HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesघोड़ी बनाकर विधवा बुआ की चूत और गांड का सत्यानाश करा

घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की चूत और गांड का सत्यानाश करा

घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की रसीली चूत और टाइट गांड का सत्यानाश करा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश:- यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी मुंबई के एक छोटे फ्लैट में रहने वाले 18 साल के अमित और उसकी 33 साल की विधवा बुआ रीता की है। विधवा बुआ ने अमित को पाला, क्योंकि उसकी माँ की मृत्यु जन्म के समय हो गई थी। एक बाथरूम की घटना ने विधवा बुआ की रसीली चूत और रसीली गांड को चुदाई की आग में झोंक दिया। इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में घोड़ी बनाकर चुदाई, दर्दनाक एनल सेक्स, लंड की सवारी, हस्तमैथुन, और बूब्स की चुदाई का गंदा, कामुक वर्णन है। करीब 4000+ शब्दों की यह कहानी गंदी गालियों, हास्य, और कामवासना जागृत करने वाले विवरणों से भरी है।


मेरा नाम अमित है। उम्र 18 साल। मैं मुंबई में अपनी विधवा बुआ रीता के साथ एक छोटे फ्लैट में रहता हूँ। विधवा बुआ 33 की हैं, लेकिन उनकी रसीली चूत और रसीली गांड 25 की लगती हैं। उनके बड़े, रसीले बूब्स और भारी कुल्हे किसी को भी पागल कर दें। विधवा बुआ के पति की शादी के बाद सांप के काटने से मौत हो गई थी। वह ससुराल नहीं गईं, हमारे घर रहीं। मेरी माँ की मृत्यु मेरे जन्म के समय हुई। पिता दुबई में नौकरी करते हैं, पैसे भेजते हैं। विधवा बुआ ने मुझे माँ की तरह पाला। वह एक एनजीओ में काम करती हैं।

हमारा फ्लैट तंग है। दो कमरे। एक बेडरूम, एक रसोई, साझा बाथरूम। विधवा बुआ साड़ी पहनती हैं। उनके बूब्स साड़ी में उभरे रहते हैं। मैं चुपके से उनकी रसीली चूत और रसीली गांड की कल्पना करता हूँ। मेरा लंड खड़ा हो जाता है। विधवा बुआ मुझे बच्चा समझती हैं, लेकिन मैं जवान हूँ। मेरी कामवासना जाग चुकी है। रात को मैं विधवा बुआ की रसीली चूत को सोचकर लंड हिलाता हूँ। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी उनकी चुदाई की शुरुआत है।

मुफ्त में पढ़ें घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की रसीली चूत और टाइट गांड का सत्यानाश करा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

मुफ्त में पढ़ें घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की रसीली चूत और टाइट गांड का सत्यानाश करा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी Read for free Antarvasna Hindi sex story of destroying widow aunt's juicy pussy and tight ass by making her a mare
Read for free Antarvasna Hindi sex story of destroying widow aunt’s juicy pussy and tight ass by making her a mare

मार्च का रविवार था। मैं क्रिकेट खेलकर लौटा। बदन पसीने से गंदा था। बाथरूम में गया। कपड़े उतारे। नंगा होकर नहाने लगा। दरवाजा बंद करना भूल गया। विधवा बुआ रसोई में थीं। वह गरम पानी लेने आईं। मुझे नंगा देखा। उनकी आँखें मेरे सात इंच के लंड पर टिक गईं। “अमित, तेरा लंड तो तोप है!” वह मुस्कराईं। मैं शरमा गया। मेरा लंड और सख्त हो गया। वह बोलीं, “कमीने, शरमाता क्यों है?” पानी लेकर चली गईं।

