गर्लफ्रेंड ने सौतेली बहन को चोदते पकड़ा और शामिल हुई अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी का सारांश :- यह एक ऐसी कामुक कहानी है जिसमें राहुल नाम का लड़का अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ रहता है। प्रिया की सौतेली बहन नेहा बेहद वासना से भरी हुई है, उसकी मोटी गांड, रसदार चूत और बड़े-बड़े चुचे किसी का भी लंड खड़ा कर देते हैं। राहुल नेहा की चुदाई की भूख में फंस जाता है और दोनों छिप-छिपकर एक-दूसरे को चोदने लगते हैं।
नेहा का लंड चूसना, चूत चटवाना और गांड मारने का शौक राहुल को पागल बना देता है। लेकिन एक दिन प्रिया उन्हें चुदाई करते पकड़ लेती है। आगे क्या होता है? गुस्सा, झगड़ा या वासना की आग में तीनों का मिलन? यह लंबी, बेहद अश्लील और विस्तृत कहानी चुदाई के हर पल को जीवंत बनाती है, जहाँ हरामीपन, रंडीबाजी और मादरचोद जैसे शब्दों से भरी चुदाई का रोमांच पाठक को बांधे रखता है। पढ़िए कैसे वासना तीन लोगों को एक साथ जोड़ती है।
Antarvasna Hindi Threesome Sex Story – Girlfriend ne sauteli bahan ko chodte pakda aur shaamil hui :- मेरा नाम राहुल है। मैं पच्चीस साल का जवान लड़का हूँ, दिल्ली में एक अच्छी नौकरी करता हूँ और अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता हूँ। प्रिया बेहद खूबसूरत है, उसके गोरे बदन, टाइट चुचे और मुलायम गांड मुझे हर रात चोदने पर मजबूर कर देते हैं। हमारा सेक्स लाइफ बहुत गरम है, रोजाना चुदाई करते हैं, कभी उसकी चूत में लंड पेलता हूँ तो कभी मुंह चुदाई करवाता हूँ।

लेकिन पिछले कुछ महीनों से प्रिया की सौतेली बहन नेहा हमारे घर पर रहने आई है। नेहा उम्र में प्रिया से छोटी है, लेकिन उसकी कामुकता देखकर लगता है जैसे वह जन्म से रंडी है। उसके मोटे-मोटे बोबे, चौड़ी गांड और बालों वाली भोसड़ी मुझे देखते ही मेरा लौड़ा तान देती है। नेहा हमेशा छोटे कपड़े पहनती है, जिससे उसके निप्पल साफ दिखते हैं और कुल्हे हिलते हुए चलती है तो लंड में आग लग जाती है।
शुरू में मैंने नेहा को सिर्फ देखा करता था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी नजरें मुझ पर गंदी होने लगीं। वह जानबूझकर मेरे सामने झुकती, जिससे उसके बड़े बोबे लटकते दिखते और मैं मुठ मारने पर मजबूर हो जाता। एक दिन प्रिया ऑफिस गई हुई थी, मैं घर पर अकेला था। नेहा किचन में थी, उसने टाइट शॉर्ट्स पहनी थी जो उसकी गांड के छेद को दिखा रही थी।
मैं वहाँ गया पानी पीने के बहाने, और अचानक नेहा ने पीछे मुड़कर मेरे लंड को हाथ से छुआ। “भैया, आपका लौड़ा तो बहुत मोटा लग रहा है आज” उसने रंडी की तरह मुस्कुराते हुए कहा। मैं हैरान रह गया, लेकिन मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। नेहा ने हंसकर कहा, “दीदी नहीं है घर पर, चलो ना कुछ मजा करते हैं। मेरी चूत बहुत दिनों से लंड की भूखी है।”
