बिलकुल मुफ्त में पढ़े ब्लू फ़िल्म देखकर कामुक मामी और सेक्सी मौसियों के साथ ग्रुप सेक्स करा अन्तर्वासना हिंदी सामूहिक चुदाई कहानी – Bilkul muft mein padhe blue film dekhkar kaamuk mami aur sexy mausiyon ke saath group sex kara antarvāsna hindi saamuhik chudai kahani – Read absolutely free: A Hindi group-sex story about having group sex with a lustful maternal aunt and sexy aunts after watching a blue film — an Antarvāsna (inner-desire) collective fucking story …
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम देव है और यह मेरी सेक्स स्टोरी की पहली और सबसे असली घटना है। मुझे सेक्स की कहानियाँ पढ़ने का शौक बचपन से था, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ हकीकत में ऐसा कुछ होगा। बात उस समय की है जब मैं 11वीं पास करके 12वीं कक्षा में गया। उस समय मेरी उम्र 18 वर्ष थी और हमारा परिवार गाँव में रहता था। वहाँ 10वीं कक्षा तक ही स्कूल था, इसलिए आगे की पढ़ाई के लिए मुझे शहर नीमच जाना पड़ा, जो मेरे गाँव से 25 किमी की दुरी पर है। वहाँ पर मेरे मामा का बड़ा घर है। मेरे 3 मामा हैं, जिनमें से एक मामा की शादी हो गई थी। उस समय उनकी शादी को 2 साल ही हुए थे।
मेरे तीनों मामा एक ही दुकान पर काम करते हैं। मेरी मामी दिखने में एकदम कामुक औरत और सेक्सी हैं! उनका रंग गोरा, कद थोड़ा छोटा और काले घने बाल उनकी सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं। उनके चूचे… उफ़! क्या बताऊँ आपको? एकदम 36D साइज के, काफी बड़े, टाइट और आकर्षक हैं! पूरे घर में 5 कमरे हैं। नीचे के एक कमरे में मेरी नानीजी सोती हैं और ऊपर वाले एक कमरे में मेरे दोनों छोटे मामा सोते हैं। उनके पास वाले कमरे में मेरे बड़े मामा और मामी सोते हैं। मुझे सबसे ऊपर वाला बड़ा हॉल दिया गया था।
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मेरी दो मौसी भी हैं। छोटी मौसी राधा की उम्र 35 साल है और बड़ी मौसी किरण की उम्र 40 साल है। इनकी शादी हुए 10 साल से ज्यादा हो गए थे। मेरी दोनों मौसी सर्दियों की छुट्टी में मामा के यहाँ आई हुई थीं। दोनों दिखने में बहुत ही मस्त और गदराई हुई थीं। इन दोनों के चूचे और कुल्हे भी दिखने में मामी से बिल्कुल कम नहीं थे। एकदम सुडौल, मांसल और बड़े-बड़े बोबे, जिन्हें देखने की और दबाने की तमन्ना मेरे मन में ना जाने कब से थी।
एक दिन मेरे तीनों मामा को 4 दिनों के लिए किसी जरूरी काम से शहर से बाहर जाना पड़ा। मेरे लिए तो जैसे लॉटरी लग गई थी। मुझे ब्लू फ़िल्म देखने का सुनहरा मौका मिलने वाला था क्योंकि टीवी और सीडी प्लेयर मेरे छोटे मामा के रूम में ही रखे थे। मैं स्कूल से आते वक्त अपने एक दोस्त से 5 ब्लू फ़िल्म की सीडी ले आया। शाम तक सभी मामा चले गए। अब घर में नानीजी, दोनों मौसी और मामी ही बची थीं। वैसे तो दोनों मौसियाँ और उनके बच्चे नानीजी के साथ उनके कमरे में नीचे ही सोते हैं, लेकिन उस दिन मामी ने उन्हें अपने पास ऊपर सोने के लिए बुला लिया।
