HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesपति के लंड की कमी देवर के लंड ने पूरी करी

पति के लंड की कमी देवर के लंड ने पूरी करी

पति के लंड की कमी देवर के लंड ने पूरी करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश: यह कहानी मीनाक्षी की है, जो अपने पति के विदेश जाने के बाद अपने ससुराल में अकेली रह जाती है। उसका पति विकास एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जो अमेरिका में काम करता है और साल में केवल एक-दो बार ही भारत आ पाता है। मीनाक्षी अपनी सास शकुंतला और देवर अमित के साथ एक छोटे से शहर में रहती है। जब उसकी यौन इच्छाएँ बढ़ने लगती हैं, तो वह अपने देवर के साथ एक गुप्त संबंध बना लेती है। कहानी में उनके इस रिश्ते के विभिन्न पहलुओं और उत्तेजक अनुभवों को विस्तार से दर्शाया गया है।

विकास के जाने के बाद का पहला महीना सबसे कठिन था। रातों को मैं अक्सर जाग जाती, अपने शरीर को सहलाते हुए। मेरी चूत में एक अजीब सी खुजली होती, जो मेरी उंगलियों के स्पर्श से ही शांत हो पाती। मैं अपने बूब्स को मसलती, निप्पल्स को दबाती और कल्पना करती कि विकास मेरे साथ है। पर यह सब कुछ ही देर तक चल पाता। असली संतुष्टि तो कहीं दूर थी।

एक दिन जब मैं बाथरूम में नंगी नहा रही थी, तो अचानक बाथरूम का दरवाज़ा खुला और मेरा देवर अमित अंदर बाथरूम में आ गया। मैं चौंक गई, पर उसने मुझे शांत करते हुए कहा, “भाभी, मैं तो बस टूथपेस्ट लेने आया था।” पर उस कमीने की नज़रें मेरे नंगे शरीर पर टिकी हुई थीं। मेरे गीले बाल, पानी से चमकती मेरी त्वचा, और मेरे भरे हुए बूब्स – उसकी आँखों की चमक से मैं समझ गई कि वह मुझे देखकर चुदाई करने के लिए उत्तेजित हो गया है।

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पति के लंड की कमी देवर के लंड ने पूरी करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

मैंने जल्दी से मेरे नंगे जिस्म पर तौलिया लपेट लिया, पर तब तक मैंने देख लिया था कि उसकी पैंट के अंदर उसका लंड सख्त हो चुका था। उस दिन के बाद से हम भाभी देवर के बीच एक अजीब सा तनाव बन गया। वह मुझे देखते ही शर्मा जाता, और अब मैं भी मेरे देवर के सामने कुछ ज्यादा ही सज-संवर कर रहने लगी।

एक रात जब सास मायके गई हुई थीं, तो मैं टीवी देख रही थी। मेरा देवर अमित भी आकर मेरे पास बैठ गया। कुछ देर बाद उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा और मेरी सांसे तेज तेज चलने लगी। मैंने मेरे देवर की पकड़ से मेरा हाथ छुड़ाने की कोशिश नहीं की। फिर उसने धीरे से मेरी उंगलियों के बीच अपनी उंगलियाँ फंसा लीं। मैंने उसकी तरफ देखा, और उसकी आँखों में वही चमक थी जो बाथरूम में देखी थी।

सलवार कुर्ता खोलने के बाद देवर ने मुझे चोदा अपनी रंडी बनाकर

अचानक उसने मुझे अपनी ओर खींच लिया और मेरे होंठों को चूमने लगा। मैंने विरोध नहीं किया। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई और मेरी जीभ से लड़ने लगी। मेरे बूब्स मेरे देवर की छाती से दब रहे थे। मैंने महसूस किया कि उसका लंड मेरी जांघ के पास सख्त होकर खड़ा हो गया है। मैं खुद को रोक नहीं पाई और मेरा हाथ उसकी जांघों की तरफ बढ़ गया। मैंने मेरे देवर की पैंट का बटन खोल दिया और उसके लंड को बाहर निकाल लिया। वह लंबा और मोटा था, शायद मेरे पति विकास के लंड से भी ज्यादा लम्बा और मोटा।

मैंने मेरे देवर के लंड को पकड़ लिया, वह गर्म और सख्त था। फिर मैं उसकी मुठ मारने लगी। अमित ने मेरे कुर्ते को खोल दिया और ब्रा को नीचे खिसका कर मेरे बड़े बड़े बूब्स के निप्पल्स को किसी छोटे बच्चे की तरह मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। देवर के दातों की चुभन से मैं कराह उठी। मेरी चूत से पानी बहने लगा था।

अमित ने मेरी सलवार उतार दी और मुझे सोफे पर लिटा दिया। उसने मेरी चूत को चूमना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरे क्लिट पर घूम रही थी। मैं चीखना चाहती थी, पर डर के मारे केवल हांफती रही। फिर उसने सोफे पर ही मेरी चूत की शानदार तरीके से चुदाई करना प्रारम्भ करी और अपना लंड मेरी चूत के अंदर धकेल दिया। एक झटके के साथ वह पूरा अंदर चला गया। चुदते चुदते मैंने मेरे देवर की पीठ पर नाखून गड़ा दिए।

