HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesपिताजी मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाने मेरे ससुराल आये

पिताजी मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाने मेरे ससुराल आये

पिताजी मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाने मेरे ससुराल आये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश: मैं, प्रियंका, एक शादी शुदा लड़की अपने पति अभिषेक के साथ गाँव में रहती हूँ। पति शहर में नौकरी करते हैं और महीने में एक बार ही गाँव आ पाते हैं। उनके जाने के बाद मैं अपने बेटे आर्यन और सासु माँ के साथ समय बिताती हूँ। मुझे मेरे पति से ज्यादा चुदने को नहीं मिल पता है इस वजह से सेक्स की भूख मुझे परेशान करने लगती है और एक दिन जब मेरे पिताजी मुझे लेने आते हैं, तो हमारे बीच एक गुप्त संबंध बन जाता है।


मेरे ससुराल में मेरी सासु माँ मेरा और अपने पोते आर्यन का काफी ख्याल रखा करती। पति अभिषेक भी जब आते तो रात को जमकर चुदाई करते और मैं भी उनका पूरा साथ देती। वो मेरे लिए बेबीडॉल नाइटवियर लॉन्जरी सेट वो भी मैचिंग पैंटी के साथ और कुछ अन्य सेक्सी ड्रेस लाए थे, पर तब मैं काफी मोटी थी तो वो नहीं पहन सकती थी। अभिषेक मुझसे अलग-अलग पोजीशन में करते तो हम पति पत्नी दोनों को ही सेक्स करने में काफी मजा आता था। पर दुख की बात ये थी कि मेरे पति अभिषेक एक महीने के लिए भी मुश्किल से घर आ पाते थे। उनके साथ बिताए समय का पता ही नहीं चलता था। फिर उनके जाने का समय आ गया तो मुझे काफी दुःख हो रहा था, पर क्या करती, उन्हें जाना तो था ही।

उनके जाने के बाद मैं और सासु माँ आर्यन के साथ खेलती रहती सारा दिन। मैं उदास-उदास रहने लगी थी तो सासु माँ भी ये समझ गई थीं। फिर 3-4 महीने तो ऐसे ही निकल गए। मायके में तो रोज ही सेक्स करने को मिल जाता था, पर यहाँ तो उंगली से ही काम चलाना पड़ता था। एक दिन मैंने सासु माँ से कहा, “माँ, मैं कुछ दिनों के लिए मायके चली जाऊँ?” तो सासु माँ ने कहा, “हाँ बेटा, चली जाओ।” फिर सासु माँ ने मेरे पिताजी को किसी से कहलवा दिया कि मुझे आकर ले जाएँ।

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पिताजी मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाने मेरे ससुराल आये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

कुछ दिन बाद पिताजी मुझे लेने के लिए आ गए। जब वो आए तो वो यहीं एक रात के लिए रुक गए। सासु माँ ने कहा, “कल सुबह चले जाना।” तो पिताजी बोले, “ठीक है।” फिर पिताजी ससुरजी से बातें करने लगे। मैं और सासु माँ अंदर काम करने लगीं। जेठाजी भी उनके साथ बैठे थे।

फिर पिताजी और ससुरजी को खाना खिलाकर जेठाजी तो खेत में चले गए। मैं और सासु माँ अंदर आँगन में सो गईं और पिताजी और ससुरजी बाहर चौकी पर सोए थे। मुझे रात को नींद नहीं आ रही थी तो मैं अपनी चूत सहलाने लगी। मेरा सेक्स करने का काफी मन हो रहा था। सासु माँ तो खर्राटे लेकर सो रही थीं।

फिर मैंने पिताजी के साथ गुप्त यौन संबंध बनाकर अपनी अन्तर्वासना शांत करने के बारे में सोचा। मैं खड़ी हुई और बाहर वाले कमरे से होकर चौकी पर चली गई। फिर मैंने देखा कि पिताजी ने लुंगी खोल रखी थी और मोबाइल फोन के अंदर डॉगी सेक्स पोजीशन वाली पोर्न विडियो देखते हुए अपना 7 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड हाथ में लेकर सहला रहे थे। उन्हें हस्तमैथुन करते देख मैं काफी खुश हुई, क्योंकि मैं समझ गयी की उन्हें सेक्स चड़ा हुआ है और अब उन्हें चुदाई करने के लिए चूत की आवश्यकता है।