मुझे पता था कि अब वे सब मिलकर औरतों वाली गप्पे मारेंगी। मैं भी उनकी बातों का मजा लेने के लिए छुपकर उसी रूम के बाहर चला गया। मेरी छोटी मौसी राधा थोड़ी ज्यादा सेक्सी बातें करती थी और उनका मिजाज भी काफी रंगीन था। वो मामी से मजे लेते हुए पूछने लगी- “भैया भरपूर मजा दे रहे हैं ना आपको रात में? लंड तो मोटा है ना उनका?” मामी थोड़ी शरमाई और धीरे से बोली- “इतना तो नहीं! पर ठीक गुजर रही है राधा जी, कभी-कभी तो जल्दी ही पानी निकल जाता है।” राधा मौसी ने अचानक मेरी ओर देखा, मैं दरवाजे के पास खड़ा था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- “बच्चे, तू अभी इन सब बातों को नहीं समझेगा, तू पास वाले कमरे में जाकर सो जा।”
मैं चुपचाप वहाँ से चला गया। मैंने अपने कमरे में जाकर टीवी चालू की और XXX ब्लू फ़िल्म देखना शुरू कर दिया। टीवी स्क्रीन पर एक मोटा लौड़ा एक गोरी लड़की की चूत में घुस रहा था, और उसमें से लड़की की चुदाई की मस्त और सिसकने वाली आवाज़ें आ रही थीं। मैंने सोचा कि अब तो तीनों औरतें सो गई होंगी, तो मैंने टीवी की आवाज़ थोड़ी तेज कर दी। मामी और मौसी के सुडौल जिस्म के बारे में सोच-सोच कर मेरा लंड पैंट में तन कर लोहे की रॉड जैसा कड़क हो गया था।
मैं XXX पोर्न फ़िल्म देख ही रहा था कि मुझे कमरे की खिड़की के पास अचानक किसी की आहट सुनाई दी। मैं बुरी तरह चौंक गया और मैंने जल्दी से टीवी बंद कर दी। मेरी धड़कन तेज हो गई थी। मैंने किसी तरह खुद को शांत किया और मामी की टाइट चूत और मौसियों के बड़े चूचों के बारे में सोचकर करीब आधे घंटे तक अपने तने हुए लंड की मुठ मारी और अपना सारा वीर्य जमीन पर निकालकर सो गया।
सुबह जब मैं थोड़ी देर से उठा तो राधा मौसी मेरे पास आई और धीरे से मुस्कुराते हुए कहने लगी- “रात में काफी देर तक टीवी देखी है ना? मुझे सब पता है देव, तुम सेक्सी फ़िल्म देख रहे थे ना? मैंने वो चुदाई की आवाज़ें सुन ली थीं।” मैं काफी डर गया था कि मौसी यह बात घर में किसी और को बता ना दे। मैंने गिड़गिड़ाते हुए उनसे कहा- “सॉरी मौसी, प्लीज आप किसी से बोलना मत यह बात, मैं आगे से ऐसा नहीं करूँगा।”
राधा मौसी ने मेरी आँखों में गहराई से देखा और एक अजीब सी कामुक मुस्कान के साथ कहा- “नहीं बोलूँगी, पर मेरी एक शर्त है!” मैंने घबराते हुए पूछा- “कौन सी शर्त मौसी?” मौसी ने जो कहा, उसे सुनकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई और मेरे होश उड़ गए। वो मेरे करीब आकर मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहने लगी- “देव, आज रात तुम्हें मुझे भी वो नंगी फ़िल्म दिखानी होगी। यह बात तुम्हारी बड़ी मौसी किरण और मामी को भी पता चल चुकी है। वो दोनों भी बहुत प्यासी हैं, तो उन्हें भी देखनी है ये ब्लू फ़िल्म।”
मैं अंदर ही अंदर खुशी से पागल हो रहा था। मैंने तुरन्त हाँ कर दी। मैं पूरा दिन मन ही मन उत्तेजित होता रहा। मेरा इंडियन देसी लंड पैंट में बार-बार खड़ा हो रहा था। जब रात के 10 बजे, तो मैं टीवी वाले कमरे में चला गया और सीडी लगा दी। मैंने बाहर जाकर राधा मौसी को धीरे से आवाज़ दी कि सभी ऊपर आ जाओ। नीचे से मामी ने जवाब दिया- “मुझे और तुम्हारी बड़ी मौसी को थोड़ा रसोई का काम बाकी है। हम कुछ देर से ऊपर आएंगी, अभी तुम्हारी राधा मौसी आ रही है ऊपर।” मैंने कहा- “ठीक है, आप लोग भी जल्दी आ जाना।”