मैं नहाने के बाद तौलिया लपेटकर बाथरूम से बाहर आया। फिर मैंने मेरे बदन को पोंछा। विधवा बुआ फिर आईं। मुस्कराईं। “हरामी, तेरा लंड बड़ा हो गया!” मैंने कहा, “सॉरी बुआ।” वह हंस पड़ीं। “मैंने तुझे बचपन में नहलाया है। तेरा छोटा लंड देखा था और आज तेरा लंड देखा तो यकीन ही नहीं हुआ की ये वाही लंड है जिसे मैं बचपन में अपने हाथों से साबुन लगाकर धोया करती थी।” वह मुझे गले लगाईं। उनके रसीले बूब्स मेरे सीने से लगे। मेरा लंड तौलिया में तंबू बना गया। वह बोलीं, “गंदा लड़का!” चली गईं। मेरे मन में विधवा बुआ की रसीली चूत की आग लग गई।

होली का रंग बिरंगा त्यौहार आया। मैं दोस्तों के साथ रंग खेलकर घर लौटा। सर से लेकर पैरों तक मैं पूरा रंगा हुआ था। विधवा बुआ बोलीं, “बाथरूम जा, हरामी! फ्लैट गंदा मत कर।” मैं गया। वह भी बाथरूम में मेरे पीछे आईं। मैंने मजाक में उनके चेहरे पर गुलाल मला। उनकी साड़ी पर नीला रंग डाला। वह भीग गईं। गुस्से में बोलीं, “कमीने, क्या करता है!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, होली है!” वह मुस्कराईं। साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट उतार दिया। पैंटी और ब्रा में रहीं। उनके गोल बूब्स, गुलाबी निपल्स ब्रा में दिख रहे थे।

वह मुझे नहलाने लगीं। मैं नंगा था। मेरा लंड तन गया। “कमीने, तेरा लंड तो खड़ा है!” मैं शरमाया। वह मेरी पीठ रगड़ने लगीं। उनके हाथ मेरे लंड को छू गए। मैं सिहर उठा। फिर वह नहाने लगीं। ब्रा-पैंटी उतारी। मैं उनकी रसीली चूत, रसीली गांड देखता रहा। वह बोली, “पीठ रगड़, हरामी!” मैंने उनकी नंगी पीठ रगड़ी। मेरे हाथ उनके बूब्स पर लगे। वह सिसकारी। “गंदा है, कमीने!” लेकिन मुस्कराई। मैंने उनकी रसीली चूत छुई। उंगली डाली। वह चिल्लाई। “हाय… क्या कर रहा है!” लेकिन रुकी नहीं। वह झड़ गई। बोली, “मजा आया, कुत्ते!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत स्वादिष्ट है!” वह बोली, “चुप, हरामी!” यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का पहला कदम था। (650+ शब्द)

पहली रात: विधवा बुआ की रसीली चूत का सत्यानाश

उसके बाद हम करीब आए। विधवा बुआ मुझे गले लगाती। मेरी विधवा बुआ के बड़े बड़े बूब्स मेरे सीने से टकरा जाते और मेरी अन्तर्वासना भड़क उठती। एक शाम वह सो रही थीं। सिर्फ पैंटी में। मैंने उनके बूब्स छुए। वह जागी। “क्या कर रहा है, कमीने?” मैं डरा। लेकिन वह मुस्कराई। मुझे चूम लिया। उनकी जीभ मेरे मुँह में। मैंने भी चूमा।

“तू जवान हो गया, हरामी!” मैंने उनके बूब्स दबाए। वह मेरी विधवा बुआ सिसकारी भरने लगी। “धीरे, कुत्ते!” मैंने उनके निपल्स चूसे। वह कराह रही थीं। “हाय… अमित, गजब कर रहा है!” मैंने उनकी रसीली चूत चाटी। गुलाबी फांकें। हल्के बाल। मैंने जीभ डाली। वह चिल्लाई। “कमीने, गंदा है!” लेकिन मैं चाटता रहा। वह झड़ गई। उनका पानी मीठा था। मैं चाटता रहा। “स्वादिष्ट है, साली!” वह हंस पड़ी।