मैं पिताजी के पास उनकी चारपाई पर बैठ गई और उनका लंड पकड़ कर उनकी मुठ मारने लगी। फिर पिताजी भी बैठ गए और हम बातें करने लगे। मैंने पिताजी से मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाने के लिए कहा तो वो बोले, “बेटी मैं भी तुम्हारे साथ गुप्त यौन संबंध बनाकर मेरी अन्तर्वासना शांत करना चाहता हूँ मगर कोई जाग गया तो हम पकड़े जायंगे?” मैंने कहा, “नहीं पापा, सब गहरी नींद में सोए हैं। ससुरजी तो नींद की गोली लेते हैं तो वो तो जागने से रहे और सासु माँ भी खर्राटे भरकर सो रही हैं।”

अंदर के कमरे में गुप्त यौन संबंध बनाने के दौरान जंगली चुदाई का मजा

फिर मैं और पिताजी गुप्त यौन संबंध बनाने के लिए अंदर कमरे में चलने के लिए कहा तो वो वैसे ही नंगे मेरे पीछे-पीछे आ गए। मैंने उस कमरे का दरवाजा जो आँगन की तरफ था, वो बंद कर दिया और अपने कपड़े खोलकर नंगी हो गई। पिताजी भी सेक्स करने के लिए कुछ ज्यादा ही गर्म थे तो वो अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए मेरे बूब्स जोर जोर से दबाने लगे और मैं भी उनका पूरा साथ देने लगी।

वहाँ बेड था तो पिताजी ने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी चूत चूसने लगे। फिर मैं भी काफी गर्म हो गई थी चुदने के लिए। मेरे नंगे पिताजी मेरे ऊपर आए और मेरी चूत में अपना मुसल लंड डालकर चुदाई करने लगे। मैं भी उनका लंड अंदर तक लेने लगी। फिर मेरे नंगे पिताजी ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी गांड में अपना लंड डालकर मेरी गांड चुदाई करने लगे। मेरे पापा मेरी गांड मारते हुए बोले की बेटी घोड़ी बनाने का असली मजा तभी आता है, जब महिला की कमर गद्देदार और पिछवाड़ा चौड़ा हो बिलकुल तेरी तरह…

कुछ देर बाद वो मेरी गाँड में ही झड़ गए और वो मेरे ऊपर ही सो गए। फिर हम थोड़ा आराम करने लगे। फिर मैं उठकर पिताजी का लंड फिर से चूसने लगी तो पिताजी फिर गर्म हो गए तो हमने एक बार और किया। अंदर कमरे में गर्मी लग रही थी तो हमने बाहर जाने का सोचा।

फिर मैं और पिताजी नंगे ही बाहर चले गए और जाकर चारपाई पर सो गए। मैं पिताजी से लिपट कर सोई थी। फिर पिताजी धीरे-धीरे मेरी बॉडी सहलाने लगे, ऐसे करते-करते वो मेरे ऊपर आ गए और मेरी पूरी बॉडी चूमने लगे। पास में ही ससुरजी सोए थे तो पिताजी थोड़े डर रहे थे, पर मैंने कहा, “पापा, वो नहीं जागेंगे, आप खुलकर करो।”

जेठाजी के आने से बढ़ा गुप्त यौन संबंध बनाने का रोमांच और डर

फिर पिताजी मेरी चूत चूसने लगे। फिर मैंने पिताजी को सुला लिया और मैं उनके ऊपर आ गई और उनका लंड चूसने लगी किसी रंडी की तरह। कूलर चल रहा था, बूढ़े ससुरजी कूलर के आगे सोए थे रजाई ओढ़कर मगर उनके घर में होने ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वो देख और सुन नहीं सकते हैं। तब रात को ठंड हो जाती थी काफी और मैं और पिताजी नंगे ही थे। तो मुझे ठंड लगने लगी थी तो मैंने पिताजी से कहा, “मुझे ठंड लग रही है।” पिताजी बोले, “जाओ कूलर बंद कर दो।”

