HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesबेटे ने माँ को डॉक्टर से चुदते देखा फिर खुद चूत गांड फाड़ी

बेटे ने माँ को डॉक्टर से चुदते देखा फिर खुद चूत गांड फाड़ी

बेटे ने माँ को डॉक्टर से चुदते देखा फिर खुद चूत गांड फाड़ी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- मैं आरव, 21 साल का जवान लड़का, लखनऊ में रहता हूँ। मेरी माँ नेहा, 38 साल की, बेहद रसीली औरत हैं जिनका फिगर 36-34-42 है, बड़ी-बड़ी चुचियाँ, चौड़ी कमर और मोटी गैंड। पिता जी हमेशा विदेश टूर पर रहते हैं। एक दिन पड़ोस की श्वेता आंटी ने बताया कि माँ को कमर दर्द है और डॉक्टर के पास गई हैं।

मैं डॉक्टर साहिल के बंगले पर पहुँचा और कीहोल से देखा कि माँ डॉक्टर से नंगी होकर चुद रही हैं। डॉक्टर ने माँ की चूत में मोटा लंड डालकर फच-फच पेला, माँ ने लंड चूसा और गैंड हिलाकर साथ दिया। बाद में श्वेता आंटी पैसे लेने आई। मैंने सब देखा, घर आकर माँ से सामना किया। माँ ने कबूल किया और हमने चुदाई शुरू की। बेटे ने माँ की चुदाई की, चूत चोदी, लंड चुसवाया, गैंड मारी। रात भर पेलाई, गंदी बातें, रस पीना। यह कहानी छिपी वासना और मदरचोद बेटे की है।


Free Read Bete Ne Maa Ko Doctor Se Chudte Dekh Khud Choot Gaand Faadi Son Mother Antarvasna Hindi Sex Story :- मेरा नाम आरव है, उम्र 21 साल, लखनऊ के गोमती नगर में बड़ा फ्लैट है हमारा। माँ नेहा 38 साल की हैं, गजब की सेक्सी, गोरी त्वचा, लम्बे घने बाल, भरी हुई चुचियाँ जो ब्लाउज फाड़ती हैं, और मोटी गोल गैंड जो साड़ी में हिलती है। पिता जी बिजनेस के लिए ज्यादातर बाहर। माँ की सहेली श्वेता आंटी पड़ोस में, और डॉक्टर साहिल का प्राइवेट क्लिनिक पास ही, बंगला शानदार। माँ अक्सर श्वेता के साथ डॉक्टर के यहाँ जाती रहती हैं।

उस शाम घर लौटा तो मेरी माँ घर में मौजूद नहीं थीं। श्वेता आंटी आईं और बोलीं कि माँ को कमर में तेज दर्द हो रहा था तो वो डॉक्टर साहिल के पास गई हैं इलाज करवाने के लिए। मैं चिंता के मारे डॉक्टर साहिल के बंगले पर पहुँचा। नौकरानी ने अंदर बिठाया, कहा डॉक्टर अभी किसी मरीज के साथ बिजी हैं। मुझे दाल में कुछ काला लगा तो मैं चुपके से पीछे गया और कीहोल से अंदर देखा।

अंदर मेरी माँ और डॉक्टर साहिल बिलकुल नंगे थे। डॉक्टर साहिल मेरी नंगी माँ की बड़ी भारी चुचियाँ मसल रहा था, निप्पल्स चूस रहा था। माँ कराह रही थीं, “आह… डॉक्टर साहब… जोर से दबाओ…” डॉक्टर ने माँ का मुँह खोला और लंड मुंह में ठूँसा। माँ ने डॉक्टर साहिल का लंड अपने गले तक निगल लिया, लार टपकाते हुए चूसा। मेरा लंड खड़ा हो गया उन दोनों का ब्लोजॉब देखकर।

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बेटे ने माँ को डॉक्टर से चुदते देखा फिर खुद चूत गांड फाड़ी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी
Free Read Bete Ne Maa Ko Doctor Se Chudte Dekh Khud Choot Gaand Faadi Son Mother Antarvasna Hindi Sex Story

