फ्री में पढ़ें ऑर्गैज्म के खातिर पति को धोखा देकर रंडी बनी खूबसूरत विवाहिता अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी (Orgasm ke khatir pati ko dhokha dekar randi bani vivahita) :- मेरा नाम विहान है और मैं मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में अकेले रहता हूँ। मेरी नौकरी डिजिटल मार्केटिंग में है और उम्र है 28 साल। ये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी शुरू होती है उस दिन जब मैं अपने दोस्त राज के यहाँ गोवा वाली पार्टी में गया था। उस पार्टी में बहुत सारे लोग थे लेकिन मेरी नज़र सिर्फ एक कामुक लड़की पर टिक गई जो शादी शुदा थी मगर बहुत ही ज्यादा कामुक भी थी।
उस विवाहिता का नाम नेहा गुप्ता था, जो राज की ऑफिस कॉलेग है। लंबे काले बाल, स्लिम कमर और गहरी काली आँखें जो सीधा मेरे दिल में किसी खंजर के जैसे घुस गईं। मैंने उस कामुक लड़की को देखते ही सोचा कि इस लड़की को अगर मैंने अपने बिस्तर पर नहीं लिटाया तो मेरी जिंदगी अधूरी रह जाएगी।
शाम के 7 बज रहे थे और मैं बालकनी में खड़ा था। तभी नेहा मेरे पास आई और बोली, “आप अकेले क्यों खड़े हो? आओ अंदर चलते हैं, डांस करते हैं।” उसकी आवाज़ में एक अलग ही कशिश थी जिस वजह से मेरे अंदर कामवासना जाग्रत हो उठी। मैं मुस्कुराया और बोला, “मैं डांस तो बहुत बुरा करता हूँ लेकिन तुम्हारे साथ चलने को तैयार हूँ।” हम अंदर गए और पब में बियर पीने लगे। देखते-देखते रात के 11 बज गए और सब लोग धीरे-धीरे जाने लगे। राज ने कहा, “विहान, तू आज यहीं रुक जा क्योंकि तूने बहुत ज्यादा पी रखी है। और नेहा भी यहीं रुक रही है क्योंकि उसका घर दूर है।”
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मेरे दिल में एक ठंडी सी हवा दौड़ गई। मैंने सोचा, आज रात कुछ गलत होने वाला है। राज ने हमें अलग-अलग कमरे दिए लेकिन रात के 2 बजे मैं उठा और पानी पीने के लिए किचन में गया। वहाँ नेहा भी आई। उसने पिंक नाइटी पहनी थी जो बमुश्किल उसके जांघों तक आती थी। उसके बोबों का आकार साफ दिख रहा था। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया और पैंट में तनाव पैदा हो गया। मैंने हिम्मत करके कहा, “तुम्हें नींद नहीं आ रही क्या?”
नेहा ने शरारती अंदाज में कहा, “तुम्हारी वजह से नींद नहीं आ रही मुझे डार्लिंग। मैं सोच रही थी कि तुम मुझे अपने कमरे में बुलाओगे या नहीं।” यह सुनकर मेरे होश उड़ गए। मैंने उस विवाहित महिला का हाथ पकड़ा और उसे घसीटते हुए अपने कमरे में ले गया। दरवाजा बंद करते ही मैंने उसे दीवार से लगा दिया और उसके शरबती होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसकी छिनाल की चूत की खुशबू पहले ही मेरे नाक में आ रही थी। मैंने अपना हाथ उस सेक्सी विवाहिता की नाइटी के अंदर डाला और उसके बोबों को सहलाने लगा। उसके निप्पल पहले से ही तने हुए थे जैसे मेरे लंड के लिए भूखे हों।
“आह विहान… धीरे से… तुम बहुत रफ हो रहे हो,” नेहा कराह उठी। मैंने उस खूबसूरत विवाहिता की नाइटी ऊपर चढ़ा दी और उसके बोबों पर झुक गया। पहले मैंने उसके एक निप्पल को अपने मुंह में लिया और चूसना शुरू किया। फिर दूसरे को भी। उसके बोबों की मालिश करते हुए मैंने अपनी उंगली उसकी चूत के ऊपर फेरी। उसकी पैंटी पूरी तरह भीग चुकी थी। मैंने धीरे से उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत देखी। बिल्कुल साफ और गुलाबी रंग की, जिसमें पानी की बूंदें लगी थीं।
