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मासूम स्कूल गर्ल व अधेड़ बिजनेसमैन का सेक्स वीडियो सोशल मीडिया पर हो गया वायरल आप भी देखें इस इंडियन देसी पोर्न विडियो और डाउनलोड भी करें वो भी बिलकुल फ्री में – Maasoom school girl aur adhed businessman ka sex video social media par ho gaya viral, aap bhi dekhein is Indian desi porn video aur download bhi karein, woh bhi bilkul free mein.
मैं अविनाश, उम्र 42 साल, दिल्ली का एक नामी बिजनेसमैन। ये अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी उस दिन की है जब मेरी जिंदगी एक वायरल सेक्स वीडियो की वजह से तबाह हो गई। आज भी जब उस ओयो होटल की सीसीटीवी फुटेज की बात याद आती है, तो पूरा बदन काँप जाता है। सबकुछ सच है, और मैं खुद उस शर्मनाक हरकत का गुनहगार हूँ। ये किस्सा है एक 18 साल की मासूम स्कूल गर्ल शालिनी और मेरे बीच हुई उस तूफानी चुदाई का, जो अब इंटरनेट पर हमेशा के लिए अमर हो चुकी है।
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सब शुरू हुआ पिछले महीने, जब मेरी बेटी की दोस्त शालिनी घर आई। शालू, जैसा मैं उसे बुलाता था, अभी-अभी 12वीं पास करके 18 की हुई थी। स्कूल ड्रेस में उसका बदन कुछ इस कदर निखरा था कि बूढ़े से बूढ़े का लंड खड़ा हो जाए। हल्की सी साँवली रंगत, बड़ी-बड़ी हिरनी जैसी आँखें, और होंठ ऐसे मुलायम कि चूमने का मन करे। उसकी चूचियाँ अभी पूरी तरह उभर रही थीं, लेकिन 36C के बूब्स तंग कमीज़ में साफ झलकते थे। उस दिन मैंने पहली बार उसकी तरफ एक अलग नज़र से देखा। मुझे पता था, ये गलत है, लेकिन मेरा लौड़ा उस मासूमियत पर पानी छोड़ने को बेताब हो गया।
शालिनी बड़ी हँसमुख और चुलबुली थी, लेकिन अंदर से बेहद कामुक थी, ये मैंने हमारी बातचीत से भाँप लिया। फिर एक रोज़ मैंने उसे व्हाट्सएप पर मैसेज किया, बड़े ही केयरिंग लहजे में। पूछा, “पढ़ाई कैसी चल रही है?” बातें शुरू हुईं और देखते-ही-देखते हम घंटों चैटिंग करने लगे।
मैं बड़ी शातिराना तरीके से उसके मन में अपनी अच्छी छवि बनाने लगा, उसे सरप्राइज़ गिफ्ट दिए, उस मासूम स्कूल गर्ल की तारीफें कीं, और फिर धीरे-धीरे बातों में उत्तेजना भरने लगा। एक रात, करीब 2 बजे, मैंने उसे लिखा, “तेरी मासूमियत देखकर इस अधेड़ बिजनेसमैन का मन करता है तुझे अपनी बाँहों में भर लूँ और पूरी रात प्यार करता रहूँ।” उसने हँसते हुए इमोजी भेजा, और फिर लिखा, “अंकल, आप तो बहुत शरारती हो।” यहीं से रिश्ते में गंदगी की शुरुआत हो गई।
एक हफ्ते बाद ही हमने ओयो होटल बुक करके सेक्स करने का प्लान कर लिया। मैंने सोचा, सिक्योरिटी के लिहाज से बड़ा होटल ठीक रहेगा, लेकिन शालिनी ने कहा, “अंकल, मुझे डर लगता है, कहीं कोई देख न ले।” मैंने भरोसा दिलाया कि ओयो बिल्कुल सेफ है, और हम सुबह 11 बजे मिलेंगे, जब कम भीड़ होगी। मैंने पहले से ही साउथ दिल्ली के एक ओयो टाउनहाउस में रूम नंबर 304 बुक कर रखा था।