उस दिन पहली बार मैंने नेहा की रंडीबाजी देखी। वह सीधे घुटनों पर बैठ गई और मेरी पैंट खोलकर लंड बाहर निकाला। “वाह, कितना गरम और तना हुआ लौड़ा है, दीदी कितनी लकी है जो रोज चुदती है” कहते हुए उसने लंड मुंह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। उसका मुंह चुदाई का मजा इतना था कि मैं सिसकारियाँ लेने लगा।
नेहा की जीभ गोटों पर फिरती, लंड को गले तक लेती और चूस-चूसकर लार से भिगो देती। मैंने उसके सिर को पकड़कर मुंह चोदा, “साली रंडी, कितना अच्छा लंड चूसती है तू, मादरचोद जैसे चूस रही है।” नेहा हंसकर और जोर से चूसने लगी। फिर मैंने उसे उठाया, उसकी शॉर्ट्स उतारी तो देखा उसकी भोसड़ी पूरी गीली थी, झांटों से रस टपक रहा था।
मैंने नेहा को किचन काउंटर पर लिटाया और उसकी टांगें फैलाईं। उसकी रसदार चूत देखकर मेरा लंड फड़कने लगा। “चोद मुझे भैया, अपनी रंडी बना ले, दीदी को पता नहीं चलेगा” वह छिनाल की तरह चिल्लाई। मैंने लंड को उसकी चूत पर रगड़ा, फिर एक जोरदार धक्का मारा।
नेहा की चीख निकली, “आह मादरचोद, कितना मोटा लंड है, फाड़ दी मेरी भोसड़ी।” मैं जोर-जोर से चोदने लगा, उसके बोबों को दबाता, निप्पल चूसता। नेहा की सिसकारियाँ पूरे घर में गूंज रही थीं, “हाँ चोद, और जोर से, मेरी चूत का रस निकाल दे हरामी।” हमारी चुदाई की आवाजें इतनी तेज थीं कि लगता था कोई सुन लेगा, लेकिन वासना में हम दोनों पागल थे।
नेहा की रंडीबाजी से वासना की आग भड़की
उस दिन के बाद नेहा और मैं रोज छिपकर चुदाई करने लगे। प्रिया जब ऑफिस जाती, हम दोनों बेडरूम में बंद हो जाते। नेहा की चूत इतनी टाइट और गरम थी कि लंड डालते ही मजा आ जाता। कभी वह मेरे लंड पर सवार होकर उछलती, उसके मोटे चूतड़ ऊपर-नीचे होते तो थप्पड़ की आवाज आती। “देख भैया, कैसे तेरी रंडी तेरे लौड़े पर नाच रही है” वह कहती और बोबों को हिलाती।
मैं नीचे से धक्के मारता, उसके निप्पल चूसता। नेहा को गांड चाटना बहुत पसंद था, वह मेरे मुंह पर बैठ जाती और गांड का छेद चटवाती। “चाट साले, अपनी साली की गांड चाट, कितनी स्वादिष्ट है।” मैं जीभ अंदर डालकर चाटता, उसका रस पीता।
एक बार हमने बाथरूम में चुदाई की। नेहा शावर के नीचे नंगी खड़ी थी, पानी उसके बोबों पर गिर रहा था। मैंने पीछे से लंड उसकी गांड में ठोका। “आह भोसड़ीके, गांड मार रहा है तू, कितना मजा आ रहा है” वह चीखी। मैंने उसकी गांड जोर-जोर से मारी, हाथ से चूत रगड़ता रहा।
नेहा का माल छूटने लगा, चिपचिपा रस मेरे लंड पर लग रहा था। “झड़ जा रंडी, अपना रस निकाल” मैंने कहा और खुद उसके अंदर गरम वीर्य छोड़ दिया। हम दोनों थककर लेट गए, लेकिन नेहा की भूख कभी नहीं खत्म होती। वह फिर लंड चूसने लगी, “और चोदना है मुझे, तेरी दीवानी हो गई हूँ।”
धीरे-धीरे हमारा हरामीपन बढ़ता गया। नेहा मुझे प्रिया के बेड पर चोदने के लिए उकसाती। “यहाँ चोद ना, जहाँ दीदी सोती है, कितना मजा आएगा।” मैं मना नहीं कर पाता था। एक दिन हम प्रिया के बेड पर थे, नेहा मेरे लंड पर उछल रही थी, उसके सिसकारी भर रहे थे कमरे में। “हाँ चोद मादरचोद, फाड़ दे मेरी चूत, रंडी की तरह चोद।” मैं उसके कुल्हों को पकड़कर धक्के मार रहा था। अचानक दरवाजा खुला और मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया अंदर आ गयी। हम दोनों नंगे, चुदाई में डूबे हुए। मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया के चेहरे पर पहले गुस्सा था, लेकिन फिर उसकी आँखें हमारी जंगली चुदाई पर टिक गईं।