“तेरी चूत बहुत गीली है नेहा। क्या तू मेरे लंड के लिए तरस रही है?” मैंने उसके कान में धीरे से कहा। उसने अपनी आँखें बंद कर लीं और बोली, “हाँ विहान, प्लीज अब इंतजार मत करवा। अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दे। मैं बहुत दिनों से चोदवाई नहीं की है।” उसकी इन बातों ने मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर दिया। मैंने अपना पैंट निकाला और मेरा 8 इंच का तना हुआ लंड बाहर आ गया। उसे देखते ही नेहा की आँखें फटी रह गईं।
“इतना बड़ा और मोटा लंड? क्या ये मेरी चूत में आराम से जाएगा?” नेहा थोड़ी घबराई हुई थी। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसकी जांघों को अलग किया। सबसे पहले मैंने उसकी चूत को चाटने का फैसला किया। मैं उसकी चूत के रस को चूसता रहा और उसकी चूत का स्वाद लेता रहा। नेहा पूरी बिस्तर पर कराह रही थी और उसके पूरे शरीर में कंपन हो रहा था। “बस अब बहुत हो गया विहान… मुझे अब तेरा लंड चाहिए। मेरी चूत बहुत ज्यादा खुजला रही है,” उसने हाथ बढ़ाकर मेरा लंड पकड़ लिया।
मैंने चुदाई करने के लिए जल्दी से अपने लंड पर कंडोम पहना मगर उस सेक्सी विवाहिता ने कंडोम हटवा दिया यह कहकर की कंडोम लगाकर सेक्स करने से ऑर्गैज्म प्राप्त नहीं होता। खैर कंडोम उतारने के बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के सामने रख दिया। पहले मैंने उसकी चूत के ऊपरी हिस्से को रगड़ा और फिर धीरे से अंदर घुसा।
उस कामुक विवाहिता की चूत बहुत टाइट थी और मेरा लंड जैसे ही अंदर गया, नेहा ने दर्द से कराह उठी। “बहुत दर्द हो रहा है, थोड़ा धीरे चुदाई कर हरामी,” उसने मेरा हाथ दबाया। मैंने थोड़ी देर रुका और फिर धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू किया। कुछ ही मिनटों में उसकी चूत ने मेरे लंड को पूरी तरह अंदर खींच लिया और नेहा सेक्स का पूरा मजा लेने लगी।
“आह यस… यस… इसी तरह चोद मुझे विहान अपनी रंडी बनाकर। तेरा लंड मेरी चूत को बहुत अच्छा लग रहा है। अपनी सारी ताकत लगा दे,” नेहा ने अपने हाथों से मेरे कूल्हों को पकड़ लिया और जोर से दबाने लगी। मैंने मिशनरी पोजीशन में तेजी से चोदना शुरू कर दिया। उस नंगी विवाहित महिला के बड़े भारी बोबे ऊपर-नीचे हो रहे थे और उसके चेहरे पर सुख की लाली थी। कमरे में सिर्फ चूत की स्क्विश की आवाज़ और लंड के अंदर बाहर होने की आवाज़ आ रही थी।
अब मैंने खूबसूरत नेहा को पलट दिया और डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया। इस पोजीशन में मेरा लंड उसकी चूत में और गहरा जा रहा था और नेहा जोर-जोर से चिल्ला रही थी। “हाँ यार, मेरी तंग चूत फाड़ दे साले अपने इस देसी लंड से। बहुत मजा आ रहा है। और जोर से चोद, और गहरा घुसा,” उसने गंदी-गंदी बातें करनी शुरू कर दीं। मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और अपना लंड पूरी ताकत से उसकी चूत में डालने लगा। उसकी चूत का रस मेरे लंड पर लिपट रहा था और एक चिकना सा लेयर बना रहा था।