वो दिन आया, मैं अधेड़ बिजनेसमैन सफेद शर्ट और जींस में तैयार होकर पहुँचा, दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। शालिनी आई तो मेरी साँसें थम गईं। उस मासूम स्कूल गर्ल ने पिंक कलर की फ्रॉक पहनी थी, जो घुटनों से ऊपर थी, और बाल खुले लहरा रहे थे। चेहरे पर घबराहट और चंचलता का मेल था। मैंने उसका हाथ पकड़ा, उंगलियाँ काँप रही थीं। हम लॉबी में घुसे, और यही वो पल था जो उस वायरल सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ।
लॉबी में रिसेप्शनिस्ट एक लड़का था, जिसकी नज़रें शालिनी के चुचों पर गड़ गईं। मैंने झट से चैक-इन किया। लेकिन तभी शालिनी का पैर फिसल गया, और वो थोड़ा घबरा गई। उसने मुझसे फुसफुसाकर कहा, “अंकल, मुझे डर लग रहा है, यहाँ कैमरे तो नहीं हैं?” मैंने कहा, “चुप कर, कोई नहीं देखेगा।” लेकिन वो बार-बार अपनी फ्रॉक नीचे खींच रही थी, मानो भीड़ में नंगी खड़ी हो। अचानक, उसकी फ्रॉक का पट्टा टूट गया, और एक पल के लिए उसका एक बूब कमर से ऊपर उभर आया।
मैंने जल्दी से अपनी शर्ट उतारकर उसे ढकने को दी, लेकिन वो और घबराई। वो शर्ट लपेटते हुए तौलिये की तरह उसे पकड़े लॉबी में इधर-उधर दौड़ने लगी, मैं उसके पीछे भागा। यही मंजर OYO होटल में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया – एक नंगा सीना दिखाता अधेड़ आदमी और एक स्कूल गर्ल जो चिल्ला तो नहीं रही, लेकिन घबराहट में मेरे सीने से चिपक गई। मैंने उसे धीरज दिलाते हुए लिफ्ट की तरफ खींचा। लिफ्ट में अकेले होते ही उसकी तेज़ साँसों ने माहौल को और गर्मा दिया। मेरा लंड तब तक पैंट में अकड़ चुका था।
कमरा 304 , दरवाज़ा बंद होते ही दुनिया जैसे गायब हो गई। शालिनी की आँखों में शरम और एक गहरी प्यास थी। मैंने धीरे से उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और पूछा, “डर तो नहीं लग रहा अब?” उसने सिर हिलाया, होंठों पर एक शैतानी मुस्कान आ गई। मैंने उसके माथे पर चुम्मा लेते हुए उसे बिस्तर पर बिठा दिया। कमरे की खुशबू में सैनिटाइजर और एसी की ठंडक घुली हुई थी।
बाहर दिल्ली की तेज धूप थी, लेकिन अंदर का तापमान अपनी सीमा पार करने वाला था। मैंने अपनी शर्ट वापस पहनी और उसकी फ्रॉक को सरकाने लगा। मेरी उंगलियों ने जैसे ही उसकी पीठ का स्पर्श किया, शालिनी के रोंगटे खड़े हो गए। मैं फुसफुसाया, “आज तो चोद-चोद के तेरी चूत की हालत खराब कर दूँगा।” वो शरमा गई और बोली, “अंकल, आप तो बहुत गंदे हो।” फिर मैंने उसका पूरा कपड़ा उतार दिया।
