बिलकुल मुफ्त पढ़ें बिज़नेसमैन के बड़े लंड से पहली बार चुदवाया डॉगी स्टाइल में दिल्ली की आज़ाद ख्याल लड़की ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी – Bilkul muft padhein businessmen ke bade lund se pehli baar chudwaya doggy style mein Delhi ki aazaad khyaal ladki ne Antarvasna Hindi sex kahani – Read completely free: A free-thinking girl from Delhi got fucked for the first time by a businessman’s big dick in doggy style – Antarvasna Hindi sex story …
दिल्ली की सड़कों पर चलते हुए मैंने सोचा भी नहीं था कि आज का दिन मेरी ज़िंदगी का सबसे यादगार दिन बन जाएगा। मैं प्रिया, 26 साल की एक आज़ाद ख्याल लड़की, अपने ख़ूबसूरत चेहरे और तीखे नैन-नक्श के लिए मशहूर थी। मेरी माँ हमेशा कहती थीं कि मर्दों की चालाकियों से सावधान रहना, और मैंने उनकी बात को गाँठ बाँध रखा था।
अचानक मेरी नज़र पास के एक कैफ़े के बाहर खड़े एक हैंडसम शख्स पर पड़ी, जिसका नाम बाद में राज पता चला। वह 32 साल का एक कामयाब बिज़नेसमैन था, जिसका कॉन्फिडेंस और स्मार्ट लुक देखते ही बनता था। उसकी गहरी आँखों में एक अजीब सी खिंचाव थी, जिसने मेरे क़दम रोक लिए।
कामयाब बिज़नेसमैन राज ने जब मुझे देखा तो उसकी आँखें चमक उठीं और उसने बिना देर किए मेरे पास आकर कहा, ‘हाय, मैं राज हूँ। तुम बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो, क्या मैं तुम्हें एक कॉफ़ी पिला सकता हूँ?’ दोस्तों मैं थी दिल्ली की आज़ाद ख्याल लड़की तो मैंने उसकी बातों में छिपी गर्मजोशी और सच्चाई को भाँप लिया, और मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा। मैंने अपने सिद्धांतों को एक तरफ रखते हुए हाँ कह दी, और हम कैफ़े के अंदर चले गए।
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कैफ़े की शांत और नर्म रोशनी में मैं दिल्ली की आज़ाद ख्याल लड़की और वो बिज़नेसमैन दोनों घंटों बातें करते रहे, जैसे हम सदियों पुराने दोस्त हों। राज ने अपने सपनों, अपने संघर्षों और अपनी सफलता के बारे में इतनी ईमानदारी से बताया कि मैं हैरान रह गई। मेरी तरफ से भी मैंने अपने अरमानों का पिटारा खोल दिया, जो आज तक कभी किसी अजनबी को नहीं बताया था। उसकी इंटेलिजेंस और सेंस ऑफ ह्यूमर ने मेरा दिल चुरा लिया।
बात करते-करते उस बिज़नेसमैन की उंगलियाँ अचानक मेरे हाथ से टकराईं, और पूरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया। मेरे सीने में कुछ उबलने लगा, और मेरी चूत में एक तेज़ सी सिहरन उठी। राज ने मेरे चेहरे पर आए बदलाव को समझ लिया और उसने हौले से मेरी आँखों में देखा, जैसे मेरी सारी शर्मीली हदें पार कर जाना चाहता हो।
उसने बिना किसी हिचकिचाहट के झुककर मेरे होंठों को अपने होंठों से छू लिया, और दुनिया जैसे थम सी गई। वह चुंबन इतना जोशीला और गहरा था कि मेरी पूरी देह काँप उठी और मेरे मुँह से एक धीमी सी आह निकल गई। मैंने उसके बालों में उंगलियाँ फँसा दीं और उसे अपनी ओर खींच लिया, मानो उसकी चाहत ने मुझे पूरी तरह अपने काबू में कर लिया हो।
