HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesतंग चूत की भााभी के मायके में जोरदार धक्कों के साथ चुदाई

तंग चूत की भााभी के मायके में जोरदार धक्कों के साथ चुदाई

मुफ्त में पढ़ें शादी शुदा युवती की तंग चूत की सेक्सी भााभी के मायके में जोरदार धक्कों के साथ चुदाई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह कामुकता भरी अन्तर्वासना सेक्स कहानी एक युवक की है जिसका तबादला दिल्ली से करनाल हो जाता है। वहाँ वह अपनी सेक्सी भाभी के मायके में नीलिमा नाम की एक खूबसूरत शादी शुदा युवती से मिलता है जिसका पति एक साल से इटली में है। खूबसूरत शादी शुदा नीलिमा की यौन भूख और अकेलेपन की पीड़ा को भाँपकर युवक उसके सााथ अवैध सेक्स संबंध बनाता है और दोनों मिलकर अपनी अपनी कामवासना को शांत करते हैं।

इस अवैध सेक्स संबंध बनाने की गंदी कहानी में उनके बीच होने वाली गर्मागर्म मुलाकातों और अवैध यौन संबंधों का नंगी फोटो के साथ विस्तृत वर्णन किया गया है। यह कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी केवल वयस्क पाठकों के लिए है। इसमें स्पष्ट यौन विवरण और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया है। यदि आप 18 वर्र्ष से कम उम्र के हैं या इस प्रकार की सामग्री पढ़ना नहीं चाहते हैं, तो कृपया इस पेज को तुरंत छोड़ दें।


बहुत ही खूबसूरत जैसे कोई अप्सरा! शरीर का एक एक अंग जैसे किसी सांचे में ढाला गया हो। जो एक बार देखे तो बस उसी का होकर रह जााए। गोरा-चिट्टा रंग, लम्बा कद, दिल को हिला देने वाली मस्त मस्त चूचियाँ, पतली कमर और फिर शानदार गोल गोल गाण्ड जैसे भगवान ने दो चिकने घड़े लगा दिए हों। नीलिमा नाम है उसका।

बात तब की है जब मेरा तबादला दिल्ली से करनाल, हरियाणा में हो गया। करनाल मेरा देखा-भाला शहर था। मेरे कुछ मित्र भी पहले से ही यहाँ रहते थे। मैं कुछ दिन वहाँ गेस्टहाउस में रहा और फिर एक किरााए का कमरा ले लिया। आपको बता दूँ करनाल में मेरे भाई की ससुराल भी है। भाभी के घर वालों ने बहुत जोर दिया कि मैं उनके घर पर रुक जााऊँ पर मुुझे यह ठीक नहीं लगा क्योंकि मेरी जॉब घूमने फिरने की थी और फिर मेरा आने-जाने और खाने-पीने का कोई वक्त नहीं था।

आखिर कमरा लेने के बाद जिन्दगी अपनी गति से चलने लगी। जैसे कि आपको पता ही है कि दिल्ली में तो मेरे मज़े थे। मस्त चूत चोदने को मिल रही थी। मज़ा ही मज़ा था। पर जब से करनाल आया था चूत के दर्र्शन ही नहीं हुए थे। एक बार मेरे एक दोस्त चूत का इंतजाम किया भी पर वो मुझे पसंद नहीं आई क्योंकि रंडी चोदना मुुझे बिलकुल भी पसंद नहीं। अपनी तो सोच है कि शिकार करके खाने में मज़ा ही कुुछ और है।

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भााभी के मायके में शादी शुदा युवती की तंग चूत की जोरदार धक्कों के साथ चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी
Hindi sex story: Married girl’s tight pussy fucked with strong thrusts at Bhabhi’s maternal home

ऐसे ही एक महीने से ज्यादा गुज़र गया। अब मुझ से रहा नहीं जा रहा था और मेरी आँखें अब सिर्फ और सिर्फ चूत की तलाश में रहती। तभी मेरी भााभी अपने मायके में आई तो उसने मुझे भी बुला लिया। मैं जाना तो नहीं चाहता था पर फिर जब उसने ज्यादा जिद की तो मैं शाम को भााभी के मायके चला गया।

