अंडकोष चाटने के बाद पड़ोसी के लंड से मेरी प्यासी चूत का मिलन अन्तर्वासना हिंदी डबल पेनीट्रेशान सेक्स कहानी का सारांश :- यह अन्तर्वासना थ्रीसम चुदाई कहानी है जया और राहुल की, जो एक गर्मियों की रात में अपनी कामुक इच्छाओं को पूरा करते हैं। जया, एक गृहिणी जो अपने पति के साथ संतुष्ट नहीं है, मौका मिलते ही अपने पड़ोसी राहुल के साथ जंगली सेक्स में लिप्त हो जाती है।
राहुल का मोटा लंड जया की तंग चूत में घुसते ही वह चीखने लगती है। कहानी में गांड मारने व डबल पेनीट्रेशान करने से लेकर मुखमैथुन तक के सभी गंदे विवरण हैं। जया भाभी की गीली चूत और राहुल का तना हुआ लंड आपस में मिलकर एक जंगली रात बिताते हैं जहां वे कई बार झड़ते हैं और एक दूसरे को संतुष्ट करते हैं। फिर पडोसी अपने एक दोस्त के ले आता है अपनी पड़ोसन भाभी के साथ डबल पेनीट्रेशान करने के लिए …
Andkosh chaatne ke baad padosi ke lund se meri pyaasi chut ka milan :- मेरा नाम जया है और मैं मुंबई के एक मध्यमवर्गीय इलाके में रहती हूँ। मैं तीस साल की हूँ और मेरे शरीर के वो हिस्से जो पुरुषों को आकर्षित करते हैं, वो हैं मेरे बड़े-बड़े बोबे जिन्हें देखकर हर कोई अपना लंड खड़ा कर लेता है। मेरी गोल-मटोल गांड और पतली कमर ने मेरे पड़ोस के कई लोगों को मेरी याद में हस्तमैथुन करने पर मजबूर कर दिया है। मेरा पति सुनील एक साधारण क्लर्क है जो मेरी कामुक इच्छाओं को पूरा नहीं कर पाता। उसका पतला लंड मेरी गहरी चूत को संतुष्ट नहीं कर पाता और मैं हमेशा किसी मोटे लंड की तलाश में रहती हूँ।
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एक दिन जब मेरा पति ऑफिस गया हुआ था, मैं अपने बालकनी में खड़ी थी तभी मेरी नजर पड़ोस में रहने वाले राहुल पर पड़ी। राहुल लगभग 25 साल का जवान लड़का है जिसका शरीर पूरी तरह से गठा हुआ है। वह अपनी टी-शर्ट उतारकर अपने बाथरूम की खिड़की के पास खड़ा था और मैं उसके मोटे लंड को देखकर गीली हो गई। उसका लंड इतना बड़ा था कि मेरी चूत उसे देखते ही पानी छोड़ने लगी। मैंने सोचा कि काश वह मुझे अपने उस मोटे लंड से चोदे।
अगले दिन जब मैं सब्जी लेने बाजार जा रही थी, तभी राहुल मिल गया। उसने मुझे देखकर मुस्कुराया और बोला, “जया दीदी, आप तो बहुत खूबसूरत लग रही हैं आज।” मैंने उसकी बात सुनकर अपने बोबों को हिलाया और बोली, “तुम भी तो बहुत हंडसोम लग रहे हो राहुल।” मेरी बात सुनकर उसकी नजर मेरे कमीज के बटनों के बीच से झांकते हुए मेरे बोबों पर टिक गई। मैंने जानबूझकर थोड़ा आगे झुककर उसे और दिखाया। उसकी आँखों में कामुकता साफ झलक रही थी।
