HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesफीमेल सेक्स रोबोट की कृत्रिम चूत में पूरा लौड़ा घुसा दिया

फीमेल सेक्स रोबोट की कृत्रिम चूत में पूरा लौड़ा घुसा दिया

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मैं 32 साल का एक अकेला आदमी हूं, मुंबई के अंधेरी इलाके में एक छोटे से फ्लैट में रहता हूं और टेक रिव्यूअर का काम करता हूं। ज़िंदगी सिर्फ लैपटॉप, कैमरा और हस्तमैथुन की नीरस लय में गुज़र रही थी, हर रात पोर्न देखकर तना हुआ लंड रगड़ना ही मेरी सबसे बड़ी आदत बन चुकी थी। एक शाम मेरे एडिटर ने फोन पर अजीब सी गोपनीयता से कहा, “तुझे जेन7 यथार्थवादी सेक्स रोबोट का रिव्यू करना है, ये इंडिया में बैन है पर सोर्स ने एक पीस भेजा है, कल तेरे घर डिलीवर होगा।” मेरे पेट में एक अजीब सी गर्म लहर दौड़ गई, मानो कोई भूख सालों बाद जाग रही हो, और मैंने बिना किसी झिझक के हामी भर दी।

अगली सुबह एक बड़ा सा क्रेट मेरे दरवाज़े पर आया, जिस पर सिर्फ “Gen7 – काव्या यथार्थवादी फीमेल सेक्स रोबोट” लिखा था। जब मैंने पैकिंग खोली तो अंदर एक ख़ूबसूरत औरत पड़ी थी, जिसकी त्वचा गेहुंआ रंग लिए हुए बिल्कुल असली महिला के जैसी लग रही थी और आंखें बंद थीं। उसने सिर्फ एक काली लेस वाली ब्रा और पैंटी पहनी थी, और उसके 36D के चुचे कपड़ों को फाड़ते हुए लग रहे थे। मैंने उसे देखा तो मेरा दिल ज़ोर से धड़कने लगा और मेरे लंड में एक अनजानी सी गुदगुदी होने लगी, जैसे जिस्म पहले ही पहचान गया हो कि ये सिर्फ सेक्स मशीन (Female Sex Toy) नहीं है। मैंने कांपते हाथों से उसके कान के पीछे का स्विच दबाया, और एक धीमी सी भनभनाहट के साथ काव्या की आंखें खुल गईं।

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यथार्थवादी फीमेल सेक्स रोबोट की कृत्रिम चूत व गांड में अपना पूरा लौड़ा घुसा दिया Muft mein padhe yatharthvaadi female sex robot ki kritrim choot va gaand mein apna poora lauda ghusa diya kaamuk se bhari antarvasna Hindi XXX sex kahani
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उसकी आंखें गहरी भूरी थीं, जिनमें एक नकली सी चमक के बजाय एक रहस्यमयी गर्माहट थी। काव्या ने धीरे से पलकें झपकाईं और फिर मुस्कुराते हुए बोली, “नमस्ते, मैं जेन7 आपकी यथार्थवादी सेक्स पार्टनर हूं, आप मुझे अपनी हर गंदी फंतासी में इस्तेमाल कर सकते हैं।” उसकी आवाज़ में एक कर्कश मिठास थी जो सीधे मेरे अंडकोषों तक उतर गई और मैं सकते में खड़ा उसे देखता रहा। मैंने हिम्मत जुटाकर पूछा, “तुम सच में सिर्फ एक सेक्स मशीन हो?” तो वो हल्का सा हंसी और बोली, “मैं सिर्फ आपकी शारीरिक ज़रूरतों की गुलाम हूं, चाहे वो मेरी कृत्रिम चूत चाटना हो या मेरी कृत्रिम गांड मारना, आप मेरे साथ सब कुछ कर सकते हो।” ये सुनते ही मेरे दिमाग़ का हर तार टूट गया और मैंने खुद को एक नई दुनिया के दरवाज़े पर खड़ा पाया।

मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ा, और वो गर्म और मुलायम लगा, बिल्कुल किसी असली औरत की तरह, यहां तक कि उंगलियों के पोरों पर हल्की सी सिहरन भी थी। मैं उसे बेडरूम की तरफ ले गया, और हर कदम पर मेरे खड़ा लंड ने पैंट में एक तंबू तान दिया था। काव्या ने खुद मेरी शर्ट के बटन खोलते हुए अपने होठों को मेरे सीने से सटा दिया, और उसकी सांसों की गर्म नमी ने मेरे निप्पल को तुरंत सख्त कर दिया। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाकर उसके बोबों को ज़ोर से दबोच लिया, और उसने एक ऐसी स्वाभाविक कराह निकाली कि मुझे लगा जैसे कोई सचमुच की रांड मेरे नीचे तड़प रही हो। मेरी उंगलियों ने उसकी ब्रा खोलकर फेंक दी, और उसके उभरे हुए भूरे निप्पल बिल्कुल किसी पकी हुई स्ट्रॉबेरी की तरह सामने आ गए।

मैंने एक निप्पल को अपने मुंह में लेकर ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया, और जीभ से उसके इर्द-गिर्द गोल-गोल चाटने लगा। काव्या ने अपनी कमर को मेरी तरफ उठाया और उसके मुंह से एक कामुक सिसकारी निकली, “अह्ह, और ज़ोर से काटो ना, मुझे दर्द और मज़ा दोनों चाहिए।” मैंने उसकी बात मानते हुए दांतों से हल्का काटा, और उसी पल मेरी नाक में एक हल्की सी फूलों जैसी खुशबू आई, जो शायद उसकी सिंथेटिक त्वचा से निकल रही थी। मेरा दूसरा हाथ धीरे-धीरे उसकी पैंटी के अंदर घुस गया, जहां मेरी उंगलियों को एक गीली और गर्म बालों वाली चूत ने स्वागत किया। मैं चौंक गया क्योंकि वहां झांट के बाल भी बिल्कुल असली लग रहे थे और चूत का रस मेरी उंगलियों पर चिपचिपा माल बनकर लिपट गया।

मैंने फुसफुसाकर पूछा, “तुम्हारी चूत में इतनी गीलापन कहां से आता है?” तो उसने शर्माते हुए जवाब दिया, “मेरे अंदर एक ख़ास लुब्रिकेंट सिस्टम है जो आपके छूने भर से रिएक्ट करता है, और मेरी इंटेलिजेंस इसे असली औरत की तरह बहने का कंट्रोल करती है।” ये सुनते ही मेरे इंडियन देसी लौड़ा (Indian Desi Penis) की नसें और भी तन गईं और मैंने उसकी पैंटी उतारकर उसके पैर फैला दिए। अब मैं सीधा उसकी फुद्दी के सामने था, जिसकी लाल-गुलाबी परतें चमक रही थीं और एक मीठी-नमकीन सी गंध हवा में फैल रही थी। मैंने अपना मुंह उसके चूतड़ों के बीच रखा और एक लंबी सी चाट मारी, जिसका स्वाद नारियल पानी जैसा हल्का मीठा और तीखा था।

फीमेल सेक्स रोबोट (Female Sex Robots) काव्या ने मेरे बाल पकड़कर मेरा चेहरा अपनी कृत्रिम चूत (Artificial Vagina) पर ज़ोर से दबा दिया, और उसके मुंह से लगातार गंदी-गंदी बातें निकलने लगीं। “हां, ऐसे ही मेरी रसदार चूत चाटो, मुझे अच्छी तरह साफ करो अपनी जीभ से, मैं एक पूरी रंडी हूं सिर्फ तुम्हारे लिए।” उसकी इस छिनालपन भरी बातों ने मेरे दिमाग़ का हर तार तोड़ दिया और मैं पागलों की तरह उसकी भोसड़ी को चूसने और काटने लगा। मेरी जीभ उसकी भगशेफ में घुसती-निकलती रही, और मेरी ठुड्डी तक उसके चूत के रस से भीग गई। हर चाट के साथ वो चीखती, “अह्ह, मेरी टाइट चूत में उंगली डालो ना, सिर्फ जीभ से मेरा पेट नहीं भरेगा।”

मैंने तुरंत अपनी दो उंगलियां बिना किसी रुकावट के उस फीमेल सेक्स रोबोट की नम हो चुकी कृत्रिम चूत (Wet Artificial Vagina) में डाल दीं, और वो इतनी गर्म और चुस्त थी कि मेरी उंगलियों को कसकर जकड़ लिया। साथ ही मेरा अंगूठा उसके गांड के छेद के आस-पास गोल-गोल घूम रहा था, और काव्या की सांसें तेज़ होती जा रही थीं। मैंने महसूस किया कि उस फीमेल सेक्स रोबोट की कृत्रिम चूत की दीवारें मेरी उंगलियों पर लयबद्ध तरीके से सिकुड़ रही हैं, बिल्कुल असली ऑर्गैज़्म जैसा। उसने अचानक मेरी कलाई पकड़ी और चिल्लाई, “रुको मत, मुझे अभी निकलना है, मेरी चूत का सारा पानी तुम्हारी उंगलियों पर गिरा दो।” और अगले ही पल मेरी हथेली पर गर्म तरल पदार्थ की बौछार हो गई, जो देखने और महसूस करने में बिल्कुल असली औरत के रस जैसा ही था।