हमारी साँसें एक हो गई थीं और कैफ़े की दुनिया हमारे लिए धुँधली पड़ चुकी थी। राज ने फुसफुसाते हुए पूछा, ‘क्या तुम मेरे साथ चलोगी सेक्स करने के लिए?’ मेरे अंदर की कामुक औरत जोर से चीख रही थी की आज तो अपनी चूत की सील तुडवा ही ले और बन जा इस कामयाब बिज़नेसमैन की रंडी, और मेरे सारे सिद्धांत उसकी जलती हुई चाहत के आगे घुटने टेक चुके थे। मैंने बस हामी भरते हुए उसका हाथ थाम लिया।
राज की कार में बैठते ही मेरी बेचैनी बढ़ने लगी और मेरी टाइट चूत में एक अजीब सी गीलापन महसूस हुआ। वह मुझे अपने पॉश इलाके वाले फ्लैट पर ले गया, जहाँ की शीशे की दीवारें और सफ़ेद सफ़ाई ने मुझे और भी उत्तेजित कर दिया। अंदर जाते ही उसने दरवाज़ा बंद किया और मेरे चेहरे को अपने दोनों हाथों में भर लिया।
उसकी नज़रें मेरे चुचे को घूर रही थीं, जो सूट के नीचे से भी साफ़ झलक रहे थे। उसने बड़बड़ाते हुए कहा, ‘प्रिया, तुम्हारा यह 36D का जलवा मुझे पागल कर रहा है, मैं अब और नहीं रुक सकता।’ यह सुनकर मेरा पूरा शरीर थरथरा गया और मैंने खुद उसके करीब आकर अपने आपको उसके हवाले कर दिया।
उसने मेरे सूट को धीरे-धीरे उतारना शुरू किया, और हर कपड़े के साथ मेरी साँसें तेज़ होती जा रही थीं। जैसे ही मेरी ब्रा खुली, मेरे बोबे हवा में छिटके और राज की आँखें भूख से चमक उठीं। उसने बिना देर किए मेरे एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा, जिससे मेरी चूत से रस टपकने लगा।
मेरे मुँह से बदतमीज़ी भरी आवाज़ें निकलने लगीं, ‘हाँ, और ज़ोर से चूसो मेरे निप्पल, मेरी चूचियाँ तुम्हारी हैं राज!’ राज ने मेरी दूसरी बूब को अपनी उंगलियों से मसलना शुरू किया और मैंने उसकी शर्ट को खींचकर फाड़ दिया। उसकी काली छाती और चौड़े कंधे देखकर मेरी चूत और भी गीली हो गई।
अब हम दोनों पूरी तरह नंगे थे, और राज का तना हुआ लंड को देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। वह एक मोटा लौड़ा था, जो कम से कम 7 इंच लम्बा और बहुत मोटा था बिलकुल गधे के लंड के जैसा, जिसकी नसें उभर रही थीं और लंड के गोटे नीचे भारी अंडकोष में झूल रहे थे। मेरे मुँह से निकला, ‘बाप रे, इतना बड़ा लंड… क्या इससे मेरी चूत फट जाएगी?’
राज ने मेरी बात सुनकर एक कामुक मुस्कान दी और मुझे बिस्तर पर ले जाकर लिटा दिया। फिर उसने अपना चेहरा मेरी बालों वाली चूत के सामने लाया और धीरे-धीरे मेरे झांट के बालों को सहलाते हुए बुदबुदाया, ‘इतनी रसदार चूत, इसे तो मैं पूरी रात चाटता रहूँ।’ यह सुनकर मेरी चूत से और रस बहने लगा और मैंने उसके बालों को कसकर पकड़ लिया।
राज ने अपनी जीभ से मेरे फुद्दी की सिलवटों को सहलाना शुरू किया (Pussy Eating) और फिर सीधा मेरे चूत के छेद में अपनी जीभ डाल दी। मैं चिल्ला उठी, ‘आह, राज, चाटो पूरी चूत अंदर तक, मुझे मेरी भोसड़ी की परवाह नहीं है आज!’ वह मेरी बात सुनकर और तेज़ हो गया और मेरी चूत के होठों को चूसते हुए मेरी चूत का रस चूसने लगा, जिससे मेरी पूरी गांड थरथरा उठी।
कुछ मिनटों बाद मेरी हालत ख़राब हो गई और मैंने उसका लंड अपने हाथ में पकड़ लिया। मैंने उसके लौड़े को झुककर अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से ब्लोजॉब देने लगी, जैसे एक धंधेवाली करती है। राज के मुँह से गालियाँ निकल रही थीं, ‘शाबाश प्रिया, तू तो पूरी रंडी निकली, मेरा खड़ा लंड अपने गले तक ले जा!’
