HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesमेरे साथ क्रूर बीडीएसएम सेक्स किया भाई और उसके दोस्त ने

मेरे साथ क्रूर बीडीएसएम सेक्स किया भाई और उसके दोस्त ने

एक रात मेरे साथ क्रूर हार्डकोर बीडीएसएम सेक्स किया भाई और उसके दोस्त ने मिलकर एक निषिद्ध हवस की कहानी का सारांश :- मैं रेशमा हूँ, 23 साल की, शादीशुदा, और कानपुर के एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से। मेरे पति, फैज़ान, एक सिविल इंजीनियर हैं, और मैं अपने ससुराल में उनकी माँ और छोटे भाई के साथ रहती हूँ। मायके में मेरे माता-पिता, नसीम और रफीक, और मेरा बड़ा भाई, ताहिर, हैं। ताहिर 27 साल का है और एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। इस कहानी में, मैं अपने मायके में थी, जब ताहिर का दोस्त, साहिल, जो शहर से बाहर रहता है, एक नौकरी की परीक्षा देने हमारे घर तीन दिन के लिए ठहरा।

जिस दिन मेरे माता-पिता उस समय घर पर नहीं थे, उस रात, हार्डकोर बीडीएसएम पोर्न फिल्म देखने के बाद, मेरे बड़े भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मेरी खूब जमकर चुदाई करी। उन दोनों ने मिलकर मेरे साथ एक क्रूर, हार्डकोर बीडीएसएम थ्रीसम किया, जिसमें उनके विशाल, मोटे लंडों ने मेरी चूत और गांड को फाड़कर खूनमखान कर दिया। यह कहानी मेरे उस उत्तेजक, शर्मिंदगी और असहायता से भरे अनुभव का कच्चा, बेलगाम और भावनात्मक वर्णन है, जो मैंने अपनी आँखों से जिया।


मैं रेशमा, कानपुर की एक पुरानी गली में बनी हवेली जैसे घर में अपने मायके में थी। दीवारें पुरानी थीं, लेकिन रात के साये में हवस की कहानियाँ बुन रही थीं। मेरे पति, फैज़ान, एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में दो हफ्ते के लिए दिल्ली गए थे इस लिए मैं कुछ दिनों के लिए मेरे मायके आई हुई थी, क्योंकि मम्मी-पापा अपने गाँव गए थे, किसी रिश्तेदार की शादी में। घर में सिर्फ मैं और मेरा बड़ा भाई, ताहिर, थे। ताहिर, 27 साल का, लंबा, गठीला, और उसकी आँखों में हमेशा एक शरारत सी झलकती थी। उसका दोस्त, साहिल, जो लखनऊ में रहता था, एक नौकरी की परीक्षा देने हमारे घर तीन दिन के लिए ठहरा था। साहिल, 26 साल का, मज़बूत कद-काठी का, और उसकी गहरी आवाज़ में एक अजीब सी सनसनी थी, जो मेरे जिस्म को बेचैन कर रही थी।

पहली रात को, खाना खाने के बाद, हम तीनों ड्रॉइंग रूम में बैठे थे। ताहिर और साहिल कुछ पुरानी बातें कर रहे थे, और मैं अपने फोन में स्क्रॉल कर रही थी। मेरी चूत में एक अजीब सी जलन थी, शायद फैज़ान की गैरमौजूदगी की वजह से। मैंने अपनी सलवार को थोड़ा नीचे सरकाया और अपनी उंगलियों को अपनी झांटों से ढकी चूत पर फिराया। “आह्ह…” मेरे मुँह से हल्की सिसकारी निकली, लेकिन मैंने खुद को संभाला। ताहिर ने अचानक कहा, “रेशमा, चल, आज रात कुछ मज़ेदार करते हैं। साहिल ने एक फिल्म डाउनलोड की है।” साहिल ने मुस्कुराते हुए लैपटॉप खोला, और स्क्रीन पर एक बीडीएसएम पोर्न फिल्म शुरू हो गई।

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एक रात मेरे साथ क्रूर हार्डकोर बीडीएसएम सेक्स किया भाई और उसके दोस्त ने मिलकर अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी One night my brother and his friend had brutal hardcore BDSM sex with me Antarvasna Hindi threesome sex story
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फिल्म में एक औरत को रस्सियों से बाँधकर दो मर्द चोद रहे थे। उनके लंड विशाल थे, और औरत की चीखें कमरे में गूँज रही थीं। मैंने अपनी नज़रें हटाने की कोशिश की, लेकिन मेरी चूत गीली हो चुकी थी। साहिल ने मेरी ओर देखकर कहा, “क्या, रेशमा, मज़ा आ रहा है?” मैं शरमा गई, लेकिन ताहिर ने हँसते हुए कहा, “अरे, अपनी बहन को शर्माने दे, साहिल। लेकिन रेशमा, तू भी तो जानती है, जवानी का मज़ा लेना चाहिए।” उनकी बातों में एक अजीब सी हवस थी, जो मुझे उत्तेजित कर रही थी।