सामने जो नज़ारा था, वो किसी सपने से कम नहीं। शालिनी की गोरी-साँवली देह पर पसीने की मोती जैसी बूँदें चमक रही थीं। गुलाबी निप्पल अकड़कर बोबों पर तने हुए थे, जैसे चूमने की मिन्नतें कर रहे हों। मैंने उसकी बोबों की मालिश करनी शुरू की, तो वो धीमे-धीमें कराहने लगी। मेरी नीचे वाली कसम शर्ट और जींस निकाल फेंकी, और शालिनी ने मेरे तने हुए लंड को देखकर आँखें चौड़ी कर लीं। नंगी स्कूल गर्ल घबराते हुए बोली, “इतना मोटा लौड़ा.. डर लग रहा है मुझे ये तो मेरी सील पैक वर्जिन चूत फाड़ ही डालेगा।”
मैंने हँसकर कहा, “यही तो असली मज़ा देगा तुझे।” वो मासूम स्कूल गर्ल मेरे लंड को छूने से हिचक रही थी, लेकिन उसकी आँखों में उत्सुकता साफ थी। मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लौड़े पर रखवाया। धीरे-धीरे वो उस गरम माल को सहलाने लगी। फिर तो जैसे उसके अंदर की छिनाल जाग गई।
मैंने उसे बिस्तर पर पीठ के बल लिटाकर, उसकी दोनों जाँघें फैलाईं। उसकी चूत अभी छुई-मुई थी, हल्की-हल्की झांट के बालों से ढकी हुई एक रसदार बुर, जो मेरे लिए तड़प रही थी। मैंने पहले निप्पल चूसने शुरू किए। एक-एक करके उसके चुचे मुँह में भर लिए, जीभ से गोल-गोल घुमाया। शालिनी जोर-जोर से हाँफने लगी, उसका पूरा बदन मटक रहा था। मेरा चेहरा धीरे-धीरे नीचे सरका, और जैसे ही मेरी जीभ ने उसकी चूत के होंठ छुए, शालिनी एकदम से चिल्लाई, “अंकल.. अह्ह.. ये क्या कर रहे हो?” मैंने उसकी फुद्दी के बालों को उँगलियों से हटाकर, सीधे भोसड़े के छेद पर अपनी जीभ रख दी।
पहला चाट मारते ही उसकी जाँघें मेरे सिर को दबाने लगीं। मैंने मुखमैथुन जारी रखा, उसकी चूत का रस इतना मीठा था कि मैं पूरा का पूरा पीने लगा। बीच-बीच में उसके चूतड़ दबाता, गांड के छेद में उँगली डालकर हरकत करता, तो वो पागलों की तरह कराह उठती। “चूत चाटना मुझे बहुत पसंद है, शालू,” मैंने कहा और फिर से अपनी जीभ उसके भोसड़े के अंदर डाल दी। उसकी चीखें सुनकर पड़ोसी कमरों में दस्तक हो सकती थी, लेकिन मुझे परवाह नहीं थी।
जब शालिनी पूरी तरह भीग गई, तो मैंने अपना खड़ा लंड उसकी योनि के द्वार पर रगड़ना शुरू किया। उसकी टाइट चूत सिकुड़ रही थी, लेकिन मैंने जोर से धक्का मारा। पहली बार में ही मेरा सारा लौड़ा उसकी चूत में समा गया। शालिनी दर्द और आनंद से कराह उठी, “आई ये… मर गई मैं…” मैंने उसके कुल्हों को पकड़कर पूरी ताकत से चुदाई शुरू की। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज़।
मेरे अधेड़ लंड के गोटे बार-बार उस मासूम स्कूल गर्ल के चूतड़ों से टकराने लगे। बिस्तर की चरमराहट और उसके जिस्म से आने वाली चिपचिपी आवाज़ें कमरे में गूँज रही थीं। मैंने उसकी कमर के नीचे एक तकिया रख दिया, और गहराई से पैठने लगा। बीच-बीच में शालिनी के होंठ चूमता, उसकी जीभ चूसता, और फिर से धकेलता। 15 मिनट तक तो मैं बस चोदता ही रहा, जब तक उसका पहला ऑर्गैज्म नहीं फूटा। उसने मेरी कमर को पैरों से जकड़ लिया और जोर से चीखी, “अंदर ही अंदर झटके लग रहे हैं… बस करो!” लेकिन मैं तो और गरम हो गया।
