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ब्लैकमेल कर अपनी पर्सनल रंडी बनाया गर्लफ्रेंड व उसकी माँ को

ब्लैकमेल कर अपनी पर्सनल रंडी बनाया गर्लफ्रेंड व उसकी माँ को अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश :- बेंगलुरु की चका-चौंध भरी जिंदगी में सुनीता नाम की एक कामुक, भरावदार बदन वाली माँ और उनकी जवान, सेक्सी बेटी नेहा एक ही छत के नीचे रहती थीं। सुनीता की जिंदगी में एक गहरी भूख थी जो वह अपनी करीबी सहेली रेखा के साथ छिपकर बुझाती थी। दोनों औरतें डिल्डो और उंगलियों से एक-दूसरे की चूत और गांड को पागल कर देती थीं। नेहा ने गलती से माँ का फोन लेकर उन तस्वीरों और वीडियो को देख लिया और उतावलेपन में अपने बॉयफ्रेंड विक्रम को भेज दिया। विक्रम ने मौका देखकर दोनों को अपने जाल में फंसाया।

पहले बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड नेहा की टाइट चूत चोदकर उसे अपनी पर्सनल रंडी बनाया, फिर बॉयफ्रेंड ने अपनी गर्लफ्रेंड की माँ सुनीता की रसदार भोसड़ी को अपने मोटे लौड़े से भर दिया और आखिर में माँ-बेटी को एक साथ थ्रीसम में लेते हुए दोनों को अपनी सेक्स की गुलाम बना लिया। ब्लैकमेलिंग और मजबूरी का यह खेल धीरे-धीरे दोनों औरतों के अंदर की कामुकता को जगा गया और वे विक्रम के लंड की दीवानी बन गईं। यह कहानी ब्लैकमेल से शुरू हुई चुदाई की है जो बाद में खुली हुई लस्ट और बेशुमार आनंद में बदल जाती है।


Blackmail kar girlfriend aur uski maa ko apni personal randi banaya :- मैं विक्रम हूं, बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में अच्छी नौकरी करता हूं। नेहा मेरी गर्लफ्रेंड है, कॉलेज की पढ़ाई कर रही है और उसका बदन इतना गोरा-गोरा और कसा हुआ है कि कोई भी देखे तो लंड खड़ा हो जाए। उसकी चुचे भरे-भरे, कमर पतली और गांड इतनी उभरी हुई कि जींस में भी साफ दिखती है। हम लोग पिछले एक साल से रिलेशन में हैं और जब भी मौका मिलता है, मैं उसकी टाइट चूत को अपने मोटे लंड से भर देता हूं। नेहा लंड चूसने में उस्ताद है, मुंह में लेकर ऐसे चूसती है जैसे कोई रंडी अपना रोज का काम कर रही हो। लेकिन उस दिन जो हुआ, उसने मेरी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।

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ब्लैकमेल कर अपनी पर्सनल रंडी बनाया गर्लफ्रेंड व उसकी माँ को हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी Blackmail kar girlfriend aur uski maa ko apni personal randi banaya
Hindi Threesome Sex Kahani – Blackmail kar girlfriend aur uski maa ko apni personal randi banaya

एक शाम नेहा ने मुझे कुछ फोटोज भेजीं। सोचा कुछ अपनी नंगी तस्वीरें होंगी, लेकिन जब खोले तो आंखें फटी की फटी रह गईं। फोटोज में नेहा की माँ सुनीता थीं, जिन्हें मैं कई बार देख चुका था। सुनीता करीब 42 साल की हैं, लेकिन बदन ऐसा कि किसी बॉलीवुड की हीरोइन को मात दे। बड़े-बड़े बोबे, चौड़ी गांड और चेहरे पर वो कामुक मुस्कान जो सीधे लंड में आग लगा देती है। फोटोज में वह पूरी नंगी थीं और उनके साथ एक और औरत थी, रेखा नाम की उनकी सहेली। दोनों एक-दूसरे की चूत चाट रही थीं, डिल्डो से चुदाई कर रही थीं, निप्पल चूस रही थीं और सिसकारियां भर रही थीं। वीडियो में सुनीता की आवाज साफ आ रही थी – “रेखा, जोर से चोद मुझे, मेरी भोसड़ी को फाड़ डाल।”

