HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesपति के ऑफिस जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ा

पति के ऑफिस जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ा

भाभी और देवर की गंदी चुदाई: पति के ऑफिस जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ा – देसी फैमिली सेक्स कहानी 2025 :- मेरा नाम विक्की है। उम्र २३ साल। मैं इंजीनियरिंग का आखिरी साल कर रहा हूँ और गर्मियों की छुट्टी में घर आया था। हमारा घर दिल्ली के एक पॉश इलाके में है। भैया (अंकित) बड़े बिजनेसमैन हैं, उनकी शादी को चार साल हो चुके हैं। भाभी का नाम नेहा है। उम्र २९ साल। लेकिन कसम से, भाभी को देखकर कोई नहीं कह सकता कि वो तीस के करीब हैं।

गोरी-चिट्टी, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, गुलाबी होंठ, और फिगर… ओह्ह… ३६-२८-३८ की परफेक्ट कर्वी बॉडी। मेरी भाभी के मुम्मे इतने बड़े और भरे हुए हैं कि उनके तंग ब्लाउज में भी पूरी तरह नहीं समाते और ब्लाउज फाड़कर बाहर आने को बेताब रहते हैं। कमर पतली, और गांड… गोल-गोल, हिलती हुई, जैसे आम की दो पके हुए टुकड़े। भाभी घर में ज्यादातर साड़ी या नाइट गाउन पहनती हैं, और साड़ी तो वो इतनी सेक्सी तरीके से बांधती हैं कि पल्लू हमेशा थोड़ा सरका रहता है, गहरी नेक का ब्लाउज पहनती हैं जिसमें क्लीवेज साफ दिखता है।

भाभी और देवर की गंदी चुदाई: पति के ऑफिस जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ा – देसी फैमिली सेक्स कहानी 2025

पति के ऑफिस जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ा देसी फैमिली सेक्स कहानी Pati ke office jaate hi bhabhi ne devar ka lund pakda desi family sex kahani 2025
Pati ke office jaate hi bhabhi ne devar ka lund pakda desi family sex kahani 2025

भैया अर्थात मेरी भाभी के पति का काम विदेश में ज्यादा रहता है। इस बार वो दुबई गए थे, छह महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर। घर में सिर्फ मैं, भाभी, और नीचे वाले फ्लोर पर मम्मी-पापा थे। लेकिन मम्मी-पापा ज्यादातर अपने कमरे में ही रहते, टीवी देखते या सो जाते। दिन में घर में अक्सर मैं और भाभी ही अकेले होते। भाभी मुझे बहुत प्यार करती हैं, शुरू से ही। बचपन से “विक्की बाबू” कहकर बुलाती हैं। लेकिन पिछले दो-तीन सालों में मैंने नोटिस किया कि भाभी की नजरें मेरे बदन पर ज्यादा रुकने लगी हैं। मैं जिम जाता हूँ, बॉडी अच्छी बनी है, चौड़ी छाती, सिक्स पैक, मजबूत बाजू। भाभी कभी मेरे कंधे दबातीं, कभी पीठ पर हाथ फेरतीं, और आँखों में एक अजीब सी चमक रहती।

पहले दिन घर आया तो भाभी ने मुझे गले लगाया। उनका बदन मेरे बदन से पूरा चिपक गया। मुम्मे मेरी छाती पर दबे, कमर पर उनका हाथ था। मुझे उनकी खुशबू ने पागल कर दिया। मैंने भी गले लगाते हुए थोड़ा जोर से दबाया। भाभी ने मुस्कुराकर कहा, “विक्की बाबू, कितना मजबूत हो गया है तू।” रात को खाना खाने के बाद भाभी ने कहा, “विक्की, आज रात मेरे कमरे में सो जा। भैया नहीं हैं, मुझे अकेला लगता है।” मैं हैरान हुआ, लेकिन खुश भी। मम्मी-पापा को कुछ नहीं लगा, बोले “ठीक है, बहू को कंपनी मिल जाएगी।”

रात को भाभी के कमरे में गया। एसी चल रहा था, कमरा ठंडा और खुशबूदार। भाभी नाइट गाउन में थीं – पतला सा गाउन, गुलाबी रंग का, जो उनके गोरे बदन पर ट्रांसपेरेंट सा लग रहा था। ब्रा-पैंटी की लाइन साफ दिख रही थी। वो बेड पर लेटी थीं, मैं पास में लेट गया। लाइट बंद कर दी। कुछ देर चुपचाप लेटे रहे। फिर भाभी ने करवट बदली और मुझसे लिपट गईं। उनका हाथ मेरी छाती पर था, सिर मेरे कंधे पर। मैंने भी हाथ उनकी कमर पर रख दिया। भाभी की साँसें तेज हो रही थीं। अचानक उनका हाथ नीचे सरका और मेरी जांघ पर आ गया। मैं सिहर उठा। मेरा लंड तुरंत तन गया भाभी की चूत को फाड़ने के लिए। भाभी ने धीरे से कहा, “विक्की, तुझे नींद आ रही है?” मैंने कहा, “नहीं भाभी।” वो हँस पड़ीं और बोलीं, “मुझे भी नहीं। बहुत गर्मी लग रही है।”

