दोस्तों मेरे अपनी भाभी के साथ अवैध शारीरिक संबंध है. आज की इस अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी में आप पढ़ेंगे की कैसे मेरे भैया के चोदने के बाद मैंने गोल मटोल बूब्स दबाने के बाद दोनों टांगें फैलाकर चोदा था कामुक भाभी की प्यासी चूत को गाँव में. चलिए अब पूरी घटना विस्तार से बताता हूँ. मेरा नाम मनीष शर्मा है और मैं जयपुर राजस्थान का मूल निवासी हूँ. मेरे परिवार में हम सिर्फ दो ही सदस्य हैं एक मैं और मेरी विधवा माँ. जब मैं छोटा था तभी मेरे पापा जी का एक दुर्घटना में निधन हो गया था. हम माँ बेटे हर साल गर्मियों की छुट्टियों में मेरे मामा ममी के घर जाया करते थे और करीब दस से पंद्रह दिन वहीँ रहा करते थे. गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी तो हर बार की तरह मैं और मेरी विधवा माँ मेरे मामा जी के घर गाँव में गर्मी की छुट्टियाँ बिताने के लिए आये हुए थे.
मेरे मामा जी की फैमिली में कुल पांच सदस्य हैं एक मेरी विधवा मामी, उनके बेटा बहु और बेटा बहु के दो छोटे बच्चे. मेरे स्वर्गीय मामा जी के बेटे का नाम राजू है और वो गाँव में ही खेती बाड़ी का काम करता हैं. भैया की पत्नी का नाम महादेवी है और उनकी उम्र 32 साल है. मेरे भैया की पत्नी दिखने में बहुत सुन्दर और सेक्सी माल है उन्हें देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है और फिर मजबूरन मुझे बाथरूम में जाकर मुठ मारनी पड़ती है यदि आप लोग एक बार मेरे मामा ममी की बहु को देख लो तो उसके नाम की मुठ मारे बिना नहीं रह सकते ये बात मुझसे स्टाम्प पेपर पर लिखवा कर ले लो. शाम को जब सभी लोग एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे तभी भाभी झुक कर मुझे भी खाना परोसा.
दोनों टांगें फैलाकर चोदा कामुक भाभी की प्यासी चूत को गाँव में हिंदी सेक्स स्टोरी

जैसे ही कामुक भाभी मुझे खाना परोसने के लिए झुकी मुझे उनके मस्त मोटे मोटे स्तनों की एक झलक देखने को मिली गयी आह कितने मस्त बूब्स थे उस कामुकता से भरी शादी शुदा महिला के बिलकुल गोल मटोल और एकदम टाईट. जब सभी लोग खाना खाने के बाद सोने के लिए जाने लगे, तो भैया बोले- मनीष तू हमारे साथ छत पर सो जाना! मैं भाभी और भैया छत पर एक साथ तीनों बिस्तर लगा कर सोने लगे. गांव में बिजली ज्यादा नहीं आती है, तो भैया तो जल्दी सो गए मगर नयी जगह होने की वजह से मुझे नींद नहीं आ रही थी. मैं और भाभी दोनों आपस में इधर उधर की बातें करने लगे.
मैं मेरी सुन्दर और सेक्सी माल भाभी से बातें करते करते अभी भी उनकी गोल मटोल चूचियों को अब चोरी छुप्पे गन्दी नजरों से देख रहा था और ये बात भाभी भी नोटिस कर रही थीं मगर उन्होंने मेरी इस हरकत का जरा भी विरोध नहीं करा और यह मेरे लिए हरा सिग्नल था. कुछ देर तक हम दोनों बातें करते रहे. भाभी अचानक से बात दूसरी तरफ ले जाते हुए बोली की देवर जी, आपकी कोई गर्लफ्रेंड तो होगी ही! मैंने चौंकते हुए बोला की भाभी जी, आप ये क्या पूछ रही हैं. मेरी किस्मत में कहां कोई गर्लफ्रेंड है. इस पर भाभी हंसते हुए बोली की क्यों झूठ बोलते हो देवर जी आप दिखने में इतने स्मार्ट हो आपकी जरुर कोई ना कोई गर्लफ्रेंड है बस आप मुझे बताने से शर्मा रहे हो.
