करवा चौथ की रात थ्रीसम चुदाई का लुत्फ़ उठाते देखा सुहागन बहन को अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह अन्तर्वासना हिंदी थ्रीसम सेक्स स्टोरी एक युवा लड़के राहुल की है जो अपनी बड़ी बहन गीतांजली और उसकी सहेली माधवी के साथ करवा चौथ के व्रत का अनुभव करता है। राहुल की बड़ी बहन गीतांजली की शादी को एक साल हो चुका है और उसकी बहन का पति विदेश में है। पड़ोस में रहने वाला अनुभवी मर्द विकास इस मौके का फायदा उठाता है और करवा चौथ की रात राहुल की बड़ी बहन गीतांजली और उसकी सहेली माधवी के साथ थ्रीसम चुदाई करके करवा चौथ को यादगार बना देता है। छोटा भाई राहुल गुप्त रूप से इस पूरे नाटक का गवाह बनता है जब विकास दोनों औरतों को अपने कामुक जाल में फंसा लेता है और उनके साथ थ्रीसम चुदाई करता है ।
सेक्स कहानी का प्रारंभ :- मेरा नाम राहुल है और मैं 21 साल का युवक हूँ। मेरी बड़ी बहन मेरी बड़ी बहन गीतांजली की शादी को एक साल हो चुका था और यह उसका पहला करवा चौथ था। उसका पति रोहित अमेरिका में नौकरी करता था, इसलिए वह इस बार अकेले ही व्रत रख रही थी। मैंने उस दिन सुबह ही उसके घर पहुँचने का फैसला किया क्योंकि मुझे पता था कि आज का दिन सामान्य नहीं होगा। पिछले कुछ महीनों से मैंने गीतांजली और हमारे पड़ोसी विकास के बीच चल रहे गुप्त संबंधों पर नजर रखी थी।
जब मैं सुबह दस बजे गीतांजली के घर पहुँचा तो वह पूजा की तैयारियों में व्यस्त थी। उसने गहरे लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उसके गोरे बदन पर बिजली की तरह चमक रही थी। उसके माथे पर बड़ी सी बिंदी, नाक में नथ और गले में मंगलसूत्र उसकी सुंदरता में चार चाँद लगा रहे थे। उसकी भरपूर छाती साड़ी के पल्लू से झाँक रही थी और मैं देख सकता था कि उसके बूब्स पिछले साल के मुकाबले कितने बड़े हो गए थे। विकास ने उसे चोद-चोदकर एकदम जवान और सेक्सी बना दिया था।
मुफ्त में पढ़ें करवा चौथ की रात थ्रीसम चुदाई का लुत्फ़ उठाते देखा बहन को अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

दोपहर तक मेरी बड़ी बहन गीतांजली की सहेली माधवी भी आ गई जो उसके साथ व्रत रखने आई थी। माधवी ने नीले रंग की साड़ी पहनी थी और उसका फिगर भी कम नहीं था। वह 25 साल की थी और उसकी शादी को दो साल हो चुके थे। मैंने देखा कि कैसे वह और गीतांजली एक-दूसरे को मेहंदी लगा रही थीं और हँस-हँसकर बातें कर रही थीं। मैंने फोन उठाया और विकास को मैसेज किया, “आज का दिन बहुत खास होने वाला है, तुम जल्दी आ जाना।” विकास ने जवाब दिया, “चिंता मत करो बेटे, आज मैं इन दोनों रंडियों को यादगार रात देकर जाऊँगा।”
शाम होते-होते घर का माहौल और भी रोमांचक हो गया। गीतांजली और माधवी ने करवा चौथ पूजन की सारी तैयारियाँ पूरी कर ली थीं। करवा चौथ का व्रत खोलने के लिए चाँद निकलने का इंतजार था और दोनों भूख-प्यास से बेहाल हो रही थीं। मैं कोने में बैठा यह सब देख रहा था और मन ही मन सोच रहा था कि आज रात क्या होने वाला है। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था और मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था। मैंने विकास को फिर से मैसेज किया, “भाई, तुम्हारा प्लान क्या है? मैं बहुत उत्सुक हूँ।” उसने जवाब दिया, “बस थोड़ी देर और इंतजार करो, आज तुम्हें वो नजारा देखने को मिलेगा जो तुम कभी भूल नहीं पाओगे।”