बीडीएसएम हार्डकोर सेक्स की क्रूर दुनिया

रात के 1 बजे थे। मेरे बड़े भाई ताहिर ने अचानक मेरे हाथ पकड़े और कहा, “चल, रेशमा, आज तुझे असली मज़ा दिखाते हैं।” साहिल ने एक बैग से रस्सियाँ, चमड़े की चाबुक, और एक काला आँखों का पट्टा निकाला। उन वस्तुओं को देख मेरे दिल की धड़कन तेज़ हो गई। “ये सब क्या है, भैया?” मैंने काँपती आवाज़ में मेरे भाई से पूछा। ताहिर ने मेरे कान में फुसफुसाया, “बस, तेरी चूत और गांड की आग बुझाने का एक मौका दे, मेरी प्यारी बहन सच में तुझे हम दोनों दोस्त मिलकर वो मजा देंगे जो जीजा जी के लंड ने तुझे आज तक नहीं दिया होगा।” फिर मेरे बड़े भाई के दोस्त ने मेरी आँखों पर पट्टा बाँध दिया, और ताहिर ने मेरे हाथों को रस्सी से पीछे बाँध दिया। मेरी सलवार और कुरती को उन्होंने फाड़कर उतार दिया मानो जैसे वह दोनों मेरे साथ गैंग रफ सेक्स कर रहे हों, और अब मैं मेरे सगे भाई और उसके दोस्त के सामने पूरी तरह नंगी थी। मेरी चूत, झांटों से ढकी, और मेरे भारी स्तन उन दोनों के सामने थे।

आज जीवन में पहली बार मैं थ्रीसम सेक्स करने जा रही थी इस वजह से बहुत ज्यादा घबरायी हुई भी थी और बहुत ज्यादा उत्सुक भी थी। साहिल ने मेरे मोटे मोटे स्तनों को ज़ोर से दबाया, और मैं सिसकारी। “स्स्स्स… कितने मस्त बूब्स हैं, रेशमा,” उसने कहा। ताहिर ने मेरे कूल्हों पर चमड़े की चाबुक से हल्के से मारा। “उउउई… भैया!” मैं चीखी, लेकिन मेरी चूत और गीली हो गई। साहिल ने मेरे पैरों को रस्सियों से फैलाकर सोफे पर बाँध दिया, और मेरी चूत पूरी तरह खुली थी। ताहिर ने अपनी जीभ मेरी चूत के होंठों पर फिराई, और मैं बेकाबू होकर चिल्लाई, “आह्ह… भैया, और गहरा!” उसकी जीभ मेरी चूत को चीर रही थी, और मेरे जिस्म में आग सी लग गई थी।

भाई और उसके दोस्त के साथ क्रूर थ्रीसम की शुरुआत और हवस का ज्वालामुखी

मेरे बड़े भाई के दोस्त साहिल ने अपना लंड बाहर निकाला—लंबा, मोटा, और इतना सख्त कि उसे देखते ही मेरे मुँह में पानी आ गया और मेरी चूत चुदवाने के लिए बहुत ही ज्यादा बैचेन हो उठी। “देख, रेशमा, ये तेरी चूत का मेहमान है,” उसने कहा और ब्लोजॉब करवाने के लिए मेरे मुँह में अपना लंड ठूंस दिया। मैंने रंडी बनकर उसे लॉलीपॉप की तरह चूसा, मेरी जीभ उसके सिरे पर घूम रही थी। “स्स्स्स… साली, तू तो रंडी से भी मस्त चूसती है!” साहिल ने सिसकारी ली। ताहिर ने मेरी गांड पर चमड़े की चाबुक से ज़ोर से मारा, और मैं चिहुंक उठी। “उउउई… भैया, दर्द हो रहा है!” मैंने कहा, लेकिन मेरी आवाज़ में हवस थी। ताहिर ने मेरी गांड के छेद पर अपनी जीभ फिराई, और मैं सिहर उठी। “तू तो तैयार है, रेशमा,” उसने कहा।

मेरे बड़े भाई ताहिर ने अब अपना लंड निकाला—विशाल, मोटा, और सख्त, जैसे कोई लोहे का डंडा। उसने मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ा और एक ज़ोरदार धक्के में उसे मेरी चूत में पेल दिया। “आआह्ह… भैया, फट गई!” मैं चीखी। उसका लंड इतना मोटा था कि मेरी चूत की दीवारें खिंच गईं, और हल्का सा खून रिसने लगा। साहिल ने मेरी गांड पर अपना लंड सेट किया। “अब तेरी गांड की बारी, रेशमा,” उसने कहा और धीरे-धीरे अपना विशाल लंड मेरी तंग गांड में घुसाया। “उउउह्ह… मर गई!” मैं चिल्लाई। मेरी गांड फट रही थी, और खून की बूँदें टपक रही थीं। दर्द असहनीय था, लेकिन मेरे जिस्म में एक जंगली मस्ती जाग रही थी।