मैंने बोला की सच में भाभी जी आज तक कोई अच्छी संस्कारी लड़की मिली ही नहीं जिसे मैं अपनी गर्लफ्रेंड बना सकूँ. भाभी बोली क्यों देवर जी ऐसी कौन सी परी चाहिए आपको. मैंने बोला की मुझे अब तक आपके जैसी कोई परी मिली ही नहीं. खुद के लिए परी शब्द सुनकर भाभी एकदम से चुप हो गईं. फिर एक पल बाद बोली की चलो रात काफी हो गई है. अब सो जाते हैं. मैं और भाभी दोनों सोने लगे. रात मैं मुझे मच्छर काट रहे थे जिस वजह से नींद नहीं आ रही थी मगर फिर भी मैं आँखे बंद करके पड़ा हुआ था. फिर रात में 2 बजे के करीब अचानक से मेरी नींद खुल गई. मैंने एक आंख थोड़ी खोल कर देखा कि भैया सेक्सी भाभी के बड़े बड़े स्तनों को जोर जोर से मसल रहे थे.
मेरे भैया भाभी को काम क्रीड़ा करते देख अब मैं भी सेक्स करने के लिए गरम हो गया था मगर हस्तमैथुन करने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं था. मैं चुपचाप पड़ा रहा और उन दोनों की काम क्रीड़ा देखता रहा. मेरी सेक्सी माल भाभी दबी आवाज में अपने पति से कह रही थीं- आह रहने दो ना देवर जी सो रहे हैं वो जाग जाएंगे तो हमें सेक्स करते हुए देख लेंगे. फिर भाभी बोली की हम लोग आज सेक्स नहीं करेंगे आप मुझे कल चोद लेना. मगर हवस से भरे भैया नहीं माने और वो भाभी के मोटे मोटे स्तनों को जोर जोर से मसलने लगे और अब भाभी जी भी तेज तेज सांसें भरने लगीं.
कुछ ही पलों में भैया ने भाभी का ब्लाउज और ब्रा खोलकर उनके मोटे मोटे बूब्स को बिलकुल नंगा कर दिया और भाभी दोनों टांगें फैलाकर उनकी चुदाई करना शुरू कर दी. भाभी भी भी चुदते चुदते बहुत ही ज्यादा कामुक सिसकियाँ लेने लगीं जिन्हें सुनकर मैं बहुत ही ज्यादा गरम हो गया और मन ही मन सोचने लगा की काश विधवा मामी के बेटे की जगह मैं मेरी कामुकता से भरी भाभी की दोनों टांगें फैलाकर उनके साथ चोदा चादी कर रहा होता तो कितना मजा आता. मैं आँखे खोलकर उनकी चुदाई देख रहा था मगर भैया भाभी सेक्स करने में मगन थे इस वजह से उन्हें कुछ पता ही नहीं चला.
मेरे स्वर्गीय मामा जी के बेटे ने करीब 5 मिनट तक ही चोदा होगा और उसके लंड से वीर्य की पिचकारी भाभी की चूत के अंदर चल पड़ी. जैसे ही स्वर्गीय मामा जी के बेटे के लंड से वीर्य की पिचकारी चली वैसे ही वो निढाल होकर भाभी की बगल में गिर पड़ा और फिर थोड़ी देर बाद अपने कपडे सही करके सो गया. भाभी जी ने भैया को हिलाकर बोला की क्या हुआ और चुदाई करो ना मेरी बुर की मैं अभी भी प्यासी हूँ मेरी प्यास तो शांत कर दो ! मगर भैया थक कर सो चुके थे और भाभी चुदवाने के बावजूद प्यासी ही रह गयी थी. प्यासी भाभी ने अपनी प्यासी चूत के अंदर उंगली डाली और फिर हस्तमैथुन करके खुद को ठंडा करके सो गयी.
