HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesकटीले डंडे से गांड चूत जख्मी करी विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने

कटीले डंडे से गांड चूत जख्मी करी विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने

कटीले डंडे से गांड चूत जख्मी करी विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का सारांश :- यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी राधापुर गाँव के पास एक सुनसान जंगल में घटित होती है, जहाँ मैं, विक्रम, एक मोटर मैकेनिक, अपनी शादीशुदा प्रेमिका रेखा को अपनी लग्जरी कार में चोदने के लिए ले गया था। मैं इस कहानी को अपनी नजर से सुना रहा हूँ। रेखा ने अपने पति रमेश को घर पर अकेला छोड़कर मेरे साथ रात में चुपके से निकलने का प्लान बनाया था। हम कार की पिछली सीट पर हार्डकोर आउटडोर सेक्स कर रहे थे, जब रमेश हमें पकड़ लेता है। गुस्से में उसने हमें क्रूर सजा दी। इस हार्डकोर आउटडोर हिंदी सेक्स कहानी में हास्य, शर्मिंदगी, और दर्दनाक बेबसी के भाव हैं। गाली-गलौज, अश्लील संवाद, और बेहद उत्तेजक दृश्य भारतीय देहाती माहौल में सेट हैं। साड़ी, सिंदूर, और जंगल का माहौल कहानी को जीवंत बनाते हैं। हर घटना विस्तार से दर्शाई गई है, जिसमें किरदारों की भावनाएँ और शारीरिक संवेदनाएँ शामिल हैं। कहानी में कोई अस्पष्टता नहीं है; यह पाठकों की अंतरंग इच्छाओं को जगाने के साथ-साथ सजा की क्रूरता को दर्शाती है।


Married girlfriend’s husband injured her ass and pussy with a thorny stick Antarvasna Hindi sex story :- मैं विक्रम, राधापुर गाँव का मोटर मैकेनिक। उम्र 27 साल, कद-काठी मस्त, और गाँव की औरतें मेरे पीछे पागल। मेरी जिंदगी में असली मस्ती तब शुरू हुई, जब रेखा भाभी से मेरी नजरें मिलीं। रेखा, यार, क्या माल है! गोरी-चिट्टी, बड़े-बड़े बूब्स, जो साड़ी के ऊपर से उभरे रहते हैं। उसकी गांड इतनी मस्त कि साड़ी में लहराती हुई सीधा लंड में आग लगा देती है। उम्र होगी कोई 29-30, लेकिन उसकी आँखों में वो चमक है, जो बता देती है कि वो बिस्तर पर तहलका मचा सकती है। उसका पति, रमेश, गाँव का सरपंच है। पैसा, रौब, सब है, लेकिन वो रेखा को रात में ठीक से चोदता नहीं। शराब पीकर गालियाँ देता है, और रेखा चुपचाप सहती है। शायद यही वजह थी कि रेखा मेरी बाहों में आ गई।

रमेश की बात करूँ तो, वो 40-42 का होगा, मोटा-ताजा, हमेशा कुर्ते-पायजामे में। गुस्सा इतना कि गाँव वाले उससे थर-थर काँपते हैं। लोग कहते हैं कि वो रेखा को रात में तंग करता है, लेकिन प्यार से नहीं, बल्कि गुस्से से। मेरा दोस्त नरेंद्र, जो गाँव में किराने की दुकान चलाता है, मेरी उम्र का है और गपशप का उस्ताद। वो हमेशा मेरे और रेखा के बारे में मजाक करता रहता था, लेकिन उस रात उसे क्या पता था कि मेरी जिंदगी में तूफान आने वाला है।

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रेखा ने मुझे उस दिन दोपहर में फोन किया था। रमेश को शराब की बोतल थमा दी थी, और वो सो गया था। रेखा ने कहा, “विक्रम, आज रात 10 बजे मुझे लेने आ जाना। रमेश सो जाएगा, और मैं चुपके से निकल आऊँगी।” मैंने अपनी चमचमाती ब्लैक SUV कार तैयार की और रात को उसके घर के पास इंतजार किया। रेखा चुपके से घर से निकली, लाल साड़ी में, और उसका ब्लाउज इतना टाइट था कि उसके बूब्स बाहर निकलने को बेताब थे। मैंने उसे देखा, और मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।

