झांटों वाली चूत चाटी काम वाली बाई की फिर रंडी बनाकर चोदा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश (Licked the hairy pussy of the maid and fucked her like a whore Mature maid and young boss Sex Story) :- राहुल एक 21 साल का कॉलेज छात्र है जो मुंबई में अकेला रहता है। उसकी जिंदगी में आती है शोभा, 45 साल की परिपक्व काम वाली बाई, जिसकी कामुक काया और रसदार बदन उसे वासना की आग में जलाने लगता है। सफाई के दौरान शुरू हुआ आकर्षण धीरे-धीरे तीव्र हो जाता है, जब शोभा की मोटी चूतड़ और भारी चूचे राहुल के लंड को बार-बार खड़ा कर देते हैं। एक दिन मौका मिलते ही दोनों वासना की गहराई में डूब जाते हैं, जहां शोभा की भोसड़ी में लंड पेलने की चाहत पूरी होती है। यह कहानी है कच्ची, उत्तेजक चुदाई की, भरी हुई सिसकारियों, चूत चाटने और माल छोड़ने के तीव्र पलों से।
Licked the hairy pussy of the maid and fucked her like a whore Mature maid and young boss Sex Story :- मैं राहुल हूं, इक्कीस साल का जवान लड़का, मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में अकेला रहता हूं। कॉलेज की पढ़ाई के लिए शहर आया था, माता-पिता गांव में ही हैं। घर का सारा काम खुद संभालना मुश्किल हो रहा था, इसलिए मैंने एक काम वाली बाई रख ली।
परिपक्व काम वाली बाई का नाम शोभा था, उम्र लगभग पैंतालीस साल, विधवा औरत, लेकिन उसका बदन देखकर लगता था जैसे कोई कामुक रंडी हो। उसके मोटे-मोटे बोबे, चौड़ी गांड और रसदार चूतड़ देखकर मेरा लंड हर बार तन जाता था। वह रोज सुबह आती, झाड़ू-पोछा करती, बर्तन धोती और मैं चुपके से उसकी चूचियों को घूरता रहता। मादरचोद, क्या माल थी साली, उसकी साड़ी में लिपटी हुई गांड देखकर मन करता था वहीं दबोच लूं और भोसड़ी में लौड़ा पेल दूं।
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काम वाली बाई शोभा का चेहरा साधारण था, लेकिन बदन इतना उत्तेजक कि कोई भी हरामी दीवाना हो जाए। उसके चूचे इतने बड़े कि ब्लाउज से बाहर झांकते रहते, और जब वह झुककर पोछा लगाती तो उसकी गहरी cleavage दिखती, निप्पल साफ़ तन जाते। मैं अक्सर सोचता, भोसड़ी के, इस साली कुतिया की चूत (Pussy) कितनी रसदार होगी, कितनी टाइट या ढीली भोसड़ा। वह काम करते हुए कभी-कभी मुस्कुराती, जैसे जानती हो कि मैं उसकी ओर देख रहा हूं। धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं, वह मेरे बारे में पूछती, मैं उसके बारे में। वह बताती कि पति मर गया, अकेली है, कोई सहारा नहीं। मेरा लंड सुनकर और खड़ा हो जाता, सोचता कि साली रंडी बनने को तैयार है।
एक दिन बारिश हो रही थी, काम वाली बाई शोभा भीगकर आई। उसकी साड़ी बदन से चिपक गई, चूचियां साफ़ दिख रही थीं, निप्पल खड़े होकर ब्लाउज फाड़ने को तैयार। मैंने तौलिया दिया, वह बाथरूम में कपड़े बदलने गई। मैं बाहर खड़ा दरवाजे से झांकने लगा। मादरचोद, क्या सीन था, उसने साड़ी उतारी, पेटीकोट, फिर ब्लाउज। उसके भारी बोबे बाहर आए, बड़े-बड़े निप्पल गुलाबी। फिर पेटीकोट नीचे, उसकी झांटों वाली चूत दिखी, काले बाल, रसदार भोसड़ा। मेरा लंड पैंट में फंसा तड़प रहा था। मैंने मुठ्ठी मारने की सोची, लेकिन रुक गया। वह बाहर आई, मुस्कुराई, जैसे कुछ पता हो।