मेरा लंड तुरंत तन गया। मैंने नेहा को कॉल किया और पूछा ये क्या है। वह घबरा गई, बोली गलती से भेज दिया, माँ का फोन था। मैंने कहा ठीक है, लेकिन ये बात अगर किसी को पता चली तो तुम्हारी माँ की इज्जत चली जाएगी। नेहा डर गई। मैंने मौका देखा और कहा कि अगर वह मेरी हर बात मानेगी तो मैं चुप रहूंगा। नेहा मान गई। अगले ही दिन मैं उसके घर गया जब सुनीता बाहर गई हुई थीं। नेहा ने डरते-डरते मुझे अंदर आने दिया। मैंने उसे दीवार से सटा लिया और जींस उतारकर उसकी चूत में उंगली डाल दी। वह सिहर उठी। मैंने अपना मोटा लौड़ा निकाला और उसके मुंह में ठूंस दिया। वह लंड चूसने लगी, आंसू आ रहे थे लेकिन चूस रही थी।

फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया, पैर फैलाए और अपनी जीभ उसकी टाइट चूत पर फेरी। नेहा की सिसकारियां शुरू हो गईं – “विक्रम… प्लीज… छोड़ दो…” लेकिन उसकी चूत भीग चुकी थी। मैंने अपना तना हुआ लंड उसकी फुद्दी पर रगड़ा और एक जोरदार धक्का मारा। नेहा चीख पड़ी, लेकिन मैंने मुंह बंद कर दिया और जोर-जोर से चोदने लगा। उसकी चूत इतनी टाइट थी कि हर धक्के में मजा आ रहा था। मैंने उसके निप्पल चूसे, बोबों को दबाया और फिर माल छोड़ दिया। गर्म वीर्य उसकी बच्चेदानी में भर गया। नेहा हांफ रही थी, लेकिन उसकी आंखों में अब डर के साथ-साथ कुछ और भी था – लस्ट।

गर्लफ्रेंड की माँ की चूत का पहला स्वाद

उस दिन के बाद नेहा पूरी तरह मेरी रंडी बन चुकी थी। वह कॉलेज से आते ही मेरे फ्लैट पर आती और लंड चूसती, गांड ऊंची करके चुदवाती। लेकिन मेरा मन सुनीता पर अटक गया था। उन फोटोज और वीडियो को देखकर मैं रात-रात भर मुठ मारता। आखिरकार मैंने मेरी गर्लफ्रेंड नेहा से कहा कि अपनी माँ को भी इस राज में शामिल करना है। नेहा रोने लगी, लेकिन उस बेचारी के सामने कोई चारा नहीं था। मैंने ब्लैकमेल करके मेरी गर्लफ्रेंड की माँ को भी अपनी पर्सनल रंडी बनाने का प्लान बनाया। एक शाम मैं उनके घर गया जब सुनीता अकेली थीं। नेहा ने मुझे अंदर भेजा और खुद बाहर चली गई।

सुनीता ने मुझे देखकर मुस्कुराते हुए पूछा, “क्या बात है विक्रम, नेहा तो बाहर गई है।” मैंने फोन निकाला और एक वीडियो चला दिया। सुनीता का चेहरा सफेद पड़ गया। वह रेखा के साथ डिल्डो से चुद रही थीं और चीख रही थीं – “हां रेखा, मेरी गांड मार… जोर से…” सुनीता कांपने लगीं। मैंने कहा, “आंटी, ये वीडियो अगर बाहर गया तो आपकी इज्जत चली जाएगी।” वह रोने लगीं, हाथ जोड़ने लगीं। मैंने कहा, “बस एक शर्त है, आपको मेरी हर बात माननी होगी।” सुनीता ने सर झुका लिया।