विवाहित गर्लफ्रेंड के साथ जंगल में कार के अंदर हार्डकोर आउटडोर चुदाई की शुरुआत

मैंने कार को गाँव से 5 किलोमीटर दूर, एक सुनसान जंगल की ओर ले गया, जहाँ कोई आता-जाता नहीं। रात के 11 बज रहे थे। चाँद की रोशनी जंगल में फैली थी, और ठंडी हवा हमारे जिस्म को छू रही थी। मैंने कार की पिछली सीट पर रेखा को बाहों में लिया। उसकी साड़ी का पल्लू नीचे सरक गया, और उसके बूब्स ब्लाउज में कैद, मेरे सामने नाच रहे थे। मैंने उसका चेहरा पकड़ा और बोला, “रेखा, आज तुझे बाहर जंगल में चोदूँगा, तू रमेश को भूल जाएगी।” उसने शरमाते हुए कहा, “विक्रम, तू भी ना, हर बार गंदी बातें करता है।” लेकिन उसकी आँखों में वो मस्ती थी, जो बता रही थी कि वो भी मेरे लंड की भूखी थी।

मैंने उसकी साड़ी को धीरे-धीरे ऊपर उठाया। उसका पेटीकोट भी साथ में चढ़ गया। उसकी गोरी जाँघें चाँद की रोशनी में चमक रही थीं। मैंने उसकी चूत को छुआ, और वो गीली थी, जैसे कोई झरना बह रहा हो। “साली, तू तो पहले से चुदने को तैयार है,” मैंने हँसते हुए कहा। उसने मुझे हल्का-सा थप्पड़ मारा और बोली, “चुप कर, हरामी, और जल्दी कर। कोई आ गया तो गांड फट जाएगी।” मैंने अपनी पैंट खोली, और मेरा लंड बाहर आया, 7 इंच का, सख्त और गर्म। रेखा ने उसे देखा और उसकी आँखें चमक उठीं। उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और सहलाने लगी। “क्या मस्त लंड है तेरा, विक्रम,” उसने कहा, और उसकी आवाज में मस्ती थी।

मैंने उसे कार की सीट पर लिटाया और उसकी साड़ी को पूरी तरह ऊपर कर दिया। उसकी चूत चमक रही थी, गीली और गुलाबी। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा, और वो सिसकारी भरने लगी। “विक्रम, डाल दे, मत तड़पा,” उसने कहा। मैंने एक ही झटके में अपना लंड उस विवाहित महिला की तंग चूत में पेल दिया। वो दर्द के मारे बहुत जोर से चीखी, “आह्ह, माँ की चूत, धीरे कर, हरामी!” लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था। मैंने उसे जोर-जोर से चोदना शुरू किया। कार की सीट हिल रही थी, और रेखा की सिसकारियाँ जंगल में गूँज रही थीं। उसके बूब्स ब्लाउज में उछल रहे थे।

मैंने उसका ब्लाउज फाड़ दिया, और उसके बूब्स बाहर आ गए, बड़े, गोल, और निप्पल सख्त। मैंने एक बूब को मुँह में लिया और चूसने लगा, जबकि मेरा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। रेखा की सिसकारियाँ चीखों में बदल गई थीं। “विक्रम, चोद दे मुझे, फाड़ दे मेरी चूत!” वो चिल्ला रही थी। मैंने और जोर से धक्के मारे। उसकी चूत इतनी गीली थी कि हर धक्के के साथ ‘पच-पच’ की आवाज आ रही थी। मैंने उसकी गांड के नीचे हाथ डाला और उसे और ऊपर उठाया, ताकि मेरा लंड और गहराई तक जाए। वो पागल हो रही थी, और मैं भी।