उनका हाथ मेरी जांघ से ऊपर सरकता गया और पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड पर आ गया। लंड पहले से ही खड़ा था, भाभी ने सहलाया और बोलीं, “अरे विक्की बाबू, ये क्या है? इतना मोटा और सख्त?” मैं शर्मा गया, लेकिन मजा भी आ रहा था। मैंने हिम्मत करके भाभी के मुम्मों पर हाथ रख दिया। गाउन के ऊपर से ही दबाया। भाभी कराह उठीं, “आह… विक्की… क्या कर रहा है?” लेकिन हाथ नहीं हटाया। मैंने गाउन का बटन खोल दिया। अंदर सिर्फ ब्रा थी। मैंने ब्रा ऊपर की और भाभी के विशाल मुम्मे बाहर आ गए। गुलाबी निप्पल्स कड़े हो चुके थे। मैंने एक मुम्मा मुंह में लिया और चूसने लगा। भाभी की कराहत शुरू हो गई, “स्स… आह… विक्की… चूस मेरे मुम्मे… कितने दिन से किसी ने नहीं छुआ… तेरे भैया तो आते ही नहीं ठीक से।”

मैं सेक्सी भाभी के दोनों मुम्मों को बारी-बारी चूस रहा था, दबा रहा था, निप्पल्स को दांतों से काट रहा था। भाभी का बदन गर्म हो रहा था। उनका हाथ मेरी पैंट में घुस गया और लंड बाहर निकाल लिया। देखकर बोलीं, “वाह विक्की… कितना मोटा और लंबा लंड है तेरा… तेरे भैया का तो आधा भी नहीं।” वो लंड सहलाने लगीं, ऊपर-नीचे कर रही थीं। फिर नीचे झुकीं और लंड मुंह में ले लिया। गर्म-गर्म मुंह, जीभ लंड पर घूम रही थी। भाभी गले तक ले जा रही थीं, चूस रही थीं जैसे कोई रंडी चूसती है। मैं कराह रहा था, “आह भाभी… चूसो मेरा लंड… कितना मजा आ रहा है।” भाभी लार टपकाते हुए चूस रही थीं, गेंदें मुंह में ले रही थीं।

कुछ देर बाद मैंने भाभी को लिटाया और उनका गाउन पूरी तरह उतार दिया। नीचे सिर्फ पैंटी थी। मैंने पैंटी नीचे की। भाभी की चूत साफ-सुथरी थी, हल्के बाल, गुलाबी और पूरी तरह गीली। मैंने मेरी नंगी भाभी की टाइट चूत पर अपनी दो उंगली फेरी वो भी थूक लगाकर, भाभी के जिस्म में करंट सा दौड़ा और वो सिहर उठीं। फिर मैंने भाभी की चूत के होठों पर अपना मुंह लगा दिया और भाभी की छुट चाटने लगा। जीभ से क्लिटोरिस रगड़ा, चूत चाटने लगा।

भाभी चुदवाने के लिए पागल हो गईं, “ओह्ह विक्की… चाट मेरी चूत… तेरी इस असंतुष्ट भाभी की रसिली चूत चाट… आह… जीभ अंदर डाल… हाँ वही… रंडी बना दे मुझे।” मैं जीभ अंदर-बाहर कर रहा था, रस पी रहा था। दो उंगलियाँ डालकर चोदने लगा। भाभी का बदन काँपने लगा, पैर मेरी गर्दन पर लपेट लिए। उनका पहला ऑर्गेज्म आया, चूत से रस की बौछार हुई। भाभी चीखीं, “आह… झड़ रही हूँ विक्की… तेरी भाभी झड़ रही है… पी मेरे रस को।”

अब बारी मेरी थी। भाभी ने मुझे लिटाया और लंड पर सवार हो गईं। पहले लंड चूत पर रगड़ा, फिर धीरे से अंदर घुसाया। भाभी की चूत टाइट थी, लंड मुश्किल से गया। वो दर्द और मजा दोनों से कराह रही थीं, “आह… विक्की… धीरे… फाड़ दोगे भाभी की चूत… लेकिन मत रोक… चोद मुझे।” मैंने कमर ऊपर की और पूरा लंड अंदर घुसा दिया। भाभी की आँखें बंद हो गईं, मुंह से सिर्फ कराहतें। वो ऊपर-नीचे होने लगीं। उनके मुम्मे लहरा रहे थे, मैं दबा रहा था। भाभी बोलीं, “देख विक्की… तेरी भाभी तेरे मोटे लंड पर उछल रही है… कितनी रंडी है तेरी भाभी।” वो तेज-तेज उछल रही थीं, मैं नीचे से धक्के मार रहा था। चूत से चप-चप की आवाज आ रही थी।

