HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesवर्जिन कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार गैंग बैंग चुदाई

वर्जिन कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार गैंग बैंग चुदाई

यह ग्रुप सेक्स स्टोरी “वर्जिन कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार और गैंग बैंग चुदाई करी कॉलेज के गुंडों ने” कल्पना की है, एक 33 वर्षीय विवाहित महिला, जो नौ साल पहले अपनी जवानी में एक कॉलेज लेक्चरर थी। 23 साल की उम्र में, अपने सिद्धांतों के लिए लड़ते हुए, उसने एक अमीर और आवारा छात्र राजन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। उसकी यह हिम्मत उसे महंगी पड़ी। राजन और उसकी गैंग ने बदला लेने के लिए कॉलेज लेक्चरर कल्पना को अगवा कर लिया और एक सुनसान जगह पर उसका शारीरिक शोषण (Rape) किया। कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार (Gang Rape) करने की यह गैंग बैंग चुदाई की हिंदी ग्रुप सेक्स स्टोरी उस दर्दनाक रात की है, जब वर्जिन कल्पना की गैंग बैंग चुदाई करके उस बेचारी की मासूमियत और कुंवारफ सेक्सन को बेरहमी से छीन लिया गया। अंत में, वह कॉलेज लेक्चरर टूटी हुई हालत में अपने कपड़े समेटकर वापस अपने घर पर लौटी, अमीर-गरीब के फासले को गहराई से महसूस करते हुए। अस्वीकरण – यह घटना पूर्णतः काल्पनिक है तथा इसका किसी भी व्यक्ति या संस्था से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

मैं कल्पना, 33 साल की एक विवाहित महिला। मेरी शादी को नौ साल हो चुके हैं, लेकिन नौ साल पहले का वो हादसा आज भी मेरे ज़हन में ताज़ा है। तब मैं 23 साल की एक वर्जिन लड़की थी, गर्म खून और कुछ कर दिखाने का जुनून मेरे दिल में था। एमए और बी.एड. पूरा करने के बाद मुझे एक कॉलेज में पार्ट-टाइम लेक्चरर की नौकरी मिली थी। फिर, बी.ए. के वार्षिक एग्जाम में मेरी ड्यूटी लगी। उस कमरे में 35 छात्र-छात्राएँ थे, और उनमें से एक था राजन—जिसे सब राजा कहते थे।

राजन एक अमीर परिवार का बिगड़ा हुआ बेटा था और कॉलेज का नमी गुंडा भी। 25-27 साल का, लेकिन अभी भी बी.ए. में अटका हुआ। एग्जाम के दौरान उसने किताब से नकल शुरू की। मैंने उसे देख लिया और साथ वाले सर से शिकायत की। किंतु, उन्होंने मुझे चुप रहने को कहा। मेरे सिद्धांतों ने मुझे चुप रहने की इजाज़त नहीं दी। मैंने गुस्से में राजन की आंसर शीट और किताब छीन ली। “ये क्या कर रहे हो?” मैंने सख्ती से पूछा। “दिख नहीं रहा?” उस लड़के ने ढीठपन से जवाब दिया। “बाहर निकलो एग्जामिनेशन हॉल से!” मैंने हुक्म दिया।

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बदले की आग के चलते वर्जिन कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार और गैंग बैंग चुदाई

“मैडम, पूरे कॉलेज में कोई मई का लाल नहीं जो मुझसे ऊँची आवाज़ में बोले,” उस लड़के ने मुझे घूरते हुए कहा। “अपनी आवाज़ नीचे रखो।” उसके इस रवैये ने मुझे और भड़का दिया। मैंने उसकी कॉपी पर पेन से काटा और कमेंट्स लिख दिए। राजन ने मेरी छाती पर उंगली रखकर धमकाया, “आग से खेल रही हो। अगर मुझे कुछ हुआ, तो तेरे इस बदन को मसल दूँगा। मुँह छुपाती फिरेगी।” मैं गुस्से से पागल हो गई। उसकी कॉपी और किताब लेकर प्रिंसिपल के पास पहुँची और सारी बात बताई।

