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मुफ्त में ऑनलाइन सुने और डाउनलोड करें हरामी बॉस ने सुनसान रोड पर चुदाई करी डायमंड रिंग पहनाकर अन्तर्वासना हिंदी 18+ ऑडियो सेक्स स्टोरी :- हेलो दोस्तों, मैं प्रीथनका गुप्ता हूँ, और आज मैं तुम्हारे लिए अपनी ऑफिस की चुदाई वाली कहानी लेकर आई हूँ, जो इतनी गंदी और हॉट है कि तुम्हारा लंड खड़ा हो जाएगा और चूत गीली हो जाएगी। पिछली कहानियों की तरह ये भी मस्ती भरी है, लेकिन इस बार थोड़ा ह्यूमर मिलाकर, क्योंकि जीवन में चुदाई के साथ हँसी भी जरूरी है, वरना सब बोरिंग हो जाता है, जैसे तुम्हारा वो पुराना बॉयफ्रेंड जो दो मिनट में झड़ जाता था! हाहा! तो चलो, बिना ज्यादा लंड हिलाए सीधे कहानी पर आते हैं।
मैं 23 साल की हूँ, गोरी चिट्टी, फिगर 34-29-36 का, मतलब बूब्स इतने बड़े कि हाथ में न आएं, कमर पतली और गांड मस्त उभरी हुई। जॉब करती हूँ, और पिछले दिनों ऑफिस में सक्सेस पार्टी थी। मैं तैयार होकर गई, लाल रंग का लॉन्ग स्लीवलेस फ्रॉक पहना, जो मेरी चूत तक आता था, और लाल लिपस्टिक लगाई। गोरे रंग पर लाल इतना सूट करता है कि लगता है जैसे मैं कोई पोर्नस्टार हूँ। पार्टी में घुसी तो सबकी नजरें मुझ पर टिक गईं। लड़के तो देखते ही लंड सहलाने लगे, और लड़कियां जलन से जलने लगीं। मेरा बॉस, 40 साल का वो हरामी, जो पैसों का ढेर है और अय्याशी का राजा, वो भी मुझे घूरने लगा। उसका डिवोर्स हो चुका है, तो वो चूत का भूखा शेर है, लेकिन ऑफिस में बनावटी सज्जन बनता है, ताकि लड़कियां डरें नहीं। लेकिन आज दारू पीकर वो कंट्रोल से बाहर था, जैसे कोई कुत्ता हड्डी देखकर भौंकने लगे।
मुफ्त में ऑनलाइन सुने और डाउनलोड करें हरामी बॉस ने सुनसान रोड पर चुदाई करी डायमंड रिंग पहनाकर अन्तर्वासना हिंदी 18+ ऑडियो सेक्स स्टोरी

ऑफीस की सक्सेस पार्टी में खाना-पीना, बातें, और डांस चला। मैं नाच रही थी, मेरी गांड हिल रही थी, और बॉस की आँखें मेरे बूब्स पर टिकी थीं। लग रहा था वो मुझे चोदना चाहता है, जैसे कोई भेड़िया मेमने पर झपट्टा मारे। फिर उसने मुझे बुलाया। मैं गई तो बोला, “प्रीथनका, तुम बहुत प्रेटी लग रही हो, तेरे बूब्स तो मानो दूध भरे गुब्बारे हैं!” मैंने कहा, “थैंक यू सर, लेकिन आपकी आँखें तो मेरी चूत पर क्यों टिकी हैं?” हाहा, वो हँसा और बोला, “ड्राइव पर चलोगी मेरे साथ? मैं तुझे दिखाता हूँ असली मज़ा।”
मैं जानती थी ये चुदाई का न्योता है, लेकिन मैंने मना किया, “नहीं सर, मुझे जल्दी घर जाना है, वरना मम्मी कहेंगी कि तू रंडी बन गई है।” लेकिन वो हरामी बोला, “वैसे इस ड्रेस के साथ ये रिंग अच्छी लगेगी,” और जेब से महंगी डायमंड रिंग निकाली। वो इतनी महंगी थी कि मेरी चूत लालच के मारे गीली हो गई! हीरा औरत की कमजोरी है ना, जैसे चूत मर्द की। मैंने कहा, “हाँ सर, लेकिन ये डायमंड रिंग मेरे बजट में नहीं।” वो बोला, ” बेच नहीं रहा हूँ मैं तो तुझे गिफ्ट दे रहा हूँ, बस मेरे साथ ड्राइव पर चल।” मैं सोची, चूत तो वैसे भी गीली है, चलो चुदवा लेती हूँ कम से कम चुदने के बदले डायमंड रिंग तो मिलेगी, और हामी भर दी।
