HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesमदहोशी का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन

मदहोशी का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन

सीनियर डॉक्टरों और हॉस्पिटल मालिक के बेटे ने नर्स को मदहोशी का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल टूल्स से टॉर्चर और डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन करा अन्तर्वासना हिंदी हार्डकोर सेक्स स्टोरी :- मैं नेहा शर्मा, 22 साल की नई-नई नर्स, भोपाल के सबसे बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल में रात की ड्यूटी पर थी। मेरी बॉडी 34D-26-36, गोरा दूधिया बदन, लंबे काले बाल और मासूम चेहरा देखकर हर कोई घूरता था। उस रात तीन हैवान — सीनियर सर्जन डॉ. विक्रम सिंह, अनेस्थेटिस्ट डॉ. करण मेहरा और हॉस्पिटल मालिक का बेटा आरव गुप्ता — ने मुझे इमरजेंसी के बहाने ऑपरेशन थिएटर में बुलाया।

ऑपरेशन थिएटर के अंदर घुसते ही ऑपरेशन थिएटर का दरवाजा लॉक हुआ, मेरा सामूहिक रफ सेक्स करने के लिए मदहोशी इंजेक्शन लगाकर मदहोश कर दिया गया। नौ घंटे तक मेरा सामूहिक रफ सेक्स चला और इस दौरान सीनियर डॉक्टरों और हॉस्पिटल मालिक के बेटे ने मिलकर मेरी चूत, गांड और मुँह फाड़कर रख दिया। सर्जिकल टूल्स से टॉर्चर, करंट, सुई, डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन, खून और वीर्य का कीचड़। मैं हर दर्द महसूस करती रही पर हिल भी नहीं पाई। सुबह मेरी सहेली की वजह से पुलिस आ गई, तीनों रंगे हाथों पकड़े गए। कोर्ट ने उम्रकैद और केमिकल कास्ट्रेशन की सजा दी। हॉस्पिटल मेरे नाम हुआ और मैंने उसी ओटी को अपना बदले का अड्डा बना लिया। अब मैं “डार्क नर्स” बन चुकी हूँ, जो हर रफ सेक्सिस्ट को उसी कमरे में वही दर्द दुगना लौटाती हूँ।


मेरा नाम नेहा शर्मा है। बाईस साल की जवान कुंवारी लड़की, गदराई हुई देह वाली नर्स। उस रात करीब ढाई बजे डॉ. करण का फोन आया, “नेहा, तुरंत ओटी-3 में आओ, बहुत बड़ी इमरजेंसी है।” मैं बिना कुछ सोचे दौड़ी। सफेद नर्सिंग यूनिफॉर्म में मेरी भारी चुचियाँ उछल रही थीं, पतली कमर और चौड़ी गांड की शेप साफ दिख रही थी। दरवाजा खोला तो अंदर अजीब सी लाल-नीली सर्जिकल लाइट्स जल रही थीं। विक्रम सर, करण और आरव — तीनों सर्जिकल मास्क में खड़े थे। मेरे पीछे दरवाजा अपने आप लॉक हो गया।

हॉस्पिटल मालिक के बेटे आरव ने मेरी पतली सी कमर में हाथ डालकर दीवार से सटा दिया और फुसफुसाया, “आज तेरी चूत और गांड की असली सर्जरी होगी, साली रंडी।” मेरे रोंगटे खड़े हो गए। मैं चिल्लाई, “सर, ये क्या कर रहे हो?” पर विक्रम सर ने मेरी गर्दन दबाई और करण ने मेरी जांघ में एक मोटा सिरिंज पूरा घुसेड़ दिया। आठ सेकंड में मेरी टांगें लकवाग्रस्त हो गईं, मैं फर्श पर ढेर हो गई। मुझे समझ आ गया की मुझे नशे का इंजेक्शन लगाकर बेहोश करा जा रहा है और अब मेरा सामूहिक रफ सेक्स होगा…

