थ्रीसम सेक्स किया पापा और उनके बॉस की बेटी के साथ मिलकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश: यह कहानी है राजीव नाम के एक पिता और उसकी 18 वर्षीय बेटी प्रिया की, जो अकेले घर पर रह गए हैं जब राजीव की पत्नी मधु अपनी बहन की शादी में शामिल होने गई है। एक दिन प्रिया अपने पिता को अकेले में हस्तमैथुन करते हुए देख लेती है, जिसके बाद उनके रिश्ते में एक नया मोड़ आता है। धीरे-धीरे यह रिश्ता शारीरिक संबंधों में बदल जाता है, और फिर उनके जीवन में राजीव की बॉस की बेटी तन्वी भी शामिल हो जाती है। कहानी में वर्जनाओं को तोड़ते हुए गहरे भावनात्मक और शारीरिक अनुभवों का वर्णन है।
उस दिन सुबह से ही मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था। माँ के गाँव जाने के बाद से पापा और मैं पूरे एक हफ्ते से अकेले ही घर पर थे। मैं प्रिया, अभी-अभी 18 साल की हुई थी और कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी। पापा, राजीव, एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर थे और आज उनकी छुट्टी थी। मैं स्कूल के पिकनिक से लौटी तो घर सुनसान पड़ा था। पापा कहीं बाहर गए हुए थे। मैंने टीवी चालू किया और कुछ देर तक सीरियल देखती रही। तभी मुझे पापा के कमरे से अजीब सी आवाजें सुनाई दीं।
पहले तो मैंने ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब वह आवाज बार-बार आने लगी तो मेरा ध्यान गया। धीरे से कमरे के दरवाजे के पास जाकर मैंने कान लगाया। अंदर से हांफने और कराहने की आवाजें आ रही थीं। मेरा दिल धड़कने लगा। डरते-डरते मैंने दरवाजा खोला तो नजारा देखकर मेरी सांसें रुक सी गईं। पापा बिस्तर पर नंगे बैठे थे और अपने मोटे, लंबे लंड को जोर-जोर से हिला रहे थे। कंप्यूटर स्क्रीन पर एक सेक्स वीडियो चल रहा था।
मैं चीखने ही वाली थी कि पापा ने मुझे देख लिया। उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। मैं तुरंत दरवाजा बंद करके भागी और हॉल में आकर सोफे पर बैठ गई। मेरा दिल धड़क रहा था और मेरी चूत से पानी निकल रहा था। मैंने कभी किसी पुरुष को इस तरह नंगा नहीं देखा था, खासकर अपने पापा को।
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शाम को माँ का फोन आया। “प्रिया बेटा, सब ठीक तो है?” माँ ने पूछा। मैं कुछ जवाब देती उससे पहले ही पापा ने फोन मेरे हाथ से छीन लिया। “हाँ मधु, सब ठीक है। प्रिया का ध्यान रख रहा हूँ,” पापा ने कहा। वे माँ से लंबी बात करते रहे और मैं चुपचाप खाना खा रही थी।
खाने के बाद पापा ने मुझे चाय दी। चाय का स्वाद कुछ अजीब सा था, लेकिन मैंने पूरी पी ली। थोड़ी देर बाद मुझे नींद आने लगी और मैं सोफे पर ही सो गई। जब मेरी आँख खुली तो मैं पापा के कमरे में थी। पापा मेरे बगल में बैठे थे और मेरे चेहरे पर हाथ फेर रहे थे।
“प्रिया, तुम्हें कुछ नया सीखना है?” पापा ने धीमी आवाज में पूछा। मैंने सिर हिलाया, “नहीं पापा, मुझे नहीं सीखना कुछ भी।” पापा मुस्कुराए और मेरा हाथ पकड़कर मुझे बिस्तर पर ले गए। उन्होंने घर के सारे दरवाजे-खिड़कियाँ बंद कर दीं। मेरा दिल धड़क रहा था। मैं जानती थी कि कुछ गलत होने वाला है, लेकिन मैं रुक नहीं पा रही थी।
पहली बार पापा ने चोदा और वर्जिन चूत की कौमार्य झिल्ली तोड़ी
पापा ने धीरे-धीरे अपने कपड़े उतारे। उनका 4 इंच मोटा लंड सख्त होकर बाहर निकला हुआ था। मैं मेरे पिता के सामने शर्म से सिर झुकाए खड़ी थी। “प्रिया बेटी, तुम भी कपड़े उतारो और जल्दी से बिलकुल नंगी हो जाओ,” पापा ने कहा। मैंने हिचकिचाते हुए अपने कपड़े उतारे और नंगी होने लगी। मेरे स्तन अभी-अभी पूरी तरह विकसित हुए थे और मेरी चूत के आसपास के मुलायम बाल भी उग आए थे।