करवा चौथ की रात चाँद की पूजा और उसके बाद थ्रीसम चुदाई का गंदा खेल
रात के करीब नौ बजे चाँद निकला और दोनों शादी शुदा सुहागन औरतों ने जल्दी से छत पर जाकर चाँद पूजा करी। मैं भी उनके पीछे-पीछे गया और देखा कि कैसे वे वीडियो कॉल पर अपने पतियों को चाँद दिखा रही थीं। पूजा के बाद दोनों ने व्रत खोलकर खाना खाया और फिर अपने कमरे में चली गईं। मैं नीचे हॉल में सोने के लिए तैयार हो गया लेकिन मेरी आँखों में नींद नहीं थी। मैं जानता था कि विकास किसी भी समय आ सकता है और मैं उस पल को मिस नहीं करना चाहता था।
रात के ग्यारह बजे जब पूरा घर सो चुका था, तभी मुझे धीमी सी आवाज सुनाई दी। मैंने ध्यान से सुना तो पता चला कि कोई धीरे से दरवाजा खोल रहा है। मैंने अपनी साँसें रोक लीं और देखा कि विकास चुपके से अंदर आ रहा है। उसने मुझे इशारे से बुलाया और कहा, “चलो, अब तमाशा शुरू होने वाला है।” मैं उसके पीछे-पीछे धीरे से सीढ़ियाँ चढ़ने लगा। मेरा दिल धड़क रहा था और मेरा लंड पहले ही सख्त हो चुका था।
जब हम गीतांजली के कमरे के बाहर पहुँचे तो विकास ने मुझे एक कोने में छुपा दिया जहाँ से मैं सब कुछ देख सकता था लेकिन मैं दिखाई नहीं दे रहा था। उसने धीरे से दरवाजा खटखटाया और मेरी बड़ी बहन गीतांजली की आवाज आई, “कौन है?” विकास ने धीमी आवाज में कहा, “तुम्हारा कॉल बॉय आ गया है रानी, जल्दी दरवाजा खोलो।” दरवाजा खुला और मैंने देखा कि गीतांजली अभी भी उसी लाल साड़ी में थी लेकिन उसका ब्लाउज थोड़ा खुला हुआ था। विकास ने उसे जोर से चूमा और अंदर घुस गया। मैंने सुना कि वह माधवी से कह रहा था, “अरे वाह, दो रानियाँ एक साथ! आज तो मेरा भाग्य ही खुल गया।”
मैंने धीरे से झाँका तो देखा कि विकास ने मेरी बड़ी बहन गीतांजली को पलंग पर लिटा दिया है और उसकी साड़ी का पल्लू हटा रहा है। उसकी चिकनी टाँगें और गोल नितंब दिखाई दे रहे थे। माधवी कोने में खड़ी हँस रही थी लेकिन मैं देख सकता था कि उसकी आँखों में भी कामुकता झलक रही थी। विकास ने माधवी की तरफ देखा और कहा, “तुम क्या सोच रही हो मधु? आज तुम भी मेरी ही होगी।” माधवी ने शरमाते हुए कहा, “नहीं विकास भैया, मैं तो बस…” लेकिन विकास ने उसकी बात काट दी, “झूठ मत बोलो, मैं तुम्हारी आँखों में चमक देख सकता हूँ। आज तुम दोनों मेरी होगी।”
करवा चौथ की रात दोनों औरतों के साथ जंगली मस्ती और थ्रीसम सेक्स
पड़ोसी विकास ने मेरी शादी शुदा बहन के ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए और मैं देख सकता था कि कैसे उसके भरे हुए बूब्स बाहर आने को बेताब थे। उसने मेरी बड़ी बहन गीतांजली की चुचियों को अपने मुँह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया। मेरी बड़ी बहन गीतांजली की सिसकियाँ कमरे में गूँजने लगीं, “आह्ह… विकास… धीरे… माधवी देख रही है…” विकास ने हँसते हुए कहा, “तो क्या हुआ? आज तो वह भी हमारे साथ ही होगी और हम तीनो मिलकर थ्रीसम चुदाई करेंगे।” उसने माधवी को अपनी तरफ खींचा और उसके शरबती होंठों को चूमना शुरू कर दिया। मैं देख रहा था कि कैसे माधवी पहले तो हिचकिचाई लेकिन फिर उसने भी जवाब देना शुरू कर दिया।