फिर हमने ऑर्गैज्म के खातिर स्पूनिंग पोजीशन ट्राई की। मैं उसके पीछे लेटा और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। इस पोजीशन में हम एक दूसरे को किस कर सकते थे और बातें कर सकते थे। “बता नेहा, तेरी चूत में कितने लंड घुस चुके हैं?” मैंने उसके कान में कहा। उसने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा, “सिर्फ 2 और अब तुम्हारा तीसरा। लेकिन तुम्हारा लंड सबसे बड़ा और मोटा है। तुम मेरी चूत को फैला रहे हो जैसे कोई पहली बार चोद रहा हो।”
हम करीब 30 मिनट से चुदाई का आनंद ले रहे थे और मुझे लगा कि अब मेरा वीर्य निकलने वाला है मेरे लंड से। मैंने नेहा से पूछा, “जल्दी से बोल रंडी, मैं मेरा वीर्य कहाँ निकालू? अंदर या बाहर?” उसने जोर से कहा, “अंदर निकाल साले। आज मैं सेफ पीरियड में हूँ। अपना सारा चिपचिपा माल मेरी चूत में उड़ेल दे। मैं तेरे वीर्य से अपनी चूत भरना चाहती हूँ।” यह सुनते ही मैंने अपनी चुदाई करने की गति बढ़ा दी और तेजी से उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।
अंत में एक तेज झटके के साथ मेरा गरमा गर्म वीर्य उसकी चूत के अंदर फूट पड़ा। गर्म-गर्म शुक्राणु उसकी चूत में भर गए और वहाँ से बाहर निकलने लगे। नेहा भी उसी समय चरम पर पहुंच गई और उसकी चूत के अंदर जोरदार ऐंठन हुई। “आह माय गॉड… क्या ऑर्गैज्म दिया है तुमने मुझे आज तो तुम्हारे साथ अवैध सेक्स संबंध बनाकर आनंद ही आ गया। मेरी तो पूरी चूत फट गई,” वह थक कर मेरे ऊपर गिर गई।
हम दोनों पसीने से तर थे और सांसें तेज चल रही थीं। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी चूत से वीर्य बाहर निकलता देखा। ऑर्गैज्म प्राप्त हो जाने के बाद मैंने उस नंगी शादी शुदा महिला की चूत के ऊपर अपनी उंगली फेरी और उसका रस अपने मुंह में डाल लिया।
“तुम बहुत गंदे हो विहान। मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी,” खूबसूरत नेहा हंसते हुए बोली। मैंने उसे कसकर गले लगाया और कहा, “तुमने खुद तो मुझे बुलाया था तुम्हारी चूत का स्वाद चखने के लिए। अब शिकायत कैसी?” हम बाथरूम गए और साथ में स्नान किया। वहाँ भी हमने एक दूसरे के शरीर को साबुन लगाया और थोड़ी देर और मस्ती की। सुबह जब हम उठे तो राज ने कुछ शक नहीं किया। नेहा ने मुझसे कहा, “कल फिर मिलते हैं मेरे घर पर। मेरे पति को ऑफिस जाना है पूरे दिन के लिए मैं घर में बिलकुल अकेली हूँ।”
मैं चौंक गया। “क्या तुम्हारा पति सेक्स के दौरान तुम्हे ऑर्गैज्म प्रदान नहीं करता क्या जो तुम मेरे साथ वापस अवैध सेक्स संबंध बनाना चाहती हो???” मैंने हैरानी से पूछा। उसने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ वो हर रात मुझे चोदता तो है, लेकिन वो साला नामर्द मुझे अच्छे से चोदकर संतुष्ट नहीं कर पाता। इसलिए मुझे बाहर के लंड की जरूरत होती है। अब तुम मेरे रेगुलर रंडीबाज क्लाइंट बन गए हो।” यह सुनकर मेरे मुंह से कोई बात नहीं निकली।
लेकिन मैंने मन में सोचा, जब इस शादी शुदा रंडी की चूत इतनी रसदार हो तो गांड कितनी ज्यादा मजेदार होगी। अब मैं उसके घर जाकर उसकी गांड भी चोदूंगा और उसके मुंह में भी अपना लंड डालूंगा। बस यही सोचकर मैं लंड खुजाते हुए अपने फ्लैट की ओर चल दिया।


