HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesएनल सेक्स के दौरान माँ की गांड में वीर्य छोड़ दिया बेटे ने

एनल सेक्स के दौरान माँ की गांड में वीर्य छोड़ दिया बेटे ने

फ्री में पढ़ें एनल सेक्स के दौरान माँ की गांड में वीर्य छोड़ दिया बेटे ने माँ बेटा हिंदी सेक्स कहानी (Anal sex ke dauran maa ki gaand mein veerya chhod diya bete ne):- नमस्ते दोस्तों, मैं अर्जुन हूँ, लखनऊ का २२ साल का लड़का। पापा की मौत को तीन साल हो गए थे। घर में सिर्फ मैं और मेरी माँ सुनिता रहते थे। माँ ४२ साल की थीं लेकिन उनकी काया अभी भी किसी जवान लड़की जैसी थी।

बड़े-बड़े चुचे, पतली कमर और मोटी-मोटी गांड। साड़ी पहनती थीं तो उनकी चूतड़ की लाइन साफ दिखती थी। मैं कॉलेज से लौटता तो माँ मुझे गले लगातीं। उनके नरम बोब्स मेरी छाती से रगड़ते और मुझे अजीब सी खुजली होती। लेकिन मैं चुप रहता। भगवान जाने क्यों, माँ की तरफ कभी गलत नजर नहीं गई थी।

उस दिन शाम को बारिश हो रही थी। मैं जल्दी घर आ गया। माँ किचन में थीं। उनकी साड़ी भीग गई थी। ब्लाउज का आधा हिस्सा गीला, निप्पल साफ उभरे हुए। मैंने दरवाजे से देखा। माँ की गांड हिल रही थी बर्तन धोते वक्त। मेरा लंड अचानक खड़ा हो गया। मैंने खुद को डांटा, “अर्जुन, ये तेरी माँ है, रंडीबाज मत बन।” लेकिन आँखें हट नहीं रही थीं। माँ ने मुड़कर मुझे देखा और मुस्कुराई। “बेटा, कपड़े बदल लो, भीग जाओगे।” उनकी आवाज में कुछ नयापन था।

रात को डिनर के बाद हम टीवी देख रहे थे। माँ मेरे बगल में बैठी थीं। उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया था। गोरे-गोरे बोब्स का आधा हिस्सा दिख रहा था। मैंने नजर चुराई लेकिन लंड फिर तन गया। माँ ने मेरी जांघ पर हाथ रखा। “अर्जुन, तुम्हें कोई गर्लफ्रेंड है क्या?” मैंने शरमाते हुए कहा नहीं। माँ हँसीं। “मेरे बेटे को तो कोई रंडी भी नहीं मिली?” उनकी बात में छिनालपन था। मैं चौंक गया। माँ पहले कभी ऐसी बात नहीं करती थीं।

एनल सेक्स के दौरान माँ की गांड में वीर्य छोड़ दिया बेटे ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी

एनल सेक्स के दौरान माँ की गांड में वीर्य छोड़ दिया बेटे ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी
Antarvasna Sex Kahani – Anal sex ke dauran maa ki gaand mein veerya chhod diya bete ne

अगली सुबह मैं नहाने गया। बाथरूम का दरवाजा थोड़ा खुला था। माँ अंदर नहा रही थीं। पानी की धार उनके नंगे बदन पर गिर रही थी। उनकी बालों वाली चूत साफ दिखी। मोटी-मोटी जांघें, रसदार फुद्दी। मैंने दरवाजे से झाँका। माँ ने आँखें बंद कर निप्पल मल रही थीं। उनकी सांसें तेज थीं। मेरा लंड पतलून में तनकर दर्द करने लगा। मैं चुपचाप वहाँ खड़ा रहा। माँ ने अचानक आँख खोली और मुझे देख लिया। लेकिन गुस्सा नहीं किया। बस मुस्कुराईं और बोलीं, “बेटा, तौलिया ला दो ना।”

मैं तौलिया लेकर गया। माँ ने नंगी ही बाहर आकर तौलिया लिया। उनके चुचे मेरे हाथ से छू गए। निप्पल तने हुए थे। माँ ने मेरी आँखों में देखा। “अर्जुन बेटा, माँ की रसभरी चूत देखकर लंड खड़ा हो गया है क्या?” मैं शरमा गया लेकिन झूठ नहीं बोल सका अपनी माँ से क्योंकि मैं उन्हें बहुत प्यार करता था। माँ ने मेरे लंड पर हाथ फेरा। “वाह बेटा, कितना मोटा लौड़ा है मुझे तो लगता है तेरा लंड तेरे पापा के लंड से भी ज्यादा बड़ा और मोटा है। माँ की भोसड़ी को तो यही चाहिए था।” उनके शब्द सुनकर मेरा सिर घूम गया।

