गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली सुन्दर सी दिखने वाली कामुक वेश्या ने मेरे प्यासे लंड की प्यास बुझाई कच्ची झोंपड़ी के अंदर अपनी गांड और चूत चुदवाकर मुफ्त में पढ़ें नयी अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी :- हाई दोस्तों, मेरा नाम गुलशन गुप्ता हैं और मैं बिहार राज्य के सारण ज़िले में स्थित एक शहर का रहने वाला हूँ. मैं चूत चोदने और गांड मारने का बड़ा शौकीन हूँ और जहाँ चांस मिले वहाँ चूत चोदने और गांड मारने के लिए तैयार हो जाता हूँ भले ही मुझे इसके लिए रूपये पैसे खर्च करने पड़ जाएँ. पिछले साल जून के अंत में बहुत बारिश हो रही थी . मैं मेरे दोस्त के गाँव गया हुआ था क्योंकि मेरे दोस्त की कुछ ही दिनों में मंगनी होने वाली थी और कुछ ही दिनों में प्रोग्राम था. मैं तो मंगनी के प्रोग्राम से पहले गाँव पहुँच चूका था बाकी के दुसरे दोस्त भी एकाद हफ्ते में आने वाले थे. लेकिन मेरा काम कम था इसलिए मैं उसके साथ चल पड़ा.
हरियादपुर एक छोटा सा गाँव हैं और उस गाँव की जनसँख्या करीब 5000 ही हैं. उस गाँव के लोग काफी ज्यादा गरीब हैं इस लिए कुछ पक्के मकानों को छोड़ के सभी लोग कच्ची झोंपड़ी में रहते हैं. गाँव के लोगो काफी ज्यादा गरीब हैं और उन लोगों की आमदनी मुख्यरूप से कृषि से ही आती हैं. मेरे मित्र रामविलास सुमन के पिता जी गाँव के ही एक सरकारी स्कूल में अध्यापक था और गाँव की एक रूम की स्कुल का वो ही कर्ताधर्ता था. मेरे मित्र रामविलास सुमन का मकान पक्का था क्योंकि उसकी आर्थिक स्तिथि ठीक ठाक थी. वैसे वो तो मेरा दोस्त साल के 11 महीने बिहार राज्य के सारण ज़िले में मेरे साथ ही बिताता था. अगले दिन सुबह हम लोग हरियादपुर के पास एक बांध को देखने गए और वापस आने के समय मुझे बहुत प्यास लगी थी.
अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी – गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या ने मेरे प्यासे लंड की प्यास बुझाई कच्ची झोंपड़ी के अंदर चुदवाकर

रास्ते में मैंने एक कच्ची झोंपड़ी के बहार पानी का मटका देखा और अपनी प्यास भुजाने के लिए कच्ची झोंपड़ी दरवाजे को ठोक के अंदर आवाज दी, “हेल्लो क्या कच्ची झोंपड़ी के अंदर कोई हैं जो मेरी प्यास भुजा सके…?” अंदर से एक 28 साल की महिला बहार आई. वहा महिला दिखने में बहुत ही ज्यादा सुन्दर और सेक्सी थी. उस महिला ने अपने कामुक जिस्म पर हलके रंग की साडी पहनी हुई थी. पता नहीं क्यूँ मेरे मित्र रामविलास सुमन पीछे से बार बार मेरे कपडे खिंच के जाने को कह रहा था. औरत के आते ही मैंने उसे कहा, “ मुझे बहुत जोरों की प्यास लगी है क्या पानी मिल सकता हैं ???” कच्ची झोंपड़ी से निकली सुन्दर सी महिला ने हंस के कहा, “क्यों नहीं साहब, अभी देती हूँ पानी.” उसने मिटटी के मटके को खोल के पानी निकाला और मुझे दिया.
