मामी की मौत के बाद मेरी मम्मी की टाइट चूत का भोसड़ा बनाया मामा व उनके बेटे ने चोद चोदकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी एक 28 वर्षीय महिला, राधिका शर्मा, की है, जो हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली है। वह अपनी माँ, रीता, के साथ दिल्ली में अपने मामा, सुरेश, और उनके बेटे, अर्जुन, के घर कुछ दिन बिताने जाती है । रीता की खूबसूरती और भरा-पूरा बदन मामा और उसके जवान बेटे अर्जुन को वासना की आग में जला देता है।
इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में राधिका एक रात गलती से अपनी माँ और मामा के बीच गर्मागर्म चुदाई देख लेती है। बाद में, अर्जुन भी रीता के साथ अश्लील हरकतें करता है। यह कहानी हास्य, शर्मिंदगी, और बेबसी के साथ-साथ बेहद गंदी गालियों और अश्लील दृश्यों से भरी है। कहानी का माहौल दिल्ली की एक तंग गली के घर में सेट है, जहाँ बारिश और तनाव भरे दिन वासना की चिंगारी को और भड़काते हैं।
मेरा नाम राधिका शर्मा है। मैं सोनीपत की रहने वाली हूँ, 28 साल की, और मेरा फिगर 34-26-36 है। मेरी माँ, रीता, 42 साल की हैं, लेकिन उनकी 36-30-38 की काया किसी 16 साल की जवान लड़की को मात देती है। उनके भारी बूब्स और मोटी गांड देखकर कोई भी मर्द पागल हो जाए। मेरे मामा, सुरेश, 45 साल के हैं, लेकिन उनका मोटा लंड और ठरकीपन अभी भी जवानी की गर्मी बरकरार रखता है।
मेरे मामा जी का बेटा, अर्जुन, 22 साल का है, लंबा, गोरा, और उसका लंड अपने बाप से भी दो इंच बड़ा है। हम दिल्ली में मामा के पुराने दो मंजिला घर में रुके थे, जहाँ तंग गलियाँ और बारिश का माहौल हर रात को और गर्म कर देता था। मेरे पापा, मनोज, कपड़े का कारोबार करते हैं। मामा की पत्नी की मौत के बाद पापा ने मम्मी को कुछ दिन दिल्ली में रुकने को कहा, ताकि मामा को सहारा मिले। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मेरी जिंदगी बदल दी।
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पहली रात को सब कुछ सामान्य था। मम्मी ने खाना बनाया, मामा ने थोड़ी शराब पी, और अर्जुन अपने कमरे में फोन में व्यस्त था। लेकिन अगली रात, बारिश और शराब के नशे की वजह से माहौल बदल गया। मम्मी छत से कपड़े उतारने गईं, लेकिन सीढ़ियों से फिसल गईं। उनकी कमर में चोट लगी, और वो दर्द से कराहने लगीं। मामा ने उन्हें सहारा देकर बिस्तर पर लिटाया। उनकी सलवार नीचे खिसक गई थी, और उनकी मोटी गांड की दरार साफ दिख रही थी। मामा का लंड तन गया होगा, क्योंकि उनकी आँखें वासना से चमक रही थीं।
मामा ने मम्मी की कमर पर दवा लगाई, लेकिन उनका हाथ धीरे-धीरे उनकी गांड पर चला गया। मम्मी ने कहा, “यहाँ भी दर्द है।” मामा ने मौका पकड़ लिया और उनकी सलवार और नीचे खींच दी। अब मामा जी के सामने मेरी मम्मी की आधी गांड नंगी थी। मामा ने क्रीम लगाते हुए उनकी गांड को मसला, और मैं देख रही थी कि मम्मी की साँसें तेज हो रही थीं। उस रात कुछ नहीं हुआ, लेकिन हवा में कुछ गड़बड़ थी।
अगली शाम मामा फिर शराब के नशे में आए, इस बार तेल की शीशी लेकर। मम्मी ने अपनी सलवार का नाड़ा ढीला किया, और मामा ने उनकी गांड पर तेल लगाना शुरू किया। उनकी उंगलियाँ मम्मी की चूत और गांड के छेद को छूने लगीं। मम्मी की मुँह से “आह… उह…” की आवाजें निकल रही थीं। मैं बाहर थी, लेकिन अचानक कमरे में घुसी तो देखा—मम्मी और मामा एक-दूसरे को चूम रहे थे, मामा का हाथ मम्मी की चूत पर था। मैं शर्मिंदगी से लाल हो गई, लेकिन कुछ बोली नहीं।
रात में मामा के लंड से मम्मी की चूत और गांड की चुदाई का दर्दनाक खेल
उसके बाद, मम्मी रसोई में खाना बनाने चली गईं। रात को खाना खाकर सब सो गए। मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो मैं चुपके से मम्मी के कमरे की तरफ गई। दरवाजा हल्का खुला था। अंदर मामा ने मम्मी के सारे कपड़े उतार दिए थे। मम्मी पूरी नंगी थीं, उनकी चूत गीली चमक रही थी। मामा सिर्फ़ कच्छे में थे, उनका लंड तनकर बाहर झाँक रहा था। मम्मी ने मामा की कच्छी उतारी और उनका मोटा लंड मुँह में ले लिया। वो किसी रंडी की तरह चूस रही थीं, “ग्लप-ग्लप” की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी।