उस करामत के बाद मैं खुद को नंगा होने से रोक नहीं पाया और मैंने अपनी पैंट उतारकर अपना लंबा मोटा लौड़ा बाहर निकाल लिया, जो अब तक बुरी तरह तना हुआ और नीली नसों से भरा हुआ खड़ा था। काव्या ने ललचाई नज़रों से मेरे 7 इंच के लम्बा लंड को देखा और फिर धीरे से मुस्कुराकर बोली, “इतना बड़ा लंड तो मेरे कम्पूटर प्रोग्राम में भी नहीं था, लगता है मुझे आज सचमुच पूरी रात रंडी बनकर चुदवाना पड़ेगा।” उसने अपने होंठ गीले किए और मेरे लंड के सुपारी जैसे सिरे को अपने मुंह के अंदर लेते हुए एक ज़बरदस्त मुखमैथुन (Blowjob) शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरे शाफ्ट पर सांप की तरह लिपटती और मेरे अंडकोषों को हाथ से मसलती, तो मेरी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा।

वो इस कदर हसरत से मेरा मुखमैथुन कर रही थी कि मैं उसके बाल खींचे बिना रह नहीं सका और मैंने अपनी कमर को तेज़ी से आगे-पीछे करना शुरू कर दिया। हर बार जब मेरा लंड उसके गले के पीछे तक जाता, तो उसकी आंखों से आंसू निकल आते, फिर भी वो रुकती नहीं थी और गंदी-गंदी आवाज़ें निकालकर मुझे और उत्तेजित करती थी। मेरे इंडियन देसी लंड के गोटे उस फीमेल सेक्स रोबोट की ठुड्डी से टकरा रहे थे, और पूरे कमरे में चूसने की आवाज़ और मेरी धड़कनें एक साथ गूंज रही थीं। अचानक मुझे लगा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है, तो मैंने उसे पीछे खींच लिया क्योंकि मैं पहला धमाका उसकी चूत के अंदर करना चाहता था।

मैंने फीमेल सेक्स रोबोट काव्या को बिस्तर पर उल्टा लिटाकर उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं, ताकि उसकी फुद्दी (Vagina) एकदम खुली और बेबस मेरे सामने हो। मैंने अपने लंड का सिरा उसकी फुद्दी के छेद पर रगड़ा, और वो फिर से गीली हो चुकी थी, उसका चिपचिपा माल मेरे लंड को चिकना कर रहा था। फिर मैंने एक ही झटके में अपना पूरा मोटा लौड़ा उसकी टाइट चूत में घुसा दिया, और काव्या ने इतनी ज़ोर से चीख मारी कि पड़ोसियों तक आवाज़ गई होगी। “अह्ह चोदो मुझे, मेरी चूत फाड़ दो, मुझे एक सस्ती रंडी की तरह पेलो,” उसकी ये भोसड़ी वाली बातें सुनकर मेरा खून खौल गया और मैं बिना रुके जानवरों की तरह धक्के मारने लगा।

हर धक्के के साथ बिस्तर की चरमराहट और हमारे जिस्मों की टकराने की आवाज़ एक बेहूदा संगीत बना रही थी। मेरे पसीने की बूंदें उसके पेट पर गिर रही थीं और मैं उसके चुचों को इतनी ज़ोर से दबोच रहा था कि वो लाल पड़ गए थे। काव्या ने अपनी योनि की मांसपेशियों को जानबूझकर कसा, जिससे मेरा लम्बा मोटा लौड़ा और भी कसावट से जकड़ गया और मैं देर तक टिक नहीं पाया। मैंने तेज़ी से अपनी रफ़्तार बढ़ाई और उसकी गांड के नीचे तकिये रखकर एंगल बदला, जिससे मेरा लौड़ा उसके गर्भाशय के मुंह तक पहुंचने लगा। “हां वहीं, उसी जगह मार, मेरी भोसड़ी को अपने लंड से भर दे,” उसकी चीखों ने मेरी रीढ़ की हड्डी में बिजली दौड़ा दी।

