हाई-क्लास कॉलगर्ल ने मेरा 7 इंच का लंड अपनी गांड में लिया घोड़ी बनकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी – High-class call girl took my 7-inch dick in her ass Antarvasna Hindi sex story – High-class call girl ne mera 7 inch ka lund apni gaand mein liya …
मेरा नाम रोहन महरा है। 32 साल का हूँ, मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर मैनेजर हूँ। बाहर से देखो तो पूरी ज़िंदगी परफेक्ट लगती है – अच्छी सैलरी, अपना फ्लैट, और एक कातिल हसीना जैसी बीवी, श्रुति। पर असलियत ये है कि बेडरूम में हमारी ज़िंदगी महीनों से बंजर पड़ी है।
जब भी मैं श्रुति के करीब जाने की कोशिश करता, उसे सिरदर्द होने लगता या थकान का बहाना बना देती। मेरा लंड तो हर रात तना हुआ खड़ा रहता, पर उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता था। मैं बाथरूम में जाकर हस्तमैथुन करता, पर अब तो उससे भी दिल नहीं भरता था। मुझे असली चूत की भूख लगी थी, किसी रसदार चूत की, जो मेरे लंड को अंदर तक भिगो दे।
एक शाम पता नहीं रंडी के साथ सेक्स करने की क्या सूझी, मैंने ऑनलाइन कॉलगर्ल सर्विस सर्च की। बहुत सोच-विचार के बाद मैंने दीया नाम की एक लड़की को चोदने के लिए बुक किया। उसकी प्रोफाइल में सब कुछ लिखा था – “सिर्फ हाई-क्लास क्लाइंट्स के लिए ही सेक्स सर्विस उपलब्ध है। बेहद गर्म और अनुभवी। आपको संतुष्ट करने का पूरा भरोसा बस एक बार चुदवाने का मौका दें।”

उस हाई-क्लास कॉलगर्ल की प्रोफाइल देखकर मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। ये मेरी ज़िंदगी का पहला मौका था जब मैं किसी धंधेवाली के पास जाने वाला था अपनी कामुकता शांत करने के लिए। लेकिन अब शरीर की भूख, इज्ज़त और शर्म सब पर भारी पड़ रही थी।
मैं उस हाई-क्लास कॉलगर्ल के साथ सेक्स करने के लिए बांद्रा के उस 5 स्टार OYO होटल में गया और कमरा बुक करके दीया का इंतज़ार करने लगा। इंतजार के दौरान हर मिनट मुझे 1 घंटे जैसा लग रहा था। आखिरकार रात के 9 बजे दरवाज़े पर दस्तक हुई।
मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने जो खड़ी थी, उसे देखकर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया। दीया बेहद खूबसूरत थी। हल्का सांवला रंग, लंबे बाल, और एक ऐसी बॉडी जो एकदम आग बबूला थी। उसने छोटी सी रेड ड्रेस पहनी हुई थी, जिससे उसके 36D के बोबे साफ़ झलक रहे थे। उसके होंठों पर एक रहस्यमयी मुस्कान थी, जैसे वो मुझे पहले से ही जानती हो।
“अंदर आओ डार्लिंग !” मेरा पहली बार था इस लिए डर की वजह से मेरी आवाज़ थोड़ी काँप रही थी। वो हाई-क्लास कॉलगर्ल दीया अंदर आई और बेड पर आराम से बैठ गई। उसके बैठने का अंदाज़ भी इतना सेक्सी था कि मैं पल भर के लिए खो गया। उसने मेरी तरफ देखकर कहा, “घबराओ मत! मैं तुम्हारा पूरा ख्याल रखूंगी।”
पहले तो हमने कुछ देर बात की। मैं जानना चाहता था कि एक लड़की इस धंधे में कैसे आती है। दीया का असली नाम नेहा था, लखनऊ की रहने वाली थी, और पैसों की बर्बादी ने उसे यहाँ तक पहुँचा दिया था। उसकी कहानी सुनकर मेरे मन में उसके लिए थोड़ी सहानुभूति पैदा हुई।
पर फिर दीया ने कहा, “बहुत बातें हो गईं… अब थोड़ा मज़ा करें?” और उस रंडी लड़की ने चुदाई करवाने के लिए मेरी जींस के बटन खोलने शुरू कर दिए।