मामा मम्मी के बाल पकड़कर बोले, “साली, कितना मस्त लंड चूसती है जीजा जी ने तो तुझे लौड़ा चूसने की काफी ट्रेनिंग दे रखी है ऐसा लगता है! आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा!” मम्मी हँसते हुए बोलीं, “हरामी, पहले अपनी इस माँ की रसीली चूत चाट, फिर जो चाहे कर!” मामा ने मम्मी को बिस्तर पर लिटाया और उनकी चूत पर मुँह रख दिया। उनकी जीभ मम्मी की चूत में अंदर-बाहर हो रही थी, और मम्मी चिल्ला रही थीं, “आह… चाट साले, और जोर से!” मैं बाहर खड़ी थी, मेरी चूत भी गीली हो रही थी, लेकिन शर्मिंदगी और डर से मैं हिल नहीं पा रही थी।
फिर मामा ने सेक्स करने के लिए मेरी मम्मी को घोड़ी बनाया और एक झटके में अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया। “धप-धप” की आवाज़ से कमरा गूँज उठा। मम्मी चिल्लाईं, “चोद, हरामी! मेरी चूत फाड़ दे!” मामा ने उनकी गांड पर थप्पड़ मारे और बोले, “साली रंडी, आज तेरी गांड भी मारूँगा तेरी टाइट चूत का भोसड़ा बनाने के बाद!” उस रात मामा ने मम्मी को तीन बार चोदा—पहले चूत में, फिर मम्मी के मुँह में, और आखिरी बार उनकी गांड में।
मम्मी की गांड का छेद इतना चौड़ा हो गया था कि मामा का लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। और मेरी मम्मी की टाइट चूत को तो उन्होंने भोसड़ा बना डाला था… सुबह मम्मी की चाल में एक अजीब सी मस्ती थी। वो किचन में नाश्ता बना रही थीं, उनकी मैक्सी उनके बूब्स और गांड को और उभार रही थी। मैं टीवी देख रही थी, लेकिन मेरा दिमाग रात की चुदाई में अटका था। तभी किचन से कुछ गिरने की आवाज़ आई। मुझे शक हुआ की कहीं मामा और मम्मी फिर से अपनी अन्तर्वासना तो शांत करने नहीं लग गए, इस लिए मैं चुपके से देखने गई।
मामा जी के बेटे की काम वासना और मेरी मम्मी की बेबसी
किचन में मेरे ठरकी मामा जी तो नहीं थे मगर उनका जवान बेटा अर्जुन मेरी मम्मी के पीछे खड़ा था। उसने मम्मी की मैक्सी ऊपर उठाई और उनकी पैंटी फाड़ दी। मम्मी बोलीं, “अर्जुन, ये गलत है! मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ!” अर्जुन हँसा और बोला, “माँ जैसी? फिर पापा का लंड क्यों लिया, साली रंडी वो तू तुम्हारे सगे भाई हैं?” मम्मी कुछ नहीं बोलीं। अर्जुन ने मम्मी की चूचियाँ पकड़कर जोर से दबाईं। मम्मी की आँखें बंद हो गईं, और वो “आह…” करने लगीं।
अर्जुन ने मम्मी को दीवार से टिकाया और उनकी गांड में मुँह घुसा दिया। वो मम्मी की गांड का छेद चाट रहा था, और मम्मी की साँसें तेज हो रही थीं। फिर उसने मम्मी को घुटनों पर बिठाया और अपना लंड उनके मुँह में पेल दिया। अर्जुन का लंड मोटा और लंबा था, मम्मी का मुँह पूरा भर गया। वो दस मिनट तक मम्मी का मुँह चोदता रहा, फिर उनके मुँह में झड़ गया। मम्मी का चेहरा उसके गाढ़े माल से लथपथ था।
इसके अलावा, अर्जुन ने मम्मी को फिर से दीवार के सहारे से टिकाया और उनकी तंग चूत में अपना लंड पेल दिया। वो मम्मी को करीब आधे घंटे तक अपनी रंडी बनाकर चोदता रहा, कभी घोड़ी बनाकर, कभी उनकी चूचियों को दबाते हुए। आखिर में उसने मम्मी के बूब्स पर अपना माल गिराया। चुदने के बाद मम्मी की आँखों में मस्ती थी, लेकिन चेहरे पर शर्मिंदगी भी। वो बोलीं, “अर्जुन, ये बात किसी को मत बताना।” अर्जुन हँसा और बोला, “चिंता मत कर, रीता रानी, ये हमारा छोटा सा राज़ है!”
उनकी चुदाई देखने के बाद मैं वापस टीवी के सामने बैठ गई, लेकिन मेरा दिल धड़क रहा था। मम्मी नाश्ता लेकर आईं, और उनकी मुस्कान में एक अजीब सी चमक थी। मेरे मामा का बेटा अर्जुन घर में इधर-उधर ऐसे घूम रहा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
मामी की मौत के बाद मेरी मम्मी की टाइट चूत का भोसड़ा बनाया मामा व उनके बेटे ने चोद चोदकर अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का अंत
उसके बाद, हम कुछ दिन और दिल्ली में रुके। मम्मी और मामा की चुदाई हर रात चलती थी, और मेरे मामा का लड़का अर्जुन भी मौका पाकर मम्मी को चोदता था अपनी रंडी बनाकर। मैं चुप रही, क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ। मेरे मन में शर्मिंदगी, गुस्सा, और अजीब सी उत्तेजना थी। मम्मी की मस्ती देखकर लगता था कि वो इस सब में डूब चुकी थीं अपनी कामवासना शांत करवाने के लिए।
आखिरकार, माँ की टाइट चूत का भोसड़ा बनवाकर हम माँ बेटे मामा जी के घर से वापस हमारे घर सोनीपत लौट आए। मम्मी ने कभी इस बारे में किसी से बात नहीं की, और मैंने भी चुप्पी साध ली। इस कामुकता से भरी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में हास्य, वासना, और बेबसी का मिश्रण था। मुझे बताइए, आपको कहानी, किरदार, और उसका लहजा कैसा लगा? क्या इसमें और कुछ जोड़ा जाए? आपकी राय का इंतज़ार है!


