शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर की पोर्न MMS वीडियो बना ली ब्लैकमेल करके चोदने के लिए अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मैं अविनाश, 21 साल का जवान लड़का, इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ता था। हमारी केमिस्ट्री की प्रोफेसर सरिता शर्मा, 36 साल की शादीशुदा औरत, जिसका पति दुबई में नौकरी करता था, वो बेहद खूबसूरत थीं, दूध जैसे गोरे बदन, भरी हुई गांड, बड़े-बड़े चुचे और हमेशा साड़ी में ऐसा लगता था मानो कोई रंडी तैयार होकर आई हो। एक दिन प्रैक्टिकल के दौरान मैंने उनकी चूत और गांड पर धोखे से हाथ फेर दिया, वो सिहर उठीं पर शर्म के मरे मुझसे कुछ नहीं बोलीं।
उसके बाद मैंने मौका देखकर उनके घर पहुँच गया, पति के नहीं होने का फायदा उठाया और जबरदस्ती उनकी साड़ी उठाकर उनकी गीली चूत में उंगली डाल दी। वो रोईं, चीखीं, पुलिस की धमकी दी, पर मैंने उनकी नंगी वीडियो बना ली जिसके आधार पर मैंने ब्लैकमेलिंग करने लगा। फिर शुरू हुई असली चुदाई की रातें। मैंने उनकी चूत और गांड दोनों फाड़ डाली, घंटों लंड चुसवाया, मुंह में झड़वाया, और वो मेरी गुलाम रंडी बन गईं। रोज कॉलेज में स्टोररूम में, लाइब्रेरी में, कभी उनके फ्लैट में मैं उन्हें चोदता रहा। आखिर में वो गर्भवती हो गईं और सारा स्कैंडल खुल गया।
हाय दोस्तों, मेरा नाम अविनाश है और आज मैं तुम्हें वो सच बताने जा रहा हूँ जिसे याद करके आज भी मेरा तलवार जैसा लंड खड़ा हो जाता है। वो बात 3 साल पहले की है जब मैं कॉलेज के दूसरे साल में था और हमारी नई केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा आई थीं। जैसे ही वो क्लास में घुसीं, उनकी कमर की मटक, साड़ी में ढकी हुई भरी हुई गांड, और ब्लाउज में कैद बड़े-बड़े दूध देखकर मेरी आँखें वहाँ टिक गईं। उनकी आवाज में एक अजीब सी मिठास थी, पर मुझे तो बस उनकी चूत की गंध चाहिए थी। मैंने सोच लिया था की हमारी नई केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा को किसी भी कीमत पर अपनी रंडी बनाकर चोदूंगा। केमिस्ट्री प्रैक्टिकल के दौरान मैं हमेशा हमारी नई केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा के पीछे-पीछे रहता, कभी जानबूझकर केमिकल गिरा देता ताकि वो झुकें और उनकी गहरी क्लीवेज दिखे, कभी उनकी साड़ी का पल्लू खींच लेता। वो मुस्कुराती थीं, शायद उन्हें भी मजा आ रहा था।
शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर की पोर्न MMS वीडियो बना ली ब्लैकमेल करके चोदने के लिए अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

धीरे-धीरे मैंने हिम्मत बढ़ाई और एक दिन केमिस्ट्री लैब में सबके जाने के बाद हमारी नई केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा की कमर पर हाथ रख दिया। वो चौंक गईं पर हटाई नहीं। मैंने धीरे से उनकी साड़ी के ऊपर से ही उनकी गांड दबाई, उफ़्फ क्या मक्खन थी वो। मेरी इन अश्लील हरकतों से उनकी साँसें तेज हो गईं। मैंने कान में फुसफुसाया, “मैम, आपकी गांड तो मानो चुदने को चिल्ला रही है।” वो डर गईं और बोलीं, “अविनाश, ये क्या बदतमीजी है?” पर उनकी आँखों में डर के साथ-साथ एक कामुक चमक थी। मैं समझ गया था कि ये शादी शुदा औरत चुदाई की प्यासी है, पति दूर है, चूत में लंड लेने की खुजली है। उसी दिन मैंने उनके घर का पता निकाल लिया और शाम को पहुँच गया उनकी चुदाई करके अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो साड़ी में बिल्कुल देसी रंडी लग रही थीं। मैं अंदर घुसा और दरवाजा बंद कर दिया।