मैंने भााभी के मायके मे जाकर मेन गेट की घण्टी बजाई तो उस क़यामत ने दरवाज़ा खोला जिसका नाम नीलिमा है। उसको देखा तो मैं देखता ही रह गया। नीलिमा ने मुझे दो बार अंदर आने को कहा पर मैं तो जैसे किसी जादू में बंध गया था बस एकटक उसी को देख रहा था। उसकी मोहक हँसी से मैं जैसे स्वपन से बाहर आया। वो मेरी तरफ देख कर हँस रही थी। मैं झेंप गया। मेरी भी हँसी छूट गई। मैं पहले भी भाभी के मायके आया था पर मैंने इस क़यामत को पहले कभी नहीं देखा था। वो बिल्कुल अनजान थी मेरे लिए। वो मुझे बैठा कर अंदर चली गई और मैं बैठा सोचता रहा कि आखिर यह है कौन?

तभी भाभी और उसकी मम्मी आई और फिर बातों का सिलसिला चल निकला। कुुछ देर बाद वो चाय नाश्ता लेकर कर दुबारा आई। जैसे ही मेरी उससे नज़र मिली मेरी हँसी छूट गई तो जवााब में वो भी हल्के से मुस्कुरा दी। कुछ देर बाद मौका मिलने पर मैंने उसके बारे में भााभी से पूछा तो उसने बताया कि वो उसके चाचा के लड़के की पत्नी है। मैंने तारीफ की और बात आगे चली तो उसने बताया कि वो तनहा है क्योंकि उसका पति करीब एक साल से इटली गया हुुआ है और वही काम करता है।

करनाल आने के बाद पहली बार किसी महिला को देखकर मेरे दिल की धड़कनें तेज हुुई थी और लंड में कड़कपन महसूस हुआ था। भााभी ने मुुझे रात को अपने घर पर ही रोक लिया और मुझे मजबूरन भााभी के मायके में रात बितानी पड़ी। रात को खाना खाने के बाद सब लोग बैठ कर बातें करने लगे तो नीलिमा भी हमारे पास आ कर बैठ गई। फिर जो हँसी मजाक शुरू हुुआ तो समय का पता ही नहीं लगा। नीलिमा की खिलखिलाती हँसी हर बार मेरे दिल के तारों को झंझोड़ देती। मन में बार बार उसके पति के लिए गाली निकल रही थी कि इतनी खूबसूरत बीवी को छोड़ कर वो इटली क्या अपनी माँ चुदवाने गया है?

मटकते कूल्हों और बलखाती पतली सी कमर पर नजरें अटक सी गयी

जैसे मैं नीलिमा की तरफ आकर्र्षित हो रहा था तो मुुझे वो भी अपनी तरफ आकर्र्षित होती महसूस हुुई क्योंकि अब हमारी नजरें एक दूसरे से बार बार टकरा रही थी, यह मेरे लिए शुभ संकेत था। रात को बातें करते करते कब सो गए समय का पता ही नहीं चला। सुबह नीलिमा ने ही गर्मागर्म चाय के सााथ गुड मोर्निंग बोला। जैसे ही मेरी नज़र नीलिमा से मिली तो उसने भी एक मुस्कान के साथ मेरी तरफ देखा। दिल की तड़प अब इतनी बढ़ गई थी कि दिल कर रहा था कि अभी बिस्तर पर खींच लूँ और चोद डालूँ पर अभी आम कच्चा था।

चाय देकर नीलिमा चली गई और मैं दरवाजे की तरफ देखता ही रह गया। जब वो जा रही थी तो मेरी नज़र उसके मटकते कूल्हों और बलखाती पतली सी कमर से हट ही नहीं पाई। करीब आधे घंटे के बाद नीलिमा एक बार फिर मेरे कमरे में आई और साफ़ तौलिया देकर बोली- नहा लो, नाश्ता तैयार है।