प्रिया चुप खड़ी रही कुछ देर। नेहा डर गई, लेकिन मैंने लंड निकाला नहीं। प्रिया ने धीरे से दरवाजा बंद किया और अंदर आई। “यह क्या चल रहा है तुम दोनों का?” उसने पूछा, लेकिन उसकी आवाज में गुस्सा कम और कुछ और था। नेहा ने शरमाते हुए कहा, “सॉरी दीदी, लेकिन राहुल का लंड इतना अच्छा है कि कंट्रोल नहीं होता।” प्रिया ने हमें देखा, फिर अचानक अपने कपड़े उतारने लगी। “तो मुझे क्यों नहीं बताया? मैं भी तो चुदना चाहती हूँ।” हम दोनों हैरान रह गए। प्रिया नंगी होकर बेड पर आई, उसके चुचे तने हुए थे।
प्रिया ने हमें चुदाई करते पकड़ा और शामिल हुई
प्रिया ने पहले नेहा को किस किया, फिर मेरे लंड को हाथ में लिया। “तू मेरी सौतेली बहन को चोद रहा था और मुझे नहीं बताया हरामी?” कहते हुए उसने लंड मुंह में लिया और जोर से चूसने लगी। नेहा हंसकर प्रिया के बोबों को दबाने लगी। “दीदी, अब हम तीनों मिलकर चुदाई करेंगे।” प्रिया की चूत भी गीली हो चुकी थी। मैंने दोनों को बेड पर लिटाया और बारी-बारी से चूत चाटने लगा। पहले प्रिया की टाइट चूत, फिर नेहा की बालों वाली भोसड़ी। दोनों सिसकारियाँ ले रही थीं, “चाट साले, कितना अच्छा चाटता है तू।”
फिर नेहा मेरे चेहरे पर बैठ गई, उसकी गांड मेरे मुंह पर। मैं गांड चाटता रहा, जीभ अंदर डालकर। प्रिया नीचे लंड चूस रही थी। “म्जा आ रहा है भोसड़ीके, दोनों रंडियाँ मुझे पागल कर रही हो।” मैं चिल्लाया। नेहा की मोटी गांड से दबाव इतना था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था, लेकिन मजा दोगुना। प्रिया ने कहा, “अब मेरी बारी, मैं भी तेरे मुंह पर बैठूंगी।” दोनों बहनें बारी-बारी से फेससिटिंग करने लगीं, उनकी चूत और गांड का रस मेरे मुंह पर गिर रहा था। मैं लंड को मुठ मारता रहा।
अब थ्रीसम सेक्स की असली शुरुआत हुई। मैंने प्रिया को डॉगी स्टाइल में चोदा, उसकी गांड पीछे से पकड़कर जोरदार धक्के मारे। नेहा नीचे लेटकर प्रिया की चूत चाटने लगी। “हाँ चोद मुझे, और नेहा मेरी चूत चाट रही है, कितना मजा आ रहा है मादरचोद।” प्रिया चीख रही थी। फिर मैंने नेहा को ऊपर लिया, वह राइडिंग करने लगी, उसके मोटे चूतड़ थप्पड़ की आवाज कर रहे थे। प्रिया मेरे गोटों को चाट रही थी। “दोनों रंडियाँ, कितना अच्छा लग रहा है।” मैंने दोनों की चूत और गांड में बारी-बारी लंड डाला।
हम तीनों पसीने से लथपथ थे। नेहा और प्रिया एक-दूसरे को किस कर रही थीं, बोबे रगड़ रही थीं। मैंने दोनों को घुटनों पर बिठाया और लंड चुसवाया। दोनों की जीभ लंड पर फिरती, गोटे चूसतीं। “चूसो साली रंडियो, अपना माल पीयो।” मैंने कहा और दोनों के मुंह में झड़ गया। गरम वीर्य उनके चेहरे पर गिरा, दोनों चाट-चाटकर पीने लगीं। लेकिन चुदाई खत्म नहीं हुई। प्रिया ने कहा, “अब मेरी गांड मार, नेहा तू चूत में उंगली डाल।” मैंने प्रिया की गांड में लंड ठोका, नेहा उंगली से चुदाई कर रही थी।