माँ ने डॉक्टर को बेड पर धकेला और ऊपर चढ़ गईं। उनकी चूत लंड पर रगड़ रही थीं। डॉक्टर ने कमर पकड़ी और एक झटके में लंड चूत में घुसेड़ दिया। फच-फच की आवाज आने लगी। माँ उछल-उछल कर चुदवा रही थीं, चुचियाँ लहरा रही थीं। “चोदो मुझे… अपनी रंडी बना लो…” माँ चीख रही थीं। डॉक्टर नीचे से धक्के मार रहा था, “ले रंडी… तेरी चूत फाड़ दूँगा…” नंगी माँ की चूत से रस बह रहा था, गीली आवाजें कमरे में गूँज रही थीं। मैं कीहोल से सब देख रहा था, हाथ से लंड सहला रहा था। चुदते चुदते मेरी नंगी माँ दो बार झड़ीं, चूत सिकुड़ रही थी।

फिर डॉक्टर ने माँ को डॉगी बनाया। माँ की मोटी गैंड फैलाई और लंड चूत में पीछे से घुसेड़ा। जोर-जोर से पेलने लगा, गैंड के गाल लाल हो गए थप्पड़ों से। माँ तकिए में मुँह दबाकर चिल्ला रही थीं, “फाड़ दो… चूत फाड़ दो…” डॉक्टर ने उंगली गैंड में डाली, माँ सिहर उठीं। फिर लंड निकालकर गैंड पर रखा और दबाया। माँ ने कहा, “हाँ… गैंड भी मारो…” डॉक्टर ने पूरा लंड गैंड में ठूँस दिया। माँ की चीख निकली, लेकिन जल्दी मजा लेने लगीं। गांड मारते हुए डॉक्टर झड़ गया, वीर्य गांड में छोड़ दिया। माँ भी काँपकर झड़ीं।

डॉक्टर ने माँ को चोदा – कीहोल से देखी गंदी चुदाई

श्वेता आंटी अंदर गईं, डॉक्टर ने उन्हें पैसे दिए। मैं चुपके घर लौट आया। माँ देर से आईं, चेहरा सुर्ख, बाल बिखरे, चाल लड़खड़ाती। मैंने रात को बेड पर पूछ लिया। माँ पहले घबराईं, रोईं, फिर सब कबूल किया। “बेटा… तेरे पापा नहीं देते… मैं भूखी मर रही थी…” मैंने उन्हें गले लगाया, चुचियाँ मेरी छाती से दब गईं। मेरा लंड खड़ा हो गया। माँ ने महसूस किया और हाथ नीचे ले गईं। “आरव… यह क्या…” लेकिन उनका हाथ लंड सहलाने लगा। मैंने माँ के होंठ चूस लिए, जीभ अंदर डाली। माँ ने भरपूर साथ दिया, उनकी जीभ मेरी जीभ चूस रही थी।

मैंने माँ की साड़ी खींच दी, ब्लाउज फाड़कर उतारा। ब्रा में चुचियाँ उफन रही थीं। मैंने ब्रा उतारी और निप्पल्स मुंह में लेकर जोर से चूसे। माँ की आह निकली, “आह… बेटा… मदरचोद… चूस मेरी चुचियाँ…” मैंने एक को काटा, दूसरी को मरोड़ा। माँ ने मेरी पैंट उतारी और मेरा मर्दाना लंड बाहर निकाला। 9 इंच का मोटा लंड देखकर बोलीं, “तेरा तो डॉक्टर से बड़ा है…” और झुककर चूसने लगीं। गर्म मुंह, जीभ सुपारे पर घूम रही थी, गले तक ले रही थीं। लार टपक रही थी, गंदी आवाजें आ रही थीं। मैंने बाल पकड़े और मुंह चोदा।

माँ को बेड पर लिटाया, टांगें चौड़ी कीं। उनकी चूत घने झांट के बालों वाली, गीली, रस बह रहा था। मैंने जीभ से मेरी माँ की चूत को चाटा, माँ की चूत के क्लिटोरिस चूसी। माँ की कमर उछल गई, “चाट बेटा… माँ की चूत चाट…” मैंने जीभ अंदर डाली, रस पीया। स्वाद नमकीन-मीठा। माँ ने मेरे सिर को चूत पर दबाया, रगड़ने लगीं। वे झड़ने वाली थीं, चूत से पानी की धार निकली मेरे मुंह में। मैंने सब पी लिया। फिर लंड चूत पर रगड़ा। माँ बेचैन, “डाल दे… अपनी माँ की चुदाई कर… चूत में लंड घुसेड़…” मैंने एक झटका दिया, पूरा लंड चूत में समा गया।

