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गर्लफ्रेंड बनाकर ठुकाई कर डाली वर्जिन कामवाली बाई की

जब पैसे से बात नहीं बनी तो अपनी कामवासना शांत करने के लिए गर्लफ्रेंड बनाकर जोरदार ठुकाई कर डाली बेचारी 18 साल की पतली दुबली वर्जिन कामवाली बाई की अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी फ्री में ऑनलाइन पढ़ें :- मेरा नाम सूरी मेहरा है और मैं सोनभद्र जिले का रहने वाला हूँ. कुछ दिनों पहले मेरे घर में एक नई कामवाली आई थी, नाम था शांता. वो लड़की अभी कुवारी थी और उम्र कोई 18 साल की होगी. बिलकुल पतली दुबली अच्छे खासे सेक्सी बदन की वो बहुत मस्त माल थी उसे देखते ही मेरा दिल उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाने का करने लगा था. पहले ही दिन से वो मुझे अच्छी लगने लगी थी और मेरा बहुत जादा दिल उसे चोदने का था. धीरे धीरे मैंने उससे जान पहचान बनाना शुरू कर दी.

घर का काम करने के लिए वो जवान और सेक्सी लड़की सुबह 7 बजे ही आ जाती थी. घर का काम करते हुए उसके जवान और सेक्सी जिस्म को मैं छुपी हुई नजरो से देखता रहता था. मैं उम्र में शांता बाई से दो साल बड़ा ही था मगर उस देखते ही मेरे शरीर के अंदर कामवासना उत्पन हो जाती थी और फिर मैं अपनी कामवासना शांत करने के लिए बाथरूम में जाकर हमारी नौकरी के नाम की मुठ मारा करता था. मैं जवान लड़का अपनी कामवासना शांत करने के लिए उसके जिस्म को उपर से नीचे तक घूर घूर के देखा करता था. दिल करता था की अभी इसे पकड़कर अपने कमरे में लाकर इसका रफ सेक्स कर दूँ, बहुत होगा तो जेल हो जाएगी.

गर्लफ्रेंड बनाकर ठुकाई कर डाली बेचारी पतली दुबली वर्जिन कामवाली बाई की हिंदी सेक्स स्टोरी

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इस तरह के रंगीन ख्वाब मेरे दिमाग में हमेशा आते रहते थे. घर के सारे कपड़े धोते धोते उसका सलवार सूट भीग जाता था और बड़े बड़े रसीले ३४” के दूध मुझे साफ़ दिख जाते थे. मैं उसे पैसों का लालच देकर उसकी ठुदाई करने की कोशिश में था मैं उससे बोला करता था की शांता बाई कभी ज्यादा पैसो की जरुरत पड़े तो मुझसे मांग लिया करो अब तुम भी इस परवर का ही हिस्सा हो और वो शरमा कर रह जाती थी. मैंने उसकी ठुकाई करने के लिए बहुत प्रयास करे मगर जब उसकी तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया तो मैंने साडी उम्मीद छोड़ दी थी की कभी वो मेरी गर्लफ्रेंड बनकर मेरे साथ सेक्स करेगी.

फिर एक दिन जब वो हमारे घर पर ही काम कर रही थी की तभी अचानक शांता का छोटा भाई भागा भागा आया, उसने हांफते हाँफते बताया की उनकी माँ ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है और वो आत्महत्या कर रही है. ये बात सुनते ही मैं और शांता जल्दी उसके घर भागे. मेरी वर्जिन नौकरानी की मम्मी का उसके शराबी बाप से रात को कोई झगड़ा हुआ था, इसलिए वो फ़ासी लगाकर आत्महत्या करने जा रही थी. शांता की मम्मी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था, सारा मोहल्ला जमा हो गया था. मेरी वर्जिन नौकरानी की मम्मी आज बिलकुल पगला गयी थी और बार बार कह रही थी की आज वो जरुर मर जाएगी. दरवाजा भी इतना मजबूत था की टूटने का नाम नही ले रहा था.

बेचारी शांता ये सब बवाल देखकर रोने लगी और मुझसे बार बार कहने लगी “साहब जी, मेरी मम्मी को बचा लो….साहब जी..मेरी मम्मी को बचा लो” वो मुझसे कहने लगी. मुझे साहब बुलाना बहुत चुभ जाता था, मैंने तो उसको चो……..ददददना चाहता हूँ और ये पगली तो मुझसे साहब साहब बुलाती रहती थी. मैं तेजी से काम करने लगा और घर की छत पर चढ़ गया, वहां एक रोशनदान मुझे मिल गया, जो शांता की मम्मी के कमरे में ही लगा हुआ था. मैंने अपनी शर्ट उताकर अपने सीधे हाथ में गोल गोल लपेट ली और रोशनदान का शीशा तोड़ दिया और अंदर कमरे में कूद गया.