मैंने उसे उलट दिया, और उसकी गांड ऊपर उठाकर डॉगी स्टाइल में पीछे से घुस गया। यह चुदाई की पोज़ीशन उसकी चूत को और गहरा कर रही थी। मैंने उसका पूरा भोसड़ा फाड़ दिया। इस बार मेरा मोटा लौड़ा उसकी गांड के छेद को भी छूने लगा, तो मैंने हल्की-सी उंगली से उसकी गुदा को सहलाया। शालिनी ने गांड में उंगली का मज़ा लेते हुए कहा, “अंकल, गुदा सेक्स नहीं प्लीज़, डर लगता है।” मैंने हामी भरते हुए सिर्फ उसकी चूत पर फोकस किया, लेकिन गांड का छेद दबाते हुए ही चोदता रहा।
दूसरे राउंड में मैंने उसे काउगर्ल पोज़ीशन में मेरे ऊपर बिठा लिया। अब शालिनी अपनी मर्जी से उछल रही थी। उसके 36C के नंगे बूब्स मेरे मुँह के सामने हिचकोले खा रहे थे। मैंने बारी-बारी से दोनों निप्पल जीभ से दबोचे। उसने मेरे अधेड़ लौड़े पर बैठकर ऐसे कुल्हे मटकाए कि मेरी जान निकल गई। “चोदो मुझे, खूब जोर से चोदो रंडी की तरह,” वह चिल्लाई। उसके ये शब्द सुन मैं सन्न रह गया। यह वही शालिनी थी जो कुछ देर पहले शर्मा रही थी। अंदर की गंदी औरत बाहर आ गई थी। मैंने उसे उसी पोज़ीशन में पकड़कर नीचे से जोरदार झटके दिए।
मेरे अंडकोषों पर उसकी चूत का रस चिपककर चमड़े से चिपक रहा था। हमारे जघन क्षेत्रों से उठती आवाज़ मानो एक राग बन गई थी। “तेरी माँ की चूत, साली छिनाल, कितना पानी छोड़ती है,” मैंने उत्तेजना में उससे कहा। उसने मुस्कुराकर जवाब दिया, “सिर्फ आपके लिए, अंकल।” और फिर उसने अपने बोबे मेरे मुँह में ठूँस दिए। इस बार मैंने उसके बूब्स का दूध तो नहीं चूसा, क्योंकि वहाँ दूध नहीं था, लेकिन जीभ से निप्पल ऐसे रगड़े कि वो चीख पड़ी।
लगभग 2 घंटे तक हम अलग-अलग स्टाइल में चुदाई करते रहे। मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, और स्पून पोज़ीशन में मैंने उसकी फुद्दी का पूरा मज़ा लूटा। आखिरी राउंड से पहले मैंने उसे घुटनों के बल बिठाकर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। शालिनी ने शुरू में थोड़ा-सा हिचकिचाया, लेकिन जैसे ही मैंने उसके सिर पर हाथ रखा, उसने मेरे पूरे लौड़े को मुँह में भर लिया। ब्लोजॉब करते वक्त उसकी आँखें मुझे देख रही थीं।
जब मेरे अंडकोषों तक उस मासूम स्कूल गर्ल की जीभ गई, तो मेरे सब्र का बाँध टूटने लगा। मैंने उसे लिटाकर फिर से मिशनरी में घुसाया, और इस बार कोई 10 मिनट तक तूफानी रफ्तार से चोदने के बाद मैंने अपना वीर्य उसकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया। गर्म चिपचिपा माल की धार जब उस नंगी स्कूल गर्ल की तंग योनि की दीवारों से टकराई, तो शालिनी ने अपने पैर मेरी कमर से कसकर बाँध लिए। उसकी भोसड़ी में मेरा पूरा शुक्राणु भर चुका था। मैं ढह गया, हाँफते हुए। उसके चेहरे पर एक संतुष्टि थी, जिसे देख मुझे खुद पर शर्म भी आई और एक अजीब-सा गर्व भी।