वह मेरे लंड को चूसी। “क्या मोटा लंड है, हरामी!” मैं बोला, “चूस, रंडी!” वह हंस पड़ी। “चुप, कुत्ते!” वह चूसती रही। मेरा लंड गले तक गया। मैं झड़ गया। उनके मुँह में। वह निगल गई। “तेरा पानी गाढ़ा है, कमीने!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत रंडी जैसी है!” हम लेट गए। वह बोली, “रात को तेरे लंड से चुदूँगी।”

रात हुई। विधवा बुआ नंगी आई। मुझे चूम लिया। मैंने उनका बदन चाटा। वह बोली, “चोद मुझे, हरामी!” मैंने लंड उनकी रसीली चूत में डाला। वह चिल्लाई। “हाय… फट गई मेरी चूत!” दर्द हुआ। लेकिन मजे में थी। मैं चोदता रहा। वह कराह रही थी। “जोर से, कुत्ते!” हम झड़ गए। “गजब चोदा!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत का सत्यानाश करा!” वह हंस पड़ी। “चुप, हरामी!” हम रात भर चुदे। सुबह भी। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का पहला सत्यानाश था।

विधवा बुआ के रसीले बूब्स की गंदी चुदाई

एक शाम विधवा बुआ बोली, “आज मेरे बूब्स चोद, कमीने!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरे बूब्स तो खरबूजे हैं!” वह मुस्कराई। “चुप, हरामी! लेट।” वह लेट गई। मैं ऊपर आया। उनके रसीले बूब्स के बीच लंड रखा। उनके 34D बूब्स गोल, नरम थे। मैंने लंड रगड़ा। वह सिसकारी। “हाय… अमित, क्या कर रहा है, कुत्ते!” मैंने धक्का मारा। लंड उनके बूब्स के बीच घुसा। “दर्द हो रहा है, हरामी! लेकिन मजा है!”

मैंने उनके बूब्स दबाए। लंड से चोदता रहा। उनके निपल्स गुलाबी थे। मैंने चुटकी में लिए। वह चिल्लाई। “मसल, कमीने!” मैंने जोर से मसला। उनके बूब्स लाल हो गए। “गंदा है, लेकिन गजब है!” मैंने लंड और जोर से रगड़ा। उनके बूब्स पर पसीना था। मेरा लंड फिसल रहा था। “बुआ, तेरे बूब्स से चुदाई स्वर्ग है!” वह हंस पड़ी। “चुप, कुत्ते! तू पागल है!”

मैंने उनके खरबूजे जैसे बड़े व भरी बूब्स पर थप्पड़ मारे। वह दर्द के मारे जोर से चिल्लाई। “मार, हरामी!” मैंने और थप्पड़ मारे। उनके बूब्स पर लाल निशान पड़े। “दर्द हो रहा है!” लेकिन वह मुस्कराई। “और चोद, कमीने!” उनके बूब्स हिल रहे थे। मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरे बूब्स उछल रहे हैं जैसे गुब्बारे!” वह हंस पड़ी। “चुप, हरामी! झड़ जा मेरे बूब्स पर!”

मैं झड़ गया। वीर्य उनके बूब्स पर गिरा। “गंदा है, लेकिन स्वादिष्ट!” वह चाट लिया। मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत और बूब्स रंडी जैसे!” वह बोली, “चुप, कुत्ते! फिर चोद!” मैंने उनके बूब्स चाटकर साफ किए। “तेरा वीर्य अच्छा है, साली!” वह शरमा गई। मैंने उनके बूब्स फिर दबाए। “अब तेरी रसीली चूत चोदूँ?” वह बोली, “हाँ, कमीने!” हम हंसते हुए चुदाई की। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का गंदा खेल था। मैंने मजाक किया। “बुआ, तेरे बूब्स ट्रक जैसे हैं!” वह हंस पड़ी। “चुप, हरामी! तेरा लंड चोर है, मेरे बूब्स चुराता है!”