उस दिन सफाई करते हुए वह ज्यादा झुक रही थी, जानबूझकर अपनी गांड मेरी ओर कर रही थी। मैं बैठा टीवी देख रहा था, लेकिन नजर उस पर। अचानक वह बोली, “साहब, आपका कमरा बहुत गंदा है, सब कुछ बिखरा पड़ा है।” मैंने कहा, “हां शोभा, तुम ही संभाल लो।” वह हंसकर मेरे पास आई, सामान उठाने लगी। उसकी चूचियां मेरे कंधे से टकराईं, मादरचोद, क्या नरम थे। मेरा लंड खड़ा हो गया, पैंट में तंबू बन गया। वह नजर आई, मुस्कुराई और बोली, “साहब, कुछ तो खड़ा हो गया लगता है।” मैं शर्मा गया, लेकिन वासना हावी हो गई।
सफाई के बहाने छूने का खेल शुरू हुआ
फिर क्या था, मैंने हिम्मत की और कहा, “शोभा आंटी, तुम बहुत सुंदर हो, तुम्हारा बदन देखकर मन नहीं मानता।” वह रुक गई, आंखें नीची करके शरमाते हुए बोली, “साहब, आप मजाक करते हो, मैं बूढ़ी हो गई हूं।” मैंने कहा, “नहीं साली, तुम्हारी चूत और चूचे देखकर तो जवान लंड भी फट जाता है।” वह परिपक्व काम वाली बाई चौंकी, लेकिन हंस पड़ी। “अच्छा, तो आपको मेरी भोसड़ी पसंद है?” उसने सीधे कहा। मादरचोद, मैं हैरान, लेकिन खुश। मैंने उसका हाथ पकड़ा, खींचकर सोफे पर बिठाया। उसके बोबों पर हाथ फेरा, दबाया। वह सिसकारी, “आह साहब, दबाओ जोर से, मेरे चुचे दूध से भरे हैं।”
मैंने काम वाली बाई के ब्लाउज के बटन खोले फिर उसकी ब्रा उतारी। उसके बड़े-बड़े बोबे बाहर, निप्पल चूसने लगा। वह चिल्लाई, “चूसो साहब, मेरे निप्पल काटो, आह बड़ा मजा आ रहा है।” मैंने एक चूची मुंह में ली, दूसरी हाथ से मसलता रहा। वह मेरे लंड पर हाथ फेर रही थी, पैंट के ऊपर से। “साहब, आपका लौड़ा कितना मोटा है, निकालो जल्दी, मैं लंड चूसूंगी।” मैंने पैंट उतारी, मेरा तना हुआ लंड बाहर, गोटे लटक रहे। वह घुटनों पर बैठी, लंड मुंह में लिया, चूसने लगी। भोसड़ीके, क्या मुखमैथुन था, जीभ से चाटती, गोटे चूसती, गला तक लेती।
मैं उस परिपक्व काम वाली बाई की गांड दबा रहा था, उंगली गांड के छेद पर। वह बोली, “साहब, मेरी गांड मारोगे? मेरी भोसड़ी पहले चोदो, बहुत दिन से लंड नहीं लिया।” मैंने उसे लिटाया, साड़ी ऊपर की, पैंटी उतारी। उसकी झांटों वाली चूत, रस से भरी, भोसड़ा गीला। मैंने चूत चाटी, जीभ चूत के अंदर डाली (Pussy Eating) । वह चीखी, “चाटो मादरचोद, मेरी चूत का रस पीयो, आह हरामी क्या कर रहे हो।” मैंने लंड चूत पर रगड़ा, फिर धीरे से अंदर पेला। टाइट थी साली की भोसड़ी, लेकिन रसदार। मैं जोर-जोर से चोदने लगा, चुदाई की आवाज़ गूंजने लगी।
वह सिसकार रही थी, “चोदो साहब, जोर से पेलो, मेरी भोसड़ी फाड़ दो, आह मालिक बड़ा आनंद दे रहा है आपका लौड़ा।” मैंने चोदने की स्पीड बढ़ाई, उसके बोबे हिल रहे थे, मैं दबाता रहा। वह बोली, “माल छोड़ो अंदर, मेरी चूत भर दो गरम वीर्य से।” मैं झड़ गया, चिपचिपा माल उसकी चूत में। वह भी झड़ी, चूत का रस बहने लगा। हम दोनों पसीने से तर, लिपटकर लेटे रहे। यह तो बस शुरुआत थी, उसके बाद तो रोज चुदाई होने लगी।
रात भर चुदाई की वासना जागी फिर कुतिया बनाकर गांड मारी
