प्यासी भाभी की चुदाई: देवर ने कैसे बुझाई चूत की आग – न्यू हिंदी सेक्स स्टोरी 2025 :- गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थीं और भैया अपने ऑफिस के काम से दिल्ली गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं, भाभी और मम्मी-पापा थे। भाभी का नाम राधिका था, उम्र करीब 28 साल, गोरी-चिट्टी, बड़े-बड़े मुम्मे और गोल-गोल गांड। हर बार जब वो साड़ी में किचन में काम करतीं, तो उनकी कमर की झुकने से गांड की शक्ल साफ दिखती और मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता। मैं राहुल, 22 साल का जवान लड़का, कॉलेज की छुट्टी में घर आया था।
मेरी सेक्सी माल भाभी मुझे देखकर हमेशा मुस्कुरातीं, उनकी बड़ी बड़ी आँखों में कुछ अलग ही चमक रहती। एक दिन दोपहर में मम्मी-पापा सो रहे थे, मैं लिविंग रूम में बैठा मोबाइल फोन में पोर्न फिल्म देख रहा था। भाभी चाय लेकर आईं और मेरे पास सोफे पर अपनी गांड टेक कर बैठ गईं। उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका हुआ था, गहरी ब्लाउज से मुम्मों का क्लीवेज साफ दिख रहा था। मैंने नजरें चुराने की कोशिश की, लेकिन लंड पैंट में तन गया।
प्यासी भाभी की चुदाई: देवर ने कैसे बुझाई चूत की आग न्यू हिंदी सेक्स स्टोरी 2025

भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा, “देवर जी, तुझे बहुत तेज गर्मी नहीं लग रही है? पंखा तो तेज चल रहा है।” मैंने कहा, “भाभी, गर्मी तो बहुत है।” वो हँस पड़ीं और अपना पल्लू ठीक करने के बहाने अपनी छाती पर लटके बड़े व् भारी मुम्मों को जोर से सहलाया। भाभी को अपने स्तनों को सहलाते देख मेरा दिल जोर से धड़कने लगा। वो मेरे बिलकुल नजदीक खिसक आईं, उनका मादकता से भरा जिस्म मेरे बदन से छू रहा था। अचानक मेरी कामुक भाभी का हाथ मेरी जांघ पर रखा और बोलीं, “तेरा शरीर कितना गर्म है, राहुल।” मैं समझ गया कि भाभी प्यासी हैं। भैया महीने में मुश्किल से एक बार आते थे, भाभी की रसिली चूत की आग कोई बुझाने वाला नहीं था। मैंने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ा और बोला, “भाभी, आप भी तो बहुत गर्म लग रही हैं।” वो शर्मा गईं, लेकिन हाथ नहीं हटाया।
धीरे-धीरे हमारी बातें गंदी और अश्लील होने लगीं। भाभी ने फुसफुसाकर कहा, “तेरा भैया तो मुझे ठीक से चोदता भी नहीं, सेक्स करने के दौरान बस दो मिनट में झड़ जाता है। मेरी चूत हमेशा प्यासी रहती है।” ये सुनकर मेरा लंड पैंट फाड़ने को उतावला हो गया। मैंने जोश में आकर सेक्सी माल भाभी के मुम्मे पर हाथ रख दिया। अपने मुम्मे पर मेरे हाथों का स्पर्श पाकर वो सिहर उठीं, “आह… देवर जी, क्या कर रहे हो ये…?” लेकिन उन्होंने मेरी इस अश्लील हरकत का जरा भी विरोध नहीं किया।
मैंने ब्लाउज के ऊपर से ही भाभी के मुम्मों को जोर जोर से दबाया, बड़े-बड़े और मुलायम थे। निप्पल्स कड़े हो गए थे। भाभी की साँसें तेज हो गईं। मैंने उनका पल्लू पूरी तरह हटाया और ब्लाउज के हुक खोल दिए। ब्रा में कैद वो विशाल मुम्मे बाहर आए। मैंने ब्रा ऊपर की और दोनों मुम्मों को मुंह में लेकर चूसने लगा। भाभी कराह रही थीं, “आह… स्स… चूस मेरे मुम्मे, राहुल… कितने दिन से किसी ने नहीं छुआ।”