उसके बाद, मैंने उसे घुमाया और डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया। उसकी गांड मेरे सामने थी, गोल और मस्त। मैंने उसे जोर से थप्पड़ मारा। “साली, क्या मस्त गांड है तेरी,” मैंने कहा। उसने हँसते हुए जवाब दिया, “बस चोद, गाली मत दे, हरामी।” मैंने मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड की गांड को और जोर से थप्पड़ मारा और अपना लंड उसकी तंग चूत में और तेजी से उसकी बच्चेदानी तक पेला। फिर मैंने उसकी गांड के छेद को छुआ, और वो सिहर उठी। “विक्रम, वहाँ नहीं!” उसने कहा, लेकिन मैंने उसकी गांड में उंगली डाली, और वो चीख पड़ी। मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उसकी गांड में डाला, और वो दर्द और मजे में चिल्ला रही थी। “आह्ह, फट गई मेरी गांड!” उसने कहा, लेकिन मैंने धक्के जारी रखे। जंगल की खुली हवा में उसकी चीखें और हमारी चुदाई की आवाजें गूँज रही थीं।

मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड के सनकी पति का आगमन और हम प्रेमियों को क्रूर सजा

तभी, अचानक, मुझे दूर से टॉर्च की रोशनी दिखी। मैंने मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड से रेखा को कहा, “रुक साली रंडी, कोई आ रहा है ऐसा ना हो हम आउटडोर चुदाई करते पकड़े जाएँ।” लेकिन वो इतनी मस्ती में थी कि बोली, “छोड़, कोई नहीं आएगा। बस चोदता रह मुझे अपनी रंडी बनाकर।” मैंने फिर भी धक्के धीमे कर दिए। टॉर्च की रोशनी पास आ रही थी, और अब मुझे एक आदमी की परछाई दिखी। आउटडोर सेक्स करते हुए पकड़े जाने के डर से मेरी गांड फट गई जब मैंने देखा कि वो रमेश था, रेखा का पति! शायद शराब का नशा उतर गया था, और उसे शक हो गया था कि रेखा कहाँ गई। वो हाथ में एक लोटा लिए चला आ रहा था, और उसका चेहरा गुस्से से लाल था।

“रेखा, उठ, तेरा मर्द आ गया अब ये हम दोनों की ही माँ चोद डालेगा!” मैंने घबराते हुए कहा। रेखा ने मेरी तरफ देखा, और उसकी आँखें डर से बड़ी हो गईं। “विक्रम, ये रमेश है! भोसड़ी के, अब क्या होगा?” उसने फुसफुसाते हुए कहा। मैंने जल्दी से अपना लंड उसकी गांड से निकाला और पैंट ऊपर की। रेखा ने अपनी साड़ी ठीक करने की कोशिश की, लेकिन उसका ब्लाउज फटा हुआ था, और उसके बूब्स बाहर झाँक रहे थे।

मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड के पत्नी, रमेश ने कार का दरवाजा खोला और चिल्लाया, “साली, रंडी, तू रात को घर से भागकर इस हरामी के साथ इस सुनसान जंगल में आउटडोर चुदाई कर रही है?” उसने अपनी पत्नी रेखा का हाथ पकड़ा और उसे कार से बाहर खींच लिया। मैं भी बाहर निकला, लेकिन डर के मारे मेरी टाँगें काँप रही थीं। रमेश ने मुझे देखा और बोला, “विक्रम, तू? मेरी बीवी को चोद रहा था, हरामी?” मैंने कुछ बोलने की कोशिश की, लेकिन मेरी आवाज गले में अटक गई। रेखा ने रमेश का हाथ झटकने की कोशिश की और बोली, “रमेश, तू हर रात शराब पीकर मुझे गालियाँ देता है। मैं क्या करूँ?” रमेश का गुस्सा और भड़क गया। उसने लोटा उठाया और उसका पानी रेखा की मांग पर डाल दिया। उसका सिंदूर धुल गया, और वो रोने लगी। “ये ले, रंडी, अब तू मेरी बीवी नहीं,” रमेश चिल्लाया।