बेचारी वर्जिन कामवाली बाई की मम्मी फांसी के फंदे से झूल ही वाली थी की मैंने उसकी मम्मी को बचा लिया. शांता अपनी मम्मी को जिन्दा देखकर बहुत खुश हुई. अगले दिन जब वो काम पर आई तो मुझसे बोली की साहब आपका बहुत बहुत शुक्रिया…कल आपने मेरी मम्मी को बचा लिया” फिर मैंने उससे बोला की देख शांता तुझे मैं साफ़ साफ़ बोल रहा हूँ की मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ इसलिए तुम मुझे साहब साहब मत कहा करो.

मेरे मुँह से उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाने की बात सुनकर वो एक डीएम से चौंक गयी, पर अगले दिन से उसने मुझे साहब नही बोला. एक दिन मेरे घर वाले घर पर नही थी, वो सफाई कर रही थी, मैंने शांता को पकड़ लिया और उसके गोरे गोरे गालों को किस करने लगा. वो अंदर ही अंदर मान गयी थी और उसने खुलकर कुछ नही कहा. उसके बाद वो भी मुझे किस करने लगी. इतने दिन से उसे मैं सारा दिन देखा करता था, आज मेरा अपनी 18 साल की पतली दुबली वर्जिन कामवाली बाई की जोरदार ठुकाई करने का मेरा पूरा मूड था.

शांता इतनी पतली दुबली और हलकी थी की मैं उसके घुटनों के नीचे हाथ डालकर उसे अपनी गोद में उठा लिया. वो वर्जिन लड़की घबरा गयी थी क्योंकि आज से पहले किसी ने उसके साथ सेक्स संबंध जो नहीं बनाये थे. फिर मैं अपनी मस्त कामवाली बाई को गोद में लेकर खड़ा था, इसी बीच मैंने उसके गाल पर पप्पी दे दी और फिर गोद में उठाकर उसके रसीले होठ पीने लगा. हम लोगो के बीच में एक गहरी ख़ामोशी थी जो आज ये कह रही थी की शांता आज पहली बार चुदवाने वाली थी. अपनी कामवासना शांत करने के लिए मैं उसे अपने बैडरूम में ले गया और अपने लक्जरी पलंग पर मैंने उसे पटक लिया.

फिर मैंने भी उसके पास लेट गया, 18 साल की वर्जिन कामवाली बाई बार बार अपना मुँह छिपा रही थी. वो हंस रही थी, ठीठोली कर रही थी वो जानती थी की हम दोनों के बीच में आज चुदाई होने वाली है. “साहब जी….मुझे शर्म आती है!!” शांता बोली मैंने कहा मेरी जान….आजकल सब लडकियाँ अपने बॉयफ्रेंड्स से कह कहकर चुदवाती है….एक तुम हो की शर्म कर रही हो! बड़ी मुश्किल से मैंने उसका हाथ पतली दुबली शांता बाई के चेहरे से छुडाया और फिर अपना चेहरा मैंने उसके चेहरे पर टिका दिया. मेरे मुँह उसके मुँह पर था और मैंने उसके रसीले होठ का स्वाद ले रहा था.

मेरी वर्जिन कामवाली बाई का चेहरा बता रहा था की आज वो किसी को अपने रसीले होठों का रस पहली बार पिला रही है. मैंने पलंग पर उसके हाथ फैला दिये और मेरी वर्जिन नौकरानी की दोनों कलाई को अपने हाथ से कसकर पकड़ लिया. क्यूंकि बार बार मेरी वर्जिन कामवाली बाई अपने हाथ से मुझे धक्का दे रही थी. उसके बाद जो १५ २० मिनट तक मैंने जी भरकर उसके रसीले होठ चुसे और शांता की सांसो की खुसबू ली. कुछ देर में ही शांता चुदने को तैयार हो गयी. मैंने उसके दूध को छूने लगा और दबाने लगा, मेरी वर्जिन नौकरानी की हंसी रुक नही रही थी.

मैंने शांता से पूछा की आज से पहले कभी किसी मर्द के लंड से चुदी हो क्या पहले कभी तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था ??” उसने आँखे बंद करते हुए ही कहा नहीं आज से पहले मैंने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं करा. फिर मैंने उससे पुचा की आज से पहले कभी किसी मर्द के साथ सेक्स क्यों नहीं करा ??? वर्जिन माल शांता अपनी आँखें बंद करती हुई बोली की आज से पहले कभी कोई चोदने वाला मिला ही नही साहब जी. “कितनी बार कहा की हम दोनों बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड है…..साहब जी मत कहा करो!” मैंने कहा “कोई बात नही साहब जी….आप मुझे कसकर चोद लो…मेरी आदत आपको साहब जी ही कहने की हो गयी है…इससे कोई फर्क नही पड़ता है!!”