पापा ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और अपना लंड मेरे मुँह के पास ले आए। “चूसो मेरे लंड को मुंह में लेकर,” उन्होंने आदेश दिया। मैंने डरते-डरते मेरे पापा के 7 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लंड को मुँह में लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह से चूसने व चाटने लगी। उसका स्वाद नमकीन था और गंध तेज। मैं लगभग 15 मिनट तक उनका लंड चूसती रही, जब तक कि पापा ने मुझे रोका नहीं।
अब वह समय आया जिसका मुझे सबसे ज्यादा डर था। पापा ने मेरी टांगें फैलाईं और अपना तंदरुस्त लंड मेरी वर्जिन चूत के अंदर धकेल दिया। मेरी सील पैक चूत की सील टूटी और मैं चीखी, “आह! नहीं पापा! दर्द हो रहा है!” लेकिन पापा ने मेरी परवाह नहीं की। वे धीरे-धीरे मुझे चोदते रहे। पापा के मोटे लंड से मेरी वर्जिन चूत की कौमार्य झिल्ली फट गई थी और बिस्तर पर खून ही खून हो गया था।
लगभग 20 मिनट तक पापा ने मुझे पुरे जोश के साथ चोदा, और फिर उन्होंने मेरी कुंवारी चूत के अंदर ही वीर्य निकाल दिया। मैं दर्द से रोती रही और बिना खाना खाए सो गई। रात भर पापा ने मुझे कई बार चोदा, हर बार नए तरीके से। सुबह जब मैं उठी तो बिस्तर पर खून के बड़े-बड़े धब्बे थे। मैंने आत्महत्या करने का मन बना लिया, लेकिन पापा ने मुझे रोक लिया।
पापा का गहरा राज और उनके बॉस की बेटी के साथ मिलकर थ्रीसम सेक्स की शुरुवात
पापा ने मुझे एक राज बताया की कुछ दिन पहले उनकी बॉस की बेटी तन्वी ने उन्हें ड्रग्स मिला पानी पिला दिया था और उनके साथ सेक्स करते हुए पोर्न वीडियो बना लिया था। तन्वी ने पापा को धमकी दी थी कि अगर वे उसकी बात नहीं मानेंगे तो वह उस पोर्न वीडियो को इन्टरनेट पर अपलोड कर देगी और मेरे उप्पर उसका रफ सेक्स करने का झूठा रफ सेक्स केस लगा देगी। इस वजह से ना चाहते हुए भी उन्हें अपने बॉस की बेटी के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने पड़े।
कुछ दिन बाद पापा के बॉस की बेटी तन्वी हमारे घर आई। वह मुझसे मिली और धीरे-धीरे हम तीनों के बीच एक अजीब सा रिश्ता बन गया। एक दिन हम तीनों ने साथ में मीकर थ्रीसम सेक्स किया। पापा के बॉस की बेटी तन्वी ने हमें अपने घर बुलाया जहाँ उसके पिता 3 महीने के बिजनेस ट्रिप पर गए हुए थे। हम हर शनिवार को तन्वी के घर जाते और पूरी रात थ्रीसम सेक्स करते।
धीरे-धीरे मैं और पापा के बॉस की बेटी तन्वी पापा के लंड की आदी हो गईं। हम तीनों ने मिलकर हर तरह के सेक्स पोजीशन ट्राई किए। कभी पापा मुझे चोदते, कभी उनके बॉस की बेटी को, तो कभी हम दोनों एक साथ थ्रीसम चुदाई का आनंद लेते। मेरी चूत और तन्वी की चूत दोनों ही पापा के लंड के लिए तरसने लगी थीं।
माँ ने किया विश्वासघात पापा के बॉस से चुदवाकर हुई प्रेग्नेंट
छह महीने बाद पता चला कि माँ ने पापा के साथ विश्वासघात किया है, बह एक बदचलन औरत निकली। वह पापा के बॉस (तन्वी के पिता) के साथ अफेयर कर रही थी और उससे प्रेग्नेंट भी हो गई थी। पापा को यह बात पता चली तो वे टूट गए। उन्होंने फैसला किया कि वे मुझसे और तन्वी से भी बच्चे पैदा करेंगे।
हम तीनों शहर छोड़कर दूर चले गए। एक साल बाद मैंने एक बेटी को जन्म दिया और तन्वी ने जुड़वा बेटियों को। मेरी बदचलन माँ का बच्चा गर्भ में ही मर गया था। जब माँ घर लौटी तो पाया कि घर साल भर से खाली पड़ा है। पड़ोसियों ने उसे पापा का लिखा हुआ एक पत्र दिया।
माँ ने पत्र पढ़कर तन्वी के पिता को दिखाया। दोनों को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने फैसला किया कि वे पापा, मुझे और तन्वी को हमारी नई जिंदगी जीने देंगे। हालांकि मैं और तन्वी अपनी पढ़ाई और करियर के सपने छोड़ चुकी थीं, लेकिन पापा ने हमें एक अच्छी जिंदगी दी। अब हम तीनों और हमारे बच्चे एक साथ खुश हैं।
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