उसके बाद हर दिन माँ का छिनालपन बढ़ने लगा मेरे साथ अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी कामवासना शांत करने के लिए। मुझे सेक्स चढ़ाने के लिए वे अब पुरे घर में सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में घूमतीं। उनके बड़े बोब्स हिलते रहते। मैं पढ़ने बैठता तो माँ पीछे से आकर मुझे गले लगातीं। उनकी गर्म सांस मेरी गर्दन पर। एक दिन मैंने हिम्मत करके उनके बोबों को छू लिया। माँ ने मेरा हाथ पकड़कर बोबों पर दबाया। “मलो बेटा, माँ के चुचों की मालिश करो। दूध तो सूख गया लेकिन निप्पल अभी भी चूसने लायक हैं।”

मैंने माँ के निप्पल मुंह में ले लिए और छोटे बच्चे की जैसे चूसने लगा। माँ की सांसें फूल गईं। “आह्हह… अर्जुन… चूसो बेटा… माँ की चूचियां तुम्हारी हो गईं।” उनके हाथ मेरे लंड पर थे। पतलून खोलकर उन्होंने मेरा खड़ा लंड बाहर निकाला। “कितना लंबा और मोटा लंड है बेटा। माँ की रंडी चूत को आज तुम चोदोगे।” उन्होंने ब्लोजॉब शुरू कर दिया। गर्म मुंह, जीभ लंड के सिरे पर घुमाती। मैंने उनकी बालों वाली चूत पर हाथ रखा। गीली और रसदार। उंगली अंदर डाली तो माँ कसमसा उठीं।

रात हुई तो माँ ने मुझे अपने बेडरूम में बुलाया। कमरा अंधेरा, सिर्फ बेडसाइड लैंप जल रहा था। माँ पूरी नंगी लेटी थीं। उनके बड़े बोब्स छाती पर लहरा रहे थे। मोटी गांड बिस्तर पर फैली। मैंने कपड़े उतारे। मेरा तना हुआ लंड लटक रहा था। माँ ने पैर फैलाए। “आओ बेटा, अपनी माँ की टाइट चूत चाटो।” मैं घुटनों के बल बैठ गया। चूत चाटना शुरू किया। चूत का रस मीठा और गर्म। माँ की गांड हिल रही थी। “हां बेटा… चूत चाटो… जीभ अंदर डालो… आह्हह… माँ रंडी बन गई है तुम्हारे लिए।”

मेरी नंगी माँ की गुलाबी चूत से रस बह रहा था। मैंने चूत में उंगलियां डालकर अंदर बाहर किया। और मेरी उँगलियों से उनकी चूत को चोदा। जब मैं मेरी उँगलियों से मेरी नंगी माँ की चूत को चोद रहा था तो उस दौरान वो जोर जोर से चीख रही थीं। “अर्जुन… अब चोदो… अपना मोटा लंड माँ की भोसड़ी में डालो।” मैंने माँ की जांघें फैलाईं। थूक लगाने के बाद अपने फौलादी लंड का सिरा माँ की रसभरी चूत के छेद पर रखा

एक जोरदार धक्का। मेरा आधा लंड माँ की चूत के अंदर चला गया। माँ की आँखें बंद। “मेरे भगवान… इतना मोटा लंड वो भी मेरे सगे बेटे का… फट जाएगी आज तो मेरी चूत।” मैंने पूरा लंड ठोका। गांड तक धक्का। माँ की चूत टाइट थी लेकिन रस से चिकनी।

मैंने पुरे जोश के साथ तेज-तेज चोदना शुरू किया मेरी छिनाल माँ को। हर धक्के पर माँ के बोब्स उछल रहे थे। कमरे में चप-चप की आवाज और माँ की चीखें। “चोदो बेटा… अपनी माँ को चोदो… मेरी चूत तुम्हारी है… आह्हह… लंड बहुत गहरा जा रहा है।” मैंने माँ को घुटनों के बल करवाया। डॉगी स्टाइल में गांड ऊंची। उनकी मोटी चूतड़ देखकर लंड और सख्त हो गया। मैंने लंड चूत में डाला और जोर-जोर से ठोकने लगा। गांड पर थप्पड़ मारा। माँ चिल्लाईं, “हां… मारो… माँ रंडी है… चोदो मुझे।”

