HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesदोस्त की बूढ़ी दादी को रस्सी से बांधकर बेरहमी से चोदा

दोस्त की बूढ़ी दादी को रस्सी से बांधकर बेरहमी से चोदा

दोस्त की बूढ़ी दादी को रस्सी से बांधकर बेरहमी से चोदा अन्तर्वासना Hardcore BDSM हिंदी सेक्स स्टोरी :- मेरा नाम राकेश है, उम्र 23 साल, और मैं शिवपुरी, उत्तर प्रदेश में एक जिम ट्रेनर हूँ। यह हार्डकोर BDSM सेक्स स्टोरी उस दर्दनाक और रोमांचक रात की है, जब मैंने अपने दोस्त समीर की 82 साल की दादी, सावित्री देवी, को रस्सी से बंधकर चोदा। समीर मेरा दोस्त है, जिससे मेरी मुलाकात रात को ढाबे पर दारू पीते वक्त हुई। सावित्री देवी, जिनकी उम्र भले ही 82 थी, पर उनके जिस्म में एक जंगली आग थी। उनकी फिगर, 32-30-34, झुर्रियों भरी थी, पर उनकी आँखों में ऐसी वासना थी कि मेरा लंड पागल हो गया। उनके पति की मृत्यु दस साल पहले हो चुकी थी, और उनकी तन्हाई उनकी हर हरकत में झलकती थी। यह कहानी उस शर्म, दर्द, और बेकाबू जुनून की है, जब मैंने दोस्त की दादी को रस्सी से बंधकर चोदा।

मैं और समीर रात को ढाबे पर दारू पीने के बाद अक्सर उसके पुराने हवेली जैसे घर चले जाते। पहली बार जब मैंने सावित्री देवी को देखा, मैं दंग रह गया। उनकी फटी साड़ी उनके कमज़ोर जिस्म को मुश्किल से ढक रही थी, पर उनके बूब्स और गांड में एक अजीब-सा काला जादू था। उनकी काँपती आवाज़ और झुर्रियों भरा चेहरा मुझे ललचाने लगा। मैं जानता था कि समीर मेरा दोस्त है, और उसकी दादी को गंदी नज़रों से देखना पाप था, पर मेरे लंड में आग भड़क रही थी। वो भी मुझे चुराकर देखतीं, उनकी आँखों में एक चिंगारी थी, जैसे वो मेरे मन की गंदगी पढ़ रही हों।

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दोस्त की बूढ़ी दादी को रस्सी से बांधकर बेरहमी से चोदा अन्तर्वासना BDSM हिंदी सेक्स स्टोरी
Friend’s old grandmother was tied with a rope and fucked brutally – Antarvasna Hindi BDSM Sex Story

एक रात समीर ने मुझे अपने घर बुलाया। सावित्री देवी पुराने लकड़ी के तख्ते पर बैठी थीं, उनकी साड़ी का पल्लू सरक रहा था, और मैं उनकी झुर्रियों भरी नाभि और बूब्स की हल्की झलक देखकर बेकाबू हो रहा था। मैंने उनसे बात शुरू की, और पता चला कि समीर का परिवार रात को देर से लौटता है। हम छत पर गए, पर मेरा मन सावित्री देवी की मुरझाई चूत और उनके काँपते जिस्म में अटक गया। उस रात घर जाकर मैंने दोस्त की दादी को रस्सी से बाँधकर चोदने (Hardcore BDSM Sex) की सोचकर मुठ मारी, तब जाकर मेरे बैचेन लंड को चैन मिला।

मैं अब हर रात समीर को उसके घर चलने के लिए उकसाता ताकि मुझे इसकी दादी के गदराये जिस्म को देखने का मौका मिल सके। मैं सावित्री देवी को गंदी नज़रों से घूरता, कभी उनकी साड़ी की तारीफ करता, तो कभी उनके पुराने गहनों पर बात करता। वो काँपती आवाज़ में जवाब देतीं, पर उनकी नज़रें मेरे लंड पर अटक रही थीं। मैं उनकी गांड को घूरता, सोचता कि इस बूढ़ी चूत को रस्सी से बाँधकर चोदना कैसा होगा। मैं उनके करीब जाता, कभी उनका पल्लू गलती से छू लेता, तो कभी उनके कंधे से टकरा जाता। वो हल्के से मुस्कुरातीं, पर चुप रहतीं। मेरी वासना दिन-ब-दिन बढ़ रही थी।

