HomeAntarvasna Hindi Sex Storiesथ्रीसम चुदाई के लिए भाभी को नशीली वस्तु का सेवन करवाय

थ्रीसम चुदाई के लिए भाभी को नशीली वस्तु का सेवन करवाय

पापा के कहने पर थ्रीसम चुदाई के लिए भाभी को नशीली वस्तु का सेवन करवाय अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का परिचय :- मैं अभिषेक, 22 साल का युवक, मुंबई के एक बड़े अपार्टमेंट में अपने पिता प्रकाश और भैया-भाभी के साथ रहता था। मेरे पिता एक सफल बिल्डर थे और इसी वजह से पैसे दौलत की उनके पास कोई कमी नहीं थी। मेरे पिता की कामुकता की कोई सीमा नहीं थी, वह इतने बड़े ठरकी से की वो हर महिला की चूत का स्वाद चखना चाहते थे। मेरी भाभी, तन्वी, 26 साल की एक खूबसूरत औरत थी जिसके भरे हुए स्तन और मोटी गांड ने मुझे और पापा दोनों को पागल कर रखा था। यह अन्तर्वासना हिंदी सेक्स कहानी उस रात की है जब हम बाप और बेटे ने पहले भाभी को नशीली वस्तु का सेवन करवाया और फिर हम दोनों ने मिलकर तन्वी भाभी की ऐसी दर्दनाक चुदाई की कि उस बेचारी की जिंदगी ही बदल गई। चलिए अब इस हिंदी सेक्स कहानी को विस्तार से बताता हूँ…

उस दिन भैया किसी बिजनेस ट्रिप पर गए हुए थे। घर में सिर्फ मैं, पापा और तन्वी थे। शाम को जब मैं अपने कमरे से निकला तो पापा ने मुझे इशारे से बुलाया। उनकी आँखों में वही जाना-पहचाना कामुक चमक थी। “आज तुम्हारी भाभी को असली मर्द का एहसास कराओगे,” उन्होंने धीमी आवाज में कहा। मेरा दिल धड़कने लगा। तन्वी की गोल गांड और भरे हुए बूब्स की कल्पना करते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। पापा ने मुझे एक बोतल दी जिसमें कुछ गाढ़ा तरल था। “इसे बहु के जूस में मिला देना, उसके बाद हम बाप बेटे मिलकर तेरी भाभी के साथ थ्रीसम सेक्स करेंगे” उन्होंने कहा।

मैं समझ गया कि यह नशीली वस्तु है जिसका सेवन करने से भाभी बेहोश हो जायगी और फिर उसके बाद हम बाप बेटे मिलकर उनकी थ्रीसम चुदाई करेंगे। हम बाप बेटे का प्लान सफल हुआ और डिनर के समय तन्वी भाभी ने वह नशीली वस्तु मिला हुआ जूस पी लिया। कुछ ही मिनटों में नशीली वस्तु ने उनके कामुक जिस्म पर प्रभाव डालना प्रारंभ कर दिया, उसकी आँखें भारी होने लगीं और चक्कर आने लगे। “मुझे… मुझे थोड़ा चक्कर आ रहा है,” वह बड़ी मुश्किल से बोली। पापा ने तुरंत उसे सहारा दिया और बेडरूम की तरफ ले गए।

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मैं धीरे से बेडरूम में घुसा। तन्वी बिस्तर पर लेटी हुई थी और नशीली वस्तु का नशा उनके उप्पर अच्छी तरह से हो चूका था, उसकी आँखें आधी बंद थीं। मेरी हवसी पापा ने पहले ही कामुकता से भरी भाभी की साड़ी के पल्लू को हटा दिया था। उसके भरे हुए स्तन साड़ी के अंदर से साफ उभर रहे थे। मेरा मुँह सूख गया।

