बिलकुल मुफ्त में पढ़ें चुदने के लिए इंटरव्यू के बाद शादीशुदा एक्टर अनुराग देशमुख के बिस्तर तक पहुंच गई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी – Bilkul muft mein padhein Chudne ke liye interview ke baad shaadishuda actor Anurag Deshmukh ke bistar tak pahunch gayi antarvasna Hindi sex kahani – Read absolutely free After an interview to get fucked reached the bed of married actor Anurag Deshmukh. Erotic Hindi sex story full of inner lust …
आज भी जब मैं अपने ऑफिस की कुर्सी पर बैठकर पंजाब केसरी की वेबसाइट पर अशोक सराफ की शादी की खबर पढ़ती हूं, तो मेरी चूत में एक अजीब सी हलचल होने लगती है। दरअसल, उस खबर ने मुझे उस रात की याद दिला दी जब मैं खुद एक शादीशुदा एक्टर के बिस्तर तक पहुंच गई थी चुदने के लिए। मेरा नाम प्रिया है, और मैं एक फिल्मी पत्रकार हूं, लेकिन उस शाम मैं सिर्फ एक कामुक औरत बनकर रह गई थी।
बचपन में मैं अनुराग देशमुख की फिल्में देखकर बड़ी हुई थी, और उनके रोमांटिक सीन्स देखकर मेरी बुर में अजीब सी गुदगुदी होती थी। जब मुझे पता चला कि 55 साल की उम्र में उनकी दूसरी शादी एक 25 साल की लड़की से होने वाली है, तो मैं जलन और उत्सुकता से भर गई। मैंने सोचा था कि काश मैं उनकी बीवी होती, लेकिन इंटरव्यू की नौबत आने पर मैंने सिर्फ एक पत्रकार की तरह सोचा। अशोक सराफ की शादी की खबर ने तो जैसे मेरे अंदर की चिंगारी को हवा दे दी।
चुदने के लिए इंटरव्यू के बाद शादीशुदा एक्टर अनुराग देशमुख के बिस्तर तक पहुंच गई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी

इंटरव्यू से एक रात पहले, मैंने अपने बेडरूम में अनुराग सर की पुरानी फिल्म लगाई और उनके सीन देखकर अपनी चूत को उंगलियों से संतुष्ट करने लगी। मैंने कल्पना की कि वो मेरे पीछे आकर मेरी गांड पकड़ रहे हैं और मेरे कान में गंदी बातें कर रहे हैं। मेरे हाथ की उंगलियां मेरी टाइट फुद्दी में तेजी से चल रही थीं, और मैं उनका नाम लेकर चीखी। उस हस्तमैथुन के बाद मैंने फैसला किया कि मैं इंटरव्यू में कुछ भी करूं, लेकिन उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करूंगी।
उस दिन मैंने जानबूझकर अपनी सबसे छोटी काली स्कर्ट और सफेद टॉप पहना, जिससे मेरे 36D के बोबे सही से उभर रहे थे। आईने में खुद को देखकर मुझे लगा कि मैं किसी कॉलगर्ल से कम नहीं लग रही, लेकिन मैं खुद को यही कहकर दिलासा दे रही थी कि ये सिर्फ इंटरव्यू है। मेरी सहेली ने मजाक में कहा था कि शादीशुदा एक्टर के सामने ऐसे कपड़े पहनकर जाना मुसीबत को दावत देना है, और शायद वो सही थी। मेरे पेट में तितलियां उड़ रही थीं जब मैंने अनुराग सर के जुहू वाले बंगले की घंटी बजाई।
दरवाजा खुद अनुराग सर ने खोला, और उन्हें देखते ही मेरी सांसें तेज हो गईं। 55 साल की उम्र में भी वो बेहद हैंडसम लग रहे थे, उनकी सफेद शर्ट और जींस में उनका मर्दाना शरीर साफ झलक रहा था। उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी, जैसे वो मेरे शरीर को नोटिस कर रहे हों। मैंने नमस्ते कहा, और वो मुझे ड्राइंग रूम में ले गए जहां हल्की रोशनी और महंगी व्हिस्की की बोतल रखी थी।
उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा और खुद मेरे बिल्कुल करीब आकर सोफे पर बैठ गए, इतना करीब कि उनके परफ्यूम की खुशबू मेरे दिमाग को सुन्न कर रही थी। मैंने कांपते हाथों से अपना रिकॉर्डर निकाला और इंटरव्यू शुरू करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा, ‘पहले थोड़ा आराम करो, प्रिया।’ ये सुनकर मेरा दिल जोर से धड़का, क्योंकि उनकी आवाज में एक अजीब सी कमांडिंग हसरत थी। मैंने सोचा कि शायद मैं बेवजह घबरा रही हूं, लेकिन उनकी नजरें मेरे बोबों पर ऐसे गड़ी थीं जैसे वो उन्हें नोच खाना चाहते हों।
अनुराग सर ने मेरे लिए व्हिस्की का एक पैग बनाया और अपने हाथों से मुझे पकड़ा दिया, और उनकी उंगलियां जानबूझकर मेरी उंगलियों से छू गईं। वो हल्की सी छुअन मेरे पूरे शरीर में बिजली की तरह दौड़ गई, और मेरी चूत गीली होने लगी। मैंने खुद को समझाया कि मैं एक शादीशुदा आदमी के साथ हूं, लेकिन मेरी बुर के अंदर की नमी ने सब कुछ बयां कर दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘घबराओ मत, मैं कोई भूत नहीं हूं, बस एक पुराना एक्टर हूं जिसे तुम्हारे जैसी खूबसूरत पत्रकार का इंटरव्यू देने में मजा आ रहा है।’
मैंने इंटरव्यू के कुछ सवाल पूछे, लेकिन वो हर सवाल को मेरी तरफ मोड़ देते, जैसे ‘तुम मेरी फिल्मों में से कौन सी पसंद हो?’ या ‘तुम्हें शादीशुदा मर्दों के बारे में क्या ख्याल है?’ मैं लगातार अपने होंठों पर जीभ फेर रही थी, और शायद ये देखकर उनका लंड अब तक तन चुका था। मैंने नजरें झुकाकर देखा तो उनकी जींस के उभार ने मेरी रूह कांप दी, वो इतना बड़ा लग रहा था कि मैं डर गई। फिर उन्होंने मेरे रिकॉर्डर को बंद करते हुए कहा, ‘असली मजेदार बातें तो अब होंगी, प्रिया, इंटरव्यू को भूल जाओ।’
उन्होंने बिना किसी चेतावनी के मेरे घुटने पर हाथ रख दिया, और उनकी गर्म हथेली ने मेरे शरीर को आग लगा दी। मैं हांफते हुए पीछे हटना चाहती थी, लेकिन मेरी चूत ने मुझे रोक लिया, मानो वो उस हाथ को अपने रसदार बुर के करीब बुला रही थी। उन्होंने फुसफुसाकर कहा, ‘तेरी स्कर्ट के नीचे कितना गीलापन है, मुझे पता है, मैं सालों से औरतों की बॉडी लैंग्वेज पढ़ता आया हूं।’ मैंने शर्म से अपनी जांघें भींच लीं, लेकिन उनके हाथ ने मेरी ठुड्डी पकड़कर मुझे उनकी तरफ खींच लिया।
उनका चेहरा मेरे करीब आया, और मुझे उनकी व्हिस्की मिली सांसों की गर्माहट ने मेरे होंठों को सिहरन दे दी। मैंने आंखें बंद कर लीं, और अगले ही पल उनके मोटे होंठ मेरे होंठों पर थे, पहले हल्के से, फिर जोरदार तरीके से मेरी जीभ चूसते हुए। मेरी चूत का रस मेरी पैंटी को पूरी तरह भिगो चुका था, और मेरे निप्पल इतने सख्त हो गए थे कि वो ब्रा को चीरकर बाहर आना चाहते थे। उनकी एक हथेली मेरी कमर से सरकती हुई मेरे चूतड़ों तक पहुंची और उसने मेरी गांड को दबोच लिया, जिससे मेरे मुंह से एक गहरी हूं निकल गई।