दोस्तों भैया भाभी की चुदाई देखने के बाद अब मेरा भी मन भाभी की बुर में अपना लंड डालकर वीर्य की पिचकारी चलाने के ख्वाब देखते देखते मैं भी कब सो गया कुछ पता ही नहीं चला. सुबह जब भैया खेत पर चले गए तब मैं मेरी सुन्दर और सेक्सी माल भाभी के करीब जाकर बोला की भाभी जी मुझे आपको कुछ बताना है. वो बोली की हां हां बताइए न देवर जी? मैंने उनसे बोला की भाभी जी, रात को मैंने आप को और भैया को कुछ काम करते हुए देखा था. भाभी मेरी बात सुनकर एकदम से सकते में आ गईं और शरमाते हुए बोली की देवर जी यदि आप जग रहे थे तो आपने मुझे क्यों नहीं रोका … मैं रुक जाती.
मैंने उनसे बोला की मैं भला आप दोनों को क्यों रोकता आपकी शादी हुई है और ये तो हर पति पत्नी करते हैं इसमें गलत ही क्या है भला? मेरी चुदने की प्यासी भाभी इस बात पर कुछ नहीं बोलीं और बस हंस दीं. मैंने भी हंस कर दिखा दिया. तो भाभी मेरे साथ खुल कर मज़ाक करने लगीं. अगले दिन रात को जब भैया सो रहे थे, तो मैंने हिम्मत करके भाभी का पेटीकोट ऊपर कर दिया. फिर धीरे धीरे उनके केले जैसी मस्त जांघें देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैंने धीरे धीरे अपना हाथ भाभी की चूत पर पहुंचा दिया. उस समय मुझे इतना ज्यादा डर लग रहा था कि क्या बताऊं मगर फिर भी डरते डरते मैंने हिम्मत करी और भाभी की चूत पर हाथ फेरते हुए मजा लेने लगा.
भाभी की बुर से खेलते खेलते अब मेरा लंड भी खड़ा हो चुकता था. मैं अब एक हाथ से अपना खड़ा लंड हिला हिलाकर मुठ मार रहा था और दुसरे हाथ से कामुक भाभी की प्यासी चूत को सहला रहा था. फिर मैंने अपना हाथ भाभी की चूचियों पर रख दिया और उन्हें भी मसलने लगा. तभी एकदम से भाभी की आंख खुल गई … और उनकी नजरें मेरी खुली आंखों से टकरा गईं. मेरी तो एकदम से हालत खराब हो गई. भाभी धीमी आवाज में बोली की देवर जी आप ये क्या कर रहे हो! मैंने बोला की भाभी, आपको देख कर मुझसे रहा नहीं गया. भाभी जी बोली की मगर आप मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हो? मैंने बोला की भाभी जी मैंने आपको कल भैया के साथ ये सब करने के बाद कुछ परेशान देखा था.
मेरा इतना कहना था कि मेरी कामुकता से भरी भाभी जोर जोर से रोने लगीं और कहने लगीं की देवर जी आपके भैया मुझे चोदकर संतुष्ट नहीं कर पते हैं उनका वीर्य जल्दी झड़ जाता है वो खुद तो सेक्स का आनंद ले लेते हैं मगर हर रात मैं प्यासी की प्यासी रह जाती हूँ. मैं भाभी के मोटे मोटे बूब्स को जोर जोर से मसलते हुए उनसे गंदी गंदी बातें करने लगा. भाभी जी ने मुझे बोला की देवर जी यदि आप मेरे साथ चोदा चादी करना चाहते हो तो कर लो मगर मुझे चोदकर अच्छी तरह से सन्तुष कर सको तभी मेरी प्यासी बुर में अपना लंड पेलना नहीं तो रहने दो मैं ऊँगली से ही अपनी कामवासना शांत कर लुंगी. मैंने भाभी से वादा करा की मैं आपको बहुत अच्छे से चोदुंगा और आपकी प्यास शांत कर दूंगा.
भाभी बोली की हम रात में अवैध सेक्स संबंध बनेंगे जब तुम्हारे भैया खेत में पानी डालने के लिए जायंगे. मैं भैया के खेत पर जाने का इंतजार करने लगा ताकि उनके जाते ही मैं मेरी कामुक भाभी की दोनों टांगें फैलाकर मैं उनके साथ चोदा चादी कर सकूँ. रात में करीब 2 बजे भैया जब खेत में पानी डालने के लिए चले गए. जैसे ही भैया घर से निकले वैसे ही मैं किसी जंगली जानवर की तरह एकदम से मेरी सुन्दर और सेक्सी माल भाभी के नशीले जिस्म के ऊपर टूट पड़ा अपनी हवस शांत करने के लिए. भाभी बोली की देवर जी जरा सब्र तो करो, मैं थोड़े कहीं भागी जा रही हूँ आराम से चोद लेना मेरी दोनों टांगें फैलाकर मगर अभी थोडा और सब्र करो.
मैं मजे ले ले कर भाभी के मोटे मोटे बूब्स को दबाते हुए उनकी चुम्मी लेने लगा. फिर मैंने उनके पेटीकोट को हौले से ऊपर किया तो कामुक भाभी की प्यासी चूत पर मेरी नजर पड़ी. भाभी की चूत एकदम सफाचट क्लीन थी और उनकी बुर पर एक भी बाल नहीं था. मैं भाभी को किस करने लगा और भाभी भी ‘आह … उह इस्स आह … देवर जी … अअह मज़ा आआ गया.’ कह कर सीत्कारने लगीं. कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उनके हाथ में दे दिया. मेरा मोटा लंड देख कर भाभी बोली की हाय इतना ज्यादा लंबा और मोटा लंड इसको यदि मैं मेरी बुर के अंदर लूंगी तो मेरी बुर फटकार भोसड़ा ही बन जाएगी.
मैंने बोला की कुछ नहीं होगा भाभी जी आप टेंशन मत लो … दो दो बच्चे आपकी चूत से निकल चुके हैं तब नहीं फटी तो इस लंड से कैसे फट जायगी आपकी चूत! भाभी जी हंस दीं और बोली की इस छेद से कहां निकलीं देवर जी, वो तो ऑपरेशन से हुए हैं. मैं उनको पागलों की तरह से किस करने लगा और भाभी जी भी मुझे चूमने लगीं. कुछ देर बाद मैंने भाभी जी को चुदाई के लिए चित लिटाया और उनकी दोनों टांगें फैलाकर कामुक भाभी की प्यासी चूत खोल दी. उनकी मस्त चूत देखते हुए मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उनकी प्यासी चूत के अंदर पेल दिया. भाभी लंड लेते ही एकदम से चिल्ला उठीं- आआह मर रर गईई … देवर जी आहह फाड़ दी तुमने मेरी चूत … आह!
चुदाई करने के दौरान मैं बिना कुछ बोले मेरी सुन्दर और सेक्सी माल भाभी की चूत के अंदर अपने लम्बे मोटे लंड से ताबड़तोड़ प्रहार करता चला गया और भाभी जी भी अपनी कमर उठा कर चुदाई का असली मज़ा लेने लगीं. मैं कामुक भाभी के बड़े बड़े स्तनों को दबाते हुए उनकी चूत के अंदर अपने लम्बे मोटे लंड को किसी खंजर की तरहे घोंपे जा रहा था. चूत लंड की फच फच की आवाज़ आ रही थी. भाभी जी भी मजे से गांड उठा उठा कर चूत चुदवा रही थीं. आधे घंटे की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद अब मेरा वीर्य निकलने वाला था. मैंने भाभी की प्यासी चूत के अंदर बहुत तेज़ धक्के मारने चालू कर दिए. भाभी जी भी चुदवाते चुदवाते पुरे जोश में आकर एकदम से मुझसे चिपक गईं और बोली की आह देवर जी मज़ा आ गया, दो बार रस निकाल दिया है आपने मेरी चुदाई करते करते मगर आपका लंड अभी भी खड़ा है.
फिर करीब दस मिनट बाद मैंने भाभी की आज्ञा लेकर अपना वीर्य उनकी प्यासी चूत के अंदर खली कर दिया. चुदवाने के बाद भाभी बोली की देवर जी आपसे चुदवाकर बड़ा आनंद आ रह है आज के बाद जब भी आपका मन करे आप मेरी चुदाई कर सकते हो. तो दोस्तो, मैं दस दिन मामा के घर रहा. उन दस दिनों में मैंने अपनी ममेरी भाभी की हर रोज खूब जमकर चुदाई करी थी. उसके बाद मैं वापिस अपने गांव आ गया. दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “बूब्स दबाने के बाद दोनों टांगें फैलाकर चोदा कामुक भाभी की प्यासी चूत को गाँव में” बहुत पसंद आयी होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करेंगे…