मैंने उन्हें सोफे पर बिठाया और उनकी साड़ी ऊपर उठा दी। नीचे कोई पैंटी नहीं थी। उनकी रसदार चूत पर हल्के बाल थे, भगनासा फूल चुका था। मैंने उंगली डाली तो सुनीता सिहर उठीं। मैंने अपना लंड निकाला और उनके मुंह के पास ले गया। सुनीता ने पहले मना किया, लेकिन जब मैंने फिर उनकी पोर्न वीडियो वायरल करने की की धमकी दी तो उन्होंने मुंह खोल दिया। उनका मुंह गर्म था, जीभ इतनी नरम कि मैं पागल हो गया। वह किसी कॉलगर्ल के जैसे मेरा लंड चूसने लगीं, आंसू बह रहे थे लेकिन चूस रही थीं। मैंने उनके बोबों को साड़ी के ऊपर से दबाया, निप्पल कड़े हो गए थे।

फिर मैंने उन्हें सोफे पर लिटाया, पैर फैलाए और अपनी जीभ उनकी चूत पर फेरी। सुनीता की सिसकारियां शुरू हो गईं – “नहीं विक्रम… ये गलत है…” लेकिन उनकी मोटी गांड ऊंची हो रही थी। मैंने अपना मोटा लौड़ा उनकी भोसड़ी पर रगड़ा और धीरे-धीरे अंदर डाल दिया। सुनीता की चूत गर्म और चिपचिपी थी, सालों की भूख साफ झलक रही थी। मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। उनके बड़े-बड़े बोबे उछल रहे थे। मैंने निप्पल चूसे, गांड दबाई और आखिर में उनकी बच्चेदानी में अपना गर्म वीर्य छोड़ दिया। सुनीता हांफ रही थीं, उनकी आंखों में शर्म और मजा दोनों थे।

एक ही मर्द के साथ माँ-बेटी दोनों का पहला थ्रीसम

अब सुनीता और नेहा दोनों मेरे कब्जे में थीं। मैं जब चाहता, सुनीता को बुलाता और उनकी रसदार भोसड़ी चोदता। वह अब विरोध नहीं करती थीं, बल्कि चुपके से लंड लेती थीं। नेहा भी अपनी माँ को मेरे साथ देखकर जलती थी, लेकिन मजबूरी में चुप रहती थी। एक दिन मैंने दोनों को एक साथ बुलाया। नेहा डर रही थी, सुनीता शर्मा रही थीं। मैंने कहा, “आज तुम दोनों मुझे एक साथ खुश करोगी।” दोनों ने सर झुका लिया।

मैंने दोनों को बेडरूम में ले जाकर नंगा कर दिया। माँ-बेटी एक-दूसरे के सामने बिलकुल नंगी खड़ी थीं। सुनीता के बड़े-बड़े बोबे और नेहा की टाइट चुचे, दोनों की चूत भीगी हुई थी। मैंने माँ-बेटी दोनों को बेड पर लिटाया और पहले सुनीता की चूत चाटी, फिर नेहा की। दोनों सिसकारियां भर रही थीं। मैंने मेरी गर्लफ्रेंड नेहा से कहा, “अपनी माँ के निप्पल चूस।” नेहा ने पहले मना किया, लेकिन मेरी नजर देखकर झुक गई और सुनीता के निप्पल मुंह में ले लिए। सुनीता की आह निकल गई। मैंने अपना लंड सुनीता की चूत में डाला और जोर-जोर से चोदने लगा। नेहा उनकी चुचियां चूस रही थी।

फिर मैंने नेहा को डॉगी स्टाइल में किया और सुनीता से उनकी बेटी की गांड चटवाई। सुनीता ने जीभ फेरी तो नेहा पागल हो गई। मैं एक की चूत मारता तो दूसरी लंड चूसती। कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – सट-सट, चप-चप, सिसकारियां और चीखें। मैंने दोनों को एक के ऊपर एक लिटाया और बारी-बारी से चोदा। आखिर में मैंने दोनों के मुंह में अपना माल छोड़ा। दोनों ने चिपचिपा वीर्य चाट लिया। उस रात के बाद माँ-बेटी मेरी स्थायी रंडियां बन गईं।