विकास ने अपना कुर्ता पजामा उतार दिया और उसका मोटा लंड बाहर आ गया। मैंने देखा कि मेरी सुहागन बहन गीतांजली की आँखें चौड़ी हो गईं जब उसने उसे देखा। विकास ने माधवी से कहा, “लो बेटी, पहले तुम इसका स्वाद लो।” माधवी ने धीरे से विकास के लंड को अपने हाथ में लिया और चूमना शुरू कर दिया। गीतांजली भी उठकर बैठ गई और उसने विकास के सीने को चाटना शुरू कर दिया। विकास ने मेरी बड़ी बहन गीतांजली की साड़ी पूरी तरह उतार दी और अब वह सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। उसकी गोरी टाँगें और गहरी नाभी देखकर मेरा लंड और भी सख्त हो गया।
पड़ोसी यूवक विकास ने माधवी को पलंग पर लिटा दिया और उसकी साड़ी भी उतारनी शुरू कर दी। माधवी ने उसके साथ हो रहे रफ सेक्स का विरोध करने की कोशिश की लेकिन विकास ने उसके होंठों को चूमकर चुप करा दिया। जब माधवी की साड़ी उतर गई तो वह भी सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गई। विकास ने दोनों औरतों को एक साथ चूमना शुरू कर दिया, एक के बूब्स तो दूसरी की चूत। कमरे में सिसकियों और चूमने की आवाजें गूँज रही थीं। मैं अपनी जगह पर हिल भी नहीं पा रहा था, मेरा पूरा शरीर गर्म हो चुका था।
तभी विकास ने मेरी बड़ी सुहागन बहन गीतांजली को उल्टा लिटाया और उसकी गांड को अपने हाथों से खोलना शुरू कर दिया। गीतांजली ने विरोध किया, “नहीं विकास… वहाँ मत…” लेकिन विकास ने उसकी बात नहीं सुनी। उसने मेरी बड़ी बहन गीतांजली की चूत को चाटना शुरू कर दिया और मेरी बड़ी बहन गीतांजली की सिसकियाँ और तेज हो गईं। माधवी यह सब देख रही थी और मैं देख सकता था कि उसकी आँखों में भी इच्छा थी। विकास ने माधवी से कहा, “तुम भी आओ यहाँ, तुम्हारी बारी है।” माधवी धीरे से पलंग के पास गई और विकास ने उसे भी चाटना शुरू कर दिया। दोनों औरतें अब पूरी तरह से विकास के कब्जे में थीं।
थ्रीसम सेक्स का अंतिम दृश्य: तीनों का जंगली समागम
पड़ोसी यूवक विकास ने मेरी बड़ी बहन गीतांजली को घुटनों के बल खड़ा किया और अपना मोटा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। गीतांजली चीखी, “आह्ह… विकास… तुम्हारा लंड गधे के लंड के जैसा बहुत बड़ा और मोटा है…” विकास ने जोर से थप्पड़ मारा और कहा, “चुप कर साली रंडी, और जोर से चिल्लाओगी तो सास को जगा दोगी।” गीतांजली ने मुँह पर हाथ रख लिया लेकिन उसकी दर्दनाक सिसकियाँ बंद नहीं हुईं। विकास ने उस साली रंडी को पुरे जोस के साथ जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया और मैं देख सकता था कि कैसे उसका मोटा लंड मेरी बड़ी बहन गीतांजली की तंग चूत में अंदर-बाहर हो रहा था।
इसी बीच विकास ने माधवी से कहा, “तुम भी आओ यहाँ, मेरी गांड कस स्वाद लो।” माधवी ने विकास की गांड के पीछे घुटनों के बल बैठकर उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया। अब विकास एक तरफ मेरी बड़ी बहन गीतांजली को चोद रहा था और दूसरी तरफ माधवी उसकी गांड चाट रही थी। यह दृश्य इतना उत्तेजक था कि मैं खुद को रोक नहीं पाया और मेरे हाथ अपने आप ही मेरे लंड की तरफ चले गए। मैंने धीरे से अपना लंड हिलाना शुरू कर दिया जबकि मेरी नजरें उस जंगली दृश्य पर टिकी हुई थीं।
