HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesभाभी की चूत के दानों को जीभ से चाटा उँगली भी बुर के अंदर डाली

भाभी की चूत के दानों को जीभ से चाटा उँगली भी बुर के अंदर डाली

भाभी की चूत के दानों को जीभ से चाटा उँगली भी बुर के अंदर डाली अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी का सारांश :- मेरा नाम अमित है और यह कहानी मेरी भाभी पूजा के साथ उस गर्मी की रातों की है जब भैया विदेश गए हुए थे। पूजा भाभी हमेशा से घर की रौनक थीं – गोरा बदन, भरे हुए चुचे, चौड़ी कमर और मटकती गांड। मैं उनके सामने हमेशा शरमाता था, लेकिन अंदर से उनकी चूत की कल्पना करके रातें गुजरता था। जब घर में सिर्फ हम दोनों रह गए तो छोटी-छोटी बातें, छुअन और नजरें मिलते-मिलते आग सुलग उठी। एक रात बारिश में भीगकर जब भाभी मेरे कमरे में आईं तो सब कुछ हो गया। मैंने उनकी चूत को अपने मोटे लंड से फाड़ा और वो मेरी रंडी बन गईं।

यह सिर्फ चुदाई की कहानी नहीं, बल्कि उस हवस की है जो सालों से दबी हुई थी। भाभी ने पहले शर्मा कर मना किया, लेकिन जब मेरा लंड उनकी चूत में घुसा तो वो खुद मुझसे और जोरदार धक्के मांगने लगीं। हमने रात भर अलग-अलग तरीकों से चुदाई की और अब भी जब मौका मिलता है, हम चुपके से एक-दूसरे को पेलते हैं।


Free Read Devar Bhabhi Hindi Sex Story – Bhabhi ki choot ke daanon ko jeebh se chaata ungli bhi bur ke andar daali :- मेरा नाम अमित है। मैं दिल्ली में अपने बड़े भैया और भाभी पूजा के साथ रहता हूँ। उम्र छब्बीस साल, कॉलेज खत्म करके नौकरी कर रहा हूँ। भैया बिजनेस के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। पूजा भाभी की उम्र अट्ठाईस साल है, शादी को पाँच साल हो गए लेकिन अभी तक बच्चा नहीं हुआ। वो घर संभालती हैं, सुबह से शाम तक साड़ी में लिपटी हुई घूमती हैं। उनके गोरे बदन पर साड़ी चिपकती है तो चुचे और गांड का शेप साफ दिखता है। मैं बचपन से उनके साथ रह रहा हूँ, लेकिन पिछले दो-तीन सालों से उनके प्रति मेरी भावनाएँ बदल गईं। जब वो झुककर झाड़ू लगातीं तो उनके गहरे ब्लाउज से चुचे झाँकते, मैं चुपके से देखता और बाथरूम में मुठ मार लेता।

मुफ्त में पढ़ें भाभी की चूत के दानों को जीभ से चाटा उँगली भी बुर के अंदर डाली अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी

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Free Read Devar Bhabhi Hindi Sex Story – Bhabhi ki choot ke daanon ko jeebh se chaata ungli bhi bur ke andar daali

भाभी भी मुझे देखकर मुस्कुराती थीं। कभी मेरे कंधे पर हाथ रखकर बात करतीं, कभी खाना परोसते वक्त उनके चुचे मेरे हाथ से टच हो जाते। मैं जानता था कि वो भी अकेलापन महसूस करती हैं। भैया महीनों बाहर रहते थे। रात में मैं अपनी कमरे में उनकी चूत के बारे में सोचता, उनका नाम लेकर लंड हिलाता। एक बार तो भाभी ने मुझे रंगे हाथों पकड़ लिया था – दरवाजा खुला था और मैं लेटकर मुठ मार रहा था। वो चुपके से देखती रहीं और फिर चली गईं। अगले दिन वो सामान्य थीं, लेकिन उनकी नजरों में कुछ अलग था।

इस बार भैया तीन महीने के लिए दुबई गए। घर में सिर्फ हम दोनों। गर्मी की शुरुआत थी, एसी खराब हो गया। रातें बहुत गर्म थीं। भाभी नाइटि पहनकर घूमतीं, पतली नाइटि में उनके बूब्स के उभार और गांड की शक्ल साफ दिखती। मैं शॉर्ट्स में रहता। एक रात डिनर के बाद हम साथ बैठकर टीवी देख रहे थे। भाभी सोफे पर मेरे बगल में थीं, उनकी जाँघ मेरी जाँघ से सटी हुई। अचानक बारिश शुरू हो गई, तेज हवा चली और लाइट चली गई। भाभी डरकर मेरे कंधे से चिपक गईं। उनके नरम चुचे मेरे सीने पर दब रहे थे।