शीतल पानी पिते पीते मेरी और उस सुन्दर महिला की नजर टकरा गई. वो मेरे बदन को उपर से निचे मेरे लंड तक देख रही थी. मुझे थोडा अजीब लगा लेकिन मैंने पानी पी के वहाँ से उसे थेंक्स कह के रास्ता नापा. वहाँ से निकलते ही मेरे मित्र रामविलास सुमन ने मुझे कहा, “साले पांच मिनिट रुक नहीं सकता था. क्या वही पानी पीना जरुरी था, अबे साले वहाँ पानी पीने की इतनी भी क्या जल्दी थी कुछ देर सब्र नहीं कर सकता था. फिर मैंने मेरे दोस्त से बोला की मुझे बहुत जोरों की प्यास लगी थी यार. मेरे मित्र रामविलास सुमन ने मुझे बताया की अबे बहन के लौड़े वो एक वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या का घर था और वो कामुक महिला पैसों के लिए अपनी गांड और चूत चुदवाकर पराये मर्दों के लंड की प्यास भुजाती हैं.
मैंने बोला की “तो उसमे क्या हर्ज हैं वो बेचारी किसी मज़बूरी के चलते अपने जिस्म का सौदा करती होगी. फिर मैं मेरे दोस्त को बोला की अबे साले शहर में रह के भी तू देहाती सोच रखता हैं. मेरा मित्र रामविलास सुमन मुझे समझाने लगा की अरे यह देहात हैं और यहाँ देहाती नहीं बने तो लोग जबान से ही गांड मार लेते हैं. अब हम बहस करते करते घर के लिए निकल पड़े थे मगर अब मेरे दिमाग में वो कच्ची झोंपड़ी से निकलकर मुझे पानी पिलाने वाली रंडी महिला ही घूम रही थी अब मेरा लंड भी उस रंडी महिला की गांड और चूत चोदने के लिए प्यासा हो चूका था. अब मुझे पता चला की क्यों वो महिला बार बार मेरा लंड देख रही थी.
अब मेरे मन में भी उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या की छायाकृति उभरने लगी, बड़ी आँखे, भरे हुए गाल, मस्त सुड़ोल शरीर और बड़े चुंचे अब जैसे की मेरे दिमाग से बहार आ रहे थे. वैसे पानी पिने के समय तो मैंने उसे इतने ध्यान से नहीं देखा था. मुझे तो रात में सोते समय भी उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या के विचार आने लगे थे. मैं सोच रहा था की अगर उस रंडी महिला की चूत चोदने और गांड मारने को मिल जाए तो हरीयादपुर का सफ़र रंगीन बन जाएगा. मेरा मित्र रामविलास सुमन मेरी इसमें मदद करे इस बात की सम्भावना ना के बराबर थी. मैं शाम को उठा और मोबाइल नेटवर्क का बहाना कर के बाइक ले के निकला.
मैंने मेरे मित्र रामविलास सुमन को बोला वो घर पर ही रहे क्यूंकि महमान आ जा रहे थे. मेरा मित्र रामविलास सुमन मेरी बात मान गया. मैंने बाइक को गाँव के बहार पीपल के निचे पार्क की और मैं फिर उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या के घर की तरफ निकल पड़ा. मैंने देखा की अभी वो बहार बैठी सब्जी सुधार रही थी. उसने मेरी तरफ देखा और मैंने आँखों आँखों में ही उसे इशारा किया. उस रंडी महिला ने मुझे इशारे से घर में आने को कहा. वो उठ के घर में घुसी और दरवाजे को थोडा टेढ़ा कर दिया. मैं उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या के पीछे पीछे इधर उधर देखता हुआ अंदर उसके घर में घुसा.
उस रंडी की कच्ची झोंपड़ी के अंदर जा के मैं पलंग पर बैठा और उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या ने तुरंत ही झोंपड़ी के दरवाजे को पूरा बंध कर लिया. फिर उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या ने मेरी तरफ देख के पूछा,“क्या हुआ बाबूजी, कैसे आना हुआ मुझ रंडी की इस कच्ची झोंपड़ी में??? मैंने शायराना अंदाज में उस कामुकता से भरी रांड से कहा, “प्यासा कुँए के पास नहीं आएगा तो कहा जाएंगा अपनी प्यास भुजाने के लिए ??? फिर उस रंडी ने मस्तीवाली अदा से कहा, “पानी तो बाहार ही हैं, ला दूँ साहब आपकी प्यास भुजाने के लिए??? मैंने हँसते हुए उठ के उसे गले से लगा लिया और उसकी छाती पर लटके बड़े व मोटे बूब्स मसलते हुए कहा, “ उस दिन तो तूने मटकी का ठंडा पानी मिलाकर मेरी प्यास बुझाई थी आज अपनी गांड और चूत का पानी पिलाकर मेरे लंड की भी प्यास भुजा डाल”.