जब वो कह कर जाने लगी तो मैंने थोड़ा आगे बढ़ने की सोची और नीलिमा की तारीफ करते हुए कह ही दिया- नीलिमा…. तुम बहुत खूबसूरत हो! नीलिमा एकदम से मेरी तरफ घूमी और अवाक् सी मेरी तरफ देखने लगी और फिर बिना कुछ कहे ही कमरे से चली गई। मैं थोड़ा डर गया पर फिर सोचा कि कोई भी औरत अपनी तारीफ से कभी नाराज नहीं हो सकती।

मैं भी नहाने के लिए बााथरूम में घुस गया और कुछ देर बाद तैयार होकर बाहर आया तो भाभी अपने मम्मी पापा के साथ नाश्ते की मेज पर मेरा इन्तजार कर रही थी। नीलिमा सबको नाश्ता परोस रही थी। मैंने नाश्ते की तारीफ की तो भााभी ने बताया कि नीलिमा ने बनाया है तो मैंने तारीफ में एक दो कशीदे और पढ़ दिए। हर निवाले के सााथ वाह वाह किया तो नीलिमा के चेहरे पर भी एक मुस्कराहट तैर गई।

अकेले में पहली मुलाकात के दौरान सेक्सी चुम्बन

नाश्ता करने के बाद भाभी के मम्मी-पापा चले गए, उनको किसी रिश्तेदारी में जाना था। भााभी को भी उन्होंने इसीलिए बुलाया था ताकि नीलिमा अकेली ना रहे। नीलिमा थी तो भााभी के चाचा के बेटे की बहू पर क्योंकि भााभी के चाचा-चाची भी उसी रिश्तेदारी में गए हुए थे जिसमे भाभी के मम्मी-पापा जा रहे थे तो नीलिमा भााभी के घर पर ही रह रही थी।

मेरी सेक्सी माल भााभी के मम्मी-पापा के जाने के बाद घर में सिर्फ भााभी, नीलिमा और मैं ही रह गए थे। मेरी भी ड्यूटी का वक्त हो गया था, भाभी बोली- अगर छुट्टी मिलती हो तो रुक जााओ। सच कहूँ तो दिल तो मेरा भी नहीं था जाने का। मैंने छुट्टी ना मिलने की बात कह कर जाने की तैयारी की तो कुछ देर में नीलिमा मेरे पास कमरे में आई और थोड़े दबे से स्वर में मुुझे रुकने के लिए कहने लगी। मेरा तो जैसे दिल उछल कर बाहर गिरने को हो गया।

मैंने अब बिल्कुल भी देर नहीं की और झट से अपने बॉस को फोन करके छुट्टी ले ली। पर मैंने बताया किसी को भी नहीं कि मैंने छुट्टी ले ली है। फ्री होने के बाद हम तीनों कमरे में बैठ कर बातें करने लगे तो नीलिमा के पति की बातें चल निकली। पिया से बिछोड़े का दर्र्द नीलिमा की आँखों में नज़र आने लगा था। और फिर बातों ही बातों में पिया से मिलन की तड़प नीलिमा की जुबान पर भी आ गई।

तभी मेरी सेक्सी माल भाभी कुछ देर के लिए बाहर गई तो मैंने नीलिमा को कुरेदते हुए पूछा- नीलिमा… दिन तो चलो काम में निकल जाता होगा पर तुम्हारी रात कैसे कटती होगी? यह बात आग में घी का काम कर गई और नीलिमा फफक पड़ी और मेरे कंधे से लग कर रोने लगी। मैंने उसके चेहरे को ऊपर किया और उसके आँसू पौंछे।उसके गोरे गोरे और चिकने गालों पर हाथ फेरते फेरते मेरी उंगली उसके होंठों को छूने लगी।