मैंने उन्हें संभाला और कहा, “भाभी, डरिए मत, मैं हूँ ना।” वो मेरी बाहों में थीं, उनकी साँसें तेज थीं। मैंने धीरे से उनके कंधे सहलाए। वो चुप रहीं। फिर मैंने हिम्मत करके उनके गाल पर किस किया। वो सिहर गईं लेकिन हटीं नहीं। मैंने उनके होंठ अपने होंठों से छुए। पहले हल्का सा, फिर गहरा किस। उनकी जीभ मेरे मुँह में आई। हम दोनों पागल हो गए। भाभी ने मेरी कमीज खींची और मैंने उनकी नाइटि ऊपर की। उनके बड़े-बड़े चुचे ब्रा में कैद थे। मैंने ब्रा खोली और उन्हें चूसने लगा।

जब भाभी ने मेरे लंड को पहली बार छुआ

भाभी की साँसें तेज हो रही थीं। “अमित… यह गलत है… हम रुक जाएँ…” वो बोलीं, लेकिन उनका बदन मेरे साथ चिपका हुआ था। मैंने कहा, “भाभी, मैं सालों से आपको चाहता हूँ… आज मत रोकिए।” मैंने उनकी नाइटि पूरी उतार दी। वो सिर्फ पैंटी में थीं। उनकी चूत पर गीले निशान थे। मैंने भाभी की पैंटी नीचे की और उनकी गुलाबी चूत देखकर पागल हो गया। हल्के बाल, फाँक चमक रही थी। मैंने घुटने टेककर उनकी चूत चाटनी शुरू की। भाभी चिहुँक उठीं, “आह… अमित… क्या कर रहे हो… कोई देख लेगा…” लेकिन घर में कोई नहीं था।

मैंने उनकी चूत के दानों को जीभ से चाटा, उँगली भी भाभी की बुर के अंदर डाली। भाभी की गुलाबी चूत बहुत गर्म और रसीली थी। वो मेरे सिर को दबाने लगीं। “हाय… कितना मजा दे रहा है तू… भैया ने कभी नहीं किया…” वो बड़बड़ाने लगीं। कुछ देर में वो झड़ गईं, उनकी चूत का नमकीन रस मेरे मुँह पर गिरा। अब बारी उनकी थी। उन्होंने मेरी शॉर्ट्स उतारी। मेरा मोटा लंड बाहर आ गया। भाभी की आँखें फैल गईं, “हाय राम… यह तो भैया से बहुत बड़ा है…” उन्होंने हाथ में लिया और सहलाने लगीं। फिर मुँह में लेकर चूसने लगीं। मैं स्वर्ग में था।

भाभी बहुत देर तक मेरा लंड मुंह में लेकर किसी रंडी के जैसे चूसती रहीं, गले तक ले जा रही थीं। मैंने उनके बाल पकड़े और मुँह चोदा। फिर मैं उन्हें बिस्तर पर लिटाया। उनकी टाँगें फैलाईं और अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ा। वो बेचैन हो रही थीं, “डाल दे अमित… अब बर्दाश्त नहीं होता…” मैंने मेरे लंड का सुपारा नंगी भाभी की बुर के मुँह पर रखा और धीरे से दबाया। उनकी चूत तंग थी, लेकिन गीली होने से लंड फिसला। आधा अंदर गया तो वो चीखीं, “आह… धीरे… बहुत मोटा है तेरा लौड़ा…” मैं रुका, उनके चुचे चूसे और फिर एक जोर का धक्का मारा। पूरा लंड अंदर।

भाभी की आँखों में आँसू आ गए लेकिन वो मुस्कुराईं, “चोदो मुझे देवर जी रंडी बनाकर… आज से मैं तेरी रंडी हूँ…” मैंने भाभी की चूत के दानों को सहलाते हुए झटके शुरू किए। कमरे में चपचप की आवाजें गूँजने लगीं। भाभी की गांड ऊपर उठ रही थी, मेरे हर धक्के का जवाब दे रही थीं। “हाँ… और जोर से… फाड़ दे मेरी चूत…” वो चिल्ला रही थीं। मैंने उनके चुचे दबाए, गांड पर थप्पड़ मारे। हम दोनों पसीने से लथपथ थे। कुछ देर बाद भाभी फिर झड़ीं और मैंने उनकी चूत में अपना वीर्य उड़ेल दिया।