उन्होंने पूछा, “तुम यहाँ कैसे?” मैंने कुछ नहीं बोला, सीधे उन्हें दीवार से सटा दिया और उनके होंठ चूसने लगा। वो मेरी पकड़ से छुटने के लिए छटपटाईं, “छोड़ो मुझे… कोई देख लेगा…” पर मैंने उनका ब्लाउज फ़ाड़ दिया, ब्रा के ऊपर से ही उनके बड़े-बड़े स्तन दबाने लगा। उनके निप्पल एकदम कड़क हो चुके थे। मैंने उनकी साड़ी ऊपर उठाई और पैंटी के ऊपर से उनकी चूत रगड़ने लगा। वो गीली हो चुकी थीं। मैंने पैंटी नीचे खींची और देखा, एकदम गुलाबी, साफ-सुथरी चूत, हल्के बाल, और रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली तो वो चीख पड़ीं, “नहीं अविनाश… मैं शादीशुदा हूँ…” पर उनकी कमर अपने आप हिलने लगी। मैंने उन्हें सोफे पर लिटाया और उनकी चूत चाटने लगा, जीभ अंदर तक डालकर रस पीने लगा। वो पागल हो रही थीं, “उफ़्फ… कोई ऐसा करता है क्या… आह्ह्ह…”
फिर मैंने अपना 8 इंच का मोटा लंड बाहर निकाला और मेरी केमिस्ट्री प्रोफेसर के मुंह के पास ले गया। वो डर गईं, “नहीं… इतना बड़ा…” पर मैंने उनके बाल पकड़कर मुंह में ठूस दिया। वो गैग करने लगीं पर मैंने लंड उनके गले तक पेल दिया। मेरा लंड गले तक घुसते ही उनकी आखों से आँसू आ गए, पर लंड चूसने लगीं जैसे सालों से भूखी हों। मैंने उनकी चूत पर लंड रगड़ा और एक जोर का धक्का मारा। चुदाई के दौरान मैम की चीख निकल गई, “माँ… फट गई मेरी चूत…” पर मैंने नहीं रुका, पूरा लंड अंदर तक पेल दिया। उनकी चूत इतनी टाइट थी जैसे कुंआरी हो। मैंने 20 मिनट तक लगातार चोदा, कभी धीरे, कभी जोर-जोर से ठोककर। वो बार-बार झड़ रही थीं, बिस्तर पूरी तरह गीला हो चुका था। आखिर में मैंने उनकी चूत में ही सारा माल झाड़ दिया। वो थककर बेहोश सी हो गईं।
ब्लैकमेलिंग के दौरान जब सरिता मैम ने पहली बार मेरे लंड के लिए अपनी गांड तैयार करी
उस रात के बाद मैंने मेरी केमिस्ट्री प्रोफेसर की इंडियन देसी पोर्न वीडियो बना ली थी और उन्हें उस पोर्न विडियो के माध्यम से ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अगले दिन कॉलेज में वो मुझे देखकर शर्मा गईं। मैंने स्टोररूम में बुलाया और बोला, “रंडी, आज गांड मारूँगा।” वो रोने लगीं, “नहीं अविनाश… वो बहुत दर्द होता है…” पर मेरे सामने कोई चारा नहीं था। मैंने उन्हें घुटनों पर बिठाया और फिर से लंड चुसवाया। उनकी लार से लंड पूरा चिपचिपा हो गया। फिर मैंने उन्हें टेबल पर झुकाया, साड़ी ऊपर की और उनकी गोरी गांड पर थप्पड़ मारे। लाल हो गई। मैंने थूक लगाकर उंगली डाली, वो चीखीं। फिर धीरे-धीरे लंड का सुपारा अंदर किया। वो तड़प रही थीं, “बहनचोद… फट गई मेरी गांड… निकालो…” पर मैंने एक जोर का धक्का मारा और आधा लंड अंदर चला गया। खून तक निकल आया।
मैंने 15 मिनट तक उनकी गांड मारी, कभी पूरा बाहर, कभी पूरा अंदर। वो दर्द से बेहोश होने की कगार पर थीं पर उनकी चूत से रस टपक रहा था। आखिर में मैंने उनकी गांड में ही वीर्य डाल दिया। उसके बाद वो मेरी गुलाम बन गईं। रोज कॉलेज बंद होने के बाद मैं उन्हें कहीं न कहीं चोदता। कभी लाइब्रेरी के कोने में, कभी उनकी स्कूटी पर पीछे बैठकर उनकी चूत में उंगली करता। वो अब खुद ही मेरे लंड की भूखी रहने लगी थीं। एक दिन मैंने उन्हें अपने दोस्त के साथ शेयर करने की बात कही तो वो डर गईं पर मना नहीं कर सकीं। मैंने अपने दोस्त राहुल को बुलाया और दोनों ने मिलकर उन्हें 4 घंटे तक चोदा। उनकी चूत और गांड दोनों फूल गईं।