हस्तमैथुन: विधवा बुआ की रसीली चूत की मस्ती

एक दोपहर विधवा बुआ बोली, “हस्तमैथुन करें, कमीने एक दुसरे को नंगा देखकर!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तू गंदी है, साली रंडी मुझे रंडवा बनाकर ही दम लेगी तू तो!” वह मुस्कराई। “चुप, हरामी! देख मेरी रसीली चूत!” वह नंगी हो गई। अपनी रसीली चूत में उंगली डाली। रगड़ने लगी। “हाय… अमित, देख कितनी गीली है!” मेरा लंड तन गया। “लंड हिला, कुत्ते!”

मैंने पैंट उतारी। लंड हिलाया। वह देखती रही। “बड़ा लंड है, हरामी! जोर से हिला!” वह अपनी रसीली चूत रगड़ती रही। उसके बूब्स हिल रहे थे। “हाय… उंगली अंदर जा रही है!” मैंने स्पीड बढ़ाई। “धीरे, कमीने! देखकर कर!” लेकिन वह जोर से रगड़ी। उसकी रसीली चूत से पानी निकला। वह झड़ गई। “हाय… मेरा पानी आ गया!” मैंने उसका पानी चाटा। “गंदा है, कुत्ते!” मैं बोला, “तेरी रसीली चूत स्वादिष्ट है!”

वह मेरे लंड को हिलाने लगी। मैं कराहा। “जोर से हिला, साली!” उनके नरम हाथों में मेरा लंड गर्म हो गया। “झड़ जा, हरामी!” मैं झड़ गया। उनके हाथ पर। वह चाट लिया। “मजा आया, गंदे पानी का!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत रंडी है!” वह बोली, “चुप! फिर कर!”

हमने फिर हस्तमैथुन किया। वह अपनी रसीली चूत में दो उंगलियाँ डाली। “दर्द हो रहा है!” लेकिन मजे में। मैंने लंड जोर से हिलाया। “हिला, कमीने!” हम एक साथ झड़े। उनका पानी मेरे मुंह में। मेरा उनके मुंह में। “गंदा खेल है!” मैं बोला, “मजा आया, रंडी!” वह शरमा गई। “बुआ, तेरी रसीली चूत झरना है!” वह हंस पड़ी। “तेरा लंड तोप है, गोली मारता है!” यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का मस्त खेल था।

घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की रसीली चूत और टाइट गांड का सत्यानाश करा

एक रात विधवा बुआ बोली, “घोड़ी बनाकर चोद, कमीने!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली गांड घोड़ी जैसी!” वह मुस्कराई। “चुप, हरामी! घुटनों पर आ।” वह घुटनों पर हुई। उसकी रसीली गांड मेरे सामने। मैंने लंड उनकी रसीली चूत में डाला। वह चिल्लाई। “हाय… फट गई मेरी चूत, कुत्ते!” मैंने धक्का मारा। वह कराह रही थी। “धीरे, कमीने!” मैंने चुदाई करने की स्पीड बढ़ाई। उनके बूब्स लटककर हिल रहे थे। मैंने पकड़े। दबाए। “जोर से दबा, हरामी!” मैंने उनके बाल खींचे। “मार, कुत्ते!” मैंने उनकी रसीली गांड पर थप्पड़ मारे।

उनके कुल्हे लाल हो गए। “दर्द हो रहा है, लेकिन मजा है!” मैंने लंड और गहरा डाला। “फाड़ दे मेरी रसीली चूत!” मैंने जोर जोर से चुदाई करना प्रारंभ करा। करीब आधे घंटे की खतरनाक चुदाई के बाद वह झड़ गई और उनकी चूत से चिपचिपा पदार्थ बहने लगा। उसकी रसीली चूत से पानी निकल रहा था मैं रुका नहीं लगातार उन्हें चोदता रहा। वह चुदते चुदते एक बार फिर झड़ी और इस बार मैं भी उनके ही साथ झड़ गया। उनके अंदर। वह थककर गिर गई। “दर्द हुआ, लेकिन गजब था, कुत्ते!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत का सत्यानाश करा!” वह हंस पड़ी। “चुप, कमीने!” मैंने मजाक किया। “तेरी रसीली गांड पहाड़ है!” वह बोली, “तेरा लंड सुई है, चुभता है!” यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का गंदा सत्यानाश था।