थोड़ी देर बाद मैंने माँ को अपनी गोद में बिठाया। काउगर्ल पोजीशन। माँ खुद हिल रही थीं। उनके बोब्स मेरे मुंह के सामने। मैं निप्पल चूसता और वे ऊपर नीचे कूद रही थीं। मेरा लंबा मोटा लंड पूरी तरह माँ की रसभरी चूत में समा जाता। चूत का रस मेरे अंडकोष तक बह रहा था। माँ की सांसें हांफ रही थीं। “बेटा… माँ को आज पहली बार इतना मजा आ रहा है… तुम्हारा लंड मेरी चूत को भर रहा है।”

मैंने माँ को चारों खाने चित्त लिटाया। मिशनरी में लंड फिर से ठोकना शुरू। अब तेजी से। उनके बोबों को दबाते हुए चुदाई कर रहा था। माँ के निप्पल काटता। वे मेरी पीठ पर नाखून गड़ाए दे रही थीं। “अर्जुन… तेज… चोदो… माँ का भोसड़ा फाड़ दो… आह्हह… मैं आ रही हूँ… चूत का रस निकल रहा है।” माँ की चूत सिकुड़ी। वे झड़ गईं। गर्म रस मेरे लंड पर बहा।

मैंने रुकना नहीं था। माँ को घुमाकर फिर से डॉगी सेक्स पोजीशन में किया। अब गांड का छेद भी निशाने पर था। मैंने उंगली गांड में डाली। माँ कसमसाईं। “बेटा… गांड भी चोदोगे क्या?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “हां माँ, तुम्हारी पूरी रंडी बॉडी मेरी है।” लंड चूत से निकाला और गांड के छेद पर लगाया। धीरे-धीरे दबाया। माँ दर्द से कराह उठीं लेकिन फिर मजा आने लगा। “आह्हह… गांड में लंड… बहुत मोटा है बेटा… चोदो।”

गुदा सेक्स करने के दौरान मैंने माँ की गांड के अंदर जोर-जोर से लंड ठोकना शुरू किया। माँ की चूतड़ मेरी जांघों से टकरा रही थी एनल सेक्स करने के दौरान। चुदाई की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। गुदा सेक्स के दौरान मेरी नंगी माँ अब पूरी छिनाल बन गई थीं। “चोदो बेटा… अपनी इस छिनाल माँ की गांड फाड़ दे… वीर्य निकाल अंदर… मैं तुम्हारी वेश्या हूँ।” मेरे अंडकोष सिकुड़ने लगे। लंड फूल गया। एनल सेक्स के दौरान मैंने आखिरी धक्के मारे और माँ की गांड में वीर्य छोड़ दिया। गर्म-गर्म चिपचिपा माल गांड में भर गया।

गुदा सेक्स मजा लेने के बाद हम माँ-बेटे दोनों पसीने से लथपथ लेट गए। माँ मेरे सीने पर सिर रखे हुए थीं। उनकी सांसें अभी भी तेज। मैंने उनके बाल सहलाए। “माँ, मुझे प्यार है तुमसे।” माँ ने मुस्कुराते हुए मेरे लंड को सहलाया। “बेटा, माँ भी तुम्हें चाहती है। अब रोज चोदना। मेरी चूत और गांड दोनों तुम्हारी।” हम दोनों हँसे। उस रात हमने दो बार और चुदाई की। एक बार शावर के नीचे, दूसरी बार सुबह बेड पर।

अब हर दिन हम माँ बेटे की खतरनाक चुदाई का सिलसिला चलता है और चूत चुदाई के बाद हम गुदा सेक्स करते हैं क्योंकि मेरी माँ को एनल सेक्स करना बहुत ही ज्यादा पसंद है। माँ सुबह उठकर मुझे ब्लोजॉब देती हैं। शाम को मैं उनकी चूत चाटता हूँ। रात को अलग-अलग पोजीशन में चोदता हूँ। कभी माँ मेरे ऊपर, कभी मैं उन पर। उनके बोबों का दूध नहीं लेकिन स्वाद बहुत मीठा है। उनकी चूत अब मेरे लंड की आदी हो गई है। हम लखनऊ के घर में खुशी-खुशी रहते हैं। कोई नहीं जानता कि मेरी माँ अब मेरी रंडी है।

ये थी मेरी बिलकुल असली माँ बेटा गांड चुदाई अर्थात गुदा सेक्स की गंदी कहानी। अगर आपको यह गन्दी गांड चुदाई कहानी पसंद आई तो कमेंट में जरूर बताना। अगली कहानी में और ज्यादा गर्म-गर्म चुदाई लाऊंगा।

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