चुदाई के दौरान सेक्स पोजीशन बदली। मैंने भाभी को डॉगी बनाया। उनकी गोल गांड ऊपर थी। मैंने गांड पर थप्पड़ मारे, लाल कर दिया। फिर लंड पीछे से चूत में घुसेड़ा। भाभी चिल्लाईं, “आह… बहनचोद विक्की… गांड मार… जोर से ठोक… चोद अपनी भाभी को रंडी बनाकर।” मैं बाल पकड़कर जोर-जोर से धक्के मार रहा था। भाभी खुद पीछे धक्के मार रही थीं। उनका दूसरा ऑर्गेज्म आया, भाभी की टाइट चूत ने मेरे लंड को जकड़ लिया। मैंने स्पीड और बढ़ाई। फिर मिशनरी में लिटाया और तेज चुदाई की। भाभी बोलीं, “अंदर ही झड़ जा विक्की… अपनी भाभी की चूत को अपने वीर्य से भर दे… बना दे मुझे माँ।” मैंने आखिरी जोरदार धक्के मारे और चूत के अंदर गर्म वीर्य की बौछार कर दी। भाभी भी साथ में झड़ीं। हम दोनों पसीने से तर, एक-दूसरे से लिपटे पड़े रहे।

उस रात हम भाभी और देवर ने करीब चार बार बिलकुल जंगली होकर चुदाई की। सुबह उठे तो भाभी मुझे देखकर बहुत ज्यादा शर्मा रही थीं, लेकिन उनकी बड़ी बड़ी आँखों में संतुष्टि बिलकुल साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी। दिन में जब मम्मी-पापा बाहर गए तो भाभी ने मुझे किचन में खींचा और दीवार से सटाकर चूमने लगीं। मैंने साड़ी ऊपर की और खड़े-खड़े चोदा। भाभी की चूत फिर गीली हो गई थी। शाम को छत पर गए, वहाँ भी भाभी ने मेरा लंड चूसा और मैंने उनकी गांड चाटी। रात को फिर कमरे में पूरी रात चुदाई। भाभी अब पूरी तरह मेरी रंडी बन गई थीं। जब भी मौका मिलता, वो मेरा लंड पकड़ लेतीं, मैं उनके मुम्मे दबा देता।

एक दिन भाभी ने कहा, “विक्की, तेरे भैया छह महीने बाद आएंगे। तब तक तू ही मेरी गांड और चूत की प्यास बुझाना और वैसे भी देवर का लंड सभी भाभियों को अपने पति के लंड से ज्यादा आनंद देता है। मैं तेरी रंडी हूँ अब जितना चाहे जैसे चाहे चोद ले मुझे…।” मैंने कहा, “भाभी, आप मेरी रखैल हैं। आपकी चूत और गांड दोनों मेरी हैं।” भाभी हँस पड़ीं और बोलीं, “गांड भी मार लेना एक दिन। आज तक किसी ने नहीं मारी।” अगले दिन हमने गांड मारने का प्लान बनाया। भाभी ने ऑयल लगाया, मैंने पहले उंगली से गांड ढीली की, फिर लंड घुसाया। भाभी दर्द से चीखीं, लेकिन बोलीं, “मत रोक… फाड़ दे मेरी गांड… बना दे मुझे पूरी रंडी।” धीरे-धीरे गांड में लंड पूरा गया और मैं ठोकने लगा। भाभी मजा लेने लगीं, “आह… कितना मजा है गांड मारने में… चोद विक्की… दोनों छेद तेरे हैं।”

छुट्टियाँ खत्म होने तक हमने हर तरह की चुदाई की – 69, ओरल, एनल, टाइटजॉब (मुम्मों से लंड दबाकर), फुटजॉब, हर जगह – बाथरूम में शावर के नीचे, कार में, बालकनी में रात को। भाभी की प्यासी चूत और गांड अब मेरे मोटे लंड की आदि हो गई थी। भैया जब लौटे तो भाभी ने मुझे आँख मारी और बोलीं, “अब भी मौका मिलेगा विक्की बाबू।”

पति के ऑफिस जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ा हिंदी सेक्स स्टोरी हम भाभी और देवर की बिलकुल नयी देसी फैमिली सेक्स कहानी थी – भाभी और देवर की गंदी चुदाई, जहां भैया के जाते ही भाभी ने देवर का लंड पकड़ लिया और पूरी रंडी बन गई। न्यू अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी 2025 की तरह ये टैबू और उत्तेजक कहानी आपको गरम कर देगी। भाभी-देवर का गंदा रिश्ता कितना मजेदार होता है, ये सिर्फ हम जानते हैं।

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