थ्रीसम चुदाई का चरमोत्कर्ष और वीर्य की बौछार
हमारी चुदाई घंटों चली। कभी मैं दोनों की चूत एक साथ रगड़ता, कभी दोनों मेरे लंड पर सवार होतीं। नेहा की राइडिंग सबसे खतरनाक थी, वह इतनी जोर से उछलती कि बेड हिल जाता। “देख दीदी, कैसे तेरे बॉयफ्रेंड का लौड़ा मेरी भोसड़ी में गायब हो रहा है।” प्रिया हंसकर नेहा के निप्पल चूसती। मैंने दोनों को एक साथ डॉगी बनाया और बारी-बारी चोदा। उनकी सिसकारियाँ, चीखें और चुदाई की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। “चोदो हमें, अपनी रंडियाँ बना लो, रोज थ्रीसम करेंगे।”
फिर मैंने नेहा की गांड मारी कुतिया बनाकर, प्रिया नीचे लेटकर मेरे अंड की थैली चाटती रही। नेहा की गांड टाइट थी, लेकिन लंड अंदर-बाहर होता तो मजा आसमानी। “फाड़ दी साले, मेरी गांड फाड़ दी, लेकिन और मार।” नेहा चिल्लाती। प्रिया ने भी गांड मारने को कहा। मैंने दोनों की गांड बारी-बारी चोदी, हाथ से चूत रगड़ता रहा। दोनों का रस बह रहा था, चिपचिपा माल बेड पर गिर रहा था। आखिरकार मैं झड़ने वाला था। दोनों सौतेली बहनों ने वीर्यपान के लिए अपना अपना मुंह खोल लिया, मैंने उनके मुंह और चेहरे पर वीर्य की बौछार कर दी।
हम तीनों थककर लेट गए, एक-दूसरे को गले लगाए। प्रिया ने कहा, “यह सबसे अच्छी चुदाई थी मेरी जिंदगी की।” नेहा हंसकर बोली, “अब रोज ऐसा करेंगे।” मैं खुश था, दो रंडियाँ मेरे पास। उस दिन के बाद हमारा थ्रीसम रूटीन बन गया, कभी लिविंग रूम में, कभी किचन में चुदाई करते। वासना की इस आग ने हमें और करीब ला दिया।
हमारी चुदाई में हर तरह का मजा था। कभी डबल ब्लोजॉब, दोनों सौतेली बहनें रंडी के जैसे मेरा लंड चूसतीं। कभी मैं दोनों की चूत चाटता जबकि वे एक-दूसरे के बोबे दबातीं। नेहा की मोटी गांड पर स्लैप मारना, प्रिया की टाइट चूत में तेज धक्के, सब कुछ परफेक्ट था। हम तीनों कामुकता की दीवानी बन गए थे।
गर्लफ्रेंड ने सौतेली बहन को चोदते पकड़ा और शामिल हुई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
Antarvasna Hindi Threesome Sex Story – Girlfriend ne sauteli bahan ko chodte pakda aur shaamil hui :- इस अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम चुदाई कहानी के अंत में राहुल, प्रिया और नेहा की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। पहले धोखा लगने वाला रिश्ता अब वासना से भरा मजबूत बंधन बन गया। तीनों ने मिलकर चुदाई का ऐसा मजा लिया कि अब अलग होना मुश्किल था। यह अनुभव उन्हें सिखाता है कि कभी-कभी वासना अप्रत्याशित खुशियाँ लाती है, रिश्तों को नई गहराई देती है। पाठकों, आपको यह कहानी कैसी लगी? क्या आप भी ऐसे थ्रीसम की कल्पना करते हैं? कमेंट करके बताएं, शेयर करें और ऐसी ही गरम कहानियाँ पढ़ते रहें। वासना की यह आग आपको भी जलाएगी।