चुदाई के बाद हम करीब 1 घंटे और वहीं OYO होटल रूम ने नंगे लेटे रहे। शालिनी मेरी छाती पर सिर रखकर बुदबुदाई, “अंकल, क्या आप मुझसे प्यार करते हैं?” यह सवाल सुन मेरा दिल धड़क गया। सच तो यह था कि मैं सिर्फ उसकी जवानी की भूख मिटा रहा था, लेकिन मैंने झूठ बोला, “हाँ, बहुत करता हूँ।” फिर वह नहाने चली गई। मैं अधेड़ बिजनेसमैन अकेला बिस्तर पर पड़ा-पड़ा सोच रहा था कि यह सब कितना जोखिम भरा है।
नहाने के बाद हम दोनों कपड़े पहनकर होटल से निकलने की तैयारी करने लगे। लॉबी से गुज़रते समय अब हम थोड़ा संभले हुए थे, लेकिन वही पुराना कैमरा हमारी हर अश्लील हरकत रिकॉर्ड कर रहा था। हम बिना किसी शक के वहाँ से भाग खड़े हुए। उस दिन के बाद मैंने सोचा था कि मेरी और उस जवान लड़की की होटल में हुई चुदाई का यह राज हमेशा दफन रहेगा।
लेकिन किस्मत को यह मंजूर नहीं था। 1 हफ्ते बाद, मेरे एक दोस्त ने फोन करके कहा, “बेटा, तुम्हारी तो जिंदगी बर्बाद हो गई, सोशल मीडिया पर देख तेरा और एक स्कूल गर्ल का पोर्न विडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।” मैंने जैसे ही वो सेक्स वीडियो देखा, मेरे होश उड़ गए। ओयो होटल की सीसीटीवी फुटेज किसी ने लीक कर दी थी। उसमें साफ दिख रहा था कि मैं, एक 42 साल का अधेड़, एक 18 साल की मासूम स्कूल गर्ल को लगभग नंगा छेड़ रहा हूँ, और वह लड़की तौलिये के साथ भाग रही है, फिर हम दोनों रूम 304 में गायब हो जाते हैं।
मेरी और उस मासूम स्कूल गर्ल की XXX सेक्स वीडियो के नीचे लोगों ने गंदी-गंदी कमेंट्स का पुलिंदा बाँध दिया। “बूढ़ा ठरकी”, “स्कूल गर्ल को फँसाया”, “इस रंडीबाज को पुलिस को सौंप दो” – जैसे सैंकड़ों शब्द मेरी आँखों के सामने नाचने लगे। शालिनी के माता-पिता तक ये वीडियो पहुँच गया। उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई। मैं 3 दिन तक पुलिस रिमांड पर रहा। मेरी पत्नी ने मुझसे तलाक ले लिया, बेटी ने मुँह फेर लिया। व्यापार डूब गया। शालिनी का नाम बदनाम हो गया, उसे स्कूल से निकाल दिया गया, और वह अपने गाँव चली गई। यह सब कुछ इतनी तेज़ी से बिखरा कि मैं आज भी खुद को कोसता हूँ।
यह चुदाई की प्यास, इस रंडीबाजी ने मुझे सड़क पर ला दिया। अब मैं अधेड़ आदमी अकेला, एक बदनाम इंसान, समाज के लिए एक गुनहगार बन चुका हूँ। वो वायरल OYO होटल के CCTV फुटेज मुझे रोज़ कोसती है। सोचता हूँ, काश मैंने उस मासूम शालिनी की नाजायज़ चूत चाटने की बजाय, खुद पर काबू रखा होता। लेकिन शायद वही एक पल मेरी असलियत दिखा गया – एक ऐसा रंडीबाज छिनाल, जिसे सिर्फ जवान चूत चाहिए। यह कहानी मेरी शर्म, मेरा सच, और मेरा अंत है।