लेकिन रमेश यहीं नहीं रुका। उसने जंगल में पड़ा एक कटीला झाड़ी का डंडा उठाया, जो करीब दो फुट लंबा और काँटों से भरा था। मैंने देखा और मेरी रूह काँप गई। “रमेश भैया, ये क्या कर रहे हो?” मैंने डरते हुए कहा। उसने मेरी तरफ देखा और बोला, “हरामी, तुझे और इस रंडी को अवैध सेक्स संबंध बनाने की आज ऐसी सजा दूँगा कि जिंदगी भर याद रखेगा।” उसने मुझे कार से खींचकर बाहर निकाला और मेरी पैंट नीचे कर दी। मैं चिल्लाया, “रमेश भैया, छोड़ दो, गलती हो गई आज के बाद कभी आपकी पत्नी की चुदाई नहीं करूँगा!” लेकिन वो कहाँ सुनने वाला था।

उसने उस कटीले डंडे को मेरी गांड के छेद पर रखा और एक ही झटके में अंदर पेल दिया। मैं चीख पड़ा, “आह्ह, माँ की चूत, ये क्या कर रहा है!” दर्द ऐसा था कि मेरी आँखों के सामने अंधेरा छा गया। काँटे मेरी गांड में चुभ रहे थे और खून बहने लगा। विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने कटीला डंडा मेरी गांड के अंदर-बाहर करना शुरू किया और हर बार मेरी गांड फटती जा रही थी उस कटीले डंडे से। मेरी जख्मी गांड के अंदर से लाल लाल खून टपक रहा था, और मैं बेबस होकर दर्द के मारे जोर जोर से चीख रहा था। “रमेश, बस कर, मर जाऊँगा!” मैंने गिड़गिड़ाया, लेकिन वो हँसते हुए बोला, “साला, मेरी बीवी को चोदने की हिम्मत की, अब भुगत।”

मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड रेखा ये सब देखकर रो रही थी, लेकिन रमेश का गुस्सा अभी ठंडा नहीं हुआ था। मेरी गांड जख्मी करने के बाद उस सनकी ने अपनी पत्नी रेखा को पकड़ा और उसकी साड़ी पूरी तरह फाड़ दी। वो नंगी हो गई, और उसके बूब्स और चूत सबके सामने थी। मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने वही कटीला डंडा उठाया और अपनी चरित्रहीन पत्नी की तंग चूत में जोर जबरदस्ती डाल दिया। रेखा चीखी, “रमेश, नहीं, ये मत कर!” लेकिन रमेश ने डंडा और जोर से पेला। रेखा की चूत से खून बहने लगा, और वो दर्द से कराह रही थी। फिर रमेश ने डंडा उसकी गांड में डाला, और वो और जोर से चीख पड़ी। “रमेश, मैं मर जाऊँगी!” उसने कहा, लेकिन रमेश बोला, “रंडी, तुझे और तेरे यार को आज सबक सिखाऊँगा।”

रमेश ने कटीला डंडा कई बार अपनी पत्नी के प्राइवेट पार्ट के अंदर-बाहर किया, और रेखा की चूत और गांड खून से लथपथ हो गईं। मैं और रेखा दोनों दर्द से तड़प रहे थे। मेरी गांड और रेखा की चूत-गांड इतनी खराब हो चुकी थी कि अब ना तो हम दोनों लेटिंग आने पर टट्टी कर सकते थे, ना मूत आने पर पेशाब। खून बह रहा था, और हम दोनों बेबस होकर जमीन पर पड़े थे। रमेश ने आखिरी बार डंडा फेंका और बोला, “साले हरामी, अब दोबारा से मेरी बीवी को छूने की हिम्मत मत करना नहीं तो तेरा लंड काट कर कुत्तों को खिला दूंगा।”

जख्मी गांड व चूत का दर्द और शर्मिंदगी का मंजर

हमें जख्मी हालत में छोड़कर मेरी शादी शुदा गर्लफ्रेंड का सनकी पति रमेश वहाँ से चला गया, और हम दोनों प्रेमी जंगल में जख्मी पड़े रहे, दर्द से कराहते हुए। मेरी गांड में इतना दर्द था कि मैं हिल भी नहीं पा रहा था। रेखा भी रो रही थी, और उसकी चूत और गांड से काफी ज्यादा खून टपक रहा था। मैंने उसकी तरफ देखा और कहा, “रेखा, ये क्या हो गया?” उसने रोते हुए कहा, “विक्रम, मैंने तुझे मना किया था, लेकिन तू नहीं माना। अब देख, हमारी क्या हालत हो गई।” मैंने कुछ नहीं कहा, क्योंकि दर्द इतना था कि बोलने की हिम्मत नहीं थी।