नीलिमा की आँखें बंद हो गई थी। मैंने भी मौका देखते हुए अपनी साँसें उसकी साँसों में घोलनी शुरू कर दी और उसके बिल्कुल नजदीक आ गया। इतना नजदीक कि मेरे होंठों और उसको रसीले होंठों के बीच की दूरी लगभग खत्म हो गई। अब अपने आप को रोकना मेरे लिए मुश्किल था और मैंने धीरे से उसके होंठों को अपने होंठों से छू लिया। होंठ मिलते ही उसने आँखें खोली और दूर होने की कोशिश की पर तब तक मेरे होंठों ने उसके होंठों पर अपने प्यार की मोहर लगा दी थी। यह एक छोटा सा ‘चुम्बन’ दिल के दबे अरमानों को भड़काने के लिए कााफी था।

सेक्सी माल भााभी के मायके में अग्नि परीक्षा की घड़ी

“नहीं राज… दीदी आ जायेगी और फिर यह ठीक नहीं है।” यह कह कर खूबसूरत शादी शुदा नीलिमा मेरे पास से उठ कर एक तरफ खड़ी हो गई। मैं भी उठा और नीलिमा के पीछे जाकर खड़ा हो गया और उसकी कमर को पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचा। उसने छुटने का हल्का सा प्रयास किया। मैंने मेरे होंठ उसकी गर्दन पर रख दिए तो वो सिहर उठी। अब मैंने उसको कस कर अपनी बाहों में भर लिया था और उसकी गर्दन और कान की लटकन पर अपने होंठों से गर्मी दे रहा था। फिर मैंने उसको घुमा कर दीवार के सहारे खड़ा किया और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। उसके रसीले होंठों का रसपान करते हुए मैं सब कुछ भूल गया। उसका मक्खन जैसा मुलायम बदन अब मेरी बाहों में था।

होंठों का रसपान करते करते मेरे हााथ उसकी चूचियों का मर्दन करने लगे। नीलिमा अब गर्म हो गई थी। होती भी क्यों ना आखिर इतने समय के बाद किसी मर्र्द का हााथ उसके बदन पर था। तभी कुुछ खटपट हुई तो हम दोनों वासना के भंवर से बाहर आये। तभी भाभी अंदर आई। भााभी ने शायद हमें देख लिया था इसीलिए उसने कुछ खटपट की थी। नीलिमा अब उठ कर चली गई थी। आप समझ सकते है कि वो कहाँ गई होगी। जी बिल्कुल सही, वो बााथरूम में घुस गई थी शायद अपनी आग उंगली से ठण्डी करने।

नीलिमा के जाने के कुछ देर बाद भााभी ने मेरे और नीलिमा के बीच चल रही चूमाचााटी के बारे में पूछा तो एक बार तो मैं घबरा गया पर फिर हिम्मत करके बोला– भाभी… उस बेचारी को मेरी जरुरत है। “वो तो ठीक है पर पति के होते दूसरे से सम्बन्ध, अपना समाज इस प्रकार के अवैध सेक्स संबंधों की इजाजत नहीं देता देवर जी !” “पर पति है कहाँ.. ? यह बेचारी पिछले एक साल से तड़प रही है अपनी अपन्तार्वसना शांत करवाने के लिए… क्या सुख दिया पति ने इसको?” और फिर भाभी और मेरे बीच एक बहस सी छिड़ गई। जिसमे जीत मेरी ही हुई। काफी मिन्नतों के बाद भाभी मेरी मदद करने को राजी हुई।

भााभी ने मुुझे दोपहर तक इन्तजार करने को कहा। पर मैं इन्तजार नहीं कर पा रहा था। तभी नीलिमा कमरे में आ गई तो भाभी ने मेरी तरफ आँख मारते हुए कहा नीलिमा से कहा– नीलिमाम मैं जरा अपनी सहेली संध्या के घर जा रही हूँ, एक घंटे तक आ जाऊँगी।” फिर मुुझे देखते हुए कहा– राज… नीलिमा घर पर अकेली है, प्लीज़ तुम थोड़ा रुक जाना, मैं बस एक घंटे में आ जााऊँगी। मैंने हामी भर दी तो भाभी करीब दस मिनट के बाद तैयार होकर अपनी सहेली के घर चली गई।