कॉलेज का प्रिंसिपल भी उन गुंडों से डरता था इस लिए वह इस मामले को दबाना चाहता था, लेकिन मैंने हंगामा खड़ा कर दिया। आखिरकार, राजन को एग्जाम से निकाला गया और उसका नाम कॉलेज से रस्ट्रिकेट कर दिया गया। उसने मुझे भद्दी-भद्दी गालियाँ दीं और मेरा रफ सेक्स करने की भी धमकी दी, लेकिन मैंने उसकी रफ सेक्स करें की धमकी को नजर अंदाज कर दिया, मैं अपनी जीत पर फूली नहीं समा रही थी। हालांकि, यह जीत कुछ ही दिनों की थी।

शुरुआती कुछ दिन मैं सावधान रही, लेकिन जल्द ही लापरवाह हो गई। दस दिन बाद बी.एससी. के प्रैक्टिकल शुरू हुए। मेरी ड्यूटी आंसर शीट्स संभालने की थी। उस दिन काम खत्म होने तक शाम हो गई। कॉलेज शहर से पाँच किलोमीटर दूर था, और आसपास कोई बस्ती नहीं थी, बिलकुल सुनसान रासता था। बस स्टॉप पर सिर्फ़ एक आदमी खड़ा था। मैं उसके पास खड़ी हुई, तभी एक बोलोरो गाड़ी तेज़ी से मेरे सामने रुकी। उस आदमी ने रूमाल पर कुछ डाला और मेरे मुँह-नाक पर रख दिया। एक भीनी खुशबू के साथ मेरी आखों के सामने अंधेरा छा गया।

जब होश आया, मैं एक बड़े हॉल में थी। सिर के ऊपर एक तेज़ रोशनी का बल्ब जल रहा था, और मैं तख्त पर नंगी पड़ी थी। मेरे हाथ अपने स्तनों को ढकने लगे, और टाँगें सिकोड़कर योनि छिपाने की कोशिश की। तभी हॉल हँसी की आवाज़ों से गूँज उठा। अंधेरे में से राजन रोशनी के दायरे में आया। “मैंने मना किया था ना, मुझसे मत उलझ। अब दिखा वो तेवर,” उसने मेरे बाल पकड़कर मेरा चेहरा अपनी ओर घुमाया।

उसने मेरे होठों को ज़बरदस्ती चूमा। मैं मुँह हटाना चाहती थी, लेकिन उसने मेरे बाल सख्ती से पकड़े थे। “लेक्चरर मैडम अब तुझे राजा से पंगा लेने का अंजाम पता चलेगा। तेरे शरीर को तब तक मसलेंगे, जब तक हमारा मन नहीं भरता,” उसने कहा और मेरे उरोजों पर से मेरे हाथ हटा दिए। मैंने मेरे साथ हो रहे शारीरिक शोषण का विरोध किया, तो उसका एक ज़ोरदार थप्पड़ मेरे गाल पर पड़ा। मेरी आँखों के सामने तारे नाचने लगे। मेरा सारा विरोध भाप बनकर उड़ गया।

मेरा सामूहिक ब्लात्कार करने के लिए पूरी तयारी के साथ आये कॉलेज के गुंडे

हॉल में अचानक रोशनी हुई। मैंने देखा, राजन के अलावा सात और आदमी थे—सब उसकी गैंग के गुंडे थे। सभी नग्न थे, उनके लंड मुझे चोदने को बेताब दिख रहे थे। अपनी इज्जत बचाने के लिए मैंने राजन से छूटने की कोशिश की और एक दरवाज़े की ओर भागी। “भाग, जितना भाग सकती है। बच नहीं पाएगी,” वे हँसते हुए बोले। “ लेक्चरर मैडम इस हालत में बाहर भी निकलोगी, तो क्या कोई तुझे बिना मसले छोड़ेगा?” मैंने अपने नंगे बदन पर नज़र डाली, फिर भी भाग कार अपना कोमार्य बचाने की कोशिश की।