उन्होंने मेरे होंठों को छोड़ा और मेरी आंखों में देखते हुए बोले, ‘तू सिर्फ एक इंटरव्यू के लिए नहीं आई है, तू तो उस रंडी की तरह है जो एक शादीशुदा मर्द का लंड चूसने के लिए तरसती है।’ ये सुनकर मैं अंदर से टूट गई, लेकिन सच यही था कि मेरी बुर उन गालियों पर और भी ज्यादा पानी छोड़ रही थी। मैंने हकलाते हुए कहा, ‘सर, आप शादीशुदा हैं, हमें ऐसा नहीं करना चाहिए,’ लेकिन उन्होंने मेरे शब्दों को अपने एक और जोशीले किस से दबा दिया। अब मेरी जुबां पर सिर्फ उनका नाम था और मेरी चूत पर उनके लंड का ख्याल।
मेरी आत्मा मुझे धिक्कार रही थी कि मैं एक शादीशुदा इंसान के साथ ये सब कर रही हूं, लेकिन मेरी बुर मानो खुद बोल रही थी कि उसे सिर्फ लंड से मतलब है। अनुराग सर की उंगलियां मेरी रीढ़ पर सरक रही थीं, और मैं सोच रही थी कि अगर उनकी बीवी आ गई तो क्या होगा। डर और उत्तेजना का ये मिश्रण मेरी चूत को और गीला कर रहा था, और मैंने अपनी स्कर्ट खुद ऊपर करके उनका रास्ता आसान कर दिया।
अनुराग सर ने बिना कोई जल्दी किए मेरी स्कर्ट को पूरी तरह खिसकाया और मेरी काली लेस वाली पैंटी को देखकर एक भारी सांस ली। उन्होंने कहा, ‘तेरी बालों वाली चूत की खुशबू मुझे पागल कर रही है, मुझे इस रसदार फुद्दी को चाटना है।’ मेरी इज्जत और मोहब्बत का फर्क खत्म हो रहा था, मैं बस एक कामुक औरत बनकर उनके सामने पसर चुकी थी। उन्होंने मेरे टॉप को सिर से ऊपर खींचा और मेरे 36D के बोबों को ब्रा के कप से बाहर निकालकर उनकी मालिश करने लगे।
उनकी उंगलियां मेरे तने हुए निप्पल को मसल रही थीं, और मैं जोर-जोर से सिसकियां ले रही थी। उन्होंने अपना मुंह मेरी बाईं चूची पर लगाया और मेरे निप्पल को जोर से चूसना शुरू कर दिया, जैसे कोई भूखा बच्चा दूध पी रहा हो। मेरी चूत से टपकता हुआ रस मेरी जांघों पर बह रहा था, और मेरी स्कर्ट पूरी तरह खराब हो चुकी थी। मैंने हारते हुए फुसफुसाकर कहा, ‘प्लीज सर, अब मुझे चोदो, मुझे अपनी रंडी बनाओ।’
उन्होंने मेरी बात सुनकर मुस्कुराया और बोले, ‘रुक, अभी तो तूने मेरे लंड को देखा भी नहीं, पहले उसे सलाम कर।’ उसके बाद उन्होंने अपनी शर्ट उतारी, और उनके चौड़े सीने और बाजुओं ने मेरी आंखों को चौंधिया दिया। फिर उन्होंने अपनी जींस खोली और एक पल में ही उनका तना हुआ लंड मेरे सामने था, वो इतना लम्बा और मोटा था कि मैं डर गई, कम से कम 8 इंच का खड़ा लौड़ा, जिसकी नसें उभरी हुई थीं। उसके लंड के गोटे झूल रहे थे और ऊपर से झांट के बाल सफाई से छंटे हुए थे।
मैंने हिम्मत करके अपना हाथ बढ़ाया और उस गर्म लंड को थाम लिया, उसकी सख्ती और गर्मी ने मेरे हाथों को झकझोर दिया। मैंने लंड की नोक पर अपनी जीभ फेरी और एक नमकीन सा स्वाद मेरे मुंह में भर गया, जो शायद उसका पहला शुक्राणु था। उन्होंने मेरे सिर को दबाकर पूरा लंड मेरे मुंह में ठूंस दिया, और मैंने बिना रुके उसे चूसना शुरू कर दिया, जैसे मैं बरसों से इसी का इंतजार कर रही थी। मेरे मुंह से गंदी आवाजें निकल रही थीं, और मैं अपनी रूह से एक छिनाल की तरह उनके लंड की सेवा कर रही थी।
अनुराग सर मेरे बालों को कसकर पकड़कर मेरे मुंह में जोर-जोर से अपना लौड़ा मार रहे थे, और मेरी आंखों से आंसू बहने लगे। लेकिन मेरी चूत की गीलापन रुकने का नाम नहीं ले रही थी, हर धक्के के साथ मेरी बुर और ज्यादा खुल रही थी। उन्होंने कहा, ‘तेरा मुंह तो असली रंडियों जैसा है, शायद तू किसी धंधेवाली से कम नहीं।’ इन शब्दों ने मुझे और भी उत्तेजित कर दिया, और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, उनके अंडकोषों को भी सहलाने लगी।