दीया ने बड़े ही अंदाज़ से मेरी पैंट नीचे सरकाई। फिर वो मेरे बॉक्सर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी। उसकी उंगलियों का स्पर्श इतना शानदार था कि मेरा लंड पहले से भी ज्यादा तना हुआ हो गया। उसने बॉक्सर हटाया तो मेरा 7 इंच का लंड हवा में लहराया। मुझे अपने मोटे लौड़े पर गर्व था। “वाह! कितना अच्छा मोटा लौड़ा है तुम्हारा,” दीया अपने होंठों पर जीभ फेरते हुए बोली।
फिर उस हाई-क्लास कॉलगर्ल ने बिना कोई देरी किए मेरे 7 इंच के लौड़े को अपने हाथों में लिया और धीरे-धीरे रगड़ने लगी। ये सिर्फ हैण्डजॉब नहीं था, ये तो कला थी! वो कभी मेरे लंड के गोटे को सहलाती, कभी पूरे लंड को दबाकर ऊपर-नीचे करती। उसका हाथ इतना सॉफ्ट था कि मेरी आँखें बंद हो गईं और मुँह से सिर्फ आहें निकलने लगीं। उस हाई-क्लास कॉलगर्ल दीया ने अपने होंठ मेरे लंड के पास लाए और बोली, “अब इसे मेरे मुँह में दे दो।”
मैंने उस रंडी लड़की के घने काले बाल पकड़ लिए, हल्का सा खींचा, और वो मेरे पूरे लंड को अपने गर्म और गीले मुँह में लेकर चूसने लगी। उसका ब्लोजॉब अद्भुत था। वो जानती थी कि जीभ कब और कहाँ फिरानी है। वो मेरे लंड के तने हुए सिरे को ज़ोर से चूसती, फिर पूरी लंबाई अपने गले तक ले जाती। ऐसा लगता था जैसे दुनिया की सारी गर्मी उसके मुँह में उतर आई हो।
“उम्म्म… तुम कितना सख्त हो,” दीया बीच में थोड़ी देर रुककर बोली और उसने मेरे लंड को पूरी तरह से चाट डाला। उसके होंठों से मेरे लौड़े का चिपचिपा माल बाहर आ रहा था। उसके मुखमैथुन ने मुझे पागल कर दिया।
अब मेरी बारी थी। मैंने दीया को बेड पर पटक दिया और उसकी ड्रेस को उतार फेंका। उसके 36D के बोबे बाहर झलक पड़े। मैं तुरंत उन पर टूट पड़ा और उसके गहरे भूरे रंग के निप्पल को चूसने लगा। मैं बारी-बारी से एक निप्पल को चूसता, दाँतों से दबाता, और चूचियों का पूरा गोलाई में मसलता। दीया ज़ोर-ज़ोर से कराह रही थी।
“हाँ, और तेज़… मेरे बोबों को और ज़ोर से दबाओ,” वो बोली। मेरे हाथ उस रंडी लड़की के चूतड़ों पर फिर रहे थे। कितनी टाइट गांड थी उसकी, एकदम सख्त और चिकनी। मैंने धीरे-धीरे उसकी गांड वाले कपड़े को नीचे सरकाया, और मेरे सामने थी उसकी गुलाबी, झांट के बालों वाली चूत। उसकी चूत के ऊपर हल्के-हल्के झांट के बाल थे, जो उस छिनाल की जवानी पर हरी मुहर लगा रहे थे।
मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और सीधा उस नंगी हाई-क्लास कॉलगर्ल की टांगों के बीच घुस गया। मैंने उसकी चूत को अपनी उंगलियों से खोला। वो पहले से ही गीली थी। उसका चूत का रस मेरी उंगलियों पर चिपक रहा था। फिर मैंने अपनी नाक और जीभ उसकी फुद्दी पर लगा दी। वो इतनी रसदार चूत थी कि मैं उसे चाटता ही रहा। मैंने चूत के ऊपर वाले मटर को ज़ोर से चूसा। दीया की आवाज़ें और तेज़ होती गईं, “हाँ बाबू, ऐसे ही… मेरी फुद्दी को पूरा खा जा!”
फिर मैंने अपनी 1 उंगली, फिर 2 उंगलियों, उसकी टाइट चूत में अंदर डाल दीं। अन्दर से वो एकदम गर्म और चिपचिपी थी। जब मेरी उंगली नीचे उतरी तो मैंने उसकी गांड का छेद भी धीरे से दबाया। वो चौंकी, लेकिन फिर उसकी आँखों में शरारत दिखी। “लगता है तुम गांड के भी शौकीन हो?”