सेक्सी भााभी के मायके में जोरदार धक्कों के साथ पहली बार की चुदाई

सेक्सी माल भाभी के जाने के दो मिनट के बाद नीलिमा कमरे में आई तो मैंने हााथ पकड़ कर नीलिमा को अपनी तरफ खींच लिया। “कोई आ जाएगा राज… और अगर कोई आ गया तो बहुत बदनामी होगी… प्लीज़ मत करो ऐसा !” मैंने जैसे उसकी बात सुनी ही नहीं। मैंने उसको अपने ऊपर खींच लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। थोड़ा से विरोध के बाद नीलिमा भी सहयोग करने लगी। फिर तो हम दोनों मस्त होकर एक दूसरे के होंठ चूसने लगे और बदन को सहलाने लगे।

मैंने अब नीलिमा को उठाया और बेडरूम में ले गया, उसको बिस्तर पर लेटा कर मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। जब सिर््फ अंडरवियर रह गया तो मैं नीलिमा के पास जाकर बैठ गया और उसके कपड़े उतारने लगा। नीलिमा ने शर्म के मारे आँखे बंद कर रखी थी। मैंने उसके ब्लााउज के हुक खोल दिए तो नीचे ब्रा में कसी उसकी चूचियाँ जैसे ब्रा को फाड़ कर बाहर आने को बेचैन थी। वो भी पूरी तन चुकी थी जिस कारण ब्रा चूचियाँ पर टाईट हो गई थी।

मैंने नीलिमा को बिस्तर से नीचे खड़ा किया और फिर उसके सारे कपड़े उतार दिए। जब ब्रा से चूचियाँ निकाली तो मेरा लण्ड फटने को हो गया। मैंने इतनी मस्त चूचियाँ पहली बार देखी थी। एकदम ऊपर को तनी हुुई, चुचूक बिल्कुल कड़क खड़े हुए। देखते ही मैं उन पर टूट पड़ा और हाथों में लेकर उनका मर्दन करने लगा। फिर जैसे ही मैंने उसके निप्पल को अपने मुुँह में लिया तो नीलिमा सीत्कार उठी। मैंने चूची को चूसते-चूसते एक हााथ को उस शादी शुदा महिला की तंग चूत पर रखा तो देखा नीलिमा बिल्कुल पानी पानी हो रही थी। शायद वो अति-उत्तेजना में झड़ गई थी।

कुछ देर चूचियों का रसपान करने के बाद मैंने नीलिमा को बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी टांगों के बीच बैठ कर उसकी गुलाबी और रस से सरााबोर लबों वाली चूत पर अपने होंठ रख दिए। नीलिमा की चूत का स्वाद सचमुच लाजवााब था। मैं जीभ को गोल गोल घुमा कर नीलिमा की तंग चूत चाटने लगा। नीलिमा की सीत्कार निकलने लगी थी। मैं अपने हाथों से उसकी चूचियाँ मसल रहा था और जीभ से उसकी चूत चाट रहा था, नीलिमा मेरा सर पकड़ पकड़ कर अपनी तंग चूत पर दबा रही थी। वो अब पूरी गर्म हो चुकी थी।

शादी शुदा महिला की तंग चूत ने मेरे मोटे लंड का स्वाद चखा

तभी मुुझे नीलिमा का हाथ अपने लण्ड पर महसूस हुुआ। वो बहुत बेचैनी के सााथ मेरे लण्ड को ढूँढ रही थी। मैंने अपना लण्ड निकल कर नीलिमा के सामने कर दिया। लण्ड को देखते ही नीलिमा के मुुँह से निकला– हाय राम… इतना मोटा ! और अगले ही पल उसने मेरे लण्ड को अपने होंठों के बीच मुँह में कैद कर लिया और मस्त होकर चूसने लगी, बिल्कुल वैसे जैसे कोई बच्चा आइसक्रीम के पिंघल जाने के डर से जल्दी जल्दी चूसता है। लण्ड बिल्कुल कड़क हो चुका था।