Desi Old and Young Homemade BDSM Sex – रस्सी का जाल और दर्दनाक शुरुआत

एक रात समीर को किसी दोस्त का फोन आया, और वो मुझे अपनी बूढ़ी दादी के साथ छोड़कर चला गया। मैं पहली बार सावित्री देवी के साथ अकेला था। मेरे दिल में आग लगी थी, और मैंने सोचा, आज दोस्त की दादी को रस्सी से बंधकर चोदने का मौका है। मैं समीर के पुराने कमरे में गया और वहाँ एक पुरानी रस्सी देखी। तभी मुझे एक गंदा खयाल आया। मैंने कमरे में एक पुरानी सी अश्लील किताब देखी, शायद वह पुरानी सी अश्लील किताब मेरे दोस्त के दादाजी का था। मैंने उस पुरानी सी अश्लील किताब खोला, और मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैं पैंट के ऊपर से लंड सहलाने लगा। तभी सावित्री देवी अंदर आईं, उनके हाथ में लस्सी का गिलास था। उन्होंने मुझे वह पुरानी सी अश्लील किताब पढ़ते हुए और मेरा लंड सहलाते देख लिया और गुस्से में गिलास रखकर चली गईं।

मुझे डर लगा कि कहीं बूढ़ी दादी अपने पोते समीर को न बता दें। मैं तुरंत उनके पीछे गया और माफी माँगने लगा। “दादी, मैंने गलती कर दी। ऐसा नहीं करना चाहिए था,” मैंने कहा। सावित्री देवी ने काँपती आवाज़ में कहा, “कोई बात नहीं, बेटा। जवान लड़के जवानी के जोश में बहक जाते हैं और ऐसी गलत हरकतें कर देते हैं।” उनकी बात सुनकर मेरी हिम्मत बढ़ी। मैं उनकी झुर्रियों भरी गांड को गन्दी नजरों से घूरने लगा, और मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने उनके करीब जाकर उनकी कमर छूने की कोशिश की, पर डर के मारे रुक गया। उन्होंने कहा, “यहाँ क्या कर रहे हो? बाहर जाओ।” मैं निराश होकर हॉल में चला गया।

दर्द और वासना का तूफान

थोड़ी देर बाद बूढ़ी दादी सावित्री देवी लस्सी लेकर आईं। जब वो झुकीं, उनकी साड़ी सरक गई, और उनके झुर्रियों वाले बूब्स की गहरी लकीर दिखी। मेरे मुँह से सिसकारी निकली। वो मेरी नज़रों को समझ गईं। फिर वो मेरे सामने बैठ गईं। लस्सी पीते वक्त उन्होंने पूछा, “राकेश, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?” मैंने कहा, “नहीं, दादी। लेकिन आपमें एक जंगली आग है।” मैंने हिम्मत करके कहा, “अगर मैं आपका मर्द होता, तो आपको रस्सी से बाँधकर चोदता।”

सावित्री देवी ने काँपते स्वर में कहा, “मेरे पति ने मुझे कभी तृप्त नहीं किया।” मैं उनके करीब गया और उनकी जाँघ पर हाथ रख दिया। उन्होंने मेरा हाथ हटाया और बोलीं, “मैं तुम्हारे दोस्त की दादी हूँ। ये पाप है।” लेकिन मैं रुक नहीं सका। मैंने उन्हें बाहों में लिया और उनके सूखे होंठों पर चूमने लगा। वो पहले विरोध करती रहीं, पर फिर मेरे चुम्बन का जवाब देने लगीं। मैंने उनकी कमर सहलाई, उनके बूब्स को साड़ी के ऊपर से दबाया। तभी समीर की गाड़ी की आवाज़ आई, और हमें अलग होना पड़ा। उनकी आँखों में अधूरी वासना थी।

एक हफ्ते बाद सावित्री देवी ने फोन किया और बोलीं, “राकेश, समीर और उसका परिवार दो दिन के लिए बाहर जा रहे हैं। आकर मुझे रस्सी से बंधकर चोद दो।” मैं उस रात का इंतज़ार करने लगा। जिस रात वो गए, मैं उनके हवेली पहुँचा। सावित्री देवी ने दरवाज़ा बंद किया और काँपती आवाज़ में बोलीं, “राकेश, मुझे दर्द दे, मेरी चूत को चीर दे।” मैंने उन्हें बाहों में लिया और उनकी साड़ी फाड़ दी। मैंने रस्सी निकाली और उनके काँपते हाथ-पैर बाँध दिए। वो दर्द से काँप रही थीं, पर उनकी आँखों में जंगली वासना थी।