फिर मैंने उस रंडी से पूछा जल्दी से बोल कितना पैसा लेगी मेरे साथ सेक्स करने का.”वो भी बड़ी चालाक थी, उसने मुझे उकसाते हुए कहा, “आप की प्यास बुझाने की क्या कीमत देंगे आप.”मैंने जेब से 100 – 100 के तिन नोट निकाल के उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या के हाथ में थमा दिए. उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्याने अपने ब्लाउज के अंदर हाथ डालकर उसके दोनों बूब्स के बिच में रखे पर्स को निकाला और उसमे पैसे रख लिए. अब वेश्यावृत्ति करने वाली वह वेश्या चुदवाने के लिए अपने कपडे उतार कर बिलकुल नंगी होने जा रही थी, लेकिन मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया. मुझे औरतो के कपडे खुद उतारकर उन्हें नंगी करने में बड़ा मजा आता हैं. सेक्स करने के लिए मैं खुद पहले अपने कपडे उतार के पूरा नंगा हो गया और उसकी तरफ बढ़ा. उसके पास जा के मैंने उसके भरे हुए चुंचो को हाथ में लिया और जोर से दबाया. उसने भी मेरे लंड को हाथ में ले के उसे मसल दिया.
मेरे लंड को जैसे ही उस कामुकता से भरी रंडी के हाथों ने स्पर्श करा वैसे ही मेरे लंड पर अजीब सी खुमारी छा गयी. मैंने उस रंडी के बड़े मोटे बूब्स को दबाते हुए पीछे से उसके ब्लाउज की डोरी खोली. फिर मैंने उसके ब्लाउज के हुक वाले बटन खोल दिए और फिर कुछ की पलों में उस रंडी का ब्लाउज उसके तन से जुदा कर दिया. जैसे ही मेरी नजर उस रंडी के मोटे मोटे बूब्स पर पड़ी तो मेरे मुंह से निकल पड़ा की “दिखने में तो बड़े मस्त बूब्स हैं आप के डार्लिग. वैसे तुम्हारा नाम क्या हैं.” उसने लौड़े को हाथ से हिलाते हुए अपने सेक्सी आवाज में कहा, “मेरा नाम चमेली हैं.”मैंने अब उसके पीछे हाथ डाल के ब्रा का हुक खोला. उसके भारी स्तन तुरंत बहार झूलने लगे. ब्रा की साइज़ तो मैंने नहीं देखि लेकिन वो कम से कम 36D जरुर होगी. मैंने उसके चुंचो को अपने मुहं से चुसना चालू किया और साथ ही मैंने एक हाथ उसकी चूत के उपर भी रख दिया.
गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली वो वेश्या कराहते हुए मेरे लौड़े को हिलाने लगी. अपने प्यासे लंड की प्यास शांत करने के लिए मैंने करीब दस मिनिट में ही गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली उस कामुक वेश्या की सलवार को भी उतार कर उसके तन से जुदा कर दिया. और उस रंडी की चूत से खेलने के लिए उसकी सस्ती सी पेंटी उतार दी और फिर उस रंडी की हलकी हलकी झांटो वाली चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा. गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली उस सुन्दर सी दिखने वाली कामुक वेश्या की चूत अब मेरे प्यासे लंड की प्यास भुजाने के लिए पानी निकाल रही थी. फिर मैंने उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या को निचे बिठाया और जैसे ही मैं अपना लंड उसके मुहं में देने जा रहा था, उसने कहा, “एक मिनिट बाबु जी.” फिर उस रंडी ने बिस्तर के निचे हाथ डाला और सरकारी खाते से फ्री में मिलने वाला कंडोम निकाल कर मेरे हाथों में थमा दिया.