कुछ ही मिनटों में राधा मौसी कमरे में आ गई। उन्होंने एक बेहद पतली और पारदर्शी सी लाल रंग की नाईटी पहनी हुई थी, जिसमें से उनके 35 साल के गदराए हुए शरीर का हर एक कर्व साफ दिख रहा था। उनके बड़े-बड़े चूचे उस पतले कपड़े से बाहर आने को बेताब थे। तब तक मैं फ़िल्म प्ले कर चुका था। मौसी एकदम मेरे पास सटकर बिस्तर पर बैठ गई। उनके शरीर से एक बहुत ही मादक परफ्यूम की खुशबू आ रही थी। फ़िल्म में एक लंबा और मोटा लंड वाला लड़का, एक लड़की के नंगे चूचे बेरहमी से चूस रहा था। यह नजारा देखकर मैं और मौसी दोनों की साँसें तेज होने लगीं। दोनों उत्तेजित हो रहे थे।
राधा मौसी ने धीरे से अपना हाथ मेरी जांघ पर रखा और मुझसे पूछा- “देव, सच बताना, तुमने तो आज तक किसी लड़की की असली चूत (Real Vagina) नहीं देखी होगी ना?” मैंने अपना सूखा हुआ गला साफ करते हुए कहा- “हाँ मौसी, हकीकत में कभी नहीं देखी है असली चूत।” मौसी की आँखों में हवस साफ चमक रही थी, उन्होंने कहा- “देख, जब तक तेरी मामी और किरण मौसी नहीं आतीं, तब तक मेरी देख ले और महसूस कर ले!” यह कहकर उन्होंने अपनी नाईटी धीरे से ऊपर की और मुझे अपनी पैन्टी में हाथ डालने का इशारा किया।
उनका गोरा और चिकना पेट देखकर मेरा दिमाग सुन्न हो गया। मैंने जरा भी देर किए बिना अपना कांपता हुआ हाथ उनकी चड्डी के अंदर डाल दिया। मेरी उंगलियाँ उनकी मखमली और बालों वाली चूत (Hairy Vagina) से टकराईं। उनकी रसदार चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। मैं उनकी चूत की दरार को सहलाने लगा। मेरा 7 इंच का लम्बा लण्ड भी बांस की तरह खड़ा होकर मेरी पैंट फाड़ने को तैयार था। मैं उनकी चूत के दाने को अपनी उंगली से मसलने लगा, जिससे राधा मौसी की आँखों से नशा छलकने लगा और वो मजा लेते हुए आहें भरने लगीं। उन्हें मजा आ ही रहा था कि इतने में बाहर से मामी की आवाज़ आई।
उन्होंने कहा- “राधाजी, दरवाजा खोलिए हम आ गए हैं।” मैंने मामी की आवाज सुनते ही झटके से अपना हाथ चड्डी से बाहर खींचा। जब मैंने रोशनी में देखा, तो मेरे हाथ पर बहुत सारा मौसी की चूत का रस और चिपचिपा माल लग गया था। मेरी उंगलियाँ उनकी चूत के पानी से चमक रही थीं। मैंने तुरन्त अपने हाथ तौलिये से साफ किए और जाकर दरवाजा खोला।
बड़ी मौसी किरण और मामी दोनों कमरे में आ गईं। दोनों ने भी हल्के रंग की ढीली मैक्सी पहनी हुई थी। बड़ी मौसी कमरे में आते ही बिस्तर पर बैठ गईं और बोलीं- “देव, फ़िल्म को शुरू से लगाओ, हम लोगों ने ऐसी सेक्स फिल्म पहले कभी हकीकत में नहीं देखी है।” मैंने बिना कुछ कहे फ़िल्म को फिर से शुरू से प्ले कर दिया। फिर क्या था! तीनों प्यासी औरतें मेरे इर्द-गिर्द बिस्तर पर बैठ कर फ़िल्म का मजा लेने लगीं।
ब्लू फ़िल्म में अब लड़का लड़की की दोनों टांगें उठाकर उसकी चूत को जीभ से चाट रहा था, और लड़की जोर-जोर से सिसक रही थी। मैंने तिरछी नज़रों से एक-एक करके अपनी 40 साल की गदराई किरण मौसी, 35 साल की छरहरी राधा मौसी और अपनी एकदम गोरी और सेक्सी मामी की ओर देखा। वो तीनों फ़िल्म देखने में इतनी मस्त हो रही थीं कि उनकी साँसें भारी हो गई थीं। मामी तो अपनी मैक्सी के ऊपर से ही अपने 36D के बोबों को हल्के-हल्के दबा रही थीं। अब मेरा भी कड़क और तना हुआ लण्ड पैंट की चैन तोड़ने लगा था। मैं उस कमरे के माहौल की गर्मी से अपने होश खो रहा था!