कुछ दिनों बाद ब्लैकमेलिंग का सिलसिला ख़त्म हो गया, धीरे-धीरे उनकी आदत बन गई मेरे साथ सेक्स करने की। वो खुद मुझे मैसेज करतीं, “आज आ जाओ मुझे चोदने के लिए, मेरी चूत में बहुत खुजली हो रही है।” मैं सेक्स करने के लिए मेरी शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा के घर पर हफ्ते में 4-5 बार जाता। कभी किचन में झुकाकर, कभी बाथरूम में नहाते हुए, कभी बालकनी में खड़ी करके चोदता। उनकी चीखें पूरे मोहल्ले में गूंजतीं पर किसी को शक नहीं हुआ। एक बार तो उनके पति वीडियो कॉल पर थे और मैं पीछे से उनकी गांड में लंड पेल रहा था। वो मुश्किल से बात कर पा रही थीं। मैंने शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा की टाइट चूत को इतना ढीला कर दिया था कि अब मेरा लंड भी आराम से अंदर-बाहर होने लगा। वो कहतीं, “तुमने तो मुझे असली औरत बना दिया, मेरे पति का 5 इंच का लुल्ला कुछ नहीं कर पाता।”
फिर एक दिन शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा मेरे पास रोते हुए आईं और बोलीं, “अविनाश… मैं गर्भवती हूँ तो तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ।” मेरा दिमाग घूम गया। मैंने तुरंत मेरी शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा का गर्भपात करवाने का इंतजाम किया। क्लिनिक में डॉक्टर ने देखा तो बोला, “इतनी फटी हुई चूत और गांड मैंने आज तक नहीं देखी।” पर बात दब नहीं सकी। कॉलेज में खबर फैल गई की शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर सरिता शर्मा के साथ मेरे अवैध सेक्स संबंध हैं और वो मेरे बच्चे की माँ बनने वाली है। प्रिंसिपल को पता चला और सरिता मैम को नौकरी से निकाल दिया गया। उनके पति को भी खबर हो गई जिसके परिणाम स्वरुप उनका तलाक हो गया। वो गाँव चली गईं और मैं इंजीनियरिंग पूरी करके दिल्ली आ गया। आज भी कभी-कभी वो मैसेज करती हैं, “तेरा लंड याद आता है… कब आ रहा है मुझे चोदकर अपनी हवस शांत करने के लिए?”
उनके जाने के बाद मैंने कई लड़कियों को चोदा पर सरिता मैम जैसी रसीली चूत कोई नहीं मिली। उनकी वो गुलाबी बुर, वो दर्द भरी चीखें, वो लाचारी भरी नजरें, सब कुछ मेरे दिमाग में घूमता रहता है। मैंने उन्हें एक शरीफ औरत से सस्ती रंडी बना दिया था। कभी-कभी सोचता हूँ कि मैंने गलत किया पर फिर लंड खड़ा हो जाता है। आज भी उनकी कुछ पुरानी नंगी फोटो मेरे पास हैं, उन्हें देखकर मुठ मारता हूँ। शायद एक दिन फिर मिलूँ और उनकी गांड फिर से फाड़ दूँ।
शादीशुदा केमिस्ट्री प्रोफेसर की पोर्न MMS वीडियो बना ली ब्लैकमेल करके चोदने के लिए अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
दोस्तों, ये थी सरिता मैम को ब्लैकमेलिंग करके चोदने की बिलकुल सच्ची अन्तर्वासना हिंदी रफ सेक्स कहानी। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि मैंने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी, एक सम्मानित प्रोफेसर को मैंने अपनी रखैल बना दिया, उनकी चूत और गांड फाड़कर, उन्हें गर्भवती करके, उनका करियर छीन लिया। पर साथ ही मुझे ये भी लगता है कि मैंने उन्हें वो सुख दिया जो उनके पति 10 साल में नहीं दे पाए। वो आज भी मेरे लंड की गुलाम हैं, दूर से ही सही।
इस इंडियन ब्लैकमेलिंग सेक्स कहानी से मुझे ये सीख मिली कि औरत की कमजोरी उसकी चूत होती है, बस उसे सही वक्त पर दबाओ और वो तुम्हारी हो जाएगी। तुम लोगों को ये स्टोरी कैसी लगी? क्या इसमें और ज्यादा रफ सेक्स वाला सीन होना चाहिए था या गर्भपात वाला हिस्सा और विस्तार से लिखूँ? एक्सप्लिसिट लैंग्वेज ठीक था या और गंदा करूँ? क्या सरिता मैम को फिर से चोदने की सीक्वल स्टोरी लिखूँ जिसमें वो मेरी पक्की रंडी बनकर रहने लगें? कमेंट करके जरूर बताना, लाइक करना, शेयर करना। अगली स्टोरी और भी गंदी और सच्ची होगी। जय हिंद, जय चुदाई!