मैंने बिना कंडोम लगाये उसकी चुदाई करने की इच्छा जाहिर करी मगर उस रंडी ने बिना कंडोम के सेक्स करने से साफ़ इनकार कर दिया. उस रंडी ने मुझे समझाया की कॉल गर्ल (सेक्स वर्कर) के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय कंडोम का उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है क्यों की हम एक दिन में ना जाने कितने मर्दों के लंड से चुदाई करवाती हैं। उस रंडी ने मुझे यहाँ भी बताया की कंडोम HIV/AIDS, गोनोरिया, सिफिलिस, हर्पीज और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव करता है, कंडोम न केवल पुरुष बल्कि महिला या ट्रांसजेंडर पार्टनर को भी संक्रमण से बचाता है। मैंने कंडोम वापस उस रंडी के हाथों में थमा दिया और उससे बोला की तुम ही पहना दो यह कंडोम मेरे लंड को. उसने मेरे लंड के उपर कंडोम पहनाया और मुखमैथुन (Blowjob) करने के लिए मेरे कंडोम में कैद लंड को अपनी तरफ खिंचा.
नंगी चमेली ने अब मेरे लंड को अपने मुहं में लिया और उसे जोर जोर से चूसने लगी और मुखमैथुन (Blowjob) करने लगी. उस रंडी ने मेरे लंड की प्यास को और ज्यादा बढ़ा दिया . मुझे उस सेक्सी रंडी के मुंह की चुदाई करने में बड़ा आनंद आ रहा था. गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली बह सुन्दर सी दिखने वाली कामुक वेश्या बलोंजॉब देते देते मेरे लंड के निचे लटके मेरे आंड को अपने हाथ से मसाज दे राही थी और लंड को मस्त चूस्सा लगा रही थी. मैंने उसके माथे को हाथ में लिया और मैं उसके मुहं को जोर जोर से चोदने लगा. उसके मुहं से ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग जैसे आवाज आ रही थी. लेकिन वो साली रंडी थी बहुत अनुभव वाली क्यूंकि उसके मेरे लंड को उसके गले में अंदर तक जाने के लिए अपने गले का मार्ग खोल दिया था और अब मेरा लंड उसके कंठ तक जा रहा था.
मैंने उस रंडी के मुंह के साथ साथ उसके गले को ऐसे ही 2 मिनिट तक भरपूर चोदा और फिर जब उसके मुंह के अंदर मेरा वीर्य निकल गया तो फिर मैंने अपने लंड को मुहं से बाहर निकाल लिया. उस नंगी रंडी का पूरा का पूरा मुंह मेरे वीर्य से भर चूका था. फिर उस रंडी ने मेरे लंड से निकला सारा का सारा वीर्य पी लिया. अब बारी थी उस कामुकता से भरी रंडी की चूत चोदने की. अब वह रंडी चुदवाने के लिए पलंग में अपनी टाँगे फैला के लेट गई. मैं उसकी टांगो के बिच में आ गया और उसकी चूत के होंठो के उपर लंड को रख दिया. चमेली ने अपने हाथो से लंड को चूत के अंदर लिया और उसके सेट होते ही मैंने एक झटका दे दिया. लंड अंदर आधा घुस गया. चमेली की चूत मस्त चिकनी थी और अंदर से गरम गरम भी. मैंने जैसे ही लंड को अंदर झटके दिए; चमेली आह आह ओह ओह करने लगी.
वैसे कोई रंडी चुदवाते समय मोन नहीं करती हैं क्योंकि चुदवाते चुदवाते उनकी चूत ढीली जो पड़ जाती है. लेकिन मेरा लंड था ही इतना बड़ा के अच्छी अच्छी चूत इसके आगे पानी भरती थी इस लिए उस रंडी को मेरे लम्बे मोटे लंड से चुदवाने में काफी ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ रहा था और वो चुदते चुदते बहुत ही ज्यादा मादक आवाजें निकाल रही थी. मैंने चमेली को जोर जोर से ठोका और ठोकता ही रहा. करीब पंद्रह मिनिट की जोरदार चुदाई के बाद उस नंगी रंडी की टाइट चूत में से सफेद सफेद झाग आने लगे और वो भी अपनी गांड को उठा उठा के मेरे लंबे मोटे लौड़े के मजे लेने लगी. मैंने झुक के गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली उस रंडी के मोटे मोटे बूब्स चूसने के लिए फिर से अपने मुहं के अंदर लिए और कस के उन्हें चूसने लगा. उस रंडी के निपल्स अकड कर नुकीले हो चुके थे और वो मुझे बहुत ही स्वादिष्ट लग रहे थे.
गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली सुन्दर वेश्या चमेली उछल उछल कर मेरे लंबे मोटे लंड के मजे ले रही थी. मैंने भी पुरे जोश के साथ उसकी चुदाई कर रहा था. मैंने अब अपना लंड चमेली की चूत से बहार निकाला. लंड के उपर लगा कंडोम चमेली ने बदला. मैंने गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली उसे रांड को इशारा करते हुए उल्टा किया. वो अब कुतिया बनने के बाद अपनी गांड को उप्पर उठा के लेट गई. उस नंगी रंडी की चूत से टपकता हुआ पानी मेरे लंड की प्यास को और भी ज्यादा बढ़ा रहा था. मैंने डॉगी सेक्स पोजीशन में चोदने के लिए पीछे से उस कुतिया बनी हुई नंगी रंडी की चूत के अंदर अपना लंड थूक लगाकर पेल दिया और जल्दी जल्दी उसकी डॉगी सेक्स पोजीशन में चुदाई करने लगा. कुतिया बनी हुई चमेली की चिकनी चूत के अंदर अब मेरा पूरा लंड घप घप की आवाज करते हुए अंदर बाहर हो रहा था. वेश्यावृत्ति करने वाली उस रांड को भी मेरे फौलादी लंड से चुदवाने में बहुत मजा आ रहा था, तभी तो वो रंडी भी अपनी गांड उठा उठा के मेरे लंबे मोटे लंड को और भी अंदर लेती जा रही थी.
मैंने गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली उस रंडी के कूल्हों को अपने दोनों हाथों से चौड़ा किया और चुदाई करते करते उसकी चूत के अंदर बाहर होते हुए अपने लंड को देखने लगा. तभी मुझे लगा की अब मैंने झड़ने वाला हूँ. मैंने लंड के झटके और भी तीव्र कर दिए और पचमेली भी मेरे लंड को अंदर के मसल खिंच के दबाने लगी. तभी मेरे लंड से करीब 100 ग्राम ताजा वीर्य निकला और पूरा का पूरा कंडोम वीर्य से भर गया. मैंने लंड की तह से कंडोम को पकड़ा और धीरे से लंड को बहार किया. चमेली को मुझ से चुदाई का बहुत ही मजा आया. उसने हँसते हुए कहा, “क्यों, बाबूजी प्यास बूझी के नहीं.”मैंने कहा, “आज के लिए काफी हैं इतना, प्यास बूझी लेकिन कल इसी वक्त और प्यास लगेगी तो हम फिर कुँए के पास आएँगे.”
चमेली बोली, “बाबूजी जब भी आपके लंड को मेरी चूत चोदने की और गांड मारने की प्यास लगे तो आप अपनी प्यास शांत करने के लिए चले आना और अपनी प्यास बुझा लेना” मेरी अन्तर्वासना शांत करने के बाद उस रंडी ने मेरे लिए चूल्हे पर गरमा गर्म चाय बनाई और फिर चाय पीने के बाद मैं चुपके से उस वेश्यावृत्ति करने वाली वेश्या की झोंपड़ी के अंदर से निकल गया. गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली चमेली की चूत और ने पुरे 4 दिन तक मेरे प्यासे लंड की प्यास बुझाई और फिर दोस्त की मंगनी का प्रोग्राम हो जाने के बाद मैं वापस बिहार राज्य के सारण ज़िले में स्थित अपने शहर आ गया. अब मैं इसी ताक में हूँ की मेरा मित्र रामविलास सुमन जल्द शादी करे और मुझे फिर से हरीयादपुर जाने का अवसर मिले ताकि गाँव में पैसों के लिए वेश्यावृत्ति करने वाली सुन्दर सी दिखने वाली जिस कामुक वेश्या ने मेरे प्यासे लंड की प्यास बुझाई मैं फिर से उस रंडी की चूत चोद सकूँ और गांड मार सकूँ…