उस रात मैंने काम वाली बाई को रोक लिया, कहा आज मत जाओ। वह मुस्कुराई, “साहब, आप मुझे रंडी बना लोगे?” मैंने कहा, “हां साली, आज तेरी गांड मारूंगा (Anal Sex) ।” वह तैयार हो गई। हम बाथरूम में गए, नहाने लगे। मैंने उसके बदन पर साबुन लगाया, चूचियां मलीं, चूत में उंगली डाली। वह मेरा लंड सहला रही थी, फिर घुटनों पर बैठकर ब्लोजॉब दिया। पानी के नीचे लंड चूसती रही, मैंने उसके मुंह में झड़ दिया। वह पी गई, बोली “साहब, आपका माल स्वादिष्ट है।”
फिर बेड पर आए, मैंने उसे रंडी को कुतिया की तरह घुटनों पर किया, गांड ऊपर। उसकी मोटी चूतड़, गांड का छेद। मैंने चूत चाटी फिर गांड में जीभ डाली। वह चीखी, “आह हरामी, गांड चाट रहे हो, अब लंड पेलो।” मैंने लंड पर थूक लगाया, गांड में धीरे पेला। आंटी की गांड इस उम्र में भी काफी ज्यादा टाइट थी, लेकिन उसके बावजूद लंड अंदर गया। मैं आंटी की गांड चोदने लगा, गांड की चुदाई जोरदार। वह बोली, “मारो साहब, मेरी गांड फाड़ो, आह मादरचोद मजा आ रहा है।” मैंने स्पीड बढ़ाई, उसके बोबे पकड़कर खींचता रहा। अंत में गांड में माल छोड़ा।
हम थककर लेट गए, लेकिन वासना खत्म नहीं हुई। आधी रात को काम वाली बाई फिर रंडी के जैसे मेरा लंड चूसने लगी, मैंने उसके मुंह की चुदाई की। फिर चूत में पेला, मिशनरी पोजीशन में। उसके पैर कंधों पर, गहराई तक चोदा। वह चीखती रही, “चोदो रंडीबाज, मेरी रसदार चूत फोड़ दो।” सुबह तक तीन बार चुदाई की, हर बार नयी सेक्स पोजीशन और नया मजा। शोभा आंटी अब मेरी लंड की दीवानी बन गई थी और मेरी रंडी भी।
रोजाना की चुदाई में नई मस्ती
अब रोज सुबह वह आती, सफाई के बहाने चुदाई शुरू। कभी किचन में, मैं पीछे से गांड मारता, वह बर्तन धोते हुए सिसकारती। कभी सोफे पर, वह ऊपर बैठकर लंड लेती, उसके चूचे उछलते। मैं उसके निप्पल चूसता, चूत का रस चाटता। वह बोली एक दिन, “साहब, मुझे वेश्या जैसा चोदो, कॉलगर्ल की तरह लंड लो।” मैंने उसे रंडी बनाकर चोदा, गंदी-गंदी गालियां दी, “ले साली छिनाल, तेरी भोसड़ी में मेरा मोटा लौड़ा।” वह और उत्तेजित हो जाती।
एक दिन मैंने काम वाली बाई के साथ ग्रुप सेक्स की कल्पना की, लेकिन अकेले ही सामूहिक जैसा मजा लिया। पहले मुंह चुदाई, फिर चूत, फिर गांड। वह थक जाती, लेकिन कहती “और चोदो हरामी, मेरी चूत सूज गई लेकिन मजा आ रहा है।” उसके बालों वाली चूत (Hairy Pussy) में लंड रगड़ना, ढीली भोसड़ी को टाइट करने की कोशिश, सब मजेदार। उसका चिपचिपा रस, मेरा गरम वीर्य, सब मिलकर बेड गीला कर देते।
झांटों वाली चूत चाटी काम वाली बाई की फिर रंडी बनाकर चोदा अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष
Licked the hairy pussy of the maid and fucked her like a whore Mature maid and young boss Sex Story :- परिपक्व काम वाली बाई शोभा के साथ यह चुदाई का सिलसिला कई महीनों तक चला, जिसने मेरी जिंदगी को वासना से भर दिया। मैंने जाना कि परिपक्व औरत की चूत में कितना मजा होता है, कितनी कामुकता छिपी होती है।
परिपक्व काम वाली बाई शोभा भी खुश थी, उस बेचारी का अकेलापन दूर हो गया, हर दिन नई उत्तेजना। अंत में हम अलग हो गए जब मैं गांव लौटा, लेकिन वो कामुकता से भरी यादें आज भी मेरा लंड खड़ा कर देती हैं। पाठकों, ऐसी कहानी आपको कैसी लगी? अपनी राय बताएं, शायद आपकी भी कोई ऐसी कामुक याद हो। वासना की यह यात्रा सिखाती है कि जीवन में सुख के पल ढूंढने चाहिएं, बिना किसी पछतावे के।