उसकी बात सुनकर मेरा रंडीबाज अंदर और भड़क गया और मैंने उसके लंड के गोटों को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मेरे मुँह से उसके अंडकोष पर लार टपक रही थी और उसके मोटे लौड़े पर चिपचिपा माल लगा हुआ था। मैंने अपने हाथ से उसे हैण्डजॉब करते हुए अपनी जीभ से उसके लंड के छेद को साफ़ किया।
इसके बाद राज ने मुझे ज़ोर से पलटा और मेरी गांड पर ज़ोरदार थप्पड़ मारा, जिसकी आवाज़ पूरे कमरे में गूँजी। उसने बुदबुदाया, ‘I Will Fuck You In Doggy Sex Position Darling… अब मैं तेरी इस कसी हुई चूत को डॉगी स्टाइल में चोदूंगा, दर्द बहुत होगा तुम रोने मत लग जाना।’ और फिर उसने मेरे कुल्हों को ऊपर उठाकर डॉगी स्टाइल में मेरी चूत के द्वार पर अपना खड़ा लंड रख दिया।
डॉगी स्टाइल में उस बिज़नेसमैन ने एक ही तेज के झटके में अपना पूरा मोटा लंड मेरी रसदार चूत में डाल दिया और दर्द के मारे मैं बहुत जोर से चीख पड़ी, ‘उई माँ, तुम्हारा लंड तो मेरी टाइट चूत को चीर रहा है!’ राज ने मेरी चूतड़ों को कसकर पकड़ा और बुरी तरह चोदना शुरू कर दिया, हर धक्के के साथ मेरी साँसें तेज़ होती जा रही थीं। मेरे बुर से चुदाई की गीली-चिपचिपी आवाज़ें आ रही थीं।
डॉगी स्टाइल में चोदने के दौरान बिज़नेसमैन राज मेरी चूत में अपना लंड पूरा अंदर तक घुसा रहा था और बीच-बीच में मेरी गांड के छेद में अपनी उंगली भी डाल देता था। मैं बुरी तरह से चीख-चीखकर कह रही थी, ‘हाँ राज, चोदो मुझे, मेरी चूत के अंदर अपना सारा चिपचिपा माल डाल दो!’ उसने मेरी कमर को और झुकाकर अपनी रफ़्तार बढ़ा दी।
कुछ देर बाद उसने मुझे अपनी तरफ मोड़ा और मिशनरी पोजीशन में मेरे ऊपर आ गया। अब उसका बड़ा लंड मेरी चूत के भीतर बिल्कुल ज़ोरदार तरीके से ऊपर-नीचे हो रहा था और मेरी आँखों के सामने उसके चेहरे का जुनून साफ दिख रहा था। मैंने उसकी कमर के चारों ओर अपनी टाँगें लपेट लीं और उसे अपने अंदर पूरी तरह समां लेने दिया।
चुदाई का जोर इतना बढ़ गया कि बिस्तर हिलने लगा और मेरे चुचे राज की छाती से रगड़ खा रहे थे। राज ने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी और हम दोनों एक साथ चरम की तरफ बढ़ने लगे। मेरे अंदर एक तूफ़ान उठ रहा था और मेरी चूत की मांसपेशियाँ ज़ोर-ज़ोर से सिकुड़ रही थीं।
आखिरकार बिज़नेसमैन राज ने मेरी चूत में अपना गाढ़ा वीर्य छोड़ दिया, जो इतना गर्म था कि मेरी पूरी बुर जलने लगी। उसके शुक्राणु की लहर ने मुझे भी चरम पर पहुँचा दिया और मैं ज़ोर से चिल्लाकर अपनी चूत का सारा रस उसके लंड पर बहा दिया। हम दोनों एक दूसरे में लिपटे हाँफ रहे थे, बदन से पसीना टपक रहा था और कमरे में चुदाई की भीनी-भीनी महक फैल गई थी।
काफी देर बाद जब हमारी साँसें शांत हुईं, राज ने मेरे माथे को चूमा और प्यार से बोला, ‘प्रिया, तुम सिर्फ मेरी रंडी नहीं, मेरी ज़िंदगी की हमसफ़र बनोगी न?’ मेरी आँखें भर आईं और मैंने उसे गले लगाकर हमेशा साथ रहने का वादा किया। उस दिन मेरी कामुक औरत ने मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा फैसला लिया था।
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