“अभिषेक, दरवाजा बंद करो,” पापा ने आदेश दिया। मैंने दरवाजा बंद किया और तन्वी के पास जाकर खड़ा हो गया। पापा ने अचानक उसकी साड़ी के ब्लाउज के बटन खोल दिए। तन्वी ने विरोध करने की कोशिश की लेकिन हमारे द्वारा जूस में मिलकर पिलाई गयी नशीली वस्तु ने उन्हें बेबस बना दिया था।

“नहीं… ये… ये गलत है,” वह धीमी आवाज में बोली। लेकिन पापा ने उसकी चिंता नहीं की। उन्होंने उसके ब्लाउज को पूरी तरह खोल दिया और उसके भरे हुए स्तनों को बाहर निकाल लिया। मेरी साँसें तेज हो गईं। तन्वी के गुलाबी निप्पल्स अब पूरी तरह दिख रहे थे।

पापा ने मुझे इशारा किया और मैंने पहले तन्वी भाभी की साड़ी खोली और उसके बाद उनके पेटीकोट को नीचे खींच लिया। पेटीकोट खुलते ही उसकी गोल गांड और मोटी जाँघें सामने आ गईं। उसने लाल रंग की सिल्क की पैंटी पहन रखी थी जो उसकी गीली चूत के कारण पहले से ही गीली हो चुकी थी।

शीली वस्तु का सेवन करवाकर भाभी की पहली बार जबरदस्ती थ्रीसम चुदाई

पापा ने तन्वी भाभी की सेक्सी पैंटी को एक झटके में नीचे खींच लिया और उनकी गांड व चूत को पैंटी की कैद से आजाद कर दिया। उसकी गीली चूत सामने आ गई। उसके प्यारे गुलाबी होंठों के बीच से थोड़ा सा रस टपक रहा था। मैंने अपना लंड हाथ में ले लिया और उसे मसलने लगा।

“प्लीज… नहीं… मैं… मैं चिल्लाऊँगी,” तन्वी ने धीमी आवाज में कहा। लेकिन पापा ने उसके मुँह पर हाथ रख दिया। “चिल्लाई तो पूरे मोहल्ले को बता देंगे कि तुम कैसी रंडी हो,” उन्होंने धमकी भरे स्वर में कहा। तन्वी की आँखों में आँसू आ गए लेकिन वह चुप हो गई।

पापा ने अपना पैंट उतारा और अपना मोटा लंड तन्वी के चेहरे के सामने ले आए। “चूस बहु मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर,” उन्होंने भाभी को आदेश दिया। तन्वी ने मना किया तो पापा ने उसके बाल पकड़े और जबरदस्ती अपना लंड उसके मुँह में घुसा दिया। हमने बेचारी भाभी को नशीली वस्तु का सेवन करवा रखा था इसलिए वह हमारा विरोध नहीं कर पाई। तन्वी भाभी का गला पापा के मोटे लंड की वजह से घुटने लगा लेकिन पापा ने फिर भी अपने लंड को उसे बेचारी के मुंह में और अंदर धकेल दिया।

मैंने तन्वी भाभी की दोनों टाँगें पकड़ीं और उन्हें अलग अलग कर दिया। उसकी गीली चूत मेरे सामने बिलकुल नंगी थी जिसे देखते ही मेरे मुंह में पानी आ गया। मैंने अपना लंड भाभी की चूत के गुलाबी गुलाबी होंठों पर रगड़ा और फिर एक झटके में अंदर घुसा दिया। तन्वी भाभी के मुंह में पापा का लंड था इस वजह से उनकी चीख पापा के लंड के कारण दब गई। भाभी की चूत बहुत ज्यादा टाइट थी लेकिन गीली होने के कारण मेरा लंड आसानी से अंदर चला गया।

थ्रीसम चुदाई के दौरान डबल पेनिट्रेशन के लिए दो लंडों का एक साथ इस्तेमाल

मैं जोश में आकर नंगी तन्वी भाभी की चूत में तेजी से धक्के मारने लगा। उसकी आँखें लाल हो गई थीं चुदते चुदते और आँसू उसके गालों पर बह रहे थे। पापा ने अपना लंड भाभी के मुँह से निकाला और उसके स्तनों को दबाने लगे। “इस रंडी को अच्छे से चोदो,” पापा ने मुझे उकसाया जिससे मेरे अंदर और ज्यादा जोश आ गया और मैंने चुदाई करने की गति बढ़ा दी।