रेखा के साथ सामूहिक चुदाई की रात

सुनीता की सहेली रेखा को जब पता चला कि मैं सब जानता हूं तो वह भी डर गई। मैंने मौका देखा और एक दिन सुनीता से कहा कि रेखा को भी बुलाओ मेरे लंड से चुदवाने के लिए मैं उसे भी अपनी पर्सनल रंडी बनाना चाहता हूँ। तीनों औरतें और मैं – चार लोगों का ग्रुप सेक्स। रेखा भी कम नहीं थी, उसका बदन भी भरावदार था। मैंने तीनों को लाइन से खड़ा किया और एक-एक करके सबकी चूत और गांड चाटी। फिर सुनीता और रेखा ने अपना पुराना खेल शुरू किया – एक-दूसरे की चूत में डिल्डो सेक्स टॉय डालकर चुदाई करने लगीं। नेहा देखती रह गई। मैंने नेहा को उनके बीच में लिटाया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया।

तीनों औरतें मेरे लंड की दीवानी हो गई थीं। मैं कभी सुनीता की गांड मारता, कभी रेखा के मुंह में देता, कभी नेहा की चुचियां चूसता। कमरे में चुदाई की खुशबू फैल गई थी। तीनों की सिसकारियां एक साथ गूंज रही थीं। मैंने बारी-बारी से सबकी बच्चेदानी में अपना वीर्य भर दिया। उस रात के बाद हमारा ग्रुप बन गया। हर वीकेंड हम चारों मिलते और घंटों चुदाई करते।

ब्लैकमेलिंग का डर खत्म हुआ और चुदाई की लत लगी

धीरे-धीरे ब्लैकमेल का डर खत्म हो गया और सिर्फ लस्ट रह गया। सुनीता अब खुले आम मेरे लंड की भूखी रहती थीं। नेहा अपनी माँ के साथ मिलकर मुझे खुश करती। रेखा भी कभी-कभी शामिल हो जाती। हमने नए-नए पोज ट्राई किए – डॉगी, 69, डबल पेनेट्रेशन डिल्डो से, गांड मारना शुरू किया। सुनीता की गांड इतनी टाइट थी कि पहली बार डालते वक्त वह चीख पड़ी थी, लेकिन बाद में खुद मांगने लगीं। नेहा लंड चूसते वक्त गले तक ले लेती थी। हमारी चुदाई अब मजबूरी नहीं, जुनून बन चुकी थी।

एक दिन मेरी गर्लफ्रेंड की माँ सुनीता ने कहा, “विक्रम बेटा, तुमने हम माँ-बेटी की जिंदगी में वो आग लगा दी जो सालों से बुझी हुई थी।” नेहा ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा अब हम माँ-बेटी तुम्हारी पर्सनल रंडी हैं, हमेशा के लिए।” मैंने दोनों को गले लगाया और फिर एक और लंबी चुदाई की रात शुरू की।


सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Blackmail kar girlfriend aur uski maa ko apni personal randi banaya :- यह अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम कहानी ब्लैकमेल से शुरू हुई थी, लेकिन खत्म सगी माँ-बेटी के पर्सनल रंडी बनने पर हुई। सुनीता और नेहा ने अपनी छिपी हुई कामुकता को स्वीकार कर लिया और विक्रम के साथ एक नई जिंदगी शुरू की। दोनों औरतों ने न सिर्फ शारीरिक सुख पाया बल्कि भावनात्मक रूप से भी करीब आईं। विक्रम ने भी समझा कि सच्चा आनंद जबरदस्ती में नहीं, बल्कि सहमति और जुनून में होता है।

यह अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी पाठकों को याद दिलाती है कि शरीर की भूख को दबाने से बेहतर है उसे सही तरीके से जीना। अगर आपको माँ-बेटी की थ्रीसम चुदाई की यह कहानी पसंद आई तो कमेंट करके बताएं कि अगली कहानी में क्या देखना चाहते हैं। आपकी कामुक भूख को और जगाने के लिए जल्द ही नई कहानी लेकर आएंगे।

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