भाभी ने मेरी पैंट की जिप खोली और मेरा मोटा लंड बाहर निकाला। देखकर उनकी आँखें चौड़ी हो गईं, “वाह राहुल, कितना मोटा और लंबा लंड है तेरा! तेरे भैया का तो आधा भी नहीं।” वो लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगीं, ऊपर-नीचे कर रही थीं। मैंने भाभी की साड़ी ऊपर की और पैंटी में हाथ डाला। उनकी चूत पूरी तरह गीली थी, रस टपक रहा था। मैंने उंगली डाली, टाइट और गर्म चूत थी। भाभी चिल्लाईं, “आह… राहुल, उंगली मत कर… अपना लंड डाल दे। मेरी प्यासी चूत को चोद डाल।” मैंने उन्हें सोफे पर लिटाया, साड़ी और पैंटी उतार दी। भाभी की गुलाबी रसिली चूत देखकर मैं पागल हो गया। मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ा और धीरे से अंदर घुसाया।
भाभी की प्यासी चूत इतनी टाइट थी कि मेरा लंड मुश्किल से चूत के अंदर गया। वो दर्द और मजा दोनों से कराह रही थीं, “आह… राहुल… धीरे… फाड़ दोगे मेरी चूत… लेकिन मत रोक… चोद मुझे जोर से।” मैंने कमर हिलानी शुरू की। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज। भाभी के मुम्मे उछल रहे थे। मैं एक मुम्मा दबाता, दूसरा चूसता। भाभी ने पैर मेरी कमर पर लपेट लिए और बोलीं, “चोद राहुल… बना दे मुझे अपनी रंडी… तेरी प्यासी भाभी की चुदाई कर।” मैंने स्पीड बढ़ाई, जोर-जोर से धक्के मारने लगा। चूत से चप-चप की आवाज आ रही थी। भाभी की आँखें बंद थीं, मुंह से सिर्फ कराहटें – “आह… फक मी हार्डर… चोद… और जोर से… हाँ वही… आह्ह्ह!”
पोजीशन बदली। मैंने भाभी को डॉगी बनाया। उनकी गोल गांड ऊपर थी। मैंने नंगी भाभी की सेक्सी गांड पर थप्पड़ मारा और लंड पीछे से चूत में घुसेड़ा। भाभी चिल्लाईं, “आह… बहनचोद… कितना मजा आ रहा है… गांड भी मार ले आज।” मैंने गांड पर जीभ फेरी, फिर लंड चूत में ही रखा और तेज ठोकाई की। भाभी का बदन काँप रहा था। वो खुद पीछे धक्के मार रही थीं। मैंने बाल पकड़े और जोर-जोर से चोदा। भाभी का पहला ऑर्गेज्म आ गया, चूत ने लंड को जकड़ लिया, रस बह निकला। वो चीखीं, “आह… मैं झड़ रही हूँ… राहुल… मत रोक… चोदते रह।”
अब भाभी लंड की सवारी करने के लिए मेरे ऊपर आईं और मेरे लंड पर सवार होकर जल्दी जल्दी उप्पर निचे उछलने लगीं। उनके बड़े व भारी मुम्मे मेरे सामने लहरा रहे थे। मैं दोनों दबा रहा था। भाभी बोलीं, “देख राहुल, तेरी भाभी कितनी रंडी है… तेरे मोटे लंड पर नाच रही है।” वो तेज-तेज ऊपर-नीचे हो रही थीं। मैं नीचे से धक्के मार रहा था। फिर भाभी ने लंड मुंह में लिया, गले तक चूसने लगीं। लार टपक रही थी।
मैंने भी उनकी चूत चाटी, चूत के अंदर मौजूद भाभी के क्लिटोरिस को जीभ से काफी देर तक रगड़ा। भाभी मस्ती में आकर फिर से कराहने लगीं। आखिर में मैंने उन्हें फिर लिटाया और मिशनरी सेक्स पोजीशन में तेज चुदाई की और भाभी की गांड और चूत दोनों की आग बुझाई। भाभी बोलीं, “अंदर ही झड़ जाओ देवर जी और मुझे गर्भवती कर दो… अपनी भाभी की चूत को अपने वीर्य से भर दे।” मैंने आखिरी जोरदार धक्के मारे और चूत के अंदर ही झड़ गया। भाभी भी चुदते चुदते मेरे साथ में ही झड़ीं। हम दोनों पसीने से तर, एक-दूसरे से लिपटे नंगे पड़े थे।
उस दिन के बाद हमारी देसी चुदाई शुरू हो गई और हर बार मैं सेक्स करने के बाद एक नयी हिंदी सेक्स स्टोरी लिखने लगा। जब भी मौका मिलता, भाभी और मैं चुपके से चुदाई करते और अपनी अपनी कामवासना शांत करा करते। कभी किचन में, कभी रात में उनके कमरे में। भाभी की प्यासी चूत अब मेरे मोटे लंड से बुझती थी। ये हमारी भाभी देवर सेक्स स्टोरी थी, जो हिंदी में सेक्स कहानी पढ़ने वालों के लिए न्यू अन्तर्वासना स्टोरी 2025 की तरह थी। प्यासी भाभी की चुदाई का मजा ही अलग है।


