HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesवर्जिन चूत की जगह मामा जी को गांड चोदने का ऑफर दिया

वर्जिन चूत की जगह मामा जी को गांड चोदने का ऑफर दिया

सगाई समारोह में सील पैक वर्जिन चूत की जगह मामा जी को मेरी गांड चोदने का ऑफर दिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह कामुक कहानी उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक पारिवारिक समारोह के दौरान घटित होती है। मैं, प्रिया, 20 साल की कॉलेज छात्रा, अपने मामा जी, सुनील, के साथ एक निषिद्ध और उत्तेजक अनुभव साझा करती हूँ। सुनील, 38 साल के आकर्षक पुरुष, मेरे साथ बाथरूम में एक गर्म मुलाकात में शामिल होते हैं।

मैं अपनी चूत की वर्जिनिटी बचाने के लिए उनकी चुदाई की इच्छा को ठुकरा दिया और अपनी गांड चोदने का ऑफर दिया। सुनील मामा जी बिना कंडोम के मेरी गांड चुदाई की शर्त रखते हैं, जिसे मैं स्वीकार करती हूँ। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी मेरे दृष्टिकोण से है, जिसमें 69 पोजीशन में मुखमैथुन और बाथरूम में घोड़ी बनाकर पीछे से मेरी गांड चुदाई के विस्तृत, उत्तेजक विवरण हैं। सभी नाम, स्थान और घटनाएँ पूरी तरह काल्पनिक और मौलिक हैं, जो भारतीय परिवेश में रची-बसी हैं।


मैं प्रिया, 20 साल की, जौनपुर की रहने वाली एक वर्जिन लड़की हूँ। मेरा कद 5 फीट 4 इंच है, रंग गोरा और फिगर 34-26-36। कॉलेज के पहले साल के इम्तिहान खत्म होने के बाद मैं अपने भाई (मामा जी का बेटा) की सगाई के समारोह में शामिल होने मेरे मामा जी के घर गई थी। हमारी रिश्तेदारी काफी लम्बी चौड़ी है इस लिए घर में रिश्तेदारों का मेला लगा था। संगीत की धुन, हल्दी की खुशबू और हंसी-मजाक से माहौल रंगीन था। मेरे मामा जी, सुनील, भी वहाँ थे। 38 साल के सुनील मामा जी का शरीर मजबूत था। उनका कद 5 फीट 10 इंच, रंग सांवला और चेहरा आकर्षक। उनकी गहरी आँखें और मुस्कान मुझे हमेशा बेचैन करती थी।

सगाई समारोह की रात थी। रिश्तेदारों की भीड़ के कारण सोने की जगह कम पड़ गई थी। मैं बाथरूम में नहाने गई थी। गर्मी की रात थी, और मैंने हल्की सी नाइटी पहनी थी, जो मेरे बदन से चिपक रही थी। नहाने के बाद मैं जैसे ही बाहर निकलने वाली थी, मामा जी बाथरूम में दाखिल हुए। उनकी नजरें मेरे गीले बदन पर थीं। वो बोले, “प्रिया, तुम तो और भी हसीन लग रही हो।” उनकी आवाज में शरारत थी। मैं शरमा गई, लेकिन मेरे बदन में एक अजीब सी सिहरन दौड़ गई।

मुफ्त में पढ़ें सगाई समारोह में सील पैक वर्जिन चूत की जगह मामा जी को मेरी गांड चोदने का ऑफर दिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

सगाई समारोह में सील पैक वर्जिन चूत की जगह मामा जी को मेरी गांड चोदने का ऑफर दिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी In the engagement ceremony instead of seal pack virgin pussy uncle was offered to fuck my ass Antarvasna Hindi sex story
In the engagement ceremony, instead of seal pack virgin pussy, uncle was offered to fuck my ass Antarvasna Hindi sex story

मामा जी मेरे करीब आए। उनकी सांसें मेरे चेहरे पर महसूस हो रही थीं। वो बोले, “प्रिया, मैं तुम्हारी चूत चोदना चाहता हूँ।” उनकी बात सुनकर मेरी सांस रुक गई। मैंने कहा, “मामा जी, मैं वर्जिन हूँ। मेरी चूत सील पैक है। चूत की चुदाई नहीं करने दूंगी।” मेरे शब्दों में दृढ़ता थी, लेकिन मेरे दिल में उत्तेजना और डर का मिश्रण था। फिर मैंने हिम्मत करके कहा, “अगर चोदना ही है, तो मेरी गांड चोद लो।” मेरी बात सुनकर उनकी आँखें चमक उठीं।

मामा जी मुस्कुराए और बोले, “ठीक है भांजी, लेकिन मेरी भी एक शर्त है। मैंने पूछा की मामा जी आपकी क्या शर्त है ??? तो बो बोले की भांजी मुझे कंडोम पहनकर चुदाई करना जरा भी अच्छा नहीं लगता इस लिए मैं बिना कंडोम के तेरी गांड मारूँगा और एनल सेक्स के दौरान गांड के अंदर ही मेरा वीर्य निकालूँगा।” मैं थोड़ा हिचकिचाई, लेकिन मेरी हवस जाग चुकी थी तो मैंने बिना कंडोम के गांड चुदाई करके मेरी गांड में ही वीर्य निकालने के लिए हाँ कह दी। बाथरूम का दरवाजा बंद था। पानी की बौछार की आवाज बाहर की हलचल को दबा रही थी। मामा जी ने अपनी शर्ट और पैंट उतारी। उनका 7 इंच का लंड तनकर खड़ा था। मैंने अपनी नाइटी उतारी और सिर्फ पैंटी में रह गई। मेरी नजरें उनके लंड पर टिक गईं। वो सख्त और गर्म दिख रहा था।