हम पार्टी से निकले, उसकी बीएमडब्ल्यू में बैठे। 15 मिनट बाद शहर से बाहर सुनसान रोड पर गाड़ी रोकी। वो महंगी डायमंड रिंग निकाली, मेरा हाथ पकड़ा और पहनाने लगे। बोला, “तेरे हाथ कितने खूबसूरत हैं, क्या चूम सकता हूँ?” मैंने कहा, “हाँ, लेकिन सिर्फ हाथ, इस सुनसान रोड पर मेरी चुदाई करने के लिए अपना लंड मत निकालना अभी!” वो हँसा और चूमने लगा, हाथ से बांह, फिर कंधे तक। मैं धीरे धीरे चुदने के लिए गरम हो रही थी। फिर उसने मुझे खींचा, गाल चूमा, और होंठ चूसने लगा। मैं भी साथ देने लगी, हमारी जीभें लड़ रही थीं जैसे दो कुश्तीबाज। उसने हाथ ड्रेस के अंदर डाला, मेरे बूब्स पकड़े और दबाने लगा, “तेरे स्तन कितने रसीले हैं, दबाने का मज़ा आ रहा है!” मैं आह भर रही थी, और अपना हाथ उसकी पैंट पर रखा, लंड दबाया। वो कड़क था, जैसे लोहे का सरिया।
फिर वो हरामी बोला, “चूस मेरे लंड को, साली रंडी और ले ले ब्लोजॉब के मजे!” मैं झुकी, पैंट खोली, उसका मोटा लंड बाहर निकाला – 7 इंच का, काला और मोटा। मैंने मुँह में लिया, चूसने लगी, “आह, क्या टेस्टी लंड है तेरा, सर!” वो मेरी गांड दबा रहा था, “हाँ, चूस साली, जैसे आइसक्रीम हो!” कुछ देर बाद उसने मेरी सीट सीधी की, मुझे लिटाया, फ्रॉक उठाई, पैंटी निकाली। मेरी चूत गीली थी, पानी टपक रहा था। वो बोला, “क्या मस्त चूत है तेरी, गुलाबी और रसीली!” उसने मुँह लगाया, चाटने लगा, जीभ अंदर डाली, मैं चिल्लाई, “आह सर, चाटो मेरी चूत, फाड़ दो!” मैं सिसकारियाँ ले रही थी, जैसे कोई कुत्ती चुदने की गरमी में हो।
फिर चुदाई करने के दौरान वो साला हरामी मेरे ऊपर आया, लंड चूत पर रगड़ा, “रेडी है साली चुदाई करवाने के लिए जल्दी से बोल…?” मैं बोली, “हाँ, घुसा दो अपना लंड, चोदो मुझे अपनी रंडी बनाकर!” उसने धक्का मारा, लंड पूरा अंदर, मैं चीखी, “आआआ, फट गई मेरी चूत!” वो चोदने लगा, तेज-तेज, मेरे बूब्स चूसते हुए, “तेरी चुदाई कर रहा हूँ, रंडी!” मैं बोली, “हाँ सर, पेलो जोर से, मेरी चूत आपके लंड की गुलाम है!” वो मेरे स्तन निचोड़ रहा था, निप्पल काट रहा था। मैं सातवें आसमान पर थी – हीरे की रिंग मिली, और कड़क लंड से चुदाई! हाहा, सोचो, ऑफिस प्रमोशन से बेहतर ये है!
कुछ देर बाद वो हरामी पीछे की सीट पर बैठा, मुझे गोद में बिठाया, लंड चूत में डाला। मैं ऊपर-नीचे हो रही थी, “आह, क्या मस्त चुदाई है!” वो मेरी गांड थपथपा रहा था, “तेरी गांड मारूँगा अगली बार!” सुनसान रोड पर हमारा आउटडोर सेक्स करीब आधा घंटा चला, फिर उसने माल मेरी चूत में निकाला, “ले साली, मेरा वीर्य!” गर्म स्पर्म महसूस कर मैं झड़ गई। फिर वो मुझे घर ड्रॉप किया। वो रात यादगार थी – चुदाई, हँसी, और गंदी गालियाँ! दोस्तों अगर तुम्हें यह नयी अन्तर्वासना हिंदी ऑडियो सेक्स स्टोरी पसंद आई, तो कमेंट करो, और अपना लंड हिलाओ!