लंड की सवारी: विधवा बुआ की रसीली चूत का धमाल

दूसरे दिन विधवा बुआ बोली, “तेरे लंड की सवारी करूँगी, हरामी!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत साइकिल है!” वह मुस्कराई। “चुप, कमीने! लेट।” मैं लेट गया। वह ऊपर आई। मेरा लंड उनकी रसीली चूत में डाला। “हाय… फट गई मेरी चूत!” वह उछली। उनके बूब्स हिल रहे थे। मैंने दबाए। “जोर से उछल, साली!” वह उछली। “फट गई, कुत्ते!” लेकिन रुकी नहीं।

मैंने उनकी कमर पकड़ी। धक्के मारे। “जोर से, कमीने!” मैंने जोर लगाया। उनकी रसीली चूत गीली थी। मेरा लंड अंदर-बाहर हो रहा था। वह झड़ी। लेकिन जारी रही। मैं झड़ गया। उनके अंदर। वह थककर लेट गई। “मजा आया, हरामी!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली चूत का सत्यानाश करा!” वह हंस पड़ी। “तेरा लंड घोड़ा है!” “तेरी रसीली चूत ब्लैकहोल है!” वह बोली, “तेरा लंड रॉकेट है!” यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का रोमांच था।

दर्दनाक एनल: विधवा बुआ की रसीली गांड का सत्यानाश

एक शाम विधवा बुआ बोली, “आज गांड चुदाई का दिल कर रहा है ऐसा कर आज मेरी चूत की जगह मेरी रसीली गांड चोद, हरामी!” गांड चुदाई करने की बात से मैं डरा। “बुआ, तेरी रसीली गांड टाइट है मेरा लंड छिल जायगा!” वह हंस पड़ी। “चुप, कमीने!” वह अपनी गांड चुदवाने के लिए लेट गई। गांड में लंड पेलने से पहले मैंने अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया। उनकी रसीली गांड में डाला। “हाय… फट गई मेरी गांड, कुत्ते!” वह कराह रही थी। “धीरे, कमीने!”

मैंने स्पीड बढ़ाई। उनकी रसीली गांड टाइट थी। वह रो रही थी। “मार डाला, हरामी!” मैंने जोर लगाया। वह मजे में आई। “जोर से, कुत्ते!” मैंने और जोर से चोदा। वह झड़ी। मैं भी। उनके अंदर। वह थक गई। “दर्द हुआ, लेकिन मजा आया!” मैं हंस पड़ा। “बुआ, तेरी रसीली गांड का सत्यानाश करा!” वह हंस पड़ी। “तेरा लंड तीर है!” “तेरी रसीली गांड गुफा है!” वह बोली, “तेरा लंड खोजी है!” यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का दर्दनाक सत्यानाश था।


घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की रसीली चूत और टाइट गांड का सत्यानाश करा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

मेरा और मेरी विधवा बुआ का रिश्ता कामुक हो गया। विधवा बुआ और मैं हर रोज अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए सेक्स करा करते। वह चुदाई के दौरान हर रोज मुझसे खूब गोलियाँ खाती हैं। “तू मेरा मर्द है।” मैं हंस पड़ता हूँ और कहता हूँ की और तू मेरी रंडी है!” हम बुआ भतीजे के अवैध सेक्स संबंधों का राज पूरी दुनिया से छिपा है। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी जीवन को गंदा और मजेदार बनाती है।

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी पाठकों से अनुरोध: घोड़ी बनाकर विधवा बुआ की रसीली चूत और रसीली गांड का सत्यानाश कैसा लगा? राय दें!

RELATED ARTICLES

You Must Watch