मेरी सगी माँ की चूत गर्म और टाइट, मेरे मर्दाना लंड को कस रही थी। मैं धीरे पेला, फिर स्पीड बढ़ाई। फच-फच, थप-थप की आवाजें। माँ नीचे से गैंड उछाल रही थीं, “चोद मदरचोद… जोर से पेल अपनी रंडी माँ को…” मैंने चुचियाँ मसलते हुए तेज धक्के मारे। माँ की चूत से रस बहकर बेड गीला हो गया। मैंने पोजीशन बदली, माँ को ऊपर किया। वे लंड पर सवार होकर उछलने लगीं, चुचियाँ मेरे मुंह पर लहरा रही थीं। मैंने निप्पल्स काटे, माँ चीखीं मजा से। “तेरा लंड कमाल का… चूत फाड़ देगा…” वे बोलीं। मैं नीचे से धक्के मार रहा था।

सगे माँ बेटे की चुदाई – पहली पेलाई की आग

माँ फिर झड़ीं, चूत सिकुड़कर लंड निचोड़ रही थी। मैंने उन्हें डॉगी बनाया। मोटी गैंड मेरे सामने, गाल फैलाए। चूत में लंड घुसेड़ा और जंगली पेलाई शुरू। मेरे अंडे चूत से टकरा रहे थे। माँ कराह रही थीं, “फाड़ दे… रंडी बना ले मुझे…” मैंने गैंड पर थप्पड़ मारे, लाल हो गई। उंगली गैंड में डाली, खोलने लगा। माँ बोलीं, “हाँ… गैंड भी मार… दोनों छेद तेरे…” मैंने लंड निकालकर गैंड पर रखा, थूक लगाया और धीरे घुसाया। माँ दर्द से चीखीं, लेकिन बोलीं रुक मत। पूरा लंड गैंड में ठूँस दिया।

गैंड टाइट, लंड को जकड़ रही थी। मैं धीरे पेला, फिर तेज। माँ अब मजा ले रही थीं, गैंड पीछे धकेल रही थीं। “चोद बेटा… माँ की गैंड मार… फाड़ दे…” गंदी आवाजें फच-फच से भर गईं। मैंने अपने एक हाथ से मेरी नंगी माँ की चूत सहलाई, क्लिटोरिस मरोड़ी। माँ पागल हो गईं, दोनों तरफ से मजा। काफी देर की जंगली चुदाई के बाद वे जोर से झड़ीं, गैंड सिकुड़ गई। मैंने गैंड में ही वीर्य छोड़ दिया, गर्म रस अंदर भर दिया। हम पसीने से तर, चिपककर लेट गए। माँ ने किस किया, “तूने मुझे पूरा कर दिया मदरचोद बेटा…”

रात भर हमने पाँच बार चुदाई की। हर बार नई पोजीशन। सुबह माँ ने लंड चूसकर जगाया, गले तक निगलकर रस पी लिया। बाथरूम में शावर के नीचे खड़े-खड़े चोदा। माँ दीवार से सटीं, मैं पीछे से चूत और गैंड बारी-बारी मार रहा था। पानी और रस मिलकर बह रहे थे। माँ की चीखें गूँज रही थीं। हमने किचन में भी किया, माँ स्टोव पर झुकीं, मैं पीछे से पेल रहा था। चुचियाँ हिल रही थीं, मैं दबा रहा था। माँ बोलीं, “तेरा लंड ही काफी… अब कोई डॉक्टर नहीं…”

अगले दिन से चुदाई रोज की। कॉलेज से लौटते ही माँ नंगी इंतजार करतीं। सबसे पहले लंड चूसतीं, गंदा ब्लोजॉब, लार से तर। फिर मैं चूत चाटता, रस पीता। उसके बाद घंटों पेलाई। कभी 69 में, माँ की चूत मुंह पर रगड़तीं, मैं गैंड चाटता। कभी गोद में उठाकर चोदता, टांगें कमर पर लिपटीं। माँ की गैंड अब ढीली हो गई मेरे रोज मारने से, लेकिन मजा बढ़ गया। हम गंदी बातें करते, “माँ रंडी… चूत फाड़ूँगा…” “हाँ बेटा… मदरचोद… वीर्य भर दे…”