“राज, अब और इन्तजार मत करवाओ… नहीं तो मर जाऊँगी !” मैं भी अब और रुकना नहीं चाहता था तो बस टिका दिया अपना लण्ड नीलिमा की चूत के छेद पर। लण्ड की गर्मी चूत पर मिलते ही नीलिमा ने अपनी बाहें मेरी कमर पर कस दी। मैंने भी दबाव बनाते हुए अपना लण्ड नीलिमा की चूत में घुसाना शुरू कर दिया। नीलिमा की चूत बहुत कसी थी। मेरा मोटा सुपारा उसकी चूत के मुहाने पर ही जैसे फंस सा गया था। जब दबाव के सााथ लण्ड अंदर नहीं घुसा तो मैंने थोड़ा सा ऊपर को उचक कर एक जोरदार धक्का लगाया और मेरे लंबे मोटे लंड का सुपााड़ा नीलिमा की चूत में घुस गया।

सुपााड़ा अंदर घुसते ही नीलिमा चीख उठी, उसकी चूत बहुत तंग थी, तंग चूत की जोरदार धक्कों के साथ चुदाई करवाते करवाते उसकी आँखों से आँसू बह निकले थे। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसकी चूची को सहलाने लगा और निप्पल को उँगलियों में पकड़ कर मसलने लगा। मैंने एक बार फिर अपने चूतड़ ऊपर की तरफ उचकाए और फिर से एक जोरदार धक्का नीलिमा की चूत पर लगा दिया। मेरा मोटा लण्ड उसकी चूत को लगभग चीरता हुुआ करीब दो इंच तक अंदर घुस गया। मैंने रुकना उचित नहीं समझा और फिर ताबड़तोड़ दो-तीन धक्के एक सााथ लगा दिए। लण्ड आधे से ज्यादा नीलिमा की चूत के अंदर था। शादी शुदा महिला की तंग चूत की भााभी के मायके में जोरदार धक्कों के साथ चुदाई कर रहा था और उनकी अन्तर्वासना शांत करने की पूरी कोशिश कर रहा था।

सेक्स के दौरान नीलिमा दर्द के मारे बहुत ही ज्यादा जोर से चीख उठी- मर गईईईईईईईई….फट गयीई मेरी तो…!! मैं नीलिमा की एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा और दूसरी को हाथ में पकड़ कर सहलाने लगा। वो दर्द से छटपटा रही थी। मैं कुछ देर ऐसे ही पड़ा रहा तो नीलिमा भी शांत हो गई और फिर हल्के हल्के अपनी गाण्ड उछालने लगी। सिग्नल मिलते ही मैंने भी दुबारा धक्के लगाने शुरू कर दिए। धीरे धीरे मैंने पूरा लण्ड नीलिमा की चूत में डाल दिया और अंदर-बाहर करने लगा। लण्ड पूरा टाईट जा रहा था चूत में। सच में बहुत कसी हुई चूत थी नीलिमा की।

जोरदार धक्कों के साथ घोड़ी बनाकर चुदाई

थोड़ी देर के बाद लण्ड ने चूत में अपनी जगह बन ली और नीलिमा की चूत ने भी ढेर सारा पानी छोड़ दिया तो लण्ड आराम से चूत में अंदर-बाहर होने लगा। नीलिमा की मस्ती भरी आहें अब कमरे के माहौल को मादक बना रही थी। अब तो नीलिमा गाण्ड उठा उठा कर लण्ड को अपनी चूत में ले रही थी। करीब दस मिनट की चुदाई के बाद नीलिमा झड़ गई।

मैंने अब नीलिमा को घोड़ी बनाया और पीछे से लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और जोरदार धक्कों के साथ उसकी चुदाई करने लगा। करीब आधे घंटे तक चुदाई चलती रही और फिर मेरा लण्ड भी अपने रस से नीलिमा की चूत को सरााबोर करने को बेचैन हो उठा। मैंने नीलिमा के कूल्हों को कस कर पकड़ा और पूरी गति के सााथ चुदाई करने लगा। कुछ ही धक्कों के बाद मेरा वीर्य नीलिमा की चूत को भरने लगा। वीर्य की गर्मी मिलते ही वो फ़िर झड़ गई। मेरा सफेद गाढ़ा वीर्य अब नीलिमा की तंग चूत से बाहर आने लगा था।