शाम को जब मेरा पति घर आया तो मैं उसके साथ बिस्तर पर गई लेकिन मेरा मन नहीं लगा। उसका पतला लंड मेरी चूत में घुसा तो मैंने बस कराहना शुरू कर दिया ताकि वह खुश हो जाए। असल में मैं तो राहुल के मोटे लंड के बारे में सोच रही थी। जब सुनील ने मुझ पर अपना पतला माल छोड़ा तो मैंने सोचा कि काश यह राहुल का गाढ़ा वीर्य होता जो मेरी चूत को भर देता। रात भर मैं राहुल के बारे में सोचकर हस्तमैथुन करती रही।
राहुल का मोटा लंड और मेरी प्यासी चूत का मिलन
अगले दिन मौका मिलते ही मैंने राहुल को संदेश भेजा कि वह शाम को मेरे घर आ जाए क्योंकि मेरा पति आउट ऑफ स्टेशन जा रहा है। राहुल ने तुरंत हाँ कर दी। शाम को मैंने सेक्सी लाल रंग की लेस वाली चोली और पेटीकोट पहनी जिससे मेरे बोबे और गांड पूरी तरह दिख रहे थे। मैंने अपनी चूत पर हल्का सा परफ्यूम लगाया ताकि राहुल को उसकी खुशबू आए। जैसे ही घंटी बजी, मेरा दिल धड़कने लगा। दरवाजा खोला तो राहुल सामने खड़ा था उसकी आँखों में वही कामुक चमक थी जिसकी मुझे तलाश थी।
मैंने उसे अंदर आने को कहा और दरवाजा बंद करते ही उसने मुझे जोर से अपनी बाहों में भर लिया। उसके हाथ सीधे मेरे बोबों पर पहुँचे और उन्हें मसलने लगे। मैं कराह उठी, “अह्ह्ह… राहुल… ऐसे ही दबाओ मेरे बोबों को।” उसने मेरे कपड़े फाड़ने शुरू कर दिए और मेरे निप्पल्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। मैं बेहोश होने लगी जब उसकी जीभ मेरे निप्पल्स पर नाचने लगी। मेरी चूत से पानी की धारा बहने लगी और मैंने उसके पैंट के बटन खोल दिए। उसका मोटा लंड बाहर आते ही मेरा मुँह पानी से भर गया।
पडोसी के साथ मुखमैथुन करने के लिए मैंने तुरंत घुटनों के बल बैठकर उसके लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे ब्लोजॉब देने लगी। उसका स्वाद मुझे पागल कर रहा था। मैं उसके लंड को पूरा निगल नहीं पा रही थी क्योंकि वह बहुत मोटा था लेकिन मैं कोशिश करती रही। मेरी जीभ उसके लंड के सिरे पर घूम रही थी और मैं उसके अंडकोष को भी चूस रही थी। राहुल मेरे बाल पकड़कर मेरा सिर अपने लंड पर ऊपर-नीचे करवा रहा था। अचानक उसने मुझे उठाकर सोफे पर फेंक दिया और मेरी चूत को अपने मुँह से चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरी चूत के अंदर तक घुस गई और मैं चीखने लगी, “अह्ह्ह… हाँ… ऐसे ही चाटो मेरी इस चुद्द्कड़ चूत को मेरे राजा… और अंदर… हाँ!”
मैं उसकी जीभ के कारण कई बार झड़ चुकी थी लेकिन वह रुकने का नाम नहीं ले रहा था। अंत में जब मैं बिल्कुल थक गई तो उसने मुझे पलटकर अपना मोटा लंड मेरी चूत के दरवाजे पर रख दिया। मैं डर गई क्योंकि उसका लंड बहुत बड़ा था लेकिन मेरी चूत उसे लेने के लिए तैयार थी। उसने धीरे से दबाव डाला और उसका लंड मेरी चूत में घुस गया। दर्द और मजे का ऐसा मिश्रण था कि मैं चीख पड़ी, “अह्ह्ह… मादरचोद… कितना बड़ा है तेरा लंड… अब धीरे से चोदो मुझे!”