तभी राजन ने कहा, “बस, अब शुरू करते हैं लेक्चरर मैडम की हार्डकोर गैंग बैंग चुदाई।” एक गुंडा आदमी मुझे घसीटकर राजन तक ले गया। उसने मेरी गर्दन पकड़कर नीचे दबाया। “देखों लेक्चरर मैडम, मेरा लंड कितना बड़ा और मोटा है, ये आज मैं आपकी चूत और गांड के अंदर डालूँगा और आप की बहुत ही ज्यादा दर्दनाक चुदाई करूँगा। इसे मुँह में लेकर प्यार करो ना लेक्चरर मैडम।” मैंने संघर्ष किया, लेकिन पीछे से एक आदमी ने मेरे स्तनों को ज़ोर से मसला। मेरे मुँह से चीख निकली। “छोड़ दो, वरना तुम सबको जेल भिजवा दूँगी!” मैंने चिल्लाया।

“लेक्चरर मैडम तुम कुछ नहीं करोगी,” राजन बोला। “सामने तीतू है, जिसने कई लोगों को ऊपर भेजा है। पुलिस स्टेशन गई, तो भी कोई पुलिस वाला रिपोर्ट दर्ज नहीं करेगा तुम्हारी, क्योंकि डीएसपी का बेटा भी तेरा सामूहिक ब्लात्कार करने में शामिल है।” कई हाथ मेरे नंगे बदन को बुरी तरह से नोच रहे थे। फिर, उन्होंने मुझे घुटनों पर बिठाया। एक ने मेरा गला दबाया, और मुझे मुँह खोलना पड़ा। राजन का बड़ा सारा लंड मेरी जीभ पर सरकता हुआ अंदर मेरे गले तक गया। उससे पेशाब की गंध आ रही थी। मुझे उबकाई आई, लेकिन उनके सख्त पकड़ के सामने मैं अबला नारी बिलकुल बेबस और लाचार थी।

रात भर सामूहिक ब्लात्कार और गैंग बैंग चुदाई

राजन ने मेरे सिर को पकड़कर अपना लंड मेरइ मुंह के अंदर-बाहर किया। उसका बड़ा मोटा लंड मेरे लंड गले तक चोट कर रहा था। सामूहिक ब्लात्कार के दौरान बाकी लोगों ने मेरे स्तनों को मसलकर लाल कर दिया। मेरे बाल चेहरे पर बिखर गए। कुछ देर बाद मुझे तख्त पर पटक दिया गया। चार लोगों ने मेरे हाथ-पैर पकड़ लिए। मैं अब तक कुँवारी थी, और आज मेरा कुंवारफ सेक्सन उस शख्स से छिनने वाला था, जिससे मैं सबसे ज़्यादा नफरत करती थी।

राजन ने मेरी टाँगें छत की ओर उठाईं। “प्लीज़, मुझे छोड़ दो मेरा रफ सेक्स मत करो नहीं तो मैं किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचूंगी। मैं किसी को कुछ नहीं कहूँगी। मेरी शादी होने वाली है,” मैं रोते बिलखते उसके सामने हाथ जोड़कर बहुत गिड़गिड़ाई। लेकिन उन भूखे जानवरों को मेरे उप्पर कोई रहम नहीं आया। राजन ने अपना लंड मेरी सील पैक चूत पर सटाया और ज़ोर का धक्का मारा। लंड फिसल गया। उसने मेरी वर्जिन चूत की फाँकों को उंगलियों से अलग किया और फिर थूक लगाने के बाद ज़ोर से अपना लंड अंदर पेला। उसका लंड आधा अंदर गया। मैं चीखी, “उई माँ, मर गई!” मेरी आँखों से आँसू बहने लगे। पहली बार किसी मर्द का लंड मेरी चूत के अंदर गया था इस लिए मुझे काफी ज्यादा दर्द हो रहा था.

राजन ने लंड बाहर निकाला। उस पर हल्का खून लगा था। “देखो, ये कॉलेज लेक्चरर मैडम तो साली कुँवारी थी, इसकी सील पैक वर्जिन चूत की सील मैंने ही तोड़ी है” उसने हँसते हुए कहा। “आज मज़ा आएगा इस कॉलेज लेक्चरर की टाइट चूत चोद चोदकर फाड़ने में।” मैं तड़प रही थी, लेकिन कई हाथों ने मुझे जकड़ रखा था। राजन ने फिर लंड मेरी योनि में पेला। इस बार और ज़ोर से। मैं दर्द से बिलबिला उठी। मेरी चेतना धुंधली हो रही थी। राजन ने पूरी ताकत से मुझे ठोकना शुरू किया। मेरे मुँह से “आह, ओह, नहीं!” जैसी आवाज़ें निकल रही थीं।