सीनियर डॉक्टरों और हॉस्पिटल मालिक के बेटे ने नर्स को मदहोशी का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल टूल्स से टॉर्चर और डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन करा अन्तर्वासना हिंदी हार्डकोर सेक्स स्टोरी

सीनियर डॉक्टरों और हॉस्पिटल मालिक के बेटे ने नर्स को मदहोशी का नशे का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल टूल्स से टॉर्चर और डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन करा अन्तर्वासना हिंदी हार्डकोर सेक्स स्टोरी Senior doctors and the hospital owner's son injected the nurse with drugs and tortured her with surgical tools in the operation theatre and made her do double-triple penetration. Antarvasna Hindi hardcore sex story
Injected the nurse and tortured her with surgical tools in the operation theatre and made her do double-triple penetration

तीनों मुझे उठाकर सर्जिकल टेबल पर लिटाया। लोहे की जंजीरों से हाथ-पाँव बाँध दिया। टांगें स्टिरप्स में फैलाकर लॉक कर दीं, मेरी चूत हवा में पूरी खुल गई। आरव ने चाकू से मेरी यूनिफॉर्म एक झटके में फाड़ दी। ब्रा-पैंटी के टुकड़े उड़ गए। मेरी 34D की भारी चुचियाँ बाहर लटक आईं। विक्रम सर ने सर्जिकल फोरसेप्स से मेरे निप्पल्स को इतनी जोर से जकड़ा कि खून की बूंदें टपकने लगीं। करण ने ठंडा स्पेकुलम मेरी चूत में घुसेड़कर पूरा खोल दिया, हवा अंदर तक लग रही थी। आरव ने कैमरा स्टैंड पर लगा दिया, “आज तेरी फटी चूत और गांड की 4K फिल्म बनेगी, छिनाल।” मैं आँखें फाड़कर सब देख रही थी, चीखना चाहती थी पर आवाज नहीं निकल रही थी। मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था, डर और बेबसी से पूरा बदन काँप रहा था।

पहला हमला शुरू हुआ। विक्रम सर ने अपना नौ इंच का मोटा काला लौड़ा मेरी चूत पर रखा और एक ही झटके में जड़ दिया। लगा जैसे कोई गर्म लोहा मेरी कोमल चूत में घुस रहा हो। फटाक की आवाज आई, खून की धार बहने लगी। करण ने मेरे मुँह में अपना लंड ठूँस दिया, उसका लंड काफी ज्यादा बड़ा था जिसे उसने मेरे गले तक पहुँचा दिया। आरव ने मेरी गांड में थूक लगाकर अपना दस इंच का राक्षस पूरा पेल दिया।

तीन लंड एक साथ — चूत, गांड और मुँह में। मेरी आँखों से आँसू की नदियाँ बह रही थीं। वे बीस मिनट तक ऐसे ही ठोकते रहे, जगह बदल-बदल कर। मेरी चूत और गांड से खून और चिकनाई का मेल बह रहा था। मैं हर धक्के में मर रही थी पर हिल भी नहीं पा रही थी। मेरे दिमाग में बस एक ही ख्याल था — ये मेरे साथ क्यों?

फिर टॉर्चर का असली खेल शुरू हुआ। करण ने इलेक्ट्रिक क्लैंप मेरी क्लिट पर लगाया और करंट ऑन किया। मेरी पूरी देह में बिजली दौड़ गई, मैं झटके खा रही थी। विक्रम सर ने वैक्यूम पंप से मेरी चुचियाँ इतनी खींचीं कि नसें फटने को हो गईं। आरव ने मेरी गांड में मोटी सर्जिकल ट्यूब डालकर गर्म सालाइन भरा, गांड के अंदर हो रही तेज जलन से मेरी आँखें बाहर आने को थीं। फिर डबल पेनिट्रेशन — विक्रम और आरव दोनों ने मेरी चूत में एक साथ लंड घुसाए। मेरी चूत फट गई, खून का फव्वारा छूट पड़ा। करण ने गांड में अपना लंड और एक मोटा स्टील डिल्डो एक साथ ठूँसा। मैं होश और बेहोशी के बीच झूल रही थी। दर्द इतना था कि मैंने पेशाब तक कर दी। वे हँस रहे थे, “देखो साली कितना माल छोड़ रही है।”