मेरे गले तक लंड जाने से मेरा दम घुटने लगा, लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी, मेरी आंखों से आंसू और मेरी चूत से रस दोनों बह रहे थे। उन्होंने मेरी तारीफ की, ‘सच में, तू पैदाइशी रंडी है, तेरे जैसी मुंह वाली मैंने नहीं देखी।’ ये सुनकर मेरा आत्मसम्मान पूरी तरह डूब गया, लेकिन मेरी फुद्दी फड़फड़ा उठी। मैंने अपनी स्पीड और बढ़ाई और उनके अंडकोषों को मसलने लगी, जिससे उनकी आहें तेज हो गईं।
उन्होंने मेरे मुंह से लंड निकाला और मुझे सोफे पर पटक दिया, फिर मेरी टांगों को चौड़ा खोलकर मेरी गीली चूत पर मुंह रख दिया। उनकी गर्म जीभ ने मेरी बुर के होंठों को चाटना शुरू किया, और उनकी उंगली मेरी गांड के छेद में घुसती चली गई। मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगी, ‘हां सर, ऐसे ही, मेरी चूत चाटो, मेरी फुद्दी को खाओ।’ उनकी जीभ मेरे क्लिट पर मंडरा रही थी, जिससे मेरे पूरे शरीर में बिजली कौंध रही थी। मेरे मुंह से अनगिनत गालियां निकल रही थीं, और मेरी चूत का रस उनकी ठुड्डी पर बह रहा था।
उन्होंने अपनी 2 उंगलियां मेरी टाइट चूत में एक साथ घुसा दीं, और मैंने जोर की चीख मारी, क्योंकि मेरी बुर अभी इतनी भरी नहीं थी। उनकी उंगलियां अंदर-बाहर हो रही थीं, और मेरी गांड वाली उंगली ने मुझे पागल कर दिया। मैंने अपने बोबों को अपने हाथों से मसलना शुरू कर दिया, और उनकी लय के साथ मैं चरम सीमा के करीब थी। तभी उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रगड़ना शुरू किया और बोले, ‘तैयार है न तू अपनी भोसड़ी में मेरा मोटा लौड़ा लेने के लिए?’
मैंने हां में सिर हिलाया, और उन्होंने बिना देरी किए अपना पूरा लम्बा लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया। मेरी फुद्दी में एक साथ इतना बड़ा लंड जाकर मैं फटने जैसा महसूस कर रही थी, लेकिन दर्द और मजे का मिलाजुला अहसास हुआ। वो पहले धीरे-धीरे कर रहे थे, लेकिन मेरी गर्म और तंग चूत ने उन्हें पागल कर दिया, और वो जोर-जोर से चोदने लगे। मेरे चूचों की मालिश हो रही थी, और मेरी गांड सोफे पर बुरी तरह रगड़ खा रही थी।
अनुराग सर लगातार बोल रहे थे, ‘तेरी चूत तो शहद की तरह मीठी है, मैं तो तुझे रोज चोदूंगा, तू मेरी पर्सनल रंडी बनेगी।’ उनकी हर गाली मेरे दिल और चूत दोनों को सुकून दे रही थी, जैसे मैं उस अपमान को ही प्यार समझ रही थी। मेरी चूत की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं, चिपचिपी और गीली आवाजें जो दोनों के शरीर के मिलन से पैदा होती हैं। उन्होंने मेरी टांगों को अपने कंधों पर ले लिया और और गहरा धक्का लगाने लगे, जिससे उनका लंड मेरी बच्चेदानी के मुंह को छू रहा था।
अचानक मेरे शरीर में एक जबरदस्त तूफान उठा, और मेरी चूत फड़फड़ाने लगी, मैं चरम सीमा पर पहुंच गई। मेरी चीखें इतनी तेज थीं कि शायद पूरे बंगले में गूंज गईं, और उन्होंने मेरे मुंह पर हाथ रख दिया ताकि कोई सुन न ले। मेरी चूत ने उनके लंड को कसकर जकड़ लिया, और मेरा सारा रस उनके लंड पर उड़ेल दिया। वो एक दो मिनट रुके, मेरे पसीने से तर चेहरे को चूमा, और फिर बोले, ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है, अब डॉगी स्टाइल में चोदूंगा तुझे।’
