ती से अपनी कमर को हिलाती हुई आवाज करने लगी- आह हां … आ आआ आह … आई उई मर गई मैं आह अब मुझे चोद दो मेरे राजा … आह अब नहीं रुक सकती … जल्दी से चुदाई करो मेरी … यह अपना लंड मेरी चूत में डालो … आह अब और नहीं रुक सकती! मैंने अपना लंड उसकी चूत में सैट किया और एक धक्का लगा दिया. लंड फिसल गया क्योंकि वह काफी दिनों से चुदी ही नहीं थी इसलिए उसकी चूत काफी ज्यादा टाइट थी. मैंने उसकी चूत पर थूक दिया ताकि वह चिकनी हो जायगा और फिर अपने हाथ से थूक उस नंगी महिला की बुर पर रगड़ने लगा.

चूत को थूक लगाकर बिलकुल चिकनी करने के बाद मैंने एक बार फिर से अपने खड़े लंड को उस गाँव वाली महिला की टाइट चूत के होठों पर सैट किया और धक्का लगाया. इस बार धक्का लगाने से मेरा आधा लंड अन्दर घुस गया और वह बड़े मम्मों वाली औरत बहुत ही ज्यादा जोर से चिल्ला उठी- उई माँ… मैं तो मर गई रे … अपना आह लंड निकालो बाहर … आह मेरी फट गई रे मेरी चूत … आ आ आह आई मर गई मां आह! उसकी दर्द भरी सिसकारियां मेरी उत्तेजना को बढ़ाने लगी थीं. मैंने उसकी दर्द से भरी चीख पर ध्यान न देते हुए फिर से एक और धक्का लगा दिया. इस बार मेरा पूरा लंड चूत को चीरते हुए अन्दर चला गया और उसकी दर्दनाक चीख दुगनी तेज हो गई. वह बड़े मम्मों वाली औरत मुझे माँ बहन की गन्दी गन्दी गलियाँ देती हुई बोली- आह साले भोसड़ी के , सुन क्यों नहीं रहा … मैं दर्द के मारे मर गई भोसड़ी के आराम से चुदाई कर ना … आह मैं मर गई आ आ आह! आज पहली बार सेक्स करने को मिला था इस लिए मैं मस्ती से चुदाई करने में लगा रहा और उसकी चूचियों की मां चोदने लगा.

मैं आज तक वर्जिन था और आज पहली बार किसी महिला को चोद रहा था इस लिए मेरा जोश कम होने का नाम ही नहीं ले रहा था. भीषण गर्मी में कुछ देर की खतरनाक आउटडोर चुदाई के बाद उस बड़े मम्मों वाली औरत का दर्द आनंद में बदल गया और अब उसको भी चुदाई करवाने में आनंद आने लगा और वह पुरे जोश के साथ चुदवाने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने उसको डॉगी स्टाइल में खड़ी किया और पीछे से चुदाई करने लगा. डॉगी सेक्स स्टाइल में मैंने उसके बालों को पकड़ कर खींचा और जोर-जोर से चुदाई करने लगा. मेरा लंड उसकी चूत में जाकर पच पच पच की आवाज करने लगा. शायद उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था इसलिए उसको बहुत मजा आने लगा था. फिर मैंने उसको वापस नीचे लेटा कर हचक कर चोदना शुरू किया तो वह अपनी दोनों टांगें हवा में उठा कर चुदने लगी. मैंने कम से कम आधा घंटा तक गाँव की भाभी खेत सेक्स करके चोदा. फिर मेरा पानी निकल गया और वह भी शांत हो गई.

भीषण गर्मी में मेरे साथ सेक्स करके अपनी अन्तर्वासना शांत करवाने के बाद वह गाँव वाली कामुक महिला उठ कर अपने नंगे शरीर पर कपड़े पहनने लगी. मैंने भी अपने नंगे शरीर पर अपने कपड़े पहने और हम दोनों कुछ देर तक बैठ कर चुम्मा चाटी करते रहे. मुझसे वह बड़े मम्मों वाली औरत बोली की जब भी तुम्हारा मन मेरी चूत की चुदाई करने का हो या मेरी गांड मारने का हो तो तुम यहीं खेत में आ सकते हो मैं तुम्हारे साथ अवैध सेक्स संबंध बना लिया करुँगी. मैंने हां कह दी और अपनी बकरियों को लेकर घर लौट आया. दोस्तों आज मैंने मेरे जीवन का पहला सेक्स करा था और मुझे सेक्स करने में काफी आनंद आया. दोस्तों पहले जब भी मेरा सेक्स करने का दिल करता था तो मैं मुठ मारकर अपनी तड़प शांत कर लिया करता था मगर अब मुझे मुठ मारने की कोई जरुरत नहीं थी क्योंकि अब मैं अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए उस बड़े मम्मों वाली औरत को कभी खेत में तो कभी जंगल में चोद लिया करता था और वो भी मेरे साथ अवैध सेक्स संबंध बनाकर बहुत ही ज्यादा प्रसन होती थी…

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