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तलाकशुदा भाई के घोड़े जैसे लंड से बुझी मेरी चूत की आग

तलाकशुदा भाई के घोड़े जैसे लंड से बुझी मेरी चूत की आग Audio Sex Stories Free Listen
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मेरी चूत की आग तलाकशुदा भाई के घोड़े जैसे लंड से बुझी अन्तर्वासना हिंदी ऑडियो सेक्स स्टोरी फ्री में ऑनलाइन सुने और डाउनलोड करें :- मेरा नाम प्रिया गुप्ता है। मैं 29 साल की खूबसूरत शादी शुदा औरत हूं, और गुड़गांव में अपने भाई विक्रम के साथ रहती हूं। मेरा फिगर 36-28-38 है, और लोग मेरे बूब्स की तारीफ करते हैं। मैंने 2 साल तक अमित का इंतजार किया, इलाज करवाया, लेकिन कोई फायदा नहीं। मेरी चूत में आग लगी रहती थी, और वह सिर्फ उंगली करता था। मैं चिल्लाती, “अमित, लंड डालो!” लेकिन वह हंसकर सो जाता। मैं मेरे नामर्द पति से बहुत ज्यादा तंग आ चुकी थी क्योंकि वह मेरी चुदाई ही नहीं कर पाता था जिस वजह से मेरी चुदवाने की तड़प दिन पर दिन बढती ही जा रही थी।

फिर हम पति-पत्नी में झगड़ा हुआ, और मैं मेरे नामर्द पति से झगड़कर अपने भाई विक्रम के पास गुड़गांव आ गई। विक्रम 32 साल का है, तलाकशुदा। मेरे भाई की बीवी से उसका घोड़े जैसा मोटा लंबा लंड नहीं सहा गया और वो मेरे भाई को तलाक देकर भाग गई। मैं और मेरा तलाकशुदा भाई विक्रम एक ही मां-बाप की संतान हैं। हमारे पापा फौज में थे, तो हम बचपन से खुली सोच के हैं। शराब, सिगरेट, और मस्ती हमारे खून में है। मैं मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई के घर पहुंची तो उसने गले लगाया। मैं रो पड़ी। “भैया, मेरा नामर्द पति अमित मुझे चोदकर खुश नहीं कर पाता। उसका लंड बहुत ही ज्यादा बेकार है मुझे मेरी अन्तर्वासना शांत करने के लिए हर रात हस्तमैथुन करना पड़ता है।” मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने हंसकर कहा, “चल, बहन, यहीं रहना मेरे साथ मैं हूं ना।” मेरे भाई की आंखों में कुछ और था और उसके इरादे किसी और तरफ इशारा कर रहे थे।

उस रात हमने शराब मंगवाई। चिकन, सिगरेट, और दारू की बोतल टेबल पर थी। मैंने सेक्सी नाइटी पहनी थी, जिससे मेरे बूब्स बाहर झांक रहे थे। विक्रम की नजर बार-बार मेरी चूचियों पर थी। हम हंस रहे थे, पुरानी बातें याद कर रहे थे। “भैया, याद है, तू मुझे छत पर चिढ़ाता था?” मैंने हंसकर कहा। विक्रम बोला, “हां, और तू मेरी पैंट खींच देती थी!” हम दोनों हंस पड़े। शराब का नशा चढ़ रहा था। मेरी चूत गीली होने लगी। विक्रम की पैंट में उभार दिख रहा था। मैंने मजाक में कहा, “भैया, ये क्या, तेरा लंड तो अब भी खड़ा है!” वह हंसा और मेरे करीब आ गया। उसने मेरी चूचियां पकड़ लीं। मैं शरमाई, “भैया, ये क्या हरकत है?” लेकिन मेरे बदन में आग थी।

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मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने मेरे नशीले होंठ चूम लिए। उसका चुंबन गर्म था, जैसे बिजली का झटका। मैंने उसका लंड पकड़ा। “वाह, भैया, ये तो लोहे जैसा है!” वह हंसा, “तेरे लिए ही तो है, बहन।” हम भाई बहन दोनों चुदाई करने के लिए बेडरूम में गए। मेरी चुदाई करने के लिए मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने मेरी नाइटी उतार दी। मेरे बूब्स नंगे हो गए। उसने उन्हें मसला, मेरे निप्पल चूसे। “आह, भैया, कितना अच्छा लग रहा है!” मैं सिसकारियां ले रही थी। मेरी चूत गीली थी, पानी टपक रहा था। मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने मेरी पैंटी उतारी और मेरी चूत को देखा। “क्या मस्त चूत है, प्रिया!” उसने जीभ लगाई। मैं चिल्लाई, “भैया, चाटो इसे! अमित ने कभी नहीं चाटा।” उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर थी। मैं अपने बूब्स मसल रही थी, सिसकारियां ले रही थी। मेरे बदन में आग थी।

मैंने मेरे भाई विक्रम का लंड पकड़ा उसका लंड बिलकुल घोड़े के लंड के जैसा था। वह 8 इंच का था, मोटा और काला। मैंने उसे चूसा, जैसे कोई लॉलीपॉप। “भैया, तेरा लंड तो जन्नत है!” मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने मुझे बेड पर लिटाया। मेरी टांगें चौड़ी कीं और अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ा। “प्रिया, तैयार है?” उसने पूछा। मैंने कहा, “भैया, फाड़ दे मेरी चूत!” उसने लंड अंदर घुसाया। “आह!” मैं चिल्लाई। उसका लंड मेरी चूत को चीर रहा था। दर्द और मजा एक साथ था। वह जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मेरे बूब्स उछल रहे थे। “भैया, चोदो! जोर से चोदो!” मैं चिल्ला रही थी। कमरे में फच-फच की आवाज थी। विक्रम मेरे होंठ चूम रहा था, मेरे बूब्स मसल रहा था। “प्रिया, तू कितनी गर्म है!” वह बोला। मैंने उसे नीचे लिटाया और उसके लंड पर बैठ गई।