ये सुनते ही मैं और पागल हो गया। मैंने अपनी 1 उंगली गीले चूत के रस में डुबोई और धीरे-धीरे उसकी गांड के छेद के अंदर डालने लगा। दीया ने अपने कुल्हे ऊपर उठा लिए और मेरी उंगली लेने लगी। “अंदर करो, पूरी उंगली अंदर करो,” वो चिल्लाई।
मैंने उस रंडी की गांड में थूक लगाकर अपनी 1 पूरी उंगली घुसा दी (Anal Fingering) और ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगा। गांड में ऊँगली करने के दौरान उस रंडी की आँखें पलट गई थीं और वो बिना शर्म के मेरे सामने कराह रही थी, उसकी सारी छिनालपन सामने आ चुकी थी। अब मेरी सहनशक्ति जवाब दे चुकी थी। “तैयार हो जाओ!” मैंने गुर्राते हुए कहा।
मैंने गांड में लंड पेलकर चुदाई करने के लिए उस नंगी रंडी दीया को घुमाकर डॉगी स्टाइल पोज़ीशन में बेड पर खड़ा कर दिया। उसका कूल्हों का उभार, उसकी चिकनी पीठ, और पैरों के बीच वो रसीली चूत—ये सब देखकर मेरे अन्दर का जानवर जाग गया। मुझे उस ख़ास पोज़ीशन की याद आई जिसके बारे में मैंने पढ़ा था – फायर हाइड्रेंट, जहाँ और गहराई तक जाया जा सकता है।
मैंने अपना खड़ा हुआ 7 इंच का लंड उस हाई-क्लास कॉलगर्ल की चूत के दरवाज़े पर रखा और एक ही झटके में पूरा अंदर तक उतार दिया। “आआह्ह!” दीया ज़ोर से चीखी।
उसकी टाइट चूत ने मेरे पूरे लौड़े को ऐसे पकड़ा मानो उसने कभी देखा ही न हो। मैंने उसके कमर को कसकर पकड़ लिया और पागलों की तरह चोदना शुरू कर दिया। हर झटके के साथ हमारे शरीर टकराते और एक भद्दी, कामुक आवाज़ पूरे कमरे में गूंजती थी। “हाँ! और ज़ोर से! मेरी चूत फाड़ दो!” दीया बिना रुके चिल्ला रही थी।
ऐसा लग रहा था जैसे मैं ने महीनों की भूख एक ही बार में मिटानी हो। मैं पूरी ताकत से उसकी गांड पर धक्के मार रहा था। मेरी नज़र उसके गांड के छेद पर पड़ी जो बार-बार सिकुड़ रहा था। मैंने अपना अंगूठा फिर से उसके गांड के छेद पर लगाया और उसी रिदम में दबाने लगा।
“तुम्हारा भोसड़ा बहुत गर्म है,” मैंने उसके कान में साँस भरते हुए कहा। “हाँ बेबी, मेरे भोसड़े में आग लगी हुई है जल्दी से अपने लंड से उस आग को भुजा दो,” उसने अपने कूल्हों को मेरी तरफ और ताकत से पीछे किया। फिर मैंने उसी अंदाज़ में चोदना जारी रखा। लेकिन मैं और एक्सपेरिमेंट करना चाहता था। मुझे एक और पोज़ीशन का ख्याल आया — लीपफ्रॉग — जो डॉगी स्टाइल का ही एडवांस रूप है। मैंने दीया को कहा, “अपनी कोहनियों के बल झुक जाओ।”
उस हाई-क्लास कॉलगर्ल ने बिना किसी सवाल के मेरी बात मान ली और अपनी बाँहों के बल बेड पर झुक गई। इससे उसकी गांड और ऊपर उठ गई और उसकी चूत एक नए, गहरे एंगल पर मेरे सामने आ गई। मैं उसके पीछे झुका और फिर अपना तना हुआ लंड उसके अंदर डाल दिया। इस बार का अहसास पहले से भी गहरा था। हर झटके के साथ मेरा लंड उसके पेट के निचले हिस्से में टकरा रहा था। चुदाई के दौरान नंगी दीया की कराह अब चीख में बदल चुकी थी।
“बहुत गहरा जा रहा है! हाँ, बिलकुल ऐसे ही… मारो मुझे, मेरे रंडीपन को निकाल डालो!”