फिर मैं नंगी ही खड़ी हुई और कूलर बंद करके आ गई। वापिस पिताजी के पास आई तो पिताजी ने मुझे डॉगी सेक्स पोजीशन में चोदने के लिए घोड़ी बना लिया और आराम से चुदाई करने लगे। सब तरफ सन्नाटा था, सिर्फ हमारी ही आवाज सुनाई दे रही थी। हम कर ही रहे थे कि इतने में जेठाजी आ गए खेत से। वो ट्रैक्टर लेकर गए थे तो फिर वो आए तो मैं और पिताजी घबरा गए।

फिर हम जल्दी से रजाई ओढ़कर सो गए। मैं मेरे पिताजी से बिल्कुल चिपक कर सो गई थी। अंदर भी नहीं जा सकती थी क्योंकि हम चौकी पर सामने ही सोए थे। अंदर जाती तो मेरे जेठाजी को पता चल जाता। फिर वो आए और अंदर कमरे में चले गए और वहीं सो गए।

जेठाजी सोने के लिए अंदर कमरे में गए तो मैं घबरा गई क्योंकि मैंने कपड़े खोलकर ऐसे ही डाल दिए थे अंदर। फिर वो अंदर सो गए तो कुछ देर बाद मैं अंदर गई तो देखा कि उन्हें गहरी नींद आ रही है, बेचार खेतों में बैलों की तरह काम जो करते हैं। फिर मैंने अपने कपड़े लिए और वापिस बाहर चौकी पर आ गई।

ससुराल से मायके जाते समय जीप में भी गुप्त यौन संबंध बनाये बाप बेटी ने

फिर मैं कपड़े पहनने लगी तो पिताजी मुझे देखकर अपना लंड सहलाए जा रहे थे और वो फिर से मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाकर अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए गर्म हो गए थे। फिर उन्होंने एक बार और करने को कहा तो मैं अपनी सलवार खोलने लगी। फिर पिताजी बोले, “यहाँ नहीं, यहाँ तो अब तुम्हारा जेठ आ गया है, वो जाग जाएगा।”

फिर पिताजी खड़े हुए और अपनी लुंगी ली और हम चौकी से नीचे आ गए। फिर कुछ दूर आने के बाद पिताजी ने नीचे फर्श पर अपनी लुंगी बिछाई और मुझे घोड़ी बनने को कहा तो मैं चुदने के लिए घोड़ी बन गई और पिताजी पीछे से मेरी चुदाई करने लगे। फिर पिताजी अंदर ही झड़ गए तो मैं फिर वैसे सलवार हाथ में लेकर अंदर चली गई और पिताजी भी जाकर सो गए।

फिर मैंने अंदर जाकर अपनी गाँड और चूत साबुन और पानी से धोई और फिर जाकर सो गई। फिर सुबह ही जाग आई। उठी तो देखा कि सासु माँ ने चाय बना रखी है तो मैंने चाय पी, फिर आर्यन को दूध पिलाया और फिर घर के काम में लग गई।

फिर खाना बनाया, मैं तैयार हुई और फिर मायके जाने के लिए मैंने अपना सामान पैक किया तो जो अभिषेक मेरे लिए ड्रेस, कुछ ब्रा, पैंटी और कुछ मैगज़ीन लाए थे, तो वो सब मैंने साथ में पैक कर लिए। फिर हम बाप बेटी खाना खाकर जीप में बैठकर मायके चल पड़े।

पिताजी मेरे साथ गुप्त यौन संबंध बनाने मेरे ससुराल आये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष:

इस तरह मेरे और मेरे पिताजी के बीच एक गुप्त यौन संबंध बन गया। रास्ते में जीप में भी हमने सेक्स का मजा लिया और मायके पहुँचकर मैंने अपनी माँ को भी हम बाप बेटी के गुप्त यौन संबंध के बारे में सब कुछ सच सच बता दिया, जब माँ को यह सब पता चला तो वह बोली की आखिर एक रंडी की बेटी भी रंडी ही निकली। ये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी यहीं खत्म नहीं होती, आगे मेरी जॉब लगने और मेरे पिताजी व रामू द्वारा मेरी माँ के साथ एक साथ मिलकर थ्रीसम सेक्स करने की कहानी अगले भाग में सुनाऊँगी। आपको यह कहानी कैसी लगी? कृपया अपने विचार कमेंट में जरूर बताएँ।

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