बड़ी मौसी किरण ने खुद पर काबू खोते हुए मामी से कहा- “ऐसी चुदाई वाली फ़िल्म हम लोग देख तो रहे हैं, पर अभी ना तो तुम्हारे पति यहाँ हैं और ना ही हमारे। हमारी चूत में जो आग लग रही है, हम अपनी ये वासना कैसे बुझाएंगी?” मौसी की बात सुनकर मैं खुद को रोक नहीं पाया और तुरंत बोल पड़ा- “मैं हूँ ना मौसी! मैं अपनी इस जवानी से आप तीनों की आग बुझाऊँगा, मैं चोदुंगा आप तीनों को बारी-बारी से।”
यह सुनकर तीनों एक पल के लिए चौंकी, फिर एक साथ हँस पड़ीं। मामी ने मेरी पैंट के उभार को देखते हुए कहा- “बड़ा आया चोदने वाला! पहले अपना हथियार तो दिखा, देखें तो सही तेरे इस छोटे से पैंट में क्या छुपा है?” उन्होंने मुझे अपना लण्ड दिखाने को बोला। मैं यह सुनकर थोड़ा शर्माने का नाटक करने लगा। मैंने हिम्मत करके कहा- “मैं आप तीनों को अपना खड़ा लंड दिखा तो दूँ, पर मेरी एक शर्त है।”
इतने में बड़ी मौसी किरण ने अपनी मैक्सी के बटन खोलते हुए पूछ ही लिया- “कैसी शर्त देव? अब जल्दी बता, हमसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा।” मैंने कहा- “मैं अपना लण्ड आप सभी को दिखा दूँगा, पर पहले मैं आप तीनों को बिल्कुल नंगी देखना चाहता हूँ। मुझे आप तीनों के चूचे और चूत देखनी है।” चूँकि तीनों औरतें बुरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थीं और उनके अंदर का छिनालपन जाग चुका था, इसलिए सभी ने बिना किसी झिझक के मेरी यह बात मान ली।
सबसे पहले राधा मौसी ने अपनी नाईटी झटके से उतार कर फेंक दी। उनके 35 साल के कड़क बूब्स ब्रा के अंदर से बाहर आने को मचल रहे थे। उन्होंने अपनी ब्रा का हुक खोला और उनके दोनों सुडौल चूचे मेरे सामने आज़ाद हो गए। फिर उन्होंने अपनी लाल पैन्टी भी नीचे सरका दी। उनकी बालों वाली चूत पूरी तरह से नंगी थी। फिर मामी ने अपनी मैक्सी उतार दी। मामी का शरीर मक्खन की तरह गोरा और चिकना था। उनके 36D के भारी भरकम स्तन देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। मामी ने कोई ब्रा नहीं पहनी थी, उनके बड़े-बड़े काले निप्पल एकदम तन कर खड़े थे। अंत में 40 साल की किरण मौसी ने अपने कपड़े उतारे। उनका जिस्म सबसे ज्यादा मांसल और भरा हुआ था। उनके बड़े कुल्हे और लटकते हुए भारी बोबे देखकर कोई भी रंडीबाज अपना पानी छोड़ दे।
तीनों नंगी औरतें मेरे सामने बिस्तर पर कामुक अदाओं में बैठी थीं। मामी ने मेरी तरफ देखकर कहा- “अब तेरी बारी देव, जल्दी से निकाल अपना लंड।” मैंने धीरे से अपनी पैंट की जिप खोली और अपना कड़क, 7 इंच लंबा और मोटा लौड़ा बाहर निकाल लिया। मेरा लंड देखकर तीनों की आँखें फटी रह गईं। किरण मौसी ने अपना होंठ काटते हुए कहा- “उफ़! देव, तेरा लंड तो तेरे मामाओं से भी बड़ा और मोटा है। इसे तो देखकर ही मेरी चूत से पानी छूटने लगा है।”