उसके इन गंदे शब्दों ने मेरे खून को और गर्म कर दिया। मैं उसकी कमर पर दबाव देते हुए उसे चोद रहा था, और इस दौरान मेरी नज़र लगातार उसकी गांड के छेद पर टिकी थी। मैंने सोचा, “बस थोड़ी सी उंगली और डालूंगा।” और फिर अपने 2 उंगलियों को लार से गीला करके, एक साथ उसकी गांड के छेद में सरका दिया।
ये उसकी हद हो गई। क्योंकि मैं उसकी चूत को अपने लौड़े से और गांड को अपनी दो उंगलियों से एक साथ चोद रहा था। दीया पूरी तरह से पागलों की तरह चिल्लाने लगी, “हाँ, मेरी गांड और चूत दोनों भर दो! मैं रांड हूँ, तुम्हारी सड़क छाप रांड!”
फिर मैंने अपनी उंगलियाँ निकाल दीं और सिर्फ अपने लंड पर फोकस किया। मेरे अंडकोष ज़ोर से तने हुए थे और उनमें मेरा सारा माल जमा था। मैंने दीया को बेड पर पीठ के बल लिटा दिया और उसके पैरों को अपने कंधे पर उठा लिया, एक तरफा मिशनरी पोज़ीशन। मैं उसके चेहरे को देखना चाहता था जब मैं उसके अंदर अपना सब कुछ डाल दूं।
अब हमारी आँखें मिल रही थीं। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी—भूख, सब्र, और एक शातिर औरत का अहसास। मैंने अपना लंड फिर से उसकी सूजी हुई, गीली चूत में डाला और धीरे-धीरे, गहराई से धक्के देना शुरू किया। हर बार मेरा मुसल जैसा लंड उसके भोसड़े की छत को छूता और वो कराह उठती।
“अब मुझे मत रोकना,” मैं साँस भरते हुए बोला। “बिल्कुल मत रुकना… मेरे अन्दर ही झड़ जाओ… मुझे अपने गर्म शुक्राणु से भर दो,” दीया ने अपने हाथों से मेरे कूल्हे पकड़ लिए और मुझे अपनी तरफ खींच लिया।
मेरी रफ़्तार बढ़ती चली गई—तेज़, और तेज़, और तेज़। मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ गई। मेरे अंडकोष सिकुड़ने लगे। और फिर आखिरी झटके के साथ, मैंने एक लम्बी, तीखी साँस ली और दीया की चूत के अन्दर ही झड़ गया। मेरे गर्म वीर्य की धारें सीधा उसकी गहराई में भर गईं। वो कामुक लम्हा अनंत काल जैसा लगा। मेरा पूरा शरीर काँप उठा, मेरी बाँहें जवाब दे गईं, और मैं उसके ऊपर गिर पड़ा।
हम दोनों हाँफ रहे थे। मेरा चिपचिपा माल उसकी टाँगों से धीरे-धीरे नीचे बह रहा था। पूरा कमरा सेक्स और पसीने की गंध से भर चुका था। वो आवाज़ें, वो बातें, वो पल—सब अब एक सुनहरी याद की तरह हवा में तैर रहे थे।
कॉल गर्ल दीया ने मेरी तरफ देखा, एक मासूम मुस्कान दी, और बोली, “ये सिर्फ रुपयों का सौदा नहीं था।” मैंने अपनी आवाज़ पूरी तरह से वापस आने पर उससे पूछा, “क्यों?” “क्योंकि तू मेरी चूत नहीं, मेरी कहानी भी सुनना चाहता था,” उसने धीरे से कहा।
उसकी इस बात ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया। एक कॉलगर्ल, एक धंधेवाली, जिसे समाज छिनाल कहता है, उसके अंदर इतनी समझदारी थी। मैंने उसके माथे को चूमा और कहा, “शायद मैं अकेला नहीं हूँ जिसे भूख है।”
नीचे कमेंट करके ज़रूर बताना, इस कॉल गर्ल की होटल में हुई गांड चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी में मेरे कौन से एक्शन ने आपको सबसे ज़्यादा गर्म किया? क्या कभी आपने अपने पार्टनर के साथ डॉगी स्टाइल या फायर हाइड्रेंट पोज़ीशन ट्राई की है? मुझे आपके अनुभव पढ़ना बहुत पसंद है।