शांता बोली “अच्छा….” मैंने कहा उसके बाद मैं उसके दूध तेज तेज दबाने लगा. धीरे धीरे मैंने मेरी गर्लफ्रेंड कामवाली बाई का सलवार सूट निकाल दिया. उसने बहुत सस्ती वाली ब्रा पेंटी पहन रखी थी, मार्किट में इस प्रकार की ब्रा पेंटी मात्र 50-50 रूपए में मिलती है. मेरी गर्लफ्रेंड उर्फ़ कामवाली बाई की ठुकाई करने के लिए मैंने भी अपने सारे कपड़े निकाल दिए और सब कुछ खोलकर बिलकुल नंगा हो गया. मेरी गर्लफ्रेंड उर्फ़ कामवाली शांता बाई की सील पैक वर्जिन चूत चोदने को मेरा लंड पूरी तरह से तैयार था. शांता से अपनी आँखें खोली ही नही और बंद ही रखी.

मैंने उसके मस्त मस्त सफ़ेद और बड़े सुंदर सुडौल दूधो को हाथ में ले लिया और तेज तेज दबाने लगा. शांता बार बार अपने रसीले होठो को अपने दांतों से काट लेती थी, जैसे मैं उसके दूध को किसी ट्रक के हॉर्न की तरह दबाता था. दोस्तों, उस दिन मैंने पूरा मजा ले लिया और अपनी 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई के दूध मजे लेकर दबा लिए. फिर मुँह में लेकर मजे सी पिने लगा. शांता “आआआआअह्हह्हह….ईईईईईईई…ओह्ह्ह्हह्ह…अई..अई..अई….अई..मम्मी” करके चिल्लाने लगी. मैने उसके मम्मे को मुँह में भर लिया और मजा लेकर किसी रसीले मीठे आम की तरह तेज तेज चूसने लगा. आज तो मजा आ गया था दोस्तों.

उसके बाद मैं मैंने शांता को बैठा लिया और अपना लेट गया. “शांता …..आजा मेरा लंड चूस!!” मैंने कहा “साहब …..हम नही जानते है की कैसे लंड चूसा जाता है!!” मेरी 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई बोली मैंने तुरंत अपना फोन लिया और उसको लंड चूसने और ब्लोजॉब करने वाली एक ब्लू फिल्म दिखाई. उस ब्लू फिल्म को देखने के बाद वो मेरे आगे झुक गयी और उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी. मेरी गर्लफ्रेंड उर्फ़ वर्जिन कामवाली शांता बाई मेरे लंड के सुपाड़े को जीभ हिला हिलाकर चाटने लगी और मेरे लंड से खेलने लगी. हालाँकि वो अभी भी शर्मा रही थी, पर मेरी जिद के सामने मेरी वर्जिन नौकरानी की एक ना चली.

कुछ देर बाद तो उसने मेरा पूरा ७ इंची लंड अपने मुँह में ले लिया और मजे से चूसने लगी. अब धीरे धीरे वो ठुकाई अर्थात चुदाई के सारे नियम अच्छी तरह समझ और जान रही थी. वो अपनी सिर हिला हिलाकर मेरा लौड़ा चूस रही थी. पतली दुबली शांता बाई के होठ की मीठी और नशीली रगड़ से मेरे लंड की एक एक नस फूल गयी थी. अब वो मेरी वर्जिन नौकरानी की बुर चोदने को पूरी तरह से तैयार हो गया था. इसी बीच मैं पलंग पर खड़ा हो गया, और मैंने बैठी हुई पतली दुबली शांता बाई के मुँह में लंड डाल दिया और उसके सर को मैंने दोनों कान के पास से पकड़ लिया और जल्दी जल्दी उस 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई का मुँह चोदने लगा.

आह्हह्हह्हह्हह….दोस्तों, मैं आपको बता नही सकता की मुझे कितना जादा सुख मिल रहा था अपनी 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई का मुँह चोदने में. मैंने कसकर उसके सिर को पकड़ रहा था और जल्दी जल्दी कमर आगे पीछे चलाकर उस 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई का मुँह चोद रहा था. मेरा ७ इंची मोटा लंड जब पतली दुबली शांता बाई के मुँह में जाता था तो सीधा गले तक पहुच जाता था और नीचे ने मोटा लंड गले में साफ़ साफ उभरता हुआ दिखता था. इसी तरह मैंने बीस मिनट पतली दुबली शांता बाई के मुँह की ठुकाई करी तो मेरा कंट्रोल छूट गया और मेरा माल फच्च फच्च उसके मुँह में ही निकल गया. वो मेरा माल बाहर थूकने लगी.