राधा मौसी ने आगे बढ़कर मेरे लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया। लंड के गोटे को सहलाते हुए उन्होंने मेरे सुपारी वाले हिस्से पर एक जोरदार चुंबन लिया। मेरे मुँह से सिसकी निकल गई। मामी और किरण मौसी भी मेरे पास आ गईं। मामी ने मेरे लंड को पकड़कर उस पर अपना मुँह रख दिया और एक शानदार ब्लोजॉब देने लगीं। वो मेरे लंड को किसी लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं। उनका मुँह मेरे तने हुए लंड पर ऊपर-नीचे हो रहा था। वहीं दूसरी तरफ, किरण मौसी मेरे सीने को चूम रही थीं और राधा मौसी मेरे लंड के अंडकोष और अंड की थैली को अपनी उंगलियों से सहला रही थीं। मैं जन्नत का मजा ले रहा था।
थोड़ी देर तक मुखमैथुन (Oral Sex) का मज़ा लेने के बाद, मैंने मामी को उठाया और उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया। मामी की दोनों टांगें मैंने अपने कंधों पर रख लीं। उनकी रसदार चूत एकदम मेरे चेहरे के सामने थी। मैंने अपनी जीभ निकाली और मामी की टाइट चूत को चाटना शुरू कर दिया। मेरी जीभ उनकी चूत की गहराई तक जा रही थी। “आहहह… देव… चाट… और जोर से चाट मेरी चूत को…” मामी अपनी आँखें बंद करके मजे में पागल हो रही थीं। मैंने अपनी दो उंगलियाँ उनकी गांड के छेद में भी डाल दीं। गांड में उंगली जाते ही मामी का शरीर ऐंठ गया।
कुछ मिनटों तक चूत चाटने के बाद, मैंने अपना मोटा लौड़ा अपने हाथ में पकड़ा और मामी की गीली चूत के मुहाने पर सेट कर दिया। मामी ने मेरी आँखों में देखा और कहा- “डाल दे देव, फाड़ दे मेरी चूत को आज।” मैंने एक जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा का पूरा 7 इंच का लंड मामी की चूत को चीरता हुआ अंदर जड़ तक घुस गया। मामी के मुँह से एक तेज चीख निकल गई- “आउचचच… ओई माँ… मर गई… बहुत मोटा है तेरा लंड देव… उफ़फ़फ़।”
मैं बिना रुके मामी की चूत में तेजी से धक्के मारने लगा। चप… चप… चप… की आवाज़ें पूरे कमरे में गूंजने लगीं। मामी के 36D के भारी बोबे धक्कों के साथ ऊपर-नीचे उछल रहे थे। मैं एक हाथ से उनके चूचों को बुरी तरह से मसल रहा था और उनके निप्पल को अपने दाँतों से काट रहा था। राधा मौसी और किरण मौसी पास ही बैठकर अपनी-अपनी चूत में उंगलियाँ डालकर হস্তমৈথুন कर रही थीं और हमारा ये कामुक खेल देखकर आहें भर रही थीं।
करीब 15 मिनट की लगातार और तेज चुदाई के बाद, मामी का शरीर अकड़ने लगा। वो जोर-जोर से चिल्लाने लगीं- “देव… देव… मैं झड़ने वाली हूँ… आउच… मेरी चूत फट रही है… चोद मुझे… हाँ ऐसे ही…” और अगले ही पल मामी की चूत से रस की धार छूट गई। उन्होंने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया। मेरा भी पानी निकलने वाला था, लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया और अपना लंड मामी की चूत से बाहर निकाल लिया।
अब बारी राधा मौसी की थी। मैंने उन्हें अपने ऊपर खींच लिया। राधा मौसी मेरे ऊपर बैठ गईं और उन्होंने अपने हाथों से मेरा कड़क लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर रखा और एक ही झटके में मेरे पूरे लंड को अपने अंदर ले लिया। वो मेरे ऊपर घोड़ी बनकर उछलने लगीं। उनका पतला और लचीला शरीर मेरे ऊपर अद्भुत लग रहा था। उनके छोटे पर टाइट बोबे मेरे चेहरे से टकरा रहे थे और मैं उन्हें पागलों की तरह चूस रहा था। राधा मौसी की चूत बहुत ही टाइट थी, वो मेरे लंड को अंदर से चूस रही थी। “आहह… देव… क्या लंड पाया है तूने… फाड़ दे अपनी मौसी की बुर… हाँहहह…” राधा मौसी गंदी-गंदी गालियां देते हुए चुदाई का मजा ले रही थीं।