कुछ देर बाद मुझे उल्टा करके चौपाया बनाया गया। राजन ने पीछे से मेरी योनि पर हमला बोला। एक और आदमी ने सामने आकर मेरा मुँह अपने लंड से भर दिया। मैं अब उनके बीच झूल रही थी। एक अंदर जाता, दूसरा बाहर निकलता। करीब पंद्रह मिनट बाद राजन का वीर्य मेरी योनि में भरा। उसकी जगह दूसरे ने ले ली। सामने वाले ने मेरा गला दबाया, और उसका गर्म वीर्य मेरे गले से पेट तक गया। “ले, पी मेरा वीर्य। बहुत घमंड था ना? अब देख कुतिया बनी है,” उसने कहा।

फिर मुझे उठाकर खड़ा किया गया। एक आदमी तख्त पर लेटा, उसका लंड तना हुआ था। मुझे उसकी जाँघों पर बिठाया गया, और उसका लंड मेरी योनि में समा गया। तभी किसी ने मेरे हिप्स अलग किए और मेरे गुदा द्वार पर लंड सटाया। मैं घबरा गई, लेकिन बिना मौका दिए लंड मेरे गुदा में घुस गया। मैं चीखी, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। एक और लंड मेरे मुँह में घुसा, और बाकी दो मेरे हाथों में थमा दिए गए। मैं पाँचों को एक साथ झेल रही थी।

सामूहिक ब्लात्कार के दौरान गैंग बैंग चुदाई और अंतिम यातना

पहले सभी ने बारी-बारी रफ सेक्स करा और फिर अंत में एक साथ कॉलेज के सभी गुंडों ने मिलकर मेरी गैंग बैंग चुदाई करी. मेरी गैंग बैंग चुदाई करने के बाद कॉलेज के सभी गुंडों ने मेरे कामुक बदन को वीर्य से भिगो दिया। मेरा शरीर वीर्य से चिपचिपा हो गया था। पूरी रात मेरा रफ सेक्स होता रहा और रात भर अलग-अलग तरीकों से मेरी गांड, चूत और मुंह की ठुकाई होती रही। चुदते चुदते सुबह तक मेरी हालत नाज़ुक हो चुकी थी। मेरी हालत खराब होती देखकर वे मुझे नंगी छोड़कर भाग गए। मैं घंटों वहाँ नंगी ही पड़ी रही। फिर, गिड़गिड़ाते हुए अपने फटे कपड़े ढूँढे। ब्रा और पैंटी तार-तार थी। किसी तरह बाकी कपड़ों से खुद के नंगे जिस्म को ढका और घर लौट आई।

दोस्तों उन सभी ने मिलकर मेरा ग्रुप में रफ सेक्स कर के अपनी कामवासना शांत करने के साथ साथ मुझसे बदला ले लिया था. दोस्तों उस दिन मुझे अहसास हुआ की मैंने जोश जोश में होश खो दिए थे और एक गलत आदमी से पंगा ले लिया था खैर होनी को कौन टाल सकता था. पुलिस में शिकायत करने की बजाये मैंने इसे अपनी किस्मत मानकर स्वीकार कर लिया. मुझे डर था की यदि मैं पुलिस के पास गई तो वहा दुबारा से मेरा रफ सेक्स कर देंगे क्योंकि उन गुंडों की पुलिस से भी सेटिंग थी…

निष्कर्ष – वर्जिन कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार और गैंग बैंग चुदाई करी कॉलेज के गुंडों ने

कॉलेज के गोंडों के द्वारा एक वर्जिन कॉलेज लेक्चरर का सामूहिक ब्लात्कार (Gang Rape) करने की यह ग्रुप सेक्स स्टोरी एक ऐसी महिला की है, जिसने अपने सिद्धांतों के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन समाज की क्रूरता और ताकतवर लोगों की साजिशों के आगे हार गई। कल्पना की कहानी अमीर-गरीब के फासले को उजागर करती है, जहाँ ताकत और पैसे का दुरुपयोग मासूमियत को कुचल देता है। यह एक चेतावनी है कि साहस के साथ-साथ सावधानी भी ज़रूरी है, वरना जीत भी हार में बदल सकती है।

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