कुछ देर बाद पड़ोसी यूवक विकास ने मेरी बड़ी बहन गीतांजली को चोदना बंद किया और माधवी को पलंग पर लिटा दिया। उसने माधवी की टाँगें खोलीं और अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। माधवी चीखी, “आह्ह… नहीं… ये बहुत बड़ा है…” लेकिन विकास ने उसकी बात नहीं सुनी। उसने अपने गधे जैसे लंड से नंगी माधवी को जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया और माधवी की सिसकियाँ कमरे में गूँजने लगीं। मेरी नंगी बहन गीतांजली अब उठकर बैठ गई थी और वह विकास के सीने को चूम रही थी। विकास ने गीतांजली से कहा, “तुम भी माधवी की चूत चाटो,” और गीतांजली ने झिझकते हुए हाँ कर दी।
अब करवा चौथ की रात का यह थ्रीसम चुदाई दृश्य और भी गर्म हो गया था। मैंने मेरे पुरे जीवन में पहली बार दो महिलों को एक साथ चुदाई का लुत्फ़ उठाते देखा था और यह अनुभव मेरे लिए बिलकुल नया था। अब नंगा विकास नंगी माधवी को अपनी रंडी बनाकर बुरी तरह से चोद रहा था, मेरी सुहागन बहन गीतांजली माधवी की चूत चाट रही थी और इस थ्रीसम चुदाई के दौरान माधवी के चेहरे पर आनंद और शर्म दोनों झलक रहे थे। मैं अपनी जगह पर बैठा यह सब देख रहा था और मेरा लंड पहले से ज्यादा सख्त हो चुका था। मैंने सोचा कि क्या विकास मुझे भी अंदर बुलाएगा लेकिन मैं डर भी रहा था कि कहीं गीतांजली मुझे देख न ले। अचानक विकास ने माधवी में जोर से स्पर्म निकाल दिया और माधवी चीख पड़ी, “आह्ह… विकास… अंदर मत करो…” लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।
करवा चौथ की रात थ्रीसम चुदाई का लुत्फ़ उठाते देखा सुहागन बहन को अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का अंत और निष्कर्ष
करवा चौथ की वह रात मेरे लिए कभी न भूलने वाला अनुभव था। पड़ोसी यूवक विकास ने गीतांजली और माधवी दोनों को पूरी करवा चौथ की पूरी रात अपनी रंडी बनाकर चोदा और सुबह होने से पहले ही चुपके से थ्रीसम चुदाई का पूरा आनंद लेकर अपने घर चला गया। मैं भी अपनी जगह से हट गया और नीचे हॉल में जाकर सो गया। अगली सुबह जब मैं उठा तो मेरी बहन गीतांजली और माधवी बहुत शांत थीं लेकिन मैं उनकी आँखों में वह शर्म देख सकता था जो उन्हें विकास के साथ हुए संबंधों की याद दिला रही थी।
उस दिन की थ्रीसम चुदाई के बाद मेरी सुहागन बहन गीतांजली और विकास के अवैध सेक्स संबंध और भी गहरे हो गए। माधवी भी अक्सर थ्रीसम चुदाई का लुत्फ़ उठाने के लिए उनके साथ शामिल होने लगी और मैं चुपचाप उनके इन गुप्त मिलनों का गवाह बनता रहा। विकास ने मुझे भी एक बार माधवी के साथ सेक्स करने का मौका दिया लेकिन यह सेक्स कहानी फिर कभी सुनाऊँगा। आज के लिए इतना ही काफी है।
मुझे उम्मीद है कि आपको यह करवा चौथ की रात की थ्रीसम चुदाई कहानी पसंद आई होगी। अगर आप चाहते हैं कि मैं गीतांजली और विकास के अन्य रोमांचक अनुभवों के बारे में लिखूँ या माधवी के साथ मेरे अपने अनुभव को विस्तार से बताऊँ तो कमेंट करके जरूर बताएँ। मैं आपके लिए और भी गर्मागर्म कहानियाँ लेकर आऊँगा जो आपके अंदर की आग को और भड़का देंगी।