थोड़ी राहत के लिए अनुराग सर उठे और दो गिलास पानी लेकर आए, और मैंने उनके शरीर को निहारा, उनकी मांसपेशियां पसीने से चमक रही थीं। उन्होंने पानी पीते हुए कहा, ‘तेरी चूत ने तो मेरा सारा तनाव हर लिया, अब मैं तुझे दोबारा चोदूंगा, इस बार और जोर से।’ मेरी थकान गायब हो गई, और मैं चारों तरफ घूमकर उनके सामने झुक गई, अपनी गांड को उनकी तरफ करके बोली, ‘अबकी बार मेरी गांड का छेद भी आपका है।’
उन्होंने मुझे पलटकर मेरे घुटनों और कोहनियों पर कर दिया, और मेरी गांड को हवा में उठा दिया। मेरी पीठ की ओर से उनके लंड ने फिर से मेरी बुर का रास्ता खोज लिया, और इस बार पीछे से चुदाई शुरू हुई। ये पोजीशन मेरी फेवरेट थी, क्योंकि लंड और भी गहराई तक घुसता है, और हर धक्का मेरे गर्भाशय तक जाता है। उनका एक हाथ मेरे कुल्हे पर और दूसरा मेरे बालों में था, जैसे कोई घोड़ी पर सवार हो, वो मुझे जोर-जोर से चोद रहे थे।
चोदने के साथ-साथ वो मेरी गांड पर थप्पड़ मार रहे थे, और हर थप्पड़ पर मेरी चूत और कस जाती थी। वो बोले, ‘बोल, तू क्या है?’ और मैं चिल्लाई, ‘मैं रांड हूं, आपकी रांड, मुझे चोदो सर।’ उनकी गति बढ़ती जा रही थी, और मेरी बुर से उनके वीर्य जैसा कोई निशान नहीं छूट रहा था, बस मेरा अपना रस बह रहा था। मेरे बोबे नीचे लटक रहे थे और हर धक्के के साथ झूम रहे थे, जिसे देखकर उन्होंने झुककर मेरे निप्पल चूस लिए।
थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे ऊपर बिठा लिया, और मैं उनके लंड पर काऊगर्ल सेक्स पोजीशन में बैठकर ऊपर-नीचे करने लगी। अब बारी मेरी थी, मैं उनके सीने पर हाथ रखकर जोर-जोर से उनके खड़े लंड पर कूद रही थी, और हर बार उनका लंड मेरी चूत की दीवारों को खरोंच रहा था। उनकी आंखों में मेरे लिए सिर्फ हवस थी, और मेरे लिए वो दुनिया का सबसे हॉट शादीशुदा एक्टर। मैं उनके मुंह पर झुककर अपने बोबे लगा रही थी, और वो उन्हें भूखे शेर की तरह चूस रहे थे।
मुझे लगा कि वो अब मेरी गांड के छेद में भी ऊंगली करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल सिर्फ मेरी चूत पर ही ध्यान लगाया। मेरी गांड की सुराख में उनकी उंगली ने एक नया एहसास दिया, और मैं सोच रही थी कि काश वो अपना लंड भी मेरी गांड में डालते। लेकिन वो अभी मेरी चूत से ही संतुष्ट थे, और मेरी चूत का रस अब उनके अंडकोषों तक बह रहा था। मैंने उनके कान में फुसफुसाकर कहा, ‘मेरी गांड भी आपकी है, जब चाहो ले लेना।’
उनकी सांसें अब बहुत तेज और भारी हो गई थीं, और उन्होंने मुझे वापस सोफे पर लेटाकर मेरी टांगों को फैलाया और आखिरी तूफानी चुदाई शुरू की। वो चीख रहे थे, ‘अब निकल रहा है मेरा वीर्य, तू मेरी पूरी चिपचिपा माल से भर देगी अपनी भोसड़ी।’ मैंने अपनी कमर ऊपर उठाकर उन्हें और गहराई दी, और उन्होंने कुछ ही सेकेंड में अपना गरम शुक्राणु मेरी चूत के अंदर बहा दिया। मेरे अंदर उस माल की गर्माहट ने मुझे दोबारा ऑर्गैजम दिया, और हम दोनों एक साथ चरम पर पहुंच गए।