मैंने घुटनों के बल बैठकर उनके लंड को हाथ में लिया। मेरी उंगलियाँ उनके सख्त लंड पर फिसल रही थीं। मैंने धीरे से उनकी सुपारी को चूमा। उनकी सिसकारी निकल गई। फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए। मैं फर्श पर लेट गई, और मामा जी मेरे ऊपर उल्टे हो गए। उनका लंड मेरे मुँह में था, और उनकी जीभ मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को सहला रही थी। मैंने उनके लंड को चूसना शुरू किया। मेरी जीभ उनके लंड की नसों पर फिर रही थी। वो मेरी पैंटी उतारकर मेरी चूत को चाटने लगे, लेकिन मैंने उन्हें फिर याद दिलाया, “मामा जी, चूत नहीं, गांड।”

मामा जी ने बाथरूम में बिना कंडोम के घोड़ी बनकर मेरी गांड की चुदाई करी

मामा जी ने मुझे घोड़ी बनने को कहा। मैं बाथरूम के फर्श पर घुटनों और हाथों के बल झुक कर गांड चुदवाने के लिए घोड़ी बन गई। मेरी सेक्सी गांड उनकी तरफ थी। उन्होंने मेरी गांड के छेद में जड़ी-बुटियों से बना प्राकृतिक शैंपू लगाया और अपनी उंगली अंदर मेरी गांड के छेद में डाली। मैं सिहर उठी। दर्द और उत्तेजना का मिश्रण था। फिर उन्होंने अपने लंड पर भी वही जड़ी-बुटियों से बना प्राकृतिक शैंपू लगाया और मेरी गांड पर धीरे-धीरे लंड डालते गए। मैंने सिसकारी भरी, “आह… मामा जी, धीरे… मेरी गांड फट जायगी” लेकिन वो नहीं रुके। उन्होंने अपने लंड को मेरी गांड में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। दर्द के साथ-साथ एक अजीब सा मज़ा भी आ रहा था।

मामा जी जड़ी-बुटियों से बना प्राकृतिक शैंपू लगाकर मेरी गांड मार रहे थे इस वजह से जैसे ही मैंने गांड चुदाई के दौरान जोर से पादा वैसे ही झाग के बुलबुले पुरे बाथरूम में उड़ने लगे। करीब 10 मिनट तक वो डॉगी सेक्स पोजीशन में मेरी गांड चोदते रहे। समय के साथ साथ उनकी गांड मारने की रफ्तार बढ़ती गई। मैं अपनी गांड केइ चुदाई करवाते करवाते सिसकार रही थी, “मामा जी… और जोर से चोदो मेरी गांड को और आज मेरी गांड फाड़ डालो…” मेरी बात सुनकर वो और तेज हो गए। उनकी सांसें भारी थीं। अचानक मैंने महसूस किया कि उनका गर्म वीर्य मेरी गांड में छूट रहा है। वो मेरे अंदर ही झड़ गए। मामा जी के लंड से अपनी गांड मरवाने के बाद मैं शर्मिंदगी और उत्तेजना से भरी हुई थी।

हम दोनों हांफ रहे थे। मामा जी ने मुझे उठाया और मेरे होंठों को चूमा। वो बोले, “प्भांजी, तू कमाल की है आज तो मजा ही आ गया तेरी गांड मारकर।” फिर मैंने शरमाते हुए उनसे कहा, “मामा जी, ये हम मामा भांजी का राज़ रहेगा।” एनल सेक्स करने के बाद हमने अपने कपड़े पहने और एक एक करके बाथरूम से बाहर निकल आए। बाहर समारोह की हलचल अभी भी जारी थी। मेरे मन में शर्म और उत्तेजना का तूफान चल रहा था। दोस्तों मैंने गांड चुदाई का मजा लिया मगर मेरी चूत अभी भी बिलकुल सील पैक और वर्जिन थी…


सगाई समारोह में सील पैक वर्जिन चूत की जगह मामा जी को मेरी गांड चोदने का ऑफर दिया अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

यह दर्दनाक गांड चुदाई मेरे लिए अविस्मरणीय थी क्योंकि जीवन में पहली बार मैंने घोड़ी बनकर अपनी गांड की चुदाई करवाई थी वो भी अपनी माँ के भाई अर्थात मेरे मामा जी के लंड से। मामा जी के साथ बाथरूम में बिताए वो पल शर्म, उत्तेजना और असहायता से भरे थे। यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन भारतीय परिवेश और भावनाओं को दर्शाती है। मुझे उम्मीद है कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी। कृपया बताएँ कि आपको कथानक, किरदार और लहजा कैसा लगा। आपकी राय मेरे लिए महत्वपूर्ण है।

RELATED ARTICLES

You Must Watch