Old Young Hardcore BDSM Sex – रस्सी से बंधकर चोदा दोस्त की बूढ़ी दादी को

मैंने चुदाई करने के लिए बूढ़ी दादी को पुराने लकड़ी के तख्ते पर लिटाया और उनकी ब्रा फाड़ दी। ब्रा फटते ही उनके झुर्रियों वाले बड़े भारी बूब्स मेरे सामने बिलकुल नंगे थे, मैंने उन्हें ज़ोर से दबाया, और वो दर्द से चीखीं, “आह… राकेश, मत मार!” मैंने उनकी पैंटी उतारी और उनकी मुरझाई चूत को देखा—सफेद बालों वाली, पर गीली। मैंने उनकी चूत को जीभ से चाटा, और वो दर्द और मज़े में चीखीं, “ये गंदी जगह है, राकेश बेटा!” मैंने कहा, “दादी, आपकी चूत मेरे लिए अमृत से भरे मटके का मुँह है।” मैंने उनकी चूत में जीभ डाली, और वो चीखीं, “मुझे बहुत ही ज्यदा गुदगुदी हो रही है बेटा!”

मैंने सेक्स करने के लिए अपनी पैंट उतारी और अब मेरा 7 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड दोस्त की बूढ़ी दादी माँ के सामने था। मैंने उनका मुँह ज़ोर से पकड़ा और लंड उनके सूखे मुँह में ठूँस दिया। वो गटकने लगीं, पर दर्द से उनकी आँखों में आँसू थे। “मैं ये नहीं कर सकती,” वो बोलीं, पर मैंने उन्हें चुप कराकर फिर लंड मुँह में डाला। तीन मिनट बाद मैंने लंड निकाला और उनकी रस्सी से बँधी जाँघें खोलीं। मैंने उनकी चूत पर लंड रगड़ा और एक ज़ोरदार धक्का मारा। वो चीखीं, “राकेश, मेरी चूत फट जाएगी!” उनकी चूत तंग और सूखी थी, हर धक्के में उन्हें दर्द हो रहा था। मैंने दोस्त की दादी को रस्सी से बंधकर चोदा, और उनकी चीखें कमरे में गूँज रही थीं।

मैंने मेरे मुसल लंड से दोस्त की बूढ़ी दादी माँ की चूत को बड़ी बेरहमी से चोदा, चुदाई के दौरान उनके बड़े भारी बूब्स बड़ी जोर जोर से हिल रहे थे, और वो अबला नारी दर्द से सिसकार रही थीं, “उम्म… आह… दर्द हो रहा है बेटा!” मैंने रस्सी को और कसा, जिससे उनकी कलाइयाँ खून से लाल हो गईं। “दादी, आपकी चूत को आज चीर दूँगा,” मैंने कहा। वो बोलीं, “चोद दो, पर मीठा सा दर्द दे दो!” मैंने उनकी चूत में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारे, और बारह मिनट बाद मेरा पानी निकलने वाला था। मैंने पूछा, “कहाँ डालूँ?” उन्होंने चीखकर कहा, “मेरी चूत में डाल दो!” मैंने चुदाई करते करते उनकी चूत में सफेद गढ़ा माल छोड़ा, और वो अभी भी दर्द से काँप रही थीं।

मैंने उनकी रस्सियाँ खोलीं, और वो तख्ते पर लेटी रहीं, उनकी चूत से मेरा माल टपक रहा था। फिर हम दोनों बाथरूम गए, जहाँ मैंने उनकी चूत को धोया, और उन्होंने मेरा लंड सहलाया। उस रात सावित्री देवी ने मुझे रोटी खिलाई और कहा, “राकेश बेटा, जब भी मुझे चोदने का मन हो, चुदाई करने के लिए आ जाना। मुझे रस्सी से बंधकर चोदना मुझे BDSM SEX बहुत पसंद आया।” दो दिन तक मैंने दोस्त की दादी को रस्सी से बंधकर चोदा। अब जब मौका मिलता है, मैं उनकी चूत को दर्द देता हूँ।


दोस्त की बूढ़ी दादी माँ को रस्सी से बांधकर बेरहमी से चोदा अन्तर्वासना हिंदी BDSM सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष:

इस अन्तर्वासना हिंदी BDSM सेक्स कहानी में मैंने मेरे दोस्त की बूढ़ी दादी माँ सावित्री देवी के साथ उस दर्दनाक, रोमांचक, और नाजायज़ चुदाई को बयाँ किया, जिसमें रस्सी, दर्द, और वासना का तूफान था। दोस्त की दादी को रस्सी से बंधकर चोदना मेरे लिए शर्म और उत्तेजना का मिश्रण था। हमारा रिश्ता चोरी-छिपे चल रहा है, और हर बार दर्द की आग भड़कती है। आपको यह कहानी कैसी लगी? किरदारों, दर्दनाक चुदाई, और रोमांच के बारे में आपकी राय बताइए। आपका जवाब मेरे लिए कीमती है।

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