वह बहुत तेजी से मुझे चोदने लगा। सोफे की चरमराहट की आवाज़ के साथ हमारी हांफने की आवाज़ें मिल रही थीं। मैंने उसके कानों को मुँह में ले लिया और कहा, “और तेज चोदो देवर जी बहुत मजा आ रहा ही…” वह मेरी बात मान गया। कुछ ही मिनटों की चुदाई में मैं चरम पर पहुँच गई। मेरी चूत चुदते चुदते सिकुड़ने लगी और मैंने उसकी पीठ को और जोर से खरोंच दिया। चुदाई के अंतिम राउंड के दौरान मेरे देवर ने एक जोर से झटका दिया और मेरी चूत के अंदर ही अपना गर्म पानी छोड़ दिया। दोस्तों यहाँ सेक्स मेरे जीवन का सबसे अच्छा सेक्स था इतनी अच्छी चुदाई को कभी मेरे पति ने भी नहीं करी थी।

देवर को ब्लोजॉब दिया, वीर्य का स्वाद नमकीन था

उस रात के बाद से हम भाभी देवर के बीच एक गुप्त संबंध बन गया और हम दोनों ही एक दुसरे की शारीरिक जरुरत का ख्याल रखने लगे। जब भी सास घर पर नहीं होतीं, अमित मेरे कमरे में आ जाता। हमने कई सेक्स पोजीशन्स ट्राई कीं। कभी मैं उसके ऊपर, कभी वह मेरे पीछे से, तो कभी कुर्सी पर बैठकर। एक बार तो उसने मुझे घुटनों के बल बिठाया और मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया। पहले तो मुझे अजीब लगा, पर फिर मैंने देवर के लंड को चूसना शुरू कर दिया।

करीब दस मिनट तक ब्लोजॉब करने के बाद देवर के लंड ने मेरे मुंह के अंदर वीर्य की पिचकारी चला दी, उसके वीर्य स्वाद नमकीन था, पर मुझे अच्छा लग रहा था। जब वह मेरे मुँह में झड़ा, तो मैंने सब निगल लिया। उसने मुझे गले से लगा लिया और कहा, “तुम सच में बहुत अच्छी हो भाभी।” मैं शर्मा गई, पर मन ही मन खुश भी थी।

एक दिन जब सास घर पर ही थीं, तो मेरे देवर अमित ने मुझे गोद में उठा लिया और चोदने के लिए बाथरूम में ले गया। हमने शावर के नीचे ही सेक्स किया। पानी हम भाभी देवर के नंगे शरीर पर बह रहा था और हम एक दूसरे से चिपके हुए सेक्स कर रहे थे। मेरे देवर ने मेरी गांड के छेद में भी अपनी उंगली डाल दी। पहले तो दर्द हुआ, पर फिर एक अजीब सी खुशी महसूस हुई।

हम भाभी देवर के अवैध सेक्स संबंध धीरे-धीरे और गहरे होते गए। अमित ने मुझे बताया कि वह लंबे समय से मुझे अपनी रंडी बनाकर चोदना चाहता था। मैंने भी स्वीकार किया कि मेरे पति विकास के जाने के बाद से मैं काफी फ्रस्ट्रेटेड महसूस कर रही थी। मेरी चूत और गांड को मेरे देवर के लंड की जरुरत थी और मेरे देवर के लंड को मेरी चूत और गांड की, हम भाभी और देवर दोनों एक दूसरे की जरूरत थे, और यह बात हम दोनों जानते थे।

एक बार तो हम लगभग पकड़े ही जाते। सास अचानक मेरे कमरे में आ गईं, जबकि अमित मेरे ऊपर था। बस किस्मत से हमने कमरा अंदर से लॉक कर रखा था। सास ने दरवाज़ा खटखटाया, “मीनाक्षी, तुम अंदर हो?” मैंने जल्दी से अमित को धक्का दिया और कपड़े संभाले। अमित अलमारी के पीछे छिप गया जबकि मैंने दरवाज़ा खोला।

“हाँ माँ, मैं सो रही थी,” मैंने हांफते हुए कहा। सास ने मेरे बिखरे हुए बाल और लाल चेहरे को देखा, पर कुछ नहीं बोली। शायद उन्होंने कुछ अंदाज़ा लगा लिया था। उस दिन के बाद हम और सतर्क हो गए और सही मौका देखकर ही अवैध सेक्स संबंध बनाने लगे। अब हम भाभी देवर केवल तभी चुदाई करते जब पूरा घर खाली होता था।

समय बीतता गया और फिर एक दिन पति विकास का फोन आया कि वह दो महीने में भारत आ रहा है। मैं खुश भी थी और थोड़ी डरी हुई भी। अमित और मेरा अवैध शारीरिक रिश्ता क्या पति विकास के आने के बाद भी चलेगा? या फिर यह सब खत्म हो जाएगा? मैंने अमित से इस बारे में बात की, तो उसने मुझे गले लगा लिया और कहा, “हम कुछ न कुछ तो करेंगे ही भाभी।”

इस तरह मीनाक्षी और अमित का गुप्त प्रेम संबंध चलता रहा और वह दोनों अवैध सेक्स संबंध बनाकर अपनी अपनी अन्तर्वासना शांत करते रहे। पति विकास के आने के बाद क्या हुआ? क्या सास को कभी उन भाभी और देवर के अवैध सेक्स संबंध के बारे में पता चला? यह पति के लंड की कमी देवर के लंड ने पूरी करी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी आगे भी जारी रहेगी। आपको यह हिंदी सेक्स कहानी कैसी लगी? क्या आप चाहेंगे कि मैं इसका अगला भाग भी लिखूँ? ईमेल के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।

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