जंगली चुदाई और गांड मारने का मजा
राहुल ने धीरे-धीरे चोदना शुरू किया लेकिन जल्द ही उसकी गति तेज हो गई। मेरी चूत उसके मोटे लंड से फटने वाली थी लेकिन मैं उस दर्द में भी मजा ले रही थी। उसने मेरे बाल पकड़कर मुझे जोर से झटका दिया और मेरी चूत में और गहराई तक घुस गया। मैं चिल्ला उठी, “हाँ… ऐसे ही… तेरे मोटे लंड से मेरी चूत को फाड़ डालो… अह्ह्ह!” मेरी चूत से निकलने वाली आवाज़ कमरे में गूंज रही थी – “चप-चप-चप”। राहुल का लंड मेरी चूत के अंदर आग लगा रहा था और मैं बार-बार झड़ रही थी।
थोड़ी देर बाद राहुल ने मुझे पलटकर गांड मारने की पोजीशन में लेटा दिया। मैंने पहले कभी गांड नहीं मरवाई थी लेकिन आज मैं तैयार थी। उसने मेरी गांड के छेद पर थोड़ा सा लुब्रिकेंट लगाया और अपना लंड वहाँ धकेल दिया। पहले तो बहुत दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा। राहुल मेरी गांड को जोर-जोर से मार रहा था और मैं चीख रही थी, “हाँ… मेरी गांड को फाड़ डालो… अह्ह्ह… तेरा लंड मेरी गांड में कितना अच्छा लग रहा है!” उसकी हर थ्रस्ट के साथ मैं एक नए आसमान पर पहुँच रही थी।
कुछ देर बाद पडोसी यूवक राहुल ने मुझे फिर से पलटकर मिशनरी पोजीशन में लेटा दिया। उसने मेरे पैरों को अपने कंधों पर रखा और अपना लंड मेरी चूत में वापस घुसा दिया। इस बार उसकी गति बहुत तेज थी। मैं उसके सीने पर अपने नाखूनों के निशान बना रही थी और वह मेरे बोबों को जोर से दबा रहा था। अचानक उसने चिल्लाया, “मैं झड़ने वाला हूँ जया… तेरी चूत में ही निकाल दूँ?” मैंने कहा, “हाँ… अपना गाढ़ा माल मेरी चूत में ही छोड़ दो… मैं तेरे बच्चे लेना चाहती हूँ!” यह सुनकर राहुल ने एक जोरदार झटका दिया और उसका गर्म वीर्य मेरी चूत के अंदर फट पड़ा। मैं भी उसी समय झड़ गई और हम दोनों एक दूसरे से चिपककर लेट गए।
लेकिन राहुल का लंड जल्दी ही फिर से खड़ा हो गया और उसने मुझे सोफे के पास झुकाकर घोड़ी बनाया और फिर से चोदना शुरू कर दिया। करीब दस मिनट तक उसने मुझे घोड़ी बनाकर चोदा उसके बाद उसने मेरे मुंह की चुदाई करने की इच्छा जाहिर करी। वो चुदाई इतनी मस्त कर रहा था की मैं उसे मेरे मुंह की चुदाई करने से रोक नहीं पायी। इस बार उसने मेरे बाल पकड़कर मुझे पीछे की तरफ खींचा और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया।
मैंने किसी पेशेवर रंडी की तरह मेरे पडोसी का लंबा मोटा लंड चूसना शुरू कर दिया। यह डबल प्लेजर था जिसने मुझे पागल कर दिया। कुछ ही देर में राहुल ने फिर से झड़ दिया और इस बार उसका वीर्य मेरे मुँह में आया। मैंने उसे निगल लिया और उसके लंड को चूमा। हम दोनों पूरी तरह से थक चुके थे लेकिन संतुष्ट भी।
बाथरूम में शावर के नीचे पीछे से अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया
थोड़ी देर आराम करने के बाद राहुल ने मुझे उठाकर बाथरूम में ले गया। उसने गर्म पानी चालू किया और मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दिया। पानी मेरे शरीर पर बह रहा था और राहुल मेरे बोबों को साबुन लगाकर धो रहा था। उसकी उंगलियाँ मेरे निप्पल्स पर घूम रही थीं और मैं फिर से उत्तेजित हो गई। मैंने उसके लंड को हाथ लगाया तो वह फिर से खड़ा हो गया मेरा काम लगाने के लिए। मेरे पडोसी राहुल ने मुझे दीवार की तरफ मुड़ने को कहा और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया।