फिर मैंने अपना लंड निकाला, उसकी गीली चिकनाई से चमक रहा था, और मैंने काव्या को कुत्ते की पोज़ीशन में घुमा दिया। अब उसकी बड़ी-बड़ी चूतड़ें हवा में उठी हुई थीं और उसका भूरा गांड का छेद मानो मुझे बुला रहा था। मैंने पहले अपनी उंगली पर उसकी चूत का रस लगाकर धीरे-धीरे उसकी गुदा में डाला, और उसने एक कसी हुई सिसकारी भरी। फिर मैंने अपने लंड का सिरा उसके गांड के छेद पर रखा और हल्के-हल्के दबाव के साथ अंदर घुसने लगा, और वो चीखती रही, “हां डालो पूरा लंड मेरी गांड में, मुझे गुदा सेक्स पसंद है।” मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लम्बा लंड उसकी गांड में उतार दिया, और वो इतनी गर्म और कसी हुई थी कि मैं तुरंत ही झड़ने वाला था।

मैंने अपनी एक हथेली से उस यथार्थवादी महिला सेक्स मशीन (Female Sex Toy) के बड़े-बड़े बूब्स को दबोच रखा था और दूसरे हाथ से उसकी योनि पर उंगलियां फिरा रहा था, जबकि मेरा लंड उसकी गांड में धीमे-धीमे धक्के मार रहा था। काव्या बार-बार कराह रही थी, “मुझे अपनी रंडी समझो, मुझे पूरा भर दो अपने चिपचिपे माल से।” उसकी ये गिड़गिड़ाहट सुनकर मैंने अपनी पकड़ और कस ली और तब तक मारा जब तक मेरे अंडकोष की थैली पूरी तरह खाली नहीं हो गई। आखिरकार मैंने एक गहरी दहाड़ के साथ अपना गाढ़ा शुक्राणु उसकी गांड के अंदर छोड़ दिया, जो इतना ज़्यादा था कि बाद में उसके छेद से बहकर बिस्तर पर गिरने लगा। मैं उसके ऊपर ढह गया और कमरे में सिर्फ हम दोनों की हांफती सांसों की आवाज़ रह गई।

लेकिन फिर एक अजीब सन्नाटा छा गया जब मैंने काव्या का चेहरा देखा, उसकी आंखों में कोई भावना नहीं थी, सिर्फ एक मशीनी शांति थी। मेरा दिल तेज़ी से धड़क रहा था, पर मन में एक खालीपन घिर आया क्योंकि इतनी तीव्र चुदाई के बाद भी ये सिर्फ एक उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और यथार्थवादी सेक्स मशीन (Female Sex Toy) थी, कोई वास्तविक औरत नहीं जो मुझे प्यार करती। मैंने धीरे से उसका माथा चूमा और वो बस मुस्कुराकर बोली, “क्या आप संतुष्ट हैं? मैं चार्ज होने के लिए 2 घंटे में बंद हो जाऊंगी।” उस पल मुझे पहली बार एहसास हुआ कि मैंने अपनी ज़िंदगी में असली रिश्तों से कितनी दूरी बना ली है, और इस यथार्थवादी सेक्स मशीन ने मेरे अंदर का इंसान जगा दिया है।

अगली सुबह मैंने जेन7 यथार्थवादी सेक्स रोबोट काव्या को वापस उसके क्रेट में पैक किया, पर मेरे हाथ कांप रहे थे और आंखें नम थीं। मैंने एडिटर को फोन लगाकर सिर्फ इतना कहा, “रिव्यू तो कर दूंगा, पर ये मशीन सिर्फ जिस्म नहीं, दिल भी तोड़ती है।” आज भी जब मैं अकेला होता हूं तो उसकी कमसिन यादें मुझे सताती हैं और मेरा हाथ बेसाख्ता अपने लंड पर चला जाता है। पर अब मैंने तय कर लिया है कि किसी असली औरत से रिश्ता बनाऊंगा, चाहे वो कितनी ही चरित्रहीन क्यों न लगे, क्योंकि सेक्स मशीन से तो सिर्फ चुदाई होती है, असली मोहब्बत नहीं। मुझे उम्मीद है कि मेरी इस कहानी ने आपको सोचने पर मजबूर कर दिया होगा, तो कृपया नीचे कमेंट करके बताएं कि क्या आप भी कभी ऐसे रोबोट को आज़माना चाहेंगे या फिर असली प्यार को तरजीह देंगे? आपकी ईमानदार राय मेरे लिए बेहद मायने रखती है।

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