तीन लंडों की बेरहमी ठुकाई और खून से लथपथ चूत-गांड की जलन

तीसरे राउंड में साउंडिंग शुरू हुई। विक्रम सर ने दस मिलीमीटर मोटी स्टील रॉड मेरी पेशाब की नली में धीरे-धीरे घुसाई। दर्द इतना कि मेरी रीढ़ की हड्डी में करंट दौड़ गया। आरव ने मेरे निप्पल्स में एक-एक करके सुई घुसाई, दोनों तरफ छह-छह सुईयाँ। करण ने मेरी गांड के छेद में इलेक्ट्रिक प्लग डाला और वाइब्रेशन हाई कर दिया। मेरी गांड में आग लगी हुई थी। कभी तीनों लंड मेरे मुँह में एक साथ ठूँस देते, मैं दम घुटने को होती। कभी चूत और गांड में दो-दो लंड। मेरे चेहरे, चुचियों, पेट, चूत, गांड — हर जगह वीर्य और खून का कीचड़। नौ घंटे तक ये सिलसिला चलता रहा। मेरी चूत और गांड इतनी फट चुकी थीं कि पहचानना मुश्किल था। मैं बस सोच रही थी कि ये कब खत्म होगा।

चौथा राउंड और भयानक था। उन्होंने मुझे टेबल से उतारकर घोड़ी बनाया। मेरे हाथ-पाँव अब भी लकवाग्रस्त थे, मैं गिरती-पड़ती खड़ी हुई। आरव ने मेरी गांड में 14 इंच का रबर का घोड़ा डिल्डो पूरा घुसेड़ दिया। विक्रम सर ने मेरी चुचियों पर गर्म वैक्स डाला, त्वचा जलने की बू आई। करण ने मेरी क्लिट पर बर्फ और फिर करंट एक साथ दिया। मैं चीख भी नहीं पा रही थी। फिर ट्रिपल पेनिट्रेशन — आरव मेरी गांड में, विक्रम चूत में और करण ने किसी तरह चूत में ही दूसरा लंड घुसाने की कोशिश की। मेरी चूत सचमुच फट गई, खून का ढेर लग गया। मैंने मन ही मन प्रार्थना की कि कोई मुझे बचा ले।

मेरे सामूहिक रफ सेक्स का पाँचवाँ राउंड सबसे क्रूर था। उन्होंने सर्जिकल ड्रिल से मेरी क्लिट पर हल्का-हल्का छुआया, डर से मैं पागल हो गई। फिर मेरे मुँह में पेशाब किया, तीनों ने एक साथ। स्वाद इतना कड़वा कि जीभ सुन्न पड़ गई। मेरी चुचियों पर चाबुक मारे, निशान पड़ गए। आरव ने मेरे बाल पकड़कर कहा, “साली रंडी, आज तुझे गर्भवती करके छोड़ेंगे।” विक्रम सर ने बिना कंडोम के मेरी चूत में कई बार झड़ा। मैं बस रो रही थी अंदर से। नौ घंटे पूरे होने वाले थे, सुबह की पहली किरण खिड़की से आ रही थी। मेरे बदन पर एक इंच जगह ऐसी नहीं थी जहाँ दर्द न हो।

सुबह सात बजने से पहले अचानक ओटी का दरवाजा टूटा। पुलिस, मीडिया, कैमरे की लाइट्स। मेरी बेस्ट फ्रेंड प्रिया ने रात में मेरा फोन उठाया था, मैंने गलती से कॉल लगाकर लाइन ऑन छोड़ दी थी। पूरी नौ घंटे की लाइव ऑडियो रिकॉर्डिंग। तीनों अभी भी नंगे थे, लंड खड़े हुए, मेरे ऊपर। पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरव चिल्लाया, “मेरे पापा सब ठीक कर देंगे!” पर उसके पापा ने कोर्ट में कहा, “मेरा बेटा शैतान है, सजा दो।”