मेरी चूत से उनका चिपचिपा माल रिस रहा था, और मैंने उसे अपनी उंगलियों से निकालकर अपनी जीभ पर लगाया ताकि उसका स्वाद ले सकूं। वो थोड़ा नमकीन और चिपचिपा था, लेकिन मुझे उसे चखना अच्छा लगा। उन्होंने ये देखकर हैरानी से कहा, ‘तू तो पूरी कामुक औरत निकली, शुक्राणु भी पी गई।’ मैंने शर्मिंदा होकर मुस्कुरा दिया और अपने शरीर को उनके सीने पर छोड़ दिया।
कुछ मिनट तक हम दोनों वहीं बिलकुल नंगे पड़े रहे, हमारी सांसें मिश्रित हो रही थीं और शरीर पसीने से चिपचिपा रहे थे। मैंने अपनी टांगें बंद करते ही उनका वीर्य मेरी बुर से बाहर रिसने लगा, वो इतनी मात्रा में था कि सोफा खराब हो गया। अचानक मुझे एहसास हुआ कि मैंने अभी-अभी एक शादीशुदा एक्टर के साथ सेक्स किया है, और उनकी नई-नवेली बीवी का चेहरा मेरी आंखों के सामने घूम गया। मेरा दिल अपराध बोध से भर गया, लेकिन मेरे चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान थी जो जाना नहीं चाहती थी।
अनुराग सर ने सिगरेट सुलगाई और बिना किसी भाव के बोले, ‘तुम एक बेहतरीन चुदाई करने वाली औरत हो, लेकिन ये सिर्फ एक शाम की मजबूरी थी।’ ये सुनकर मैं सहम गई, मुझे लगा कि मैं सिर्फ एक इस्तेमाल की हुई चीज हूं, कोई भावना नहीं। मैंने चुपचाप अपने नंगे शरीर पर कपड़े पहने, और आईने के सामने जाकर देखा तो मेरी आंखें सूजी हुई थीं, लेकिन मेरी चूत में अभी भी हल्की सिहरन बाकी थी। मैं सोच रही थी कि क्या मैं वाकई एक छिनाल हूं जिसे सिर्फ लंड से मतलब है, या मैं भी प्यार की तलाश में भटक रही थी।
मैं जब उनके बंगले से बाहर निकली, तो मुंबई की रात की हवा ने मेरे शरीर को सुकून दिया, लेकिन मेरा मन अंदर ही अंदर उथल-पुथल कर रहा था। मैंने सोचा कि शायद मैंने एक पल की ख्वाहिश के लिए अपनी इज्जत तक दांव पर लगा दी, लेकिन दूसरे ही पल मैं मुस्कुराई, क्योंकि वो अनुभव अविश्वसनीय था। उस रात के बाद से मैं हर उस खबर पर नजर रखती हूं जो अनुराग देशमुख की शादीशुदा जिंदगी से जुड़ी हो, और अशोक सराफ की शादी की खबर पढ़कर तो मेरी चूत फिर से गीली हो गई। आज भी मैं उनके लिए अपनी टांगें खोलने को तैयार हूं, चाहे वो किसी भी औरत के पति क्यों न हों।
घर लौटकर मैंने शॉवर लिया, लेकिन पानी की बौछारों के बावजूद मुझे उनकी खुशबू और उनके लंड का अहसास सताता रहा। मैंने अपनी चूत को साफ किया, लेकिन मेरे अंदर की आग बुझी नहीं, और मैंने दोबारा हस्तमैथुन करके सोई। अगली सुबह ऑफिस में सबको सामान्य बताया, लेकिन मेरे चेहरे पर एक छिनाल वाली संतुष्टि थी। मैं जानती थी कि ये राज हमेशा मेरे सीने में दबा रहेगा, लेकिन वो मीठा पाप मुझे हर पल याद आता रहेगा।
मुझे पता है आप सोच रहे होंगे कि मैंने ये सब क्यों किया, और क्या सही था या गलत, लेकिन हवस के आगे इंसान की सोच काम करना बंद कर देती है। मेरी एक्टर से चुदने की कहानी सच्ची है या सिर्फ एक कल्पना, ये मैं आपको नहीं बता सकती, लेकिन मैं चाहती हूं कि आप अपनी राय जरूर दें। क्या आपके साथ भी कभी ऐसा कुछ हुआ है, या आप मुझे कोसेंगे? प्लीज मुझे कमेंट में बताएं, मैं आप सबकी ईमानदार प्रतिक्रिया का इंतजार करूंगी।