मेरा बड़ा भाई ताहिर मेरी चूत में धक्के मार रहा था, और साहिल मेरी गांड मार रहा था। फच-फच की आवाज़ें कमरे में गूँज रही थीं, और मेरी चीखें सिसकारियों में बदल गई थीं। “चोदो, भैया, साहिल, मेरी चूत और गांड फाड़ दो!” मैंने बेकाबू होकर चिल्लाया। ताहिर ने मेरे स्तनों को ज़ोर से मसला और मेरे निप्पल को चूसा। “साली, तेरी चूत तो जन्नत है!” उसने कहा। साहिल ने मेरी गांड पर एक और चाबुक मारी, और मैं सिहर उठी। “रेशमा, तेरी गांड तो रसीली है!” उसने कहा।

क्रूर थ्रीसम सेक्स के दौरान चरमसुख का विस्फोट और एक नई बेचैनी

मेरे सगे बड़े भाई ताहिर ने मेरे हाथों की रस्सी खोली और मुझे चोदने के लिए घोड़ी बनाया। अब साहिल मेरी चूत में था, और ताहिर मेरी गांड में। उनके धक्के इतने तेज़ थे कि सोफा हिल रहा था। मेरी चूत और गांड से खून रिस रहा था, लेकिन मज़ा इतना था कि मैं सब भूल चुकी थी। “और ज़ोर से, भैया, साहिल, मेरी जवानी लूट लो!” मैंने चुदते चुदते सिसकारी ली। भाई के दोस्त ने मेरे बाल पकड़े और मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया। “चूस, साली रंडी मेरे लंड को!” उसने हुक्म दिया। मैंने उसके लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूसा, और ताहिर मेरी गांड में धक्के मारता रहा।

मेरे बड़े भाई के दोस्त साहिल ने अचानक अपना लंड मेरी चूत में डाला और तेज़ धक्के मारने लगा। ताहिर ने मेरी गांड को और ज़ोर से चोदा। “आह्ह… रेशमा, तेरी चूत फाड़ दूँगा!” साहिल चिल्लाया। मेरी चूत और गांड अब पूरी तरह खूनमखान थीं, लेकिन मैं उत्तेजना के चरम पर थी। “चोदो, दोनों दोस्त मिलकर, मुझे रंडी बना दो!” मैंने चीखा। मेरे जिस्म में एक तेज़ लहर दौड़ी, और मैं झड़ गई। चुदाई के दौरान मेरी चूत से रस बह रहा था, और मैं चुदते चुदते सिसकार रही थी।

मेरे बड़े भाई ताहिर ने मेरे मुँह की ओर अपना लंड किया। “ले, साली, मेरा रस पी!” उसने कहा, और उसका गर्म रस मेरे चेहरे और होंठों पर गिरा। साहिल ने भी अपना लंड बाहर निकाला और मेरे स्तनों पर अपना रस छिड़क दिया। “रेशमा, तू तो मस्त माल है!” भाई के दोस्त साहिल ने हाँफते हुए कहा। मैं निढाल होकर सोफे पर लेट गई, मेरे जिस्म से खून और रस टपक रहे थे।

एक रात मेरे साथ क्रूर हार्डकोर बीडीएसएम सेक्स किया भाई और उसके दोस्त ने मिलकर अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी का निष्कर्ष:

मेरी गांड और चूत की खूब जमकर चुदाई करने के बाद मेरा सगा भाई ताहिर और उसका दोस्त साहिल थककर मेरे बगल में लेट गए, उनके नंगे जिस्म मेरे जिस्म से लिपटे थे। मैंने अपनी साँसों को काबू करने की कोशिश की, लेकिन मेरे मन में एक नई बेचैनी जाग रही थी। यह गुनाह था, लेकिन इसने मेरी दबी हुई इच्छाओं को जगा दिया था। मेरी फटी हुई चूत और गांड का दर्द मुझे उस रात के क्रूर बीडीएसएम थ्रीसम सेक्स की याद दिला रहा था।

मैं सोचने लगी कि क्या मैं फिर कभी इस आग में डूबना चाहूँगी यदि हाँ तो अब ऐसा कैसे संभव हो पायगा क्योंकि कुछ दिनों बाद तो मैं मेरे ससुराल चली जाउंगी और उधर मेरे साथ क्रूर बीडीएसएम थ्रीसम सेक्स कौन करेगा। मेरे पाठक, मैं चाहती हूँ कि आप इस क्रूर बीडीएसएम थ्रीसम सेक्स कहानी के बारे में अपनी राय दें। क्या आपको यह उत्तेजक और निषिद्ध अनुभव पसंद आया? क्या ताहिर और साहिल की क्रूरता और मेरी बेचैनी ने आपको प्रभावित किया? क्या आप इस कहानी में कुछ और देखना चाहेंगे? कृपया अपनी प्रतिक्रिया साझा करें।

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