हम दोनों नििढाल होकर लेट गए। दोनों ही पसीने से तरबतर थे। नीलिमा मुझ से लिपटी हुुई थी। उसने मुझे ऐसे जकड़ रखा था जैसे मुझे कभी भी अपने से अलग ना करना चाहती हो। नीलिमा ने मुुझे बताया कि उसके पति संजय के इटली में होने को देखते हुए उसके घर वालों ने उसकी शादी संजय से की थी पर संजय बस एक महीना ही उसके पास रहा और फिर इटली यह कह कर चला गया कि कुुछ ही दिन में मुझे वह बुला लेगा। बस तभी से वो पिया मिलना की आस लगााए संजय का इन्तजार कर रही है।

मैंने उसे सांत्वना दी और बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान का डायलॉग चिपका दिया- “मैं हूँ ना…!” जोरदार धक्कों के साथ हुई शानदार चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही एक सााथ बाथरूम में गए और अपने आप को सााफ़ किया। तभी मेरे मोबाइल फोन पर मेरी सेक्सी माल भााभी का फोन आया। भााभी ने पूछा– कुछ किया या नहीं मेरी बेचारी भाभी के साथ? मैंने भााभी को फतह की जानकारी दे दी। भााभी यह बात जानकर बहुत खुश हुई की मैंने उनकी भाभी की जोरदार धक्कों के साथ चुदाई कर दी है और उनकी अन्तर्वासना शांत कर दी है। मैंने भाभी को कुुछ देर और ना आने को कहा तो उसने मुझे बताया कि वो शाम को आएगी तब तक मज़े करो।

तंग चूत ने करीब तीन बार चुदाई का मजा लिया और मेरे मोटे लंड का स्वाद चखा

बस फिर क्या था मैंने नीलिमा को पकड़ कर फिर से बिस्तर पर डाल लिया और फिर तो जब तक भााभी का फोन नहीं आया, मैंने और नीलिमा ने तीन बार चुदाई के मज़े लिए। नीलिमा की चूत का स्वाद मैं आज भी नहीं भूल पाया हूँ। उसके बाद भी मैं और नीलिमा कई बार मिले और हर बार हमने नए-नए तरीके से चुदाई का मजा लिया। कभी कििचन में, कभी बाथरूम में, कभी छत पर – हर जगह हमने अपने शरीर के रस बहााए।

आज भी जब मैं उन पलों को याद करता हूँ तो मेरा लण्ड खड़ा हो जाता है। नीलिमा ने मुुझे बताया था कि उसके पति को पता चल गया था हमारे रिश्ते के बारे में, पर उसने कुछ नहीं कहा क्योंकि वो खुद भी इटली में किसी और के साथ रह रहा था। अंत में मैं यही कहूँगा कि जिंदगी में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं जिन्हें हमें पूरी तरह से जीना चाहिए। नीलिमा के साथ बितााए वो पल मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल थे जिन्हें मैं कभी नहीं भूल पाऊँगा।


शादी शुदा युवती की तंग चूत की सेक्सी भााभी के मायके में जोरदार धक्कों के साथ चुदाई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का समापन

यह कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी XXX सेक्स स्टोरी यहीं समाप्त होती है और हमें उम्मीद है की यह सेक्स स्टोरी आप सभी को बहुत पसंद आयी होगी और आप सभी इस कहानी को पढ़कर कामवासना से भर गए होंगे। मुुझे आशा है कि आपको यह हिंदी XXX सेक्स कहानी बहुत पसंद आई होगी। अगर आपको यह हिंदी चुदाई कहानी पसंद आई हो तो कृपया अपनी प्रतिक्रिया दें। मैं आपके सुुझावों और टिप्पणियों का स्वागत करता हूँ।

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