मैंने भाभी की चूत में मेरे फौलादी लंड से और तेज धक्के मारे। तन्वी भाभी की चूत से चिपचिपा रस निकल रहा था जो थ्रीसम चुदाई के दौरान हम बाप बेटे के धक्कों के साथ छप-छप की आवाज कर रहा था। पापा ने अचानक तन्वी को पलट दिया और उसकी गांड को ऊपर उठाया। “आज इसकी गांड भी लूँगा,” उन्होंने कहा।

पापा ने थूक लेकर तन्वी भाभी की गांड के छेद पर लगाया और नंगी भाभी की गांड मारने के लिए अपना लंड धीरे-धीरे भाभी की गांड के अंदर धकेलने लगे। तन्वी भाभी दर्द के मारे बहुत जोर से चिल्लाई लेकिन पापा ने उसकी गर्दन पकड़कर उसका मुँह बिस्तर में दबा दिया। मैंने भाभी की चूत चोदने के लिए फिर से अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया। थ्रीसम चुदाई के दौरान अब हम बाप बेटे दोनों एक साथ भाभी के आगे और पीछे के दोनों छेद चोद रहे थे और भाभी को डबल पेनिट्रेशन का दर्द दे रहे थे।

डबल पेनिट्रेशन के दौरान तन्वी भाभी का शरीर हम बाप बेटों के लंड के धक्कों से जोरदार हिल रहा था। उस अबला नारी की चूत और गांड दोनों में एक साथ दो लंड होने के कारण वह बेचैन हो रही थी। भाभी की गांड चुदाई करते करते मेरे ठरकी पापा ने उसके बाल पकड़कर उसका सिर पीछे खींचा और उसके मुँह में थूक दिया। “साली रंडी, तेरी चुदाई अभी खत्म नहीं हुई,” उन्होंने गुस्से में भाभी से कहा। करीब दो घंटे की चुदाई के बाद हम बाप बेटे ने भाभी के दोनों छेद अपने गरमा गर्म वीर्य से भर दिए. भाभी को हमने नशीली वस्तु का सेवन करवा रखा था इस वजह से वो बेबस थी और हमारा विरोध नहीं कर पाई…

पापा के कहने पर थ्रीसम चुदाई के लिए भाभी को नशीली वस्तु का सेवन करवाय अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी का निष्कर्ष

उस रात के बाद तन्वी भाभी कई दिनों तक बिस्तर से नहीं उठ पाई। हमने उसे इतना चोदा कि उसकी चूत और गांड दोनों में सूजन आ गई। जब भैया वापस आए तो तन्वी ने सब कुछ बता दिया की कैसे हमने उन्हें नशीली वस्तु का सेवन करवा कर उनका रफ सेक्सो करा और उनके साथ डबल पेनिट्रेशन भी करा। भैया ने हमसे बदला लेने की धमकी दी लेकिन पापा ने उसे पैसे और प्रॉपर्टी का लालच देकर चुप करा दिया।

लेकिन इस घटना ने तन्वी को हमेशा के लिए बदल दिया। वह अब हमारे सामने शर्मिंदगी से सिर नहीं उठा पाती थी। पापा ने भाभी को ब्लैकमेल करके कई बार फिर से चोदा अपनी अन्तर्वासना शांत करने के लिए । यह हिंदी थ्रीसम सेक्स कहानी उस वर्जित रात की है जिसने एक परिवार को तोड़कर रख दिया। क्या आपको यह कहानी पसंद आई? कृपया अपने विचार कमेंट में बताएँ – कहानी का प्लॉट, किरदार और टोन कैसा लगा? आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है!

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