चूत के दानों को चाटने के बाद जब हमने डॉगी स्टाइल में चुदाई की

पहले राउंड के बाद हम लेटे रहे। भाभी मेरे सीने पर सिर रखकर बोलीं, “अमित, मुझे पता था तू मुझे घूरता है… आज बहुत मजा आया।” मैंने उन्हें फिर किस किया। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। इस बार भाभी घोड़ी बनीं। उनकी मटकती गांड देखकर मैं पागल हो गया। मैंने पीछे से लंड उनकी चूत में पेल दिया। इस डॉगी स्टाइल सेक्स पोजीशन में मेरा लंड और गहराई तक जा रहा था। मैं उनकी कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मार रहा था। भाभी चिल्ला रही थीं, “हाँ देवर… ऐसे ही चोद अपनी रंडी भाभी को… फाड़ दे भोसड़ा…”

मैंने मेरी नंगी भाभी की गांड पर जोरदार थप्पड़ मारे। लाल निशान पड़ गए। भाभी और उत्तेजित हो गईं। उनकी चूत के दानों से रस की बौछारें निकल रही थीं। मैंने उनके बाल खींचे और रंडी की तरह चोदा। “ले रंडी भाभी… ले मेरा लंड… भैया की बीवी को अपना बना लिया…” मैं बोल रहा था। भाभी भी जवाब दे रही थीं, “हाँ… मैं तेरी हूं… भैया की नहीं… रोज चोदना मुझे…” हम दोनों साथ झड़े। मैंने उनकी गांड पर वीर्य गिराया।

फिर भाभी मेरे ऊपर चढ़ गईं। उन्होंने खुद मेरा लंड अपनी चूत में लिया और उछलने लगीं। उनके बड़े-बड़े चुचे ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैं उन्हें दबा रहा था, निप्पल चूस रहा था। भाभी तेज-तेज झूल रही थीं, “आह… कितना गहरा जा रहा है… मर गई…” उनकी चूत मेरे कड़क लंड को बुरी तरह से निचोड़ रही थी। हमने इस पोजीशन में भी खूब चुदाई की। रात भर हमने चार बार चुदाई की। सुबह तक भाभी की चूत सूज गई थी, लेकिन वो खुश थीं।

उसके बाद हमारे रिश्ते में नई आग लग गई। जब भी भैया बाहर होते, हम चुदाई करते। कभी किचन में, कभी छत पर, कभी बाथरूम में। भाभी अब मेरी गुलाम थीं। वो मुझे रंडी कहलवातीं और मैं उन्हें वेश्या की तरह पेलता।

जब हम भाभी देवर ने रसोई में चुपके से चुदाई की

एक दिन दोपहर में भाभी रसोई में खाना बना रही थीं। मैं पीछे से गया और उनकी गांड पर लंड रगड़ने लगा। वो हँसीं और बोलीं, “पागल… कोई देख लेगा…” लेकिन मैंने उनकी साड़ी ऊपर की और पैंटी नीचे। भाभी की बुर के होठों पर ढेर सारा थूक लगाने के बाद लंड सीधा भाभी की गहरी चूत में घुसेड़ दिया। भाभी गैस पर झुक गईं और मैं पीछे से धक्के मारने लगा। खाना बनता रहा और मैं चोदता रहा। भाभी दबी आवाज में कराह रही थीं, “आह… देवर जी… कितना मजा दे रहे हो…” मैंने जल्दी-जल्दी झटके मारे और उनकी चूत में झड़ गया।

फिर एक रात भैया घर आए लेकिन रात में फिर बाहर जाना पड़ा। भाभी मेरे कमरे में आईं और बोलीं, “जल्दी कर… थोड़ी देर है…” हमने फटाफट चुदाई की। भाभी ने मेरा लंड चूसा और मैंने उनकी बुर चाटी अपनी जीभ से। फिर मिशनरी में पेला। वो चादर मुँह में दबाकर चीखीं। हमारा रिश्ता अब छिपा हुआ जुनून बन गया था।


भाभी की चूत के दानों को जीभ से चाटा उँगली भी बुर के अंदर डाली अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

Free Read Devar Bhabhi Hindi Sex Story – Bhabhi ki choot ke daanon ko jeebh se chaata ungli bhi bur ke andar daali :- उन रातों ने हम भाभी देवर को एक-दूसरे के इतने करीब ला दिया कि अब अलग होना मुश्किल है। भाभी कहती हैं कि मैंने उन्हें औरत होने का असली मजा सिखाया। हमारा रिश्ता गलत है, लेकिन हवस और प्यार की यह आग हमें बाँधे रखती है। यह भाभी देवर अवैध सेक्स संबंध अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी मैंने शेयर की ताकि आप भी अपनी छिपी इच्छाओं के बारे में सोचें। क्या आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है? कमेंट में बताइए और अपनी राय दीजिए।

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