मैं चुदते चुदते बहुत ही ज्यादा उछल रही थी, उसका लंड मेरी चूत की गहराई में जा रहा था। “भैया, ये तो स्वर्ग है!” मैं चिल्लाई। मेरे बूब्स फुटबॉल की तरह हिल रहे थे। मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने उन्हें पकड़ा, “प्रिया, तू मेरी रंडी है!” मैं हंसी, “हां, भैया, तेरी रंडी बन गई!” हम भाई बहन दोनों ही शराब और चुदाई के नशे में थे। मैंने कहा, “भैया, अब मैं तेरी बीवी हूं। अमित को भूल जा।” मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने मुझे घोड़ी बनाया। मेरी गांड ऊपर थी, और उसने पीछे से लंड घुसाया। “आह, भैया, मेरी चूत फट जाएगी!” मैं चिल्लाई। वह मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मार रहा था। “ले साली रंडी, मेरा घोड़े के जैसा लंड ले!” मुझसे मेरा भाई बोला। करीब एक घंटे तक हम भाई बहन मिलकर चुदाई करते रहे। मैं चुदते चुदते करीब दो बार झड़ चुकी थी। मेरी चूत से पानी बह रहा था मगर फिर भी मेरा भाई नॉनस्टॉप चोदने में लगा हुआ था।

विक्रम का लंड अभी भी खड़ा था। आखिरकार वह झड़ा। उसका गरम माल मेरी चूत में भरा। हम दोनों हांफ रहे थे। मैंने हंसकर कहा, “भैया, तूने तो मेरी चूत की आग बुझा दी!” 45 मिनट बाद हम फिर उठे। शराब की बोतल अभी बाकी थी। मैंने सिगरेट जलाई और विक्रम को दी। “भैया, तू तो जानवर है!” मैंने हंसकर कहा। मेरे तलाकशुदा भाई ने मेरी गद्देदार गांड जोर से दबाई और बोले, “मेरी प्यारी बहन, अभी तो शुरूआत है।” उस रात हम भाई बहन ने फिर चुदाई की। इस बार मेरे तलाकशुदा विक्रम भाई ने मुझे घोड़ी बनाकर मेरी गांड मारी अपने घोड़े के जैसे लंबे और मोटे लंड से। मेरे भाई ने मेरी गांड चुदाई करने से पहले मेरी सेक्सी गांड में बहुत सारा तेल डाला था जिस वजह से मुझे ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था और आनंद बहुत आ रहा था। “भैया, धीरे धीरे गांड चोदना!” मैं डर गई।

उसका लंड बहुत बड़ा था। उसने धीरे से लंड घुसाया। दर्द हुआ, लेकिन मजा भी आया। “प्रिया, तेरी गांड तो जन्नत है!” वह बोला। मैं सिसकारियां ले रही थी, “भैया, फाड़ दे मेरी गांड अपने इस घोड़े के जैसे लंड से!” वह जोर-जोर से धक्के मार रहा था। सुबह तक हमने तीन बार चुदाई की। मेरी चूत और गांड दोनों लाल हो गए। मैंने हंसकर कहा, “भैया, तूने तो मुझे रंडी बना दिया!” विक्रम बोला, “प्रिया, अब तू मेरे साथ रहेगी। मैं तेरी वासना बुझाऊंगा चोद चोदकर।” अब मैं मेरे भाई विक्रम के साथ रहती हूं बही मेरी चूत की आग हर रोज चोदकर शांत करते हैं। मैंने मेरे नामर्द पति अमित को मैंने छोड़ दिया। मेरा पति मुझे फोन करता रहता है और कहता है की वो मुझे खुश रखेगा, लेकिन मैं कहती हूं, “अमित, तेरा लंड बेकार है। मैं अब मेरे भाई के साथ खुश हूं।” विक्रम और मैं हर रात चुदाई करते हैं। कभी शराब पीते हैं, कभी छत पर चुदाई करते हैं।

एक बार पड़ोसी राकेश ने हमें छत पर देख लिया। मैंने हंसकर कहा, “भैया, अब तो मोहल्ला भी जान जाएगा!” विक्रम का लंड मेरी जिंदगी की रोशनी है। मैं अब मां बनना चाहती हूं, और विक्रम मेरा साथ देता है। हमारी जिंदगी में हंसी, मस्ती, और वासना है। मैं खुश हूं, क्योंकि मेरी चूत की आग अब मेरे भाई के घोड़े के जैसे लंड से बुझती है। यह मेरी बिलकुल सच्ची अन्तर्वासना हिंदी ऑडियो सेक्स कहानी थी। क्या आपको मेरी कहानी पसंद आई? क्या मेरा और मेरे भाई विक्रम का अवैध शारीरिक रिश्ता आप लोगों को उत्तेजक लगा? क्या इस मेरी चूत की आग तलाकशुदा भाई के घोड़े जैसे लंड से बुझी अन्तर्वासना हिंदी ऑडियो सेक्स कहानी में हंसी और काम वासना का मिश्रण ठीक था? कृपया अपनी राय बताएं। मुझे आपके विचार जानने हैं!

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