“मम्मी की लौड़ी…..ये क्या कर रही है…पी जा….पी जा…..इसके थूकते नही है!!” मैंने शांता को समझाया मेरे दबाव में आकर वो मेरा सारा माल बेमन से पी गयी. मैंने उसे बिस्तर पर वापस लिया दिया और मेरी वर्जिन नौकरानी की चूत पीने लगा. शांता ने अपनी सारी झांटे अच्छे से साफ़ कर ली थी, चूत चिकनी और साफ़ थी. मैं मजे से मेरी वर्जिन नौकरानी की चूत पीता रहा, एक एक चूत की फांक को मैं मजे से पी रहा था, फिर मैंने मेरी वर्जिन नौकरानी की चूत की पंखुड़ी को खोल दिया और सील बंद चूत को मजे से पीने लगा. शांता की चूत की सील बंद झिल्ली को मैं मजे से पी रहा था.

कुछ देर बाद वर्जिन बुर की ठुकाई करने के लिए मैंने अपना खड़ा लंड मेरी वर्जिन नौकरानी की चूत की सीलबंद झिल्ली पर लगा दिया और जोर का धक्का मारा. शांता की चूत की झिल्ली टूट गयी और मेरा पहलवान लंड अंदर घुस गया, वो “……मम्मी…मम्मी…. ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” करके जोर जोर से चिल्लाने लगी. मैंने मेरी वर्जिन नौकरानी की कलाई कसकर पकड़ रखी थी, मैं अपनी 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई को मजे से चोदने लगा. उफ्फ्फफ्फ्फ़… उसकी बुर कितनी कसी थी, मुस्किल से मेरा लंड अंदर बाहर हो पा रहा था. फिर मैं धीरे धीरे शांता को चोदने लगा.

धीरे धीरे उसकी चूत रवां हो गयी और मैं तेज तेज उसके भोसड़े में लंड देने लगा. हर गर्लफ्रेंड की तरह नंगी शांता बाई ने भी ठुकाई करवाने के लिए अपने दोनों पैर किसी बतख की तरह उठा दिए और चुदवाने लगी. मेरी वर्जिन नौकरानी की आँखें बंद थी और वो “अई…अई….अई……अई इसस्स्सस्स् उहह्ह ओहह्” की आवाज वो बार बार निकाल रही थी. कुछ देर बाद मैं उसे तेज तेज ठोकने लगा. मेरी कमर अपने आप नाच नाचकर मेरी वर्जिन नौकरानी की बुर की जोरदार ठुकाई करवाने में मदद कर रही थी. चुदाई के दौरान मेरी नंगी नौकरानी शांता बाई बार बार अपनी गांड उठा देती थी. कुछ देर बाद तो मैं उसे और जल्दी जल्दी ठोकने लगा, शांता अपनी गांड हवा में उठाने लगी.

मैं मेरे लंबे मोटे लंड से मेरी वर्जिन नौकरानी की टाइट चूत की जोरदार ठुकाई कर रहा था, अपने सीधे हाथ से मैं उसकी भरी हुई चूत के दाने को जल्दी जल्दी घिस रहा था और उसे तेज तेज चोद रहा था. बुर के दाने और ओंठो को घिसने से उसे बहुत नशीली उतेज्जन हो रही थी. फिर मैंने अपने दोनों हाथ नंगी शांता की चूची पर रख दिया और उसके स्तनों के निपल्स को मजा लेकर मसलने लगा. वो “ओह्ह् मम्मी… अहह्… उहह्ह…. उ उ उ…” की आवाज बार बार निकाल रही थी. मैंने उसे आधे घंटे से जादा देर तक चोदा और फिर मेरी वर्जिन नौकरानी की रसीली चूत में ही वीर्य गिरा दिया. मेरे लंबे मोटे लंड से चुदवाकर मेरी 18 साल की पतली दुबली कामवाली बाई बोली की साहब जी आप बहुत मस्त ठुकाई करते हो…

दोस्तों मैंने उसे केवल सेक्स करने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड बना रखा है मैं कोई उससे शादी थोड़ी करूँगा शादी तो मैं उसकी बहन से करूँगा जो इस खतरनाक ठुकाई वाली हिंदी सेक्स स्टोरी को पढ़ने के बाद शेयर नहीं करेगा “अंडी बंडी संडी जिसने इस सेक्सी कहानी को शेयर नहीं करा उसकी माँ बहन रंडी” … दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स कहानी “गर्लफ्रेंड बनाकर खतरनाक ठुकाई कर डाली बेचारी वर्जिन कामवाली बाई की” बहुत पसंद आयगी यदि आप इस सेक्स कहानी का दूसरा भाग पढ़ना चाहते हैं तो हमें ईमेल करके जरुर बताना…

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