राधा मौसी ने मुझे 10 मिनट तक अपने ऊपर बैठकर जमकर चोदा और फिर वो भी मेरे सीने पर गिरकर पूरी तरह से झड़ गईं। उनका सारा पानी मेरे पेट पर बिखर गया। अब 40 साल की बड़ी मौसी किरण की बारी थी। उनकी प्यास सबसे ज्यादा थी। मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में बिस्तर पर झुका दिया। उनके बड़े और सफेद चूतड़ मेरे सामने हवा में उठे हुए थे। उनकी चूत पीछे से एकदम लाल और गीली दिख रही थी। मैंने अपना लंड पीछे से उनकी चूत में घुसा दिया। किरण मौसी की चूत सबसे ज्यादा गर्म थी।
मैंने उनके दोनों भारी कुल्हों को अपने हाथों से पकड़ लिया और कुत्ते की तरह (Doggy Sex Position) उन्हें पीछे से धक्के मारने लगा। किरण मौसी की आवाज़ सबसे ज्यादा तेज थी- “चोद देव बेटा… अपनी इस रांड मौसी को चोद… बहुत सालों से ऐसा मोटा लंड नहीं लिया था मैंने… और गहरे धक्के मार…” मैं उनके चूतड़ों पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहा था, जिससे वो लाल हो गए थे। मैं पूरी ताकत से किरण मौसी की चूत को मार रहा था। ग्रुप सेक्स करने के दौरान कमरे का तापमान एकदम बढ़ गया था, हम चारों पसीने से लथपथ थे।
किरण मौसी की गुदा भी बहुत आकर्षक लग रही थी। मैंने थोड़ी देर उनकी चूत मारी और फिर अचानक अपना लंड बाहर निकालकर उनकी गांड के छेद पर लगा दिया। मैंने थोड़ा सा थूक अपनी उंगलियों पर लगाकर उनकी गांड पर मला और एक झटके में अपना लंड उनकी गांड में धकेल दिया। गुदा सेक्स के उस पहले झटके से किरण मौसी दर्द और मजे से एक साथ चिल्ला उठीं- “आहहह… देव… गांड फाड़ दी तूने तो… उफ़फ़… पर मजा आ रहा है… मार मेरी गांड…”
मैं लगातार 20 मिनट तक उनकी गांड मारता रहा। अंत में, मेरी भी बर्दाश्त करने की सीमा खत्म हो गई। मेरे लंड के गोटों में भारीपन आ गया था। मैंने अपना लंड किरण मौसी की गांड से बाहर निकाला और उन तीनों औरतों को अपने सामने लिटा दिया। मैं उनके चेहरों के ऊपर खड़ा हो गया और मैंने अपने लंड को तेजी से अपने हाथों से हिलाना शुरू कर दिया। कुछ ही सेकंड में मेरे लंड से गाढ़े और सफेद वीर्य की तेज धार पिचकारी की तरह छूट पड़ी। मैंने अपना सारा शुक्राणु और चिपचिपा माल मामी और दोनों मौसियों के चेहरों, चूचों और होंठों पर गिरा दिया। वो तीनों अपना मुँह खोलकर मेरे वीर्य की बूंदों को अपनी जीभ से चाटने लगीं।
जंगली ग्रुप सेक्स करने के के बाद हम चारों बुरी तरह से थक चुके थे। मैंने उन तीनों को अपनी बांहों में भर लिया और हम उसी बिस्तर पर नंगे ही एक दूसरे से लिपटकर सो गए। अगले 3 दिनों तक जब तक मामा लोग वापस नहीं आए, मैंने मामी, राधा मौसी और किरण मौसी को घर के हर कोने में, हर पोज़िशन में जी भरकर चोदा। वो 4 दिन मेरी जिंदगी के सबसे कामुक और हसीन दिन थे, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता।