माँ के द्वारा अपने सगे बेटे का लंड मुंह में लेकर चूसना – गंदा मुंह चोदना रोज

एक रात माँ ने रोल प्ले किया, खुद को डॉक्टर की रंडी बताया। मैंने उन्हें बंगले जैसा सीन बनाकर चोदा। फिर माँ ने कबूल किया कि डॉक्टर पैसे देकर चोदता था। मैं जल गया और और जोर से पेला। माँ चिल्लाईं, “तेरा मुफ्त में बेहतर… अब सिर्फ तेरा लंड…” हमने बालकनी में रिस्क लेकर चुदाई की, रात के अंधेरे में। माँ की सिसकारियाँ दबाकर। पिता जी जब घर आए, हम चुपके से बाथरूम में चुदाई करके अपनी अन्तर्वासना शांत किया करते। रिस्क से मजा दोगुना। माँ अब पूरी मेरी रंडी बन गईं।

समय बीता, मेरी कामुकता से भरी माँ का बदन और रसीला हो गया। चुचियाँ भरी, गैंड मोटी। वे नई-नई लिंगरी पहनतीं, मुझे बहकातीं। हमने हर कोने में चुदाई की – कार में, पार्क में छिपकर। माँ कहतीं, “तेरे लंड की आदी हूँ बेटा…” मैं उनकी चूत और गैंड रोज भरता। वीडियो बनाए, देखकर फिर चोदते। डॉक्टर वाली याद अब मजा बन गई। माँ ने श्वेता से दूरी बना ली। हमारा रिश्ता गुप्त लेकिन जंगली।

एक हफ्ते पिता जी बाहर गए तो हम नंगे घूमे। दिन-रात चुदाई। माँ ने कहा, “आरव… तूने मेरी चूत की प्यास बुझाई…” मैंने फिर गैंड मारी, वीर्य अंदर छोड़ा। माँ काँपकर लिपट गईं। हम दोनों संतुष्ट, प्यार और वासना में डूबे। मेरी कामुकता भरी माँ की गांड और चूत की भूख अब सिर्फ मेरे लंड से चुदकर ही मिटती। हमने नई पोजीशन सीखीं, मैं मेरी माँ को कई कई घंटों चोदा करता। माँ की चूत हमेशा गीली रहा करती थी मेरे नाम से। हम माँ बेटे का अवैध सेक्स रिश्ता सबसे मजबूत बन चूका था …


बेटे ने माँ को डॉक्टर से चुदते देखा फिर खुद चूत गांड फाड़ी अन्तर्वासना हिंदी 18+ XXX सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Free Read Bete Ne Maa Ko Doctor Se Chudte Dekh Khud Choot Gaand Faadi Son Mother Antarvasna Hindi Sex Story :- आरव और नेहा का रिश्ता सदमे और वासना से शुरू हुआ, लेकिन जल्दी ही गहरे प्यार, समर्पण और संतुष्टि में बदल गया। बेटे आरव ने अपनी छिनाल माँ की छिपी भूख समझी और उन्हें वह जंगली सुख दिया जो डॉक्टर जैसे बाहर वाले कभी नहीं दे सके। नेहा ने अपराधबोध छोड़कर खुद को पूरी तरह अपने जवान बेटे के हवाले कर दिया, एक रंडी औरत के रूप में जी उठीं। दोनों ने वर्जित सीमाएँ तोड़ीं, लेकिन सहमति, गंदी वासना और भावनात्मक लगाव के साथ।

यह गुप्त रिश्ता बाहर खतरनाक था, पर अंदर से दोनों को पूरा कर रहा था। कहानी दिखाती है कि कभी वासना प्यार बन जाती है, और सच्ची भूख सिर्फ सही लंड से मिटती है। पाठकों, यह गंदी स्टोरी कैसी लगी? सबसे हॉट सीन कौन सा – कीहोल वाला, पहली पेलाई, या रोज की गैंड मारना? कमेंट करें, और अगर और माँ-बेटे की XXX कहानियाँ चाहिए तो बताएँ। फीडबैक का इंतजार है।

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