शावर के नीचे चुदाई का अपना ही मजा था। पानी हमारे शरीरों पर बह रहा था और राहुल मेरी गांड को जोर से थपथपा रहा था। मैं दीवार पर हाथ टिकाकर अपनी गांड को पीछे की तरफ धकेल रही थी ताकि उसका लंड और गहराई तक जाए। कुछ देर बाद राहुल ने मुझे घुटनों के बल बैठा दिया और शावर के नीचे ही मेरी चूत चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ मेरी चूत के हर कोने को छू रही थी और मैं बार-बार झड़ रही थी। मेरी चीखें बाथरूम में गूंज रही थीं लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
अंत में राहुल ने मुझे फिर से खड़ा किया और अपना लंड मेरी चूत में डालकर तेजी से चोदना शुरू कर दिया। पानी हमारे शरीरों पर बह रहा था और हमारी चुदाई की आवाज़ उसके साथ मिलकर एक अजीब सी धुन बना रही थी। मैंने पीछे मुड़कर राहुल को चूमा और उसके कान में फुसफुसाया, “मुझे तेरा लंड बहुत पसंद है… तू मुझे रोज चोदेगा?” राहुल ने मुस्कुराकर हाँ कहा और फिर एक जोरदार झटके के साथ अपना वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया। हम दोनों पानी के नीचे एक दूसरे से लिपटकर खड़े रहे, पूरी तरह से संतुष्ट और थके हुए।
बाथरूम से निकलकर हम बिस्तर पर लेट गए। राहुल ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे बोबों को दबाने लगा। मैं उसकी छाती पर सिर रखकर सो गई। सुबह जब मैं उठी तो राहुल का लंड फिर से खड़ा था और वह मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था। मैंने तुरंत उसके लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे सुबह का नाश्ता करवाया। राहुल ने भी मेरी चूत चाटकर मुझे झड़वाया और फिर अपना लंड मेरी चूत में डालकर एक बार फिर से मुझे चोदा। इस बार उसने अपना वीर्य मेरे चेहरे पर छोड़ा और मैंने उसे अपनी उंगलियों से चाट लिया।
अगले दिन डबल पेनीट्रेशान करने के लिए राहुल और उसके दोस्त का आगमन
दोपहर को जब मैं अकेली थी तो राहुल फिर से मेरे घर आ गया। इस बार वह अपने एक दोस्त विक्की को भी साथ लाया था मेरे साथ डबल पेनीट्रेशान करने के इरादे से। विक्की भी राहुल की तरह ही जवान और ताकतवर था। मैंने दोनों को अंदर आने दिया और तुरंत डबल पेनीट्रेशान करवाने के लिए अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। राहुल ने मेरे बोबों को दबाया तो विक्की ने मेरी गांड को। मैं दोनों के बीच फंसकर मजे ले रही थी। विक्की ने मुझे घुटनों के बल बैठाया और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया जबकि राहुल पीछे से मेरी चूत चोद रहा था।
यह मेरा पहला अनुभव था जब दो लोग एक साथ मुझे चोद रहे थे रंडी बनाकर और मैं भी किसी रांड की तरह बड़े मजे से डबल पेनीट्रेशान करवा रही थी। विक्की का लंड भी राहुल की तरह मोटा था और मैं उसे अपने मुँह में लेकर संघर्ष कर रही थी। राहुल मेरी चूत को जोर-जोर से मार रहा था और मेरी चीखें कमरे में गूंज रही थीं। दोस्तों करीब एक घंटे तक हम तीनो ने मिलकर थ्रीसम सेक्स करा और फिर बिक्की ने अपना वीर्य मेरे मुंह में छोड़ दिया और राहुल ने मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ा। थ्रीसम सेक्स करने के बाद हम तीनो बाथरूम में साथ स्नान करने के लिए चले गए और बाथरूम में उन दोनों ने मेरे साथ डबल पेनीट्रेशान करा।