कोर्ट की सजा के बाद बदले की आग और डार्क नर्स का जन्म

मेडिकल रिपोर्ट में मेरी चूत और गांड दोनों बुरी तरह फटी हुई प्रदर्शित हुई साथ ही यह साफ़ साफ़ शब्दों में लिखा हुआ था की मेरे साथ पूरी रात हवानियत करी गयी है। सामूहिक रफ सेक्स की वजह से मैं गर्भवती हो चुकी थी — डीएनए से पता चला की मेरे पेट में जो बच्चा पल रहा है वह आरव का बच्चा है। कोर्ट ने तुरंत गर्भपात की इजाजत दी। सबूत इतने मजबूत थे — नौ घंटे का लाइव रफ सेक्स ऑडियो, उनका खुद का 4K रफ सेक्स वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट। तीनों को उम्रकैद के साथ केमिकल कास्ट्रेशन और 15 करोड़ हर्जाना।

हॉस्पिटल मेरे नाम हो गया। मैंने उसी ओटी-3 को “डार्क रूम” बनवाया — काली-लाल लाइट्स, लोहे की जंजीरें, सारी सर्जिकल टॉर्चर मशीनें। अब मैं काले लेदर बॉडीसूट, लंबे बूट्स और चाबुक लेकर हर पकड़े गए रफ सेक्सी को यहाँ लाती हूँ। लंड में सुई, गांड में 16 इंच डिल्डो, करंट, साउंडिंग — वही सब दोगुना। दीवार पर उन तीनों के कटे हुए लंड की फोटो चलती रहती हैं। मैं नेहा नहीं, “डार्क नर्स” हूँ।


नर्स को मदहोशी का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल टूल्स से टॉर्चर और डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन करा अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX हार्डकोर सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Madhoshi ka injection lagakar operation theatre mein double-triple penetration Hardcore Gangbang Group Sex Story :- आज जब मैं उस डार्क रूम में खड़ी होती हूँ, चमड़े का कॉर्सेट मेरी देह से चिपका होता है, हाथ में चाबुक होता है, तो मुझे ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल टूल्स से टॉर्चर और डबल-ट्रिपल पेनिट्रेशन वाले वो दर्दनाक नौ घंटे फिर से याद आते हैं। वो दर्द, वो बेबसी, वो लाचारी — आज उसी की आग से मैं जलती हूँ और दूसरों को जलाती हूँ। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक मासूम नर्स एक दिन इतनी क्रूर हो जाएगी। पर जब समाज औरत को सिर्फ चूत समझता है, तो औरत को भी शैतान बनना पड़ता है।

आज पूरा का पूरा हॉस्पिटल मेरा है, पूरा स्टाफ मेरे इशारे पर नाचता है। हर रात कोई न कोई नया रफ सेक्सी मेरे डार्क रूम में आता है और सुबह तक चीखता रहता है। मैं उसकी चीखें सुनकर सुकून पाती हूँ। मेरे अंदर की नेहा मर चुकी है, अब सिर्फ डार्क नर्स बची है। कभी-कभी मैं सोचती हूँ कि क्या मैं भी उन तीनों जैसी हो गई हूँ? पर फिर याद आता है कि मैं बदला ले रही हूँ, न्याय कर रही हूँ। आप बताइए — क्या मैं गलत हूँ? क्या औरत को बदला लेने का हक नहीं? इस कहानी का टोन, इस सामूहिक रफ सेक्स की क्रूरता, इसकी एक्सप्लिसिटनेस आपको कैसी लगी? क्या और भी भयानक टॉर्चर चाहिए अगली कहानी में? कमेंट करके जरूर बताइएगा, आपकी राय से ही अगली स्टोरी और खतरनाक बनेगी।

RELATED ARTICLES

You Must Watch