जंगल के सन्नाटे में हम दोनों की कराहें गूँज रही थीं। चाँद की रोशनी में हमारा खून चमक रहा था। मैंने मन ही मन सोचा, एक विवाहित महिला के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने की सजा इतनी भयानक होगी, मैंने कभी नहीं सोचा था। रेखा ने मेरी तरफ देखा और बोली, “विक्रम, अब क्या करेंगे? हम तो मर जाएँगे।” मैंने हिम्मत जुटाकर कहा, “रेखा, किसी तरह गाँव तक पहुँचते हैं। वहाँ डॉक्टर को दिखाएँगे।” लेकिन सच कहूँ, मुझे खुद नहीं पता था कि हम जिंदा बचेंगे या नहीं।

किसी तरह, हमने एक-दूसरे को सहारा दिया और कार तक पहुँचे। मैंने कार स्टार्ट की, लेकिन हर बार सीट पर बैठने से मेरी गांड में दर्द की लहर दौड़ जाती थी। रेखा भी सीट पर टेढ़ी-मेढ़ी गांड करके बैठी थी, क्योंकि उसकी चूत और गांड में दर्द असहनीय था। हम गाँव के एक छोटे से क्लिनिक तक पहुँचे, जहाँ डॉक्टर ने हमारी हालत देखी और कहा, “ये क्या कर आए तुम दोनों? तुम्हारी गांड और चूत इतनी खराब हो चुकी है कि महीनों लगेंगे ठीक होने में।” उसने हमें इंजेक्शन दिए और दवाइयाँ लिखीं, लेकिन बोला कि टट्टी और पेशाब करने में अभी कई दिन तक दिक्कत रहेगी।


कटीले डंडे से गांड चूत जख्मी करी विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

उस रात की दर्दनाक घटना ने मुझे और मेरी विवाहित गर्लफ्रेंड रेखा को जिंदगी भर का सबक सिखा दिया। जंगल में हार्डकोर चुदाई की मस्ती में हम इतने डूब गए थे कि हमें ये नहीं सोचा कि रमेश हमें पकड़ लेगा। उसकी क्रूर सजा ने हमें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया। मेरी गांड और रेखा की चूत-गांड इतनी खराब हो चुकी थी कि हम कई हफ्तों तक नॉर्मल नहीं हो पाए। गाँव में ये बात फैल गई, और लोग हमें देखकर हँसते थे। मेरा दोस्त नरेंद्र पहले तो मजाक उड़ाता था, लेकिन जब उसे हमारी हालत का पता चला, तो वो भी चुप हो गया। रेखा और रमेश का रिश्ता अब पूरी तरह टूट चुका था। रेखा ने मुझसे मिलना बंद कर दिया, और मैंने भी उससे दूरी बना ली।

इस कटीले डंडे से गांड चूत जख्मी करी विवाहित गर्लफ्रेंड के पति ने अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी के शुरू में हास्य था, जब मैं और रेखा जंगल की खुली हवा में चुदाई कर रहे थे, लेकिन रमेश की सजा ने सब कुछ दर्दनाक बना दिया। मैं आज भी उस रात को याद करता हूँ, और मेरी रूह काँप जाती है। पाठकों से मैं पूछना चाहता हूँ, क्या आपको लगता है कि रमेश की सजा सही थी? या हमारी गलती इतनी बड़ी नहीं थी? किरदारों, जंगल के माहौल, और कहानी के टोन के बारे में आपका क्या ख्याल है? क्या हार्डकोर सेक्स के दृश्य आपको उत्तेजित करते हैं, या सजा का हिस्सा आपको डराता